राजनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री से मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दो दिवसीय भारत यात्रा पर आई डेनमार्क की अपनी समकक्ष मेटे फ्रेडरिकसन का राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया। मोदी से मुलाकात के बाद फ्रेडरिकसन ने भारत को करीबी साझेदार करार देते हुए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
फ्रेडरिकसन की भारत यात्रा राज्य या सरकार के प्रमुख की पहली यात्रा है क्योंकि पिछले साल की शुरुआत में महामारी की शुरुआत के बाद से कोविड -19 प्रतिबंध लगाए गए थे।
राज्य या विदेश और संस्कृति मंत्री मीनाक्षी लेखी ने शुक्रवार को हवाई अड्डे पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री की अगवानी की।
अपने एजेंडे के तहत फ्रेडरिकसन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात करेंगी।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि डेनमार्क की प्रधानमंत्री की यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है, यह बताते हुए कि यह हरित रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करने का अवसर देगा, जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय संकट को हल करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करना है।
यह अक्षय ऊर्जा, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित क्षेत्रों में संलग्न होगा।
भारत और डेनमार्क के बीच संबंध ऐतिहासिक रूप से सौहार्दपूर्ण रहे हैं क्योंकि नॉर्डिक देश एकमात्र ऐसा देश है जिसके साथ भारत की हरित रणनीतिक साझेदारी है जो भारत के जलवायु संकट की लड़ाई में हरित डेनिश समाधान की ओर ले जाती है।
राष्ट्रीय समाचार
महाराष्ट्र: रत्नागिरी में मुंबई-गोवा हाईवे पर ट्रक ने पुलिस की गाड़ी को मारी टक्कर, एएसआई की मौत

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में लोहे की रॉड ले जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने हथखंबा हाईवे ट्रैफिक पुलिस यूनिट की एक गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक पुलिस ऑफिसर और ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
यह घटना शनिवार रात 11 बजे रत्नागिरी जिले में मुंबई-गोवा नेशनल हाईवे पर अंजनारी ब्रिज के पास हुई और इसमें एक पुलिस ऑफिसर और एक ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य पुलिसवाले घायल हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक, हथखंबा ट्रैफिक पुलिस यूनिट की सरकारी गाड़ी अंजनारी ब्रिज के नीचे नदी में एक गाड़ी के गिरने की सूचना मिलने के बाद मौके पर जा रही थी। तभी लोहे की रॉड ले जा रहे एक कंटेनर ट्रक ने पुलिस गाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि पुलिस गाड़ी नदी की ओर एक खड़ी चट्टान से टकराकर लगभग 80 से 100 फीट नीचे गिर गई। अधिकारियों ने बताया कि कंटेनर ट्रक भी सड़क से उतरकर एक खाई में पलट गया। इस हादसे में असिस्टेंट पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) संतोष अप्पासाहेब गायकवाड़ (51) और कंटेनर ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसवाले गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों का पहले पाली रूरल हॉस्पिटल में प्राइमरी इलाज किया गया और बाद में उन्हें रत्नागिरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट हॉस्पिटल में ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि इलाज के दौरान एएसआई संतोष गायकवाड़ की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान कंटेनर ट्रक ड्राइवर की भी मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल अनिल अशोक शिंगड़े को एडवांस मेडिकल केयर के लिए सांगली शिफ्ट किया जा रहा है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर अंजनारी ब्रिज के पास सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, जो अपने तीखे मोड़ और खड़ी ढलानों के लिए जाना जाता है। मुंबई-गोवा नेशनल हाईवे के एक्सीडेंट-प्रोन सेक्शन पर स्पीड कंट्रोल के कड़े उपायों और बेहतर सेफ्टी इंतजाम की मांग फिर से उठी है।
राजनीति
चंडीगढ़ ने सिर्फ 140 दिनों में 85 फीसदी दोषसिद्धि दर हासिल की, यहां कभी ट्रैफिक जाम नहीं होता: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पुलिस लाइन में आयोजित हीरक जयंती समारोह में गृह मंत्री ने पुलिस परेड का निरीक्षण करने के साथ मार्च पास्ट की सलामी ली। इसके साथ ही चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति की ओर से स्वीकृत प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ भी प्रदान किया।
अमित शाह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति निशान से अलंकृत किया जाना छह दशकों की सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता का सम्मान है। इस अवसर पर चंडीगढ़ पुलिस के सभी वीर शहीदों को नमन करता हूं। कर्तव्यपालन के लिए अपने प्राणों का बलिदान देना पूरे पुलिस बल के लिए गर्व की बात है। 1966 से आज तक चंडीगढ़ पुलिस ने अथक प्रयासों से देश के पुलिस बलों के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिखने का काम किया है। इसके लिए चंडीगढ़ पुलिस के सभी जवानों को हार्दिक शुभकामनाएं।”
गृह मंत्री ने कहा, “घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई और प्रभावी रिस्पॉन्स टाइम के मामले में चंडीगढ़ पुलिस आज देश में दूसरे स्थान पर है। आज 141 नए वाहनों के चंडीगढ़ पुलिस के बेड़े में शामिल होने से उसकी कार्यक्षमता और आपातकालीन सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन आधुनिक संसाधनों के बल पर चंडीगढ़ पुलिस रिस्पॉन्स टाइम के मामले में देश में प्रथम स्थान हासिल करेगी।”
उन्होंने कहा, “शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी में बसा चंडीगढ़ देश के सबसे सुनियोजित शहरों में गिना जाता है। लेकिन जब आतंकवाद का दौर आया, तो चंडीगढ़ भी उससे अछूता नहीं रहा। उस कठिन समय में चंडीगढ़ पुलिस ने अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम की पराकाष्ठा का परिचय दिया। अपने शौर्य, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा से चंडीगढ़ पुलिस ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एवं शांति सुनिश्चित करने का काम किया। पुलिस का दायित्व नागरिकों को सुगम और सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराना है। चंडीगढ़ पुलिस ने विभिन्न ऐप्स और आधुनिक तकनीकी मॉडलों के माध्यम से ऐसी व्यवस्था को धरातल पर उतारा है, जिससे नागरिकों को पुलिस सेवाओं के लिए थाने जाने की आवश्यकता ही न पड़े। इस सराहनीय पहल के लिए चंडीगढ़ पुलिस को विशेष बधाई देता हूं।”
चंडीगढ़ देश में प्रति व्यक्ति सर्वाधिक वाहनों वाले शहरों में शामिल है, फिर भी यहां यातायात व्यवस्था सुचारू रहती है। मैं यहां गृहमंत्री बनने से पहले और बाद में भी आया, लेकिन कभी ट्रैफिक जाम नहीं देखा। यहां क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) का रिस्पॉन्स टाइम मात्र 10 मिनट और पुलिस का घटनास्थल पर पहुंचने का समय महज 4 मिनट है। यह अन्य प्रदेशों के पुलिस बलों के लिए प्रेरणादायक है। चंडीगढ़ ने मात्र 140 दिनों में 85 फीसदी दोषसिद्धि दर हासिल की है। यदि देशभर में न्याय संहिताओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो, तो नागरिकों को न्याय के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई न्याय संहिताओं की शुरुआत भी चंडीगढ़ से की थी और अंग्रेजों के बनाए तीन कानूनों को तिलांजलि देकर कानून आगे बढ़ा। मुझे विश्वास है कि सबसे पहले चंडीगढ़ नशा मुक्त होगा।” शाह ने कहा, “रिस्पॉन्स टाइम के मामले में चंडीगढ़ दुनिया में दूसरे और देश में दूसरे स्थान पर है। मुझे पूरा भरोसा है कि 141 नए वाहन मिलने के बाद, अगले साल यह देश भर के पुलिस बलों में पहले स्थान पर आ जाएगा।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
दिसंबर के जी20 शिखर सम्मेलन तक साझा सहमति बनने की उम्मीद: जयशंकर

भारत को उम्मीद है कि दिसंबर में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन तक सदस्य देश कुछ प्रमुख मुद्दों पर साझा सहमति बनाने में सफल होंगे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कहा कि यदि इसके लिए गंभीर प्रयास किए जाते हैं तो भारत इस दिशा में होने वाली कोशिशों का समर्थन करेगा।
अटलांटा में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के समापन पर भारतीय पत्रकारों से बातचीत में जयशंकर से पूछा गया कि भारत की अध्यक्षता के दौरान जी20 शिखर सम्मेलन में जिस तरह आम सहमति बनी थी, क्या इस बार भी वैसी ही सहमति की उम्मीद की जा सकती है?
इस पर उन्होंने कहा, “अभी दिसंबर में होने वाले शिखर सम्मेलन का समय नहीं आया है, और उस समय की परिस्थितियों को देखकर ही कुछ कहा जा सकेगा।”
उन्होंने कहा, “जाहिर है, उम्मीद है कि जी20 साझा सहमति बनाने में सफल होगा।”
जयशंकर ने इस संदर्भ में ब्रिक्स का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग परिस्थितियों और अलग-अलग देशों की भागीदारी के बावजूद इस समूह में प्रमुख सदस्यों के बीच साझा बयान पर सहमति बन सकी थी। उन्होंने कहा कि दिसंबर करीब आने के साथ जी20 में भी इस तरह की सहमति बनाने के प्रयास किए जाएंगे और भारत इसमें सहयोग करेगा।
विदेश मंत्री ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहमति बनाना आसान नहीं होता, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया कई मुद्दों पर ध्रुवीकृत नजर आ रही है। इसके बावजूद भारत का मानना है कि संवाद और प्रयासों के जरिए साझा आधार तैयार किया जा सकता है।”
बातचीत के दौरान जयशंकर से अमेरिका को ‘अकेली महाशक्ति’ बताने वाली उनकी पहले की टिप्पणी के बारे में भी सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि क्या जी20 की बैठक में भी अन्य देशों के बीच इस तरह की भावना देखने को मिली।
इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी वह टिप्पणी एक बिल्कुल अलग संदर्भ में की गई थी। उन्होंने कहा, “म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही थी। वह कार्यक्रम जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक से अलग था।”
जयशंकर ने कहा, ” म्यूनिख में वह विश्लेषकों और नीति-निर्माताओं को संबोधित कर रहे थे, जबकि अटलांटा में विभिन्न देशों के विदेश मंत्री एक साथ मौजूद थे। इसलिए दोनों अवसरों पर कही गई बातों और चर्चाओं को एक ही संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि जी20 की बैठक में भारत की उस भूमिका की सामान्य रूप से सराहना देखने को मिली, जिसके तहत वह दुनिया के अलग-अलग पक्षों के साथ संवाद बनाए रखता है।
विदेश मंत्री के मुताबिक, बैठक में यह समझ और सराहना थी कि आज की ध्रुवीकृत दुनिया में भारत सभी पक्षों से बात करने की क्षमता रखता है। भारत संवाद में योगदान दे रहा है, देशों के बीच सेतु का काम कर रहा है और एक-दूसरे तक अपनी बात पहुंचाने में मदद कर रहा है।
जयशंकर ने कहा, “भारत के बारे में यह सामान्य समझ और सराहना थी कि आज की कुछ हद तक ध्रुवीकृत दुनिया में हम सभी पक्षों से बात कर सकते हैं। हम योगदान दे रहे हैं, सेतु बना रहे हैं और संवाद कायम कर रहे हैं।”
अटलांटा में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक पर भी उन्होंने बात की। जयशंकर ने बताया कि इस साल विदेश मंत्री स्तर पर क्वाड की यह तीसरी बैठक थी। इससे पहले दिल्ली और मनीला में भी इस स्तर की बैठकें हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा, “भारत को लगता है कि क्वाड ने इस दौरान अच्छी प्रगति की है। अब उम्मीद है कि समूह की अगली बैठकें ऐसी होंगी, जिनमें भविष्य की दिशा तय करने और उसके एजेंडे का विस्तार करने पर विचार किया जा सके।”
जयशंकर ने बताया कि जी20 बैठक के दौरान उन्होंने लगभग सभी देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इनमें कुछ मुलाकातें अलग-अलग हुईं, जबकि कुछ देशों के प्रतिनिधियों के साथ समूह में चर्चा की गई।
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