राजनीति
प्रगतिशील और लोगों के अनुकूल बजट : मुख्तार अब्बास नकवी
नई दिल्ली, 1 फरवरी : पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2023-24 को ‘प्रगतिशील’ और ‘लोगों के अनुकूल’ करार दिया। आईएएनएस से बात करते हुए नकवी ने कहा, “यह एक प्रगतिशील, अभूतपूर्व और जनहितैषी बजट है, जो सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की गौरवशाली यात्रा का गजट है। बजट वैश्विक मंदी की पृष्ठभूमि में गांवों, किसानों, गरीबों और समाज के अन्य सभी वर्गों के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों से प्रभावित नहीं हुई है।” अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले यह सरकार का आखिरी पूर्ण बजट था।
राजनीति
कांग्रेस सांसदों ने पप्पू यादव पर हमले को गलत बताया, कहा-सरकार लोगों को डरा रही

संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए संसद में सार्थक चर्चा की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की, प्रस्तावित विधेयकों पर विस्तृत बहस की आवश्यकता जताई और छात्रों पर कथित बल प्रयोग के मामले में गृह मंत्री से संसद में बयान देने की मांग दोहराई।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने पप्पू यादव पर हुए कथित हमले को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के विचारों से असहमत होने का अर्थ यह नहीं है कि उसके साथ हिंसक या अनुचित व्यवहार किया जाए। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है और असहमति का जवाब संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
संसद में लाए जाने वाले प्रमुख विधेयकों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने और विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम में संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर व्यापक और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने बहुमत के बल पर कई बार विधेयकों को ध्वनि मत से पारित करा देती है, जिससे विपक्ष को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।
उन्होंने कहा कि पहले भी कुछ विधेयकों के दौरान विपक्ष के नेता को पूरा समय नहीं मिला और बहस आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह गई। उनका कहना था कि संसद का उद्देश्य केवल विधेयक पारित करना नहीं बल्कि सभी पक्षों की राय सुनना और लोकतांत्रिक विमर्श को मजबूत करना भी है। संख्या बल के आधार पर चर्चा को सीमित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी पप्पू यादव पर हुए कथित हमले की निंदा करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के विचारों से असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन उसका जवाब हिंसा, गाली-गलौज या किसी भी प्रकार की आक्रामक प्रतिक्रिया से नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि पप्पू यादव ने किसी मंच पर अपनी बात रखी है तो उसका जवाब भी तर्क और शब्दों से ही दिया जाना चाहिए।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में बहस और संवाद ही मतभेदों का समाधान है। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव छह बार सांसद रह चुके हैं और उनकी राय को सुनना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
संसद के विधायी एजेंडे पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सदन में चार विधेयक पेश होंगे या नहीं। उन्होंने बताया कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक दोपहर 1:05 बजे निर्धारित है, जिसमें यह तय होगा कि सदन में कितने विधेयकों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद ही इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी।
पप्पू यादव पर हुए कथित हमले के संबंध में जेबी माथर ने भी इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने के अनेक संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे, चाहे वह राम मंदिर से जुड़ा हो या कोई अन्य संवेदनशील विषय, पर विरोध प्रदर्शन पत्र लिखकर, लेख प्रकाशित कर, प्लेकार्ड और बैनर के साथ प्रदर्शन करके या नारे लगाकर किया जा सकता है, लेकिन हिंसा या डराने-धमकाने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
इसी दौरान बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की राजनीतिक संभावनाओं पर भी सुखदेव भगत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने और जनता के बीच अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने प्रशांत किशोर को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब यह जनता तय करेगी कि उनके वादों और रणनीति पर कितना भरोसा करती है। उन्होंने यह भी कहा कि नई पार्टी के रूप में जन सुराज के लिए यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा होगी।
उधर, कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने छात्रों पर कथित तौर पर एके-47 और पैलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इस मामले पर अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों में आकर इस पूरे मामले पर विस्तृत बयान दें। उनके अनुसार यह बेहद गंभीर विषय है और सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जेबी माथर ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा क्योंकि छात्रों से जुड़े मामलों पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय शेयर बाजार कच्चे तेल में नरमी से उछला; सेंसेक्स 79,000 के करीब

भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ खुला। इस दौरान सेंसेक्स 788.70 अंक या 1.01 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,883.34 और निफ्टी 189.10 अंक या 0.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,572.70 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार का नेतृत्व मेटल और एफएमसीजी शेयर कर रहे थे। इस कारण सूचकांकों में निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी टॉप गेनर्स थे। निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑयल एंड गैस में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था।
गिरने वाले सूचकांकों में निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा और निफ्टी मीडिया लाल निशान में थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 274 अंक या 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,181 औक निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 164 अंक या 0.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,513 पर था।
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टीसीएस, इन्फोसिस, इटरनल, एलएंडटी, एमएंडएम, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, बीईएल, एचयूएल, पावर ग्रिड, ट्रेंट, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचसीएल टेक गेनर्स थे। सन फार्मा, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल लूजर्स थे।
शेयर बाजार में तेजी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने ईरान पर हमले रोकने का ऐलान किया है। इससे कच्चे तेल में भी बड़ी कमी देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक, कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 5 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 83.66 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 5.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80.02 डॉलर प्रति बैरल पर था।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंधाई, बैंकॉक, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को हरे निशान में बंद हुए थे, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.53 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक करीब एक प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान के साथ शांति समझौता बरकरार रखने के लिए अमेरिका पर दबाव बनाना जरूरी है: राष्ट्रपति पेजेश्कियन

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि अमेरिका को दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर किए गए शांति समझौते (एमओयू) पर कायम रहने के लिए मजबूर करना चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि एमओयू पर ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों के बीच एक राय है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा कि उनका मानना है कि यह एमओयू भविष्य में ईरान के विदेशी संबंधों का केंद्र बिंदु होगा।
उन्होंने कहा, “हमें दुश्मन को उस बात पर मजबूर करने की कोशिश करनी चाहिए जिस पर उसने हस्ताक्षर किया है। इस एमओयू से देश, इलाके और हमारे साथियों की सुरक्षा बेहतर होगी।”
इस बीच, ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री सैयद माजिद इब्न अल-रजा ने रविवार को कहा कि तेहरान हर दुश्मन की धमकी को वास्तविक और गंभीर मानता है। उन्होंने इसे महज मनोवैज्ञानिक युद्ध करार दिए जाने को खारिज कर दिया।
अल-रजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हम न तो आश्चर्यचकित होंगे और न ही निष्क्रिय रहेंगे। हम धमकियों को अपनी तैयारी बढ़ाने, अपनी रोकथाम क्षमता मजबूत करने और अपनी ताकत विकसित करने के आधार के रूप में इस्तेमाल करते हैं।”
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ नए हमले टालने की बात कहने के बाद आया।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपने पोस्ट में कहा कि अमेरिका पूरी तरह तैयार है और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ सैन्य आतंक, ताकत और शक्ति के उस स्तर पर कार्रवाई के लिए तैयार है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नहीं देखा गया।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान और अन्य मध्य पूर्वी देशों के अनुरोध पर उन्होंने हमला टाल दिया है। उन्होंने एक आगामी समझौते का हवाला दिया जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत और पूरी तरह से खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल होगा।
इससे पहले अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि अमेरिका और इजरायल ईरानी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हफ्ते के अंत में हमले शुरू कर सकते हैं।
18 जून को, ईरान और अमेरिका ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत दोनों देशों को आखिरी समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिनों के अंदर बातचीत करनी थी। हालांकि, उनके बीच हाल ही में हुए तनाव के कारण बातचीत का नतीजा अधर में लटका हुआ है।
अमेरिकी सेना ने पिछले महीने ईरानी ठिकानों पर कई हमले किए। उनका कहना था कि ये हमले होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में किए गए थे और इनका मकसद कमर्शियल शिपिंग को धमकाने की ईरान की क्षमता को कम करना था। ईरान ने इस इलाके में अमेरिकी सैन्य बेस और जगहों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
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