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राजस्थान में छुट्टियों का भरपूर आनंद उठा रही हैं पॉप सिंगर डुआ लिप्पा
वन किस’, ‘डांस द नाइट’ और ‘लेविटेटिंग’ जैसे गानों के लिए मशहूर पॉप सिंगर डुआ लिप्पा को राजस्थान की सड़कों पर आराम से घूमते हुए देखा गया। स्थानीय लोग उन्हें पहचानने में असफल रहे।
गायिका भारत में छुट्टियां बिता रही हैं और फिलहाल राजस्थान में हैं। पॉप स्टार की राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करते हुए कई तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर सामने आए हैं। अब एक वायरल वीडियो में डुआ नीली जींस और काली टी-शर्ट पहने नजर आ रही हैं।
हालांकि, राजस्थान में पर्यटकों की भारी आमद को देखते हुए स्थानीय लोग उनकी सेलिब्रिटी स्थिति से अनजान हैं और वे उन्हें पहचानने में असफल रहे। उन्हें कुछ अन्य लोगों के साथ एक बाजार में देखा गया था। हालांकि, सटीक स्थान का अभी पता नहीं चल पाया है।
वायरल वीडियो पर लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने कमेंट किया, “उदयपुर में विदेशियों का घूमना बहुत आम है, इसलिए कोई बड़ी बात नहीं है और जाहिर तौर पर स्थानीय लोगों को डुआ लिप्पा के बारे में पता नहीं होगा।”
एक अन्य उपयोगकर्ता ने टिप्पणी की, “एक दिन में 5000 गोरे राजस्थान आते हैं।”
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बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे दिखे अमिताभ बच्चन, एआईसीडब्ल्यूए ने देवेंद्र फडणवीस से मांगी फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन दशकों से हर रविवार अपने घर के बाहर आने वाले फैंस से मिलते रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अपने फैंस से मिलने की परंपरा नहीं छोड़ी। हालांकि, इस बार उनका ‘रविवार दर्शन’ पहले से काफी अलग रहा।
1 नवंबर को अमिताभ बच्चन मुंबई के जुहू स्थित अपने घर ‘जलसा’ के बाहर फैंस से मिलने पहुंचे, लेकिन इस बार वह बुलेटप्रूफ शीशे से बने सुरक्षा घेरे के अंदर खड़े नजर आए। उनके बेटे अभिषेक बच्चन भी इस दौरान उनके साथ मौजूद थे। अमिताभ की इस तस्वीर ने फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
दरअसल, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमिताभ बच्चन की तस्वीर शेयर करते हुए फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। एसोसिएशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से फिल्मी हस्तियों को घर से लेकर शूटिंग सेट तक पुख्ता सुरक्षा देने की मांग की है। एसोसिएशन ने पोस्ट में लिखा कि अमिताभ बच्चन को बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे देखकर पूरा फिल्म जगत हिल गया है।
एआईसीडब्ल्यूए ने पोस्ट के टाइटल में लिखा, ‘सपनों के शहर में डर: बॉलीवुड के महानायक अब बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे।’ इसके साथ ही लिखा, ‘बुलेटप्रूफ शीशा, लेकिन डर अब भी कायम : एआईसीडब्ल्यूए ने बॉलीवुड की सुरक्षा की मांग की।’
इसके बाद एसोसिएशन ने लिखा, ”एआईसीडब्ल्यूए माननीय मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए पूरी और पुख्ता सुरक्षा की मांग करता है। रविवार को भारतीय सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन को बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे से अपने फैंस से मिलते देखना पूरी फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर देने वाला था।”
उन्होंने आगे लिखा, ”चार दशकों से भी ज्यादा समय से अमिताभ बच्चन हर रविवार को जुहू स्थित अपने घर जलसा के बाहर अपने फैंस से मिलते रहे हैं। उनसे मिलने के लिए देश और विदेश से लोग आते हैं। उनके लिए अमिताभ की एक झलक पाना किसी सपने के सच होने जैसा है। 84 साल की उम्र में उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि मुंबई में उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए इस तरह के इंतजाम करने पड़ेंगे। यह घटना उनके घर से जुड़ी बम की धमकी और जुहू में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के बाद सामने आई है। ये दोनों घटनाएं दिखाती हैं कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं।”
एआईसीडब्ल्यूए ने पोस्ट में लिखा, ”लोगों ने अब तक बुलेटप्रूफ कारों के बारे में सुना था। लेकिन अब उन्होंने एक सुपरस्टार को अपने घर से बाहर निकलकर बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे खड़े होकर उन लोगों से मिलते देखा है, जो उनसे प्यार करते हैं। भारतीय सिनेमा के इतिहास में यह तस्वीर हमेशा याद रखी जाएगी। देश में पहले कभी ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। बॉलीवुड ने पहले कभी गैंगस्टरों के इस स्तर के डर और आतंक के बीच काम नहीं किया है। मुंबई ने भी ऐसा दौर नहीं देखा है। साल 2026 में किसी ने इसकी कल्पना भी नहीं की थी। आज फिल्मी हस्तियां अपने घरों से बाहर निकलने या शूटिंग पर जाने से भी हिचकिचाती हैं। अमिताभ बच्चन को अपनी सुरक्षा खुद करनी पड़ रही है और उनके बेटे अभिषेक बच्चन, जो बहुत कम बाहर निकलते हैं, अब अपने पिता की सुरक्षा के लिए उनके साथ खड़े हैं।”
एआईसीडब्ल्यूए ने सरकार से सवाल करते हुए कहा, ”क्या बॉलीवुड को आज और भविष्य में भी डर के साए में जीना पड़ेगा? क्या फिल्मी हस्तियां पहले की तरह आजादी से घूम सकेंगी और खुले में शूटिंग कर सकेंगी? क्या उनके परिवार सुरक्षित हैं? क्या सरकार और मुंबई पुलिस फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के मन से यह डर खत्म कर पाएगी? ऐसे माहौल में लोग कैसे काम करेंगे, कुछ नया बनाएंगे और आजादी से सांस ले पाएंगे?रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई फिल्मी हस्तियों के घरों की रेकी की जा रही है। आशंका है कि कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है। अगर यह डर जारी रहा तो बॉलीवुड पर ताला लग जाएगा और यहां काम करने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों की तलाश करनी पड़ेगी।”
एआईसीडब्ल्यूए के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से फिल्मी हस्तियों के घरों और शूटिंग सेट पर सुरक्षा की गारंटी देने की मांग की है। उन्होंने गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की भी मांग की है। एआईसीडब्ल्यूए पूरी फिल्म इंडस्ट्री के साथ खड़ा है। भारतीय सिनेमा का घर मुंबई कभी भी डर के साए में नहीं रहना चाहिए।
एआईसीडब्ल्यूए की यह मांग ऐसे समय आई है, जब मुंबई में फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। 18 अक्टूबर 2026 को अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर जुहू इलाके में फायरिंग हुई थी। टाइगर उस समय फुटबॉल खेलने के बाद वहां से निकल रहे थे। हमलावरों ने उनकी कार पर कई गोलियां चलाई थीं। इस घटना में टाइगर सुरक्षित बच गए थे, जबकि उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ था। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
इसके कुछ दिन बाद 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर रितु तावड़े को एक धमकी भरा ईमेल मिला था। इस ईमेल में मेयर कार्यालय, अमिताभ बच्चन के घर जलसा और गायक दिलजीत दोसांझ के मुंबई कॉन्सर्ट स्थल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच जलसा को निशाना बनाने की बात भी कही गई थी। इसके अलावा 31 अक्टूबर को एक स्कूल में ग्रेनेड हमले की धमकी का भी जिक्र था। ईमेल की जानकारी मिलने के बाद मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई थीं। जिन जगहों का नाम ईमेल में था, वहां सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई। पुलिस ने ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए जांच शुरू की थी।
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‘आप फिल्म देखिए, मैं आपकी आंखों में देखकर गाऊंगा’, जब नुसरत फतेह अली खान ने शेखर कपूर से कही थी ये बात

फिल्ममेकर शेखर कपूर ने अपनी चर्चित फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ से जुड़ी एक याद साझा की है। उन्होंने बताया कि फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर की रिकॉर्डिंग के दौरान मशहूर पाकिस्तानी गायक नुसरत फतेह अली खान की आवाज में दर्द और आंसू थे। इसकी वजह संगीतकार आरडी बर्मन का निधन था। नुसरत आरडी बर्मन के संगीत के बड़े प्रशंसक थे और उनके निधन से काफी दुखी थे।
शेखर कपूर ने इंस्टाग्राम पर इस पुराने किस्से को साझा करते हुए कहा, “ ‘बैंडिट क्वीन’ के बैकग्राउंड स्कोर की रिकॉर्डिंग चल रही थी। इसी दौरान नुसरत फतेह अली खान ने मुझसे कहा, ‘शेखर जी, आप अपनी फिल्म देखिए और मैं आपकी आंखों में देखकर गाऊंगा।’ यह मेरे लिए अब तक की सबसे अजीब रिक्वेस्ट थी।”
उन्होंने आगे कहा, “दरअसल, जिस सीन के लिए रिकॉर्डिंग हो रही थी, वह फिल्म में बेहमई नरसंहार के बाद का हिस्सा था। इस सीन में कतार में बनी चिताएं दिखाई गई थीं और नदी किनारे महिलाओं के रोने और विलाप करने की आवाज़ें सुनाई दे रही थीं। जब रिकॉर्डिंग शुरू हुई तो मैंने देखा कि नुसरत मेरी आंखों में देख रहे थे। वह सिर्फ देख नहीं रहे थे, बल्कि मेरी आंखों में जैसे कुछ तलाश रहे थे।”
शेखर ने कहा, “नुसरत जानते थे कि मैं भी आर. डी. बर्मन के काफी करीब था। आर. डी. बर्मन ने मेरी पहली फिल्म ‘मासूम’ का संगीत तैयार किया था। ऐसे में नुसरत और मेरे बीच आर. डी. बर्मन को लेकर एक भावनात्मक जुड़ाव भी था। उनकी आंखों और आवाज ने मुझे पूरी तरह बांध लिया था। उस पल मुझे ऐसा महसूस हुआ, जैसे मैं किसी दूसरी ही दुनिया में पहुंच गया हूं।”
फिल्ममेकर ने लिखा, ”नुसरत मुझे एक ऐसे भावनात्मक स्तर पर ले जा रहे थे, जहां जिंदगी और मौत के बीच का अंतर खत्म होता महसूस होता है। अगर दर्शक दोबारा ‘बैंडिट क्वीन’ देखें तो बेहमई नरसंहार के बाद वाले सीन पर खास ध्यान दें। उस हिस्से में बजने वाला संगीत उन्हें भी एक अलग अनुभव देगा।”
बता दें कि ‘बैंडिट क्वीन’ साल 1994 में रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन शेखर कपूर ने किया था और यह चंबल की कुख्यात डाकू फूलन देवी के जीवन पर आधारित थी। फिल्म में सीमा विश्वास ने फूलन देवी का किरदार निभाया था। फिल्म को देश-विदेश में काफी सराहना मिली थी और इसे भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्मों में गिना जाता है।
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इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत, 7 दिसंबर तक ‘लीव इंडिया’ नोटिस पर रोक

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को भारत में रहने और उनके ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की ओर से जारी ‘लीव इंडिया’ नोटिस पर लगी रोक को अगली सुनवाई तक जारी रखने का फैसला किया है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। हालांकि, अदालत ने अभिनेता को कथित तौर पर ओसीआई नियमों के उल्लंघन के लिए बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश भी दिया है। अदालत ने कहा कि केवल भविष्य में ऐसा न करने का आश्वासन देना पर्याप्त नहीं होगा।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इमरान खान के ओसीआई कार्ड और विरोध प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी पर सवाल उठाए। अदालत ने पूछा कि इमरान खान प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए थे? क्या वह किसी फिल्म की रिलीज या प्रमोशन के लिए वहां गए थे?
जज ने कहा कि ओसीआई कार्ड धारकों को भारतीय नागरिकों जैसे सभी अधिकार नहीं मिलते और उन्हें नियमों का पालन करना जरूरी है। अदालत ने यह भी सवाल किया कि इमरान खान पिछले 42 साल से भारत में रह रहे हैं, यहां पढ़ाई की है, काम किया है और कमाई की है, फिर भी उन्होंने भारतीय नागरिकता क्यों नहीं ली?
इमरान खान की ओर से पेश वकील ने कहा कि अभिनेता का प्रदर्शन आयोजित करने वाले ऑर्गनाइजेशन से कोई संबंध नहीं है। वह भारत में ही पढ़े हैं और लंबे समय से यहीं रह रहे हैं। अमेरिका में वह केवल करीब दो साल रहे थे। अभिनेता ने अदालत को यह भी भरोसा दिलाया कि वह जरूरी शर्तों का पालन करने और किसी भी तरह का आश्वासन देने के लिए तैयार हैं।
वकील ने दलील में कहा कि एफआईआर में इमरान खान के खिलाफ कोई विशेष आरोप नहीं लगाया गया है और जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है, वे जमानती हैं। वहीं, एफआरआरओ की ओर से कहा गया कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओसीआई कार्ड है। विभाग को ओसीआई नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई करने का अधिकार है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भी जिक्र किया। अदालत ने कहा कि इमरान खान लंबे समय से भारत में रह रहे हैं और उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए। हालांकि, इसके लिए उन्हें बिना शर्त माफी मांगनी होगी और भविष्य में नियमों का पालन करने का भरोसा देना होगा।
दरअसल, मामला 10 अक्टूबर का है। इस दिन मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के पास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था। यह प्रदर्शन वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर किया गया था। इमरान खान भी अपनी पार्टनर लेखा वाशिंगटन के साथ वहां पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था।
इसके बाद बीजेपी नेता किरीट सोमैया की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई। एफआरआरओ ने 14 अक्टूबर को इमरान को नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया। इसके अलावा 17 अक्टूबर को उनके ओसीआई कार्ड का रजिस्ट्रेशन रद्द करने को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। इस नोटिस पर पहले 2 नवंबर तक रोक लगाई गई थी। अब अदालत ने इस रोक को अगली सुनवाई 7 दिसंबर तक जारी रखने का फैसला सुनाया है।
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