राजनीति
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने नेवल एविएशन को ध्वज प्रदान किया
राष्ट्रपति और भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर राम नाथ कोविंद ने सोमवार को आईएनएस हंस, गोवा में भारतीय नेवल एविएशन को ध्वज प्रदान किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, 150 सैनिकों की एक समारोहपूर्ण परेड ने राष्ट्रपति को सलामी दी।
शांति और युद्ध दोनों में राष्ट्र को दी गई असाधारण सेवा के सम्मान में, एक सैन्य इकाई को राष्ट्रपति का ध्वज प्रदान किया जाता है। नेवल एविएशन ने पिछले सात दशकों में हमारे राष्ट्र के लिए उल्लेखनीय और वीरतापूर्ण सेवा के साथ खुद को प्रतिष्ठित किया है।
भारतीय नौसेना 27 मई 1951 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद से ध्वज प्राप्त करने वाली पहली भारतीय सशस्त्र सेना थी। इसके बाद नौसेना में राष्ट्रपति का ध्वज प्राप्त करने वालों में दक्षिणी नौसेना कमान, पूर्वी नौसेना कमान, पश्चिमी नौसेना कमान, पूर्वी बेड़ा, पश्चिमी बेड़ा, पनडुब्बी शाखा, आईएनएस शिवाजी और भारतीय नौसेना अकादमी शामिल हैं।
शांति और युद्ध दोनों के दौरान प्रदान की गई विशिष्ट सेवा की मान्यता के लिए भारतीय नेवल एविएशन को ध्वज प्रदान किया गया है। यह शाखा 13 जनवरी 1951 को पहले सीलैंड विमान के अधिग्रहण के साथ अस्तित्व में आई और 11 मई 1953 को कोच्चि में आईएनएस गरुड़ को इसमें शामिल किया गया। आज नेवल एविएशन में भारतीय समुद्र तट के साथ अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के नौ वायु स्टेशनों और तीन नौसेना वायु एन्क्लेव को मजबूती प्रदान करता है।
पिछले सात दशकों में, यह एक आधुनिक, तकनीकी रूप से उन्नत और अत्यधिक शक्तिशाली बल में बदल गया है, जिसमें लड़ाकू विमान, समुद्री टोही विमान, हेलीकॉप्टर और दूर-संचालित विमान (आरपीए) सहित 250 से अधिक विमान शामिल हैं। आज नेवल एविएशन अपने संसाधनों के बल पर सभी प्रकार के सैन्य अभियानों के संचालन में सक्षम है।
नेवल एविएशन भारतीय नौसेना की मुख्य भूमिकाओं – सैन्य, राजनयिक, कांस्टेबुलरी और हितकारी – का एक महत्वपूर्ण घटक है।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने आईएनएस विक्रांत के इंटिग्रल विमान के साथ गौरवशाली योगदान को याद किया, जिसने 1971 में बांग्लादेश की मुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राष्ट्रपति ने कहा कि नौसेना के विमान भी अनेक शांतिकाल के साथ-साथ न केवल हमारे देशवासियों को बल्कि मित्र विदेशी राष्ट्रों को भी मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान, राहत प्रदान करने में सबसे आगे रहे हैं।
राष्ट्रपति ने सरकार के आत्मनिर्भर भारत के ²ष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए भारतीय नौसेना के स्वदेशीकरण के प्रयासों की सराहना की।
राष्ट्रपति ने विमानन प्रौद्योगिकी में की गई महत्वपूर्ण प्रगति, नौसेना के विमानों के लिए अत्याधुनिक स्वदेशी हथियारों, सेंसर और डेटा सूट की सुविधा का भी उल्लेख किया।
राष्ट्रपति ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर अधिकारियों और नाविकों को बधाई दी और कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व की ²ढ़ता के साथ नेवल एविएशन सशक्त हो गया है। उन्होंने राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा के लिए सभी अनुभवी और सेवारत नौसेना एविएटरों को भी बधाई दी।
गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लै, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, पर्यटन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक, नौसेनाध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह, पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल आर हरि कुमार और फ्लैग ऑफिसर नेवल एविएशन रियर एडमिरल फिलिपोज जी प्युनुमूटिल के साथ-साथ अन्य नागरिक और सैन्य गणमान्य व्यक्ति इस समारोह में शामिल हुए।
राष्ट्रीय समाचार
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने की कार्रवाई, दो और आरोपी गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
सीबीआई के अनुसार, लातूर निवासी डॉक्टर मनोज शिरुरे को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि उन्होंने आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक के बेटे समेत तीन छात्रों को आरोपी पी.वी. कुलकर्णी से रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
इस मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी की पहचान तेजस हर्षदकुमार शाह के रूप में हुई है। वह पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी में भौतिकी के फैकल्टी सदस्य हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, उन्हें नीट-यूजी 2026 परीक्षा का लीक हुआ भौतिकी का प्रश्नपत्र पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवलदार से मिला था।
सीबीआई ने बताया कि मामले में साजिश की पूरी कड़ी और अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच लगातार जारी है। एजेंसी अब तक देशभर में 49 स्थानों पर तलाशी अभियान चला चुकी है। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री की विस्तृत जांच की जा रही है।
सीबीआई ने यह मामला 12 मई को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। शिकायत में नीट-यूजी 2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की बात कही गई थी।
मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने विशेष जांच दल गठित किए और देश के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ भी की गई। अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सीबीआई के मुताबिक, जांच में यह पता चला है कि परीक्षा से पहले रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिक विज्ञान के प्रश्नपत्र प्रसारित किए गए थे। एजेंसी अब प्रश्नपत्र लीक के असली स्रोत और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।
सीबीआई ने कहा है कि वह इस मामले की व्यापक, निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से जांच करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राजनीति
ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी : कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मिलेंगे सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की तेज अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार गुरुवार को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के साथ नाश्ते पर बैठक करेंगे। इससे राज्य की राजनीति को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
शिवकुमार के कार्यालय ने बुधवार को इस बैठक की पुष्टि की। यह बैठक गुरुवार (28 मई) को बेंगलुरु में मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘कावेरी’ में होगी।
आधिकारिक बयान में कहा गया कि शिवकुमार गुरुवार सुबह 5 बजे नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना होंगे और सुबह 8:30 बजे बेंगलुरु पहुंचेंगे। वहां पहुंचने के बाद वह सीधे मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के सरकारी आवास पर सुबह 9 बजे होने वाली बैठक में शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद दोनों नेता संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों पर स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में भी मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के बीच काफी चर्चित ‘ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी’ बैठक हुई थी। यह बैठक शिवकुमार के घर पर आयोजित की गई थी। उस समय पारंपरिक ‘नाटी कोली’ (देसी चिकन) के साथ इडली, डोसा और कॉफी परोसी गई थी। कांग्रेस नेतृत्व उस समय मुख्यमंत्री पद की अदला-बदली और सत्ता साझेदारी को लेकर चल रही अटकलों के बीच एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहा था।
इसी बीच कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला भी बुधवार को बेंगलुरु पहुंच रहे हैं। आधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि उनका दौरा ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण चुनाव से जुड़ा है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि वह सत्ता हस्तांतरण को सुचारु बनाने के उद्देश्य से बेंगलुरु आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने सिद्दारमैया से पद छोड़ने को कहा है ताकि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जा सके। सिद्दारमैया खेमे का कहना है कि वह इस्तीफा देने को तैयार हैं क्योंकि राहुल गांधी ने उन्हें दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। हालांकि, उनके समर्थक मंत्री और करीबी नेता इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और चाहते हैं कि सिद्दारमैया किसी भी हालत में पद न छोड़ें।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्दारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने और उनके बेटे यतींद्र सिद्दारमैया को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, कुछ अहम मंत्रालय देने का भरोसा भी दिया गया है। सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए तीन या चार उपमुख्यमंत्री पद बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि अलग-अलग समुदायों को प्रतिनिधित्व मिल सके।
सूत्रों ने यह भी कहा कि सिद्दारमैया पद छोड़ने से पहले मंत्रियों और विधायकों के साथ डिनर बैठक कर सकते हैं। इसके बाद गुरुवार को कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला की मौजूदगी में औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर आयोजित दो कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। वह पहले केपीसीसी के कार्यक्रम में जाएंगे और बाद में विधान सौधा में नेहरू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बावजूद उनके कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस बीच, शिवकुमार के समर्थकों ने उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनने की बधाई देते हुए पोस्टर लगाना और सोशल मीडिया पर संदेश साझा करना शुरू कर दिया है।
हालांकि, पार्टी ने अब तक नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
यह भी उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेतृत्व ने मंगलवार को कर्नाटक कांग्रेस में चल रहे संकट और सिद्दारमैया-शिवकुमार के बीच नेतृत्व विवाद को कमतर दिखाने की कोशिश की थी।
अपराध
अग्रीपारा के हाई-प्रोफाइल घर में बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़, आरोपियों की जांच, कथित बांग्लादेशी पर भी शक, 51 करोड़ रुपये की एमडी जब्त

मुंबई: मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल के शशिकांत जगदाले की लीडरशिप में कांदिवली एएनसी यूनिट ने एक बड़े ड्रग बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया है। आरोपी कथित तौर पर अगरीपारा में एक हाई-प्रोफाइल रेजिडेंशियल बिल्डिंग के एक कमरे में एमडी ड्रग्स बना रहे थे। ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने करीब 51 करोड़ रुपये कीमत का 14 kg एमडी और लिक्विड एमडी जब्त किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल और 19 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। इस मामले में कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और आगे की जांच चल रही है। इनमें से एक आरोपी पश्चिम बंगाल का है। ये आरोपी मुंबई शहर में एमडी बनाते थे। एक आरोपी के पास से पिस्टल भी बरामद हुई है। यह भी पता लगाने की जांच चल रही है कि उसे यह पिस्टल कहां से मिली। इसके साथ ही, उसके डॉक्यूमेंट्स भी चेक किए जा रहे हैं और यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह कथित बांग्लादेशी तो नहीं है। मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल के डीसीपी नुनाथ धोले ने कहा कि पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है, वहीं पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है जिसमें 51 करोड़ रुपये कीमत का एमडी और लिक्विड एमडी बरामद किया गया है। इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं, यह पता लगाने के लिए भी जांच चल रही है। पुलिस आगे की जांच कर रही है। यह ऑपरेशन मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती के निर्देश पर एएनसी के डीसीपी नुनाथ धोले ने किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यास्मीन टावर के 31 साल के मुहम्मद शोएब शौकत अली मंसूरी, 28 साल के सुफियान सलीम मंसूरी और अशरफ अल-सिकदर की बेटी 22 साल की रीना अख्तर के रूप में हुई है।
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