महाराष्ट्र
प्रधानमंत्री मोदी ठाणे-दिवा 5 वीं और 6वीं लाइन 18 फरवरी को राष्ट्र को करेंगे समर्पित, अतिरिक्त उपनगरीय सेवाओं को झंडी दिखाकर करेंगे रवाना
श्री नरेंद्र मोदी जी, माननीय प्रधानमंत्री दिनांक 18.2.2022 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ठाणे-दिवा 5 वीं और 6वीं लाइन राष्ट्र को समर्पित करेंगे और अतिरिक्त उपनगरीय सेवाओं को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
श्री भगत सिंह कोश्यारी, माननीय राज्यपाल, महाराष्ट्र एवं श्री उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री, बेब लिंक के माध्यम से समारोह में उपस्थित रहेंगें।
श्री अश्विनी वैष्णव माननीय रेल , संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री भारत सरकार, श्री रावसाहेब दादाराव पाटिल दानवे, माननीय रेल, कोयला और खान राज्य मंत्री, भारत सरकार, श्री कपिल पाटिल, माननीय पंचायती राजमंत्री, भारत सरकार ,श्री अजीत पवार, महाराष्ट्र के माननीय उप मुख्यमंत्री, श्री देवेंद्र फडणवीस, माननीय नेता प्रतिपक्ष, महाराष्ट्र विधान सभा, श्री एकनाथ शिंदे, माननीय शहरी विकास मंत्री, लोक निर्माण (सार्वजनिक उपक्रम), महाराष्ट्र सरकार और पालक मंत्री ठाणे जिला,श्री जितेंद्र आव्हाड माननीय गृह निर्माण मंत्री महाराष्ट्र सरकार ,श्री नरेश म्हस्के, माननीय महापौर, ठाणे, श्री राजन विचारे, डॉ. श्रीकांत शिंदे, माननीय संसद सदस्य (लोकसभा), श्री कुमार केतकर, डॉ. विनय सहस्रबुद्धे माननीय संसद सदस्य (राज्य सभा), श्री प्रमोद (राजू) पाटिल, श्री संजय केलकर, माननीय ‘विधायक, ठाणे और अन्य इस अवसर पर ठाणे में उपस्थित रहेंगे।
पृष्ठभूमि
कल्याण मध्य रेल का मुख्य जंक्शन है। देश के उत्तर और दक्षिण की ओर से आने वाला यातायात कल्याण में मिलता है और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस की ओर जाता है।
2008 से पहले इसमें 4 ट्रैक थे।स्लो लोकल ट्रेनों के लिए 2 ट्रैक और फास्ट लोकल, मेल एक्सप्रेस और मालगाड़ी के लिए 2 ट्रैक का उपयोग किया जाता था।
उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग अलग करने के लिए कल्याण और सीएसएमटी के बीच चरणों में 2 अतिरिक्त पटरियां बिछाने की योजना बनाई गई थी।
2007-08 में कल्याण और दिवा और ठाणे-कुर्ला के बीच लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) और कुर्ला यार्ड को जोड़ने वाली 2 अतिरिक्त लाइनों का कार्य वर्ष 2011-12 में दिवा और ठाणे के दोनों ओर पूरा किया गया।
दिवा और ठाणे के बीच 9.44 किलोमीटर के दोनों ट्रैक में बॉटल नेक और क्षमता की कमी के कारण लिंक नहीं था।
अब कुर्ला/लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) से कल्याण (36 किमी) तक के पूरे हिस्से में उपनगरीय (2 स्लो लोकल, 2 फास्ट लोकल) और लंबी दूरी की ट्रेनों (2 लाइन) के लिए अलग कॉरिडोर के साथ छह लाइनें हैं, विशेष रूप से एलटीटी से/को आने वाली ट्रेनों के लिए किया जा रहा है।
मुख्य विशेषताएं:
2008-09 में MUTP II के तहत स्वीकृत, रेल मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के बीच समान लागत भागीदारी के साथ इस परियोजना को मुंबई रेलवे विकास निगम (MRVC) द्वारा निष्पादित किया गया है।
विद्युतीकृत डबल लाइन प्रत्येक की लंबाई 9.44 किमी है। जिसकी लागत लगभग रु 620 करोड़ है। 4 स्टेशनों ठाणे, कलवा, मुंब्रा और दिवा एवं 6 प्लेटफॉर्म और 8 फुट ओवर ब्रिज और फुट ओवर ब्रिज का विस्तार किया गया।
1.4 किमी लंबा सड़क के ऊपर रेल फ्लाईओवर, 3 बड़े पुल, 21 छोटे पुल और170 मीटर लंबी सुरंग शामिल हैं।।
लाभ:
कुर्ला से कल्याण तक लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए अलग मार्ग। लोकमान्य तिलक टर्मिनस (कुर्ला के पास) से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें उपनगरीय यातायात प्रभावित किये बिना 5 वीं और 6ठी लाइन पर कल्याण तक जा सकती हैं। इससे ट्रेनों का परिचालन बेहतर होगा।
सीएसएमटी और कल्याण के बीच और उससे आगे (34 एसी और 2 नॉन एसी) 36 अतिरिक्त उपनगरीय सेवाएं शुरू की जाएंगी।
कलवा, मुंब्रा के यात्रियों को मेगा ब्लॉक के दौरान कॉरिडोर का बहुत लाभ होगा, क्योंकि उपनगरीय ट्रेनें एक कॉरिडोर से दूसरे में डायवर्ट होने से यात्रियों का परिवहन करेंगी।
ऐतिहासिक महत्व:
कुर्ला/लोकमान्य तिलक टर्मिनस और कल्याण के बीच 5वीं और 6वीं लाइनें ठाणे से होकर गुजरती हैं, जो कि पहला टर्मिनेटिंग स्टेशन था। जब भारत में पहली ट्रेन 16 अप्रैल, 1853 को बोरीबंदर (वर्तमान सीएसएमटी) से ठाणे तक चली थी।
परियोजना के दौरान चुनौतियां:
ब्राउन फील्ड और ग्रीन फील्ड परियोजना के मिश्रण में मौजूदा नेटवर्क में भी बड़े बदलाव शामिल हैं, वीकैंड में ही प्रमुख ट्रैफिक ब्लॉक यात्रियों को न्यूनतम असुविधा के साथ लिए गए।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियों की समय सीमा बढ़ी, अब 26 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन : सीएम फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी है कि मतदाता सूची के मसौदे पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। चुनाव आयोग ने यह समय सीमा 26 अक्टूबर तक बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मसौदा मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियां दर्ज करने की अवधि बढ़ाई गई है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को सटीक और अपडेट रखने के लिए की जा रही है।
सीएम फडणवीस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार नए शेड्यूल में दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 31 अगस्त से 26 अक्टूबर तक है। दावे और आपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया 31 अगस्त से 10 नवंबर तक है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 16 नवंबर को किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे मसौदा मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांच लें। अगर किसी का नाम छूट गया है तो उसे जोड़ने के लिए आवेदन करें, अगर जानकारी में कोई गलती है तो सुधार के लिए आवेदन करें और जरूरत होने पर 26 अक्टूबर से पहले आपत्ति दर्ज कराएं।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया हर पात्र नागरिक के वोट देने के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए की जा रही है, इसलिए पात्र नागरिकों को इस बढ़ाई गई समय सीमा का लाभ उठाना चाहिए। बता दें कि इसी बीच दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन जारी है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस प्रदर्शन को ‘संविधान बचाने की लड़ाई’ बताया है और चुनाव आयोग पर सरकार के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, जबकि चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया में जुटा है।
महाराष्ट्र
एमपीएससी में गड़बड़ियों की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बनाई समिति, तुकाराम मुंडे को मिली सचिव की जिम्मेदारी

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) में गड़बड़ियों और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर जारी उम्मीदवारों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आयोग से जुड़े मामलों की जांच और सुधार के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश दिलीप भोसले की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे को समिति का सचिव नियुक्त किया गया है।
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार का यह फैसला रविवार को सामने आया। राज्य मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने पुणे में एसएम जोशी पुल पर आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों से मुलाकात के दौरान समिति के गठन की जानकारी दी। यहां उम्मीदवार पिछले 10 दिनों से महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग में सुधार समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश दिलीप भोसले करेंगे। तुकाराम मुंडे के अलावा इसमें लक्ष्मी गौतम, गणेश पाटील और सेवानिवृत्त न्यायाधीश पी. डी. नाइक को शामिल किया गया है। समिति से महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों पर विचार करने की अपेक्षा है।
सरकार के इस फैसले को आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों की मांगों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार को पद से हटाने की मांग पर सरकार ने क्या निर्णय लिया है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है।
आंदोलनकारी उम्मीदवारों की मांगों में केवल महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार ही शामिल नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन में शामिल कुछ प्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने, अगले तीन वर्षों में 70 हजार पदों पर भर्ती करने और जनवरी में प्रस्तावित ग्रुप-सी परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग भी उठाई है।
इसके अलावा, उम्मीदवारों ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सचिव की नियुक्ति से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। राज्य मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी अन्य मांगों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग उम्मीदवारों के आंदोलन का समर्थन कर रहे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पाटील ने समिति में तुकाराम मुंडे को शामिल किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि समिति को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलेगा। सरकार की ओर से समिति गठित किए जाने के बाद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के जांच पूरी होने तक छुट्टी पर जाने की भी खबर है।
महाराष्ट्र
मुंबई में अवैध मलबा निस्तारण पर बीएमसी सख्त, ट्रैकिंग नियमों के उल्लंघन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना

मानसून की वापसी के बाद मुंबई में वायु गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। इस बीच, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) शहर में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के प्रबंधन से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने जा रही है। सोमवार से बिना अधिकृत और सक्रिय व्हीकल ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (वीटीएमएस) के निर्माण मलबा या खुदाई से निकली सामग्री ले जाने वाले प्रत्येक वाहन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
बीएमसी के मुंबई डेब्रिस कंट्रोल एंड ट्रैकिंग सिस्टम (एमडीसीटीएस) पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने वाली निर्माण परियोजनाओं पर भी प्रत्येक उल्लंघन के लिए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
यह कदम निर्माण मलबे के अवैध निस्तारण और मुंबई के पर्यावरण एवं वायु गुणवत्ता पर इसके पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है। बीएमसी ने सभी 26 नगर निगम वार्डों को जारी एक सर्कुलर में अधिकारियों को तत्काल निरीक्षण और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
मुंबई में प्रतिदिन 8,000 टन से अधिक निर्माण एवं तोड़फोड़ का मलबा निकलता है, जो शहर की प्रसंस्करण क्षमता से काफी ज्यादा है। दहिसर और शिलफाटा स्थित दो प्रसंस्करण केंद्रों की संयुक्त क्षमता प्रतिदिन लगभग 1,200 टन मलबे के निस्तारण की है। मलबे की मात्रा और प्रसंस्करण क्षमता के बीच बड़े अंतर के कारण अवैध तरीके से मलबा फेंकने की समस्या बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि निर्माण मलबे को अक्सर सड़कों के किनारे, खाली भूखंडों, नालों, खाड़ियों, जलाशयों और मैंग्रोव क्षेत्रों में फेंक दिया जाता है।
मलबे के परिवहन और निस्तारण की निगरानी बेहतर बनाने के लिए बीएमसी ने 24 अगस्त को एमडीसीटीएस पोर्टल शुरू किया था। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे की उसके उत्पादन स्थल से लेकर अधिकृत निस्तारण या प्रसंस्करण केंद्र तक निगरानी करना है।
इस पोर्टल के जरिए नगर निगम अधिकारी मलबा ले जाने वाले वाहनों की वास्तविक समय में निगरानी कर सकते हैं। साथ ही, निर्धारित मार्ग से हटने वाले वाहनों का पता लगाने और मलबे के अवैध निस्तारण के संदिग्ध मामलों की पहचान करने में भी मदद मिलती है।
बीएमसी ने निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों, सरकारी एजेंसियों और निजी डेवलपरों के लिए पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। पंजीकृत संस्थाओं को मलबा प्रबंधन की विस्तृत योजना प्रस्तुत करनी होगी। वहीं, मलबा ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस-सक्षम वीटीएमएस उपकरण लगाना और निर्धारित परिवहन मार्गों का पालन करना जरूरी होगा।
बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त से 9 अक्टूबर के बीच एमडीसीटीएस पोर्टल पर कुल 220 पंजीकरण हुए। इनमें 109 बिल्डर और डेवलपर, 44 परिवहनकर्ता, बीएमसी के 19 ठेकेदार, मलबा और मिट्टी के 17 बाहरी खरीदार, 15 कॉरपोरेट संस्थाएं और चार सरकारी एजेंसियां शामिल हैं। इस अवधि में किसी भी व्यक्तिगत नागरिक ने पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया।
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