राष्ट्रीय समाचार
एनआईटी एडमिशन : 40 हजार सीटों के लिए 14.5 लाख से अधिक छात्र करेंगे प्रतिस्पर्धा
नई दिल्ली, 29 अप्रैल। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान राउरकेला (एनआईटी राउरकेला) को शिक्षा मंत्रालय ने एनआईटी प्लस सिस्टम’ के तहत देशभर के 31 एनआईटी में दाखिला प्रकिया की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा एनआईटी राउरकेला विदेशी नागरिकों के एडमिशन की प्रक्रिया को भी देखेगा।
डीएएसए योजना के अंतर्गत अंडर ग्रेजुएट कार्यक्रमों में विदेशी नागरिकों को डायरेक्ट प्रवेश दिया जाएगा। अनुमान है कि जेईई (मेन) में उत्तीर्ण होने वाले करीब 14.5 लाख से अधिक छात्र इन 31 एनआईटी संस्थानों में दाखिले के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। एनआईटी समेत अन्य संबंधित संस्थानों में लगभग 40 हजार सीटें हैं। इनमें महिला उम्मीदवारों के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। पंजीकरण व विकल्प भरने से लेकर सीट आवंटन और दस्तावेज सत्यापन तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
एनआईटी राउरकेला एनआईटी प्लस सिस्टम का नेतृत्व करेगा। वहीं आईआईटी कानपुर आईआईटी सिस्टम का नेतृत्व करेगा। ये दोनों संस्थान एक बार फिर से संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (जोसा) के 2025 संस्करण की सह-मेजबानी भी करेंगे। जोसा 2025 की गतिविधियां जून 2025 के पहले सप्ताह में शुरू होंगी। एनआईटी राउरकेला ने पुष्टि की है कि जोसा के 2025 संस्करण में सीट आवंटन के छह राउंड होंगे। भारत सरकार द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए इन्हें केंद्रीय सीट आवंटन बोर्ड (सीएसएबी 2025) के समन्वय की यह जिम्मेदारी सौंपी है।
‘एनआईटी प्लस सिस्टम’ के तहत 31 एनआईटी व कई अन्य सरकारी वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों में एडमिशन दिया जाएगा। पिछले वर्षों की तरह, इस वर्ष भी सभी राउंड पूरे होने के बाद खाली सीटों को भरने के लिए स्पेशल राउंड का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष, सीएसएबी-स्पेशल तीन राउंड का होगा। सीएसएबी अंडमान एवं निकोबार, लक्षद्वीप, दमन एवं दीव, तथा दादरा एवं नगर हवेली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों के विद्यार्थियों के लिए चयनित एनआईटी में सीट आवंटन के अतिरिक्त चरण का समन्वय करेगा।
एनआईटी राउरकेला के निदेशक और सीएसएबी एवं डीएएसए 2025 के अध्यक्ष प्रो. के. उमामहेश्वर राव ने कहा, “सीएसएबी 2025 को पूरे देश में जेईई (मेन) उत्तीर्ण उम्मीदवारों के लिए एक सहज, पारदर्शी और समावेशी सीट आवंटन प्रक्रिया प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। साथ ही, डीएएसए 2025 भारत के अग्रणी तकनीकी संस्थानों में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का स्वागत करने के लिए हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। हम सभी उम्मीदवारों के लिए एक सहज और छात्र-केंद्रित प्रवेश प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”
एनआईटी राउरकेला ने यह भी पुष्टि की है कि पूर्वोत्तर राज्यों और चुनिंदा केंद्र शासित प्रदेशों के उम्मीदवारों के लिए सीएसएबी-एनईयूटी दौर जून 2025 में शुरू होगा। मानक सरकारी मानदंडों के अलावा, एनआईटी प्लस सिस्टम में यूजी प्रवेश के लिए सीट आवंटन जेईई (मेन) 2025 में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त रैंक के आधार पर होगा। सीएसएबी 2025 की पूरी प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों की सहायता के लिए एनआईटी राउरकेला स्थित सीएसएबी 2025 मुख्यालय में असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, तमिल और तेलुगु भाषाओं में एक बहुभाषी हेल्पडेस्क स्थापित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थियों की सहायता के लिए कुल 53 सहायता केन्द्र भी स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र सहायता प्रत्येक राज्य व केंद्र शासित प्रदेश में बनाए गए हैं। वहीं दिव्यांग उम्मीदवारों की सहायता के लिए एक समर्पित हेल्पडेस्क भी चालू किया जाएगा। इसके अलावा, दिव्यांग उम्मीदवारों की पहुँच बढ़ाने के लिए इमर्सिव रीडर फॉर्मेट में सहायता दस्तावेज जल्द ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
राष्ट्रीय समाचार
सीबीआई की कार्रवाई: मुंबई की कंपनी पर 93 करोड़ के बैंक फ्रॉड का केस दर्ज, कई ठिकानों पर छापेमारी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई की एक कंपनी के खिलाफ 93 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इसी के साथ केंद्रीय जांच एजेंसी ने कंपनी के कई ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया।
दरअसल, सीबीआई ने मुंबई की एक कंपनी के खिलाफ 93.44 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड का मामला दर्ज किया है और मुंबई में हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों से जुड़ी कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
इसे लेकर सीबीआई ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि यह मामला 30 सितंबर को पंजाब नेशनल बैंक, एसएएम ब्रांच, मुंबई की शिकायत पर दर्ज किया। यह केस हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड, उसके डायरेक्टरों और गारंटर, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अज्ञात प्राइवेट व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी की आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए दर्ज किया गया है।
इन अपराधों के कारण शिकायतकर्ता बैंक को लगभग 93.44 करोड़ रुपए का कथित गलत नुकसान हुआ। आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रची, अपनी संबंधित पार्टी के इनवॉइस पर 135 करोड़ रुपए का टर्म लोन लिया और उस पैसे को उन कामों में इस्तेमाल किया या दूसरी जगह भेज दिया, जिनके लिए मंजूरी नहीं मिली थी, जिससे बैंक को नुकसान हुआ।
सीबीआई की ओर से की गई तलाशी के दौरान जांच से जुड़े बैंक के जरूरी दस्तावेज और प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद और जब्त किए गए। वहीं, कंपनी की ओर से की गई साजिश की पूरी हद का पता लगाने, सरकारी कर्मचारियों और प्राइवेट व्यक्तियों सहित इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की पहचान करने और लोन के पैसे का आखिर में कहां इस्तेमाल हुआ, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
फ्लाईदुबई फ्लाइट में घायल पायलट कैप्टन स्मित की हालत में सुधार, भारत ने यूएई सरकार का जताया आभार

यूएई से इजरायल जा रहे अमीराती विमान फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 के कॉकपिट में बुधवार को हुई घटना में घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का यूएई में इलाज चल रहा है। यूएई में भारतीय दूतावास ने बताया कि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, ”भारतीय बहादुर कैप्टन स्मित का बेहतरीन इलाज चल रहा है और वे तेजी से ठीक हो रहे हैं। हम उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं और उनके जल्द ठीक होने में मदद कर रहे हैं। उनकी देखभाल के लिए हम यूएई सरकार का धन्यवाद करते हैं। हम भी उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने वालों के साथ शामिल हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट स्मित मच्छार से बात की थी। उन्होंने स्मित मच्छार से उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने कहा कि आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, बल्कि यात्रियों के जीवन की परवाह की। सबसे बड़ी बात यह है कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है।
पीएम मोदी ने स्मित मच्छार से कहा कि पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। महामृत्युंजय के जाप चल रहे हैं। आपकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ ने लोगों की जान बचाई है। आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले लोग नहीं है, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं।
स्मित ने पीएम मोदी से कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि आपसे मेरी बात होगी।” स्मित के भावुक होने पर पीएम मोदी ने कहा, “आपने इतना बड़ा काम किया है कि हर देशवासी और पूरी दुनिया के लोग आपको देखने, आपसे बात करने के लिए आतुर हैं। आपने सचमुच में पूरे देश का नाम रोशन किया है।”
पीएम मोदी ने कहा कि भारत आपका स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक है। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा (आप सभी की जान न बचाते) न करते तो पता नहीं, पूरे देश और भारत के पायलटों पर क्या-क्या बीतती। सभी पायलटों को किस तरह से देखा जाता। आपने सभी को बचा लिया है।”
इस दौरान पीएम मोदी ने सऊदी और यूएई सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सरकारों ने स्मित की बहुत देखभाल की। मैं उनका बहुत आभारी हूं।
फ्लाइट में हुए हादसे के दौरान कैप्टन स्मित ने बहादुरी और साहस का काम था। हमलावर साथी पायलट के हमले के बाद गर्दन और हाथों में गंभीर चोट लगने के बावजूद वह रेंगते हुए आगे बढ़े, कॉकपिट खोला और इजरायली लोगों को अंदर मौजूद आतंकवादी पर काबू पाने का मौका दिया।
राष्ट्रीय समाचार
एआईएमई 2026 में भारतीय नौसेना के जहाज सह्याद्रि और कुलिश की भागीदारी संपन्न

भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने फिलीपींस में आयोजित बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास एआईएमई 2026 में अपनी भागीदारी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस अभ्यास की थीम “भरोसे की नींव, समुद्र में एकजुट” यानी “विश्वास में जड़ें, समुद्र में एकजुट” थी।
एआईएमई 2026 के दौरान भारतीय नौसेना के जहाजों ने हार्बर और सी फेज में विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। अभ्यास का उद्देश्य पेशेवर संवाद, संचालन संबंधी समन्वय और समुद्री प्रशिक्षण के जरिए भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच सहयोग और आपसी तालमेल को मजबूत करना था।
अभ्यास के उद्घाटन समारोह के बाद हार्बर फेज आयोजित किया गया। इसमें प्रमुख अधिकारियों के बीच संवाद, खेल गतिविधियां, योग, सामुदायिक संपर्क और विशेषज्ञ स्तर पर विचार-विमर्श जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। इसके अलावा टेबल-टॉप एक्सरसाइज, ऑपरेशनल सिंक्रोनाइजेशन और प्री-सेल ब्रीफ के जरिए समुद्री चरण के लिए योजनाओं और तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
सी फेज के दौरान आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने विभिन्न समन्वित समुद्री अभ्यासों में हिस्सा लिया। इनमें मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर), विजिट-बोर्ड-सर्च-सीजर (वीबीएसएस) और अंडरवे रीप्लेनिशमेंट ड्रिल शामिल थीं।
इसके अलावा हेलीकॉप्टर से जुड़े अभ्यासों में क्रॉस-डेक लैंडिंग, वर्टिकल रीप्लेनिशमेंट और केसवैक (घायल या बीमार लोगों को चिकित्सा निकासी) ड्रिल भी की गईं। इन गतिविधियों के जरिए भाग लेने वाली समुद्री सेनाओं के बीच संचालन संबंधी समन्वय और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिला।
एआईएमई 2026 के हार्बर और सी फेज ने भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने के साथ समुद्री सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाया। इससे प्रभावी समुद्री साझेदारी को और मजबूती मिली।
आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश की इस भागीदारी ने भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर के विजन के अनुरूप साझेदार समुद्री सेनाओं के साथ निरंतर सहयोग और जुड़ाव के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
