राजनीति
गिलगित बाल्टिस्तान को प्रोविजनल प्रांतीय दर्जा हमारी प्राथमिकता : इमरान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार अपने वादे के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर गिलगित बाल्टिस्तान को प्रोविजनल प्रांतीय दर्जा देगी। जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, नए मंत्रिमंडल की शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर गिलगित बाल्टिस्तान की आधिकारिक यात्रा पर आए प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए अपनी योजनाओं के बारे में विस्तार से बात की।
इमरान ने कहा कि सरकार पहले गिलगित बाल्टिस्तान को एक प्रांत का दर्जा प्रदान करने पर काम करेगी।
प्रधानमंत्री ने कैबिनेट और मुख्यमंत्री खालिद खुर्शीद को ‘जनता की सेवा के लिए कठिन कर्तव्य’ की जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी।
उन्होंने कहा कि गिलगित बाल्टिस्तान को जल्द ही एक सरकार मिलेगी जो इस क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगी।
इमरान ने अपने भाषण में कहा, “मैं आपके क्षेत्र के बारे में जानता हूं। मैं आपकी समस्याओं से अवगत हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “आप लोग हमसे बेहतर जानते हैं कि (गिलगित में) परियोजनाओं की कितनी आवश्यकता है।”
उन्होंने साथ ही यह कहा कि पीटीआई सरकार एहसास कार्यक्रम को भी यहां लाने के लिए काम कर रही है।
वहीं प्रधानमंत्री ने यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस का भी वादा किया। इसे लेकर कहा गया कि लोग इस इंश्योरेंस के तहत किसी भी अस्पताल में 10 लाख रुपये तक इलाज की सुविधा पा सकेंगे।
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में एक महीने में यह प्रधानमंत्री की दूसरी यात्रा है। चुनाव से ठीक पहले 1 नवंबर को अपनी अंतिम यात्रा के दौरान उन्होंने गिलगित बाल्टिस्तान को प्रोविजनल प्रांतीय दर्जा देने की घोषणा की थी।
राजनीति
जहां बंद होता है कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला, वहां से शुरू होता है हमारा काम : प्रधानमंत्री मोदी

pm modi
सिलचर, 14 मार्च : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने शिलांग-सिचलर कॉरिडोर के भूमि पूजन के बाद कहा कि कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद होता है, वहां से हमारा काम शुरू होता है।
असम के सिलचर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ-ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को एक तरह से भुला दिया था। लेकिन भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने नॉर्थ-ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ-ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है। दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आजाद हुआ तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिसने बराक घाटी का समुद्र से संपर्क कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट और एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आजादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।”
उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए 24,000 करोड़ रुपए की लागत वाले शिलांग-सिलचर कॉरिडोर का भूमि पूजन किया गया है। कांग्रेस तो यह गिन भी नहीं सकती कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में कितने शून्य होते हैं। जहां कांग्रेस की सोच खत्म होती है, वहां से हमारा काम शुरू होता है। यह कॉरिडोर पूर्वोत्तर के लोगों के दशकों लंबे इंतज़ार को खत्म कर रहा है। इस कॉरिडोर के जरिए सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा से जुड़ जाएगा।”
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसको प्राथमिकता देना भाजपा का मंत्र है। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया के देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। इसलिए बॉर्डर एरिया के विकास के लिए कछार जिले से ही ‘बाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ का अगला चरण शुरू किया था। इसे बराक वैली के भी अनेकों गांवों में सुधार होना तय हुआ।”
किसानों के मुद्दे पर भी पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। शुक्रवार को ही गुवाहाटी से मैंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त जारी की है। कांग्रेस वालों ने इतने साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर गए थे लेकिन उसके बावजूद भी एक रुपया भी नहीं दिया।”
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को ‘फूट डालो और राज करो’ नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है।
अंतरराष्ट्रीय
हमले से ईरान को पहुंची ‘चोट’, हमें मिली बड़ी कामयाबी : ट्रंप

TRUMP
वॉशिंगटन, 14 मार्च : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान “बहुत अच्छी तरह” आगे बढ़ रहे हैं। और अमेरिकी बलों ने बड़े पैमाने पर हमले करते हुए “बहुत बड़ी कामयाबियां” हासिल की हैं, क्योंकि मध्य-पूर्व में संघर्ष तेज होता जा रहा है।
वॉशिंगटन के जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में ट्रंप ने कहा कि सैन्य अभियान सफल रहा है और इससे ईरान की क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप ने कहा, “ईरान की स्थिति बहुत अच्छी है। आज बहुत बड़े हमले हुए हैं, बहुत बड़ी जीत मिली है, जैसा कि आपने सैन्य स्तर पर सुना होगा। मुझे लगता है कि सब कुछ बहुत अच्छी तरह नियंत्रण में है।”
राष्ट्रपति ने कहा कि यह अभियान उस परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है, जिसे उनके मुताबिक ईरान से पैदा हो रहा था।
उन्होंने कहा, “हमें मध्य-पूर्व और पूरी दुनिया में मौजूद परमाणु खतरे को खत्म करना था और हम इसे खत्म करके रहेंगे।”
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि लड़ाई के दौरान ईरानी सेना को काफी कमजोर कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए इसका मतलब बहुत साफ है कि हम ऐसी प्रभुत्व वाली स्थिति में हैं, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई।”
बिना शर्त आत्मसमर्पण की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनकी ज्यादातर सेना खत्म हो चुकी है। उनका बड़ा खतरा हर तरह से खत्म हो गया है।”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की वायु रक्षा और रडार प्रणालियों को बड़े पैमाने पर निष्क्रिय कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, “उनके पास रडार नहीं है, ज्यादातर मामलों में उनके पास एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार नहीं हैं। लगभग सब कुछ खत्म हो चुका है और आप यह देखेंगे।”
संघर्ष कितने समय तक चलेगा, इस सवाल पर ट्रंप ने कोई निश्चित समयसीमा देने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि अभियान उम्मीद से कहीं तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, “मैं आपको समय नहीं बता सकता। मेरे मन में एक अंदाजा है, लेकिन उसे बताने से क्या फायदा? यह उतने समय तक चलेगा जितना जरूरी होगा। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि हम तय समय से काफी आगे हैं।”
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है, लेकिन उनका मानना है कि हालात सामान्य होते ही कीमतों में गिरावट आएगी।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जैसे ही यह सब खत्म होगा, पेट्रोल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। ऊर्जा से जुड़ी हर चीज की कीमतों में बड़ी कमी देखने को मिलेगी।”
ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने इस मुद्दे पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की है।
उन्होंने कहा, “हां, मैंने उनसे बात की है। हम इस मुद्दे पर और कुछ अन्य विषयों पर भी चर्चा कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस मामले में इजरायल के नेतृत्व से भी बातचीत हुई है, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और इजरायल के रणनीतिक लक्ष्य कुछ हद तक अलग हो सकते हैं। यहां उनका इशारा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर था।
ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि उनका नजरिया थोड़ा अलग हो सकता है, क्योंकि वे एक अलग देश हैं।”
फिर भी उन्होंने अमेरिकी सैन्य बल की प्रशंसा करते हुए कहा, “वह आपको बताएंगे कि संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी ताकत दुनिया में कभी नहीं रही।”
ये बयान ऐसे समय आए हैं जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी चिंता बढ़ रही है, जिसके जरिए दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल गुजरता है।
महाराष्ट्र
मीनार मस्जिद के लिए 76 लाख रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस वापस लिया जाना चाहिए।मस्जिद में मदरसा चलता है, यह कोई कमर्शियल संस्था नहीं है, आजमी

मुंबई: महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक अबू आसिम आजमी ने मीनार मस्जिद को भेजे गए 76 लाख रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स पेमेंट के नोटिस पर चिंता जताई और कहा कि यह एक मस्जिद है। कोई कमर्शियल संस्था नहीं, यह मस्जिद में मदरसा है, यहां बच्चों को धार्मिक शिक्षा का फायदा मिलता है, इसलिए यह टैक्स नोटिस वापस लिया जाना चाहिए क्योंकि इतनी बड़ी रकम देना मुश्किल है और मस्जिद को इतनी बड़ी रकम का नोटिस भेजना सही नहीं है।
सोशल जस्टिस में माइनॉरिटीज़ के लिए बजट में नाइंसाफ़ी
सोशल जस्टिस बजट पर कमेंट करते हुए असेंबली मेंबर अबू आसिम आज़मी ने हाउस में कहा कि पहले डिपार्टमेंट का बजट 602 करोड़ रुपये था, बाद में इसे कम कर दिया गया और 2024-25 के बजट में सिर्फ़ 28,000 स्टूडेंट्स को एजुकेशनल स्कॉलरशिप मिली, लेकिन अब इसे और कम कर दिया गया है और सिर्फ़ 7,000 स्टूडेंट्स को एजुकेशनल स्कॉलरशिप दी गई है। उन्होंने कहा कि यह माइनॉरिटीज़, खासकर मुसलमानों के साथ नाइंसाफ़ी है, इसलिए माइनॉरिटीज़ के लिए बजट बढ़ाया जाना चाहिए और इतना ही नहीं, माइनॉरिटीज़ की सुविधाओं के हिसाब से बजट दिया जाना चाहिए। उन्होंने हाउस में अपनी स्पीच इस कविता के साथ खत्म की।
कभी रोज़ी-रोटी छीन लेती है, कभी छत छीन लेती है, जहाँ मौका मिलता है, पानी और खाना छीन लेती है।
हमें अपनी बर्बादी का पता भी नहीं चलता, हमारी गैरमौजूदगी में ये सारी खुशियाँ हमसे छीन लेती है।
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