अपराध
एनसीबी ने अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया, 8 आरोपी गिरफ्तार
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शनिवार को कहा कि उसने डार्कनेट पर चल रहे एक मादक पदार्थ तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। एनसीबी ने इस संबंध में कारोबार में शामिल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
एनसीबी के एक अधिकारी ने कहा कि सिंडिकेट मल्टी क्रिप्टोकरंसी के इस्तेमाल से अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में ड्रग्स की आपूर्ति कर रहा था।
एनसीबी के उप निदेशक के.पी एस. मल्होत्रा ने कहा कि ड्रग्स कानून प्रवर्तन एजेंसी ने विशेष रूप से डार्कनेट और इंटरनेट फार्मेसी रूट का उपयोग करने वाले साइकोट्रोपिक ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया।
उन्होंने कहा कि एजेंसी ने 22 लाख साइकोट्रोपिक ड्रग्स, 70,000 कोडीन बेस्ड कफ सिरप (सीबीसीएस) और 245 किलोग्राम साइकोट्रोपिक ड्रग्स और आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
अधिकारी ने कहा कि सिंडिकेट नौ वेबसाइटों का संचालन कर रहा था, जो भारत के बाहर भौगोलिक क्षेत्र में पंजीकृत हैं।
अधिकारी ने कहा कि एजेंसी ने दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तलाशी ली।
सिंडिकेट के तौर-तरीकों के बारे में बताते हुए, मल्होत्रा ने कहा, इस मॉड्यूल में डार्कनेट मार्केट होस्ट, बनाई गई वेबसाइटों, इंटरनेट फार्मेसी के माध्यम से ऑर्डर प्राप्त करने का एक तरीका है और इसे समर्पित शिपर्स के माध्यम से वितरित किया जाता था, ताकि रिसीवर और ऑर्डर वाले व्यक्ति के बीच गुमनामी बनी रहे।
एनसीबी के अधिकारी ने कहा कि अब तक की जांच विशिष्ट इनपुट पर आधारित थी कि एक तस्करी नेटवर्क भारत से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में साइकोट्रोपिक ड्रग्स के निर्यात में शामिल है। इसमें से कुछ खेप जब्त की गई है।
उन्होंने कहा, जांच के दौरान यह पाया गया कि शिपर मुख्य रूप से दिल्ली एनसीआर में हैं और फर्जी पहचान का उपयोग कर रहे हैं। बैकट्रैक जांच के आधार पर, आगरा निवासी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
मल्होत्रा ने कहा कि पूछताछ के दौरान अग्रवाल ने खुलासा किया कि वह आगरा के एक सप्लायर से ड्रग्स की आपूर्ति करता है।
उन्होंने कहा कि सिंडिकेट भारत में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फैला हुआ है और अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और फिलीपींस तक इसका जाल बिछा हुआ है।
अधिकारी ने बताया कि खेप का गंतव्य मुख्य रूप से अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप और अन्य देशों के लिए था।
भुगतान पद्धति पर प्रकाश डालते हुए, अधिकारी ने कहा कि उपयोग की जाने वाली मुद्रा की बात करें तो क्रिप्टोकरंसी और बिटकॉइन का लेनदेन इनके इस गोरखधंधे में प्रमुख हिस्सा था।
उन्होंने आगे कहा कि भारत से बाहर के बैंक खातों की जांच की जा रही है।
अधिकारी ने बताया कि कुल 37 बरामदगी हुई है, जिसमें 22 लाख साइकोट्रोपिक टैबलेट जैसे ट्रामाडोल और 245 किलोग्राम साइकोट्रोपिक ड्रग्स जब्त की गई हैं।
इस नेटवर्क में शामिल हरिद्वार स्थित एक दवा निर्माण कंपनी का भंडाफोड़ हो चुका है।
अधिकारी ने आगे कहा कि प्रतिबंधित पदार्थों को छिपाने और लेकर जाने लिए हर्बल सप्लीमेंट पैकेज का इस्तेमाल किया जाता था।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल फोरेंसिक ने इस मॉड्यूल द्वारा पहले ही भेजे गए 1 लाख रुपये के ऑर्डर को भी उजागर किया है।
अपराध
महाराष्ट्र विधानसभा के फर्जी एंट्री पास मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

CRIME
मुंबई, 27 मार्च : महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान फर्जी एंट्री पास बनाए जाने का मामला सामने आया है। मुंबई की मरीन ड्राइव पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मंत्रालय में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र में विधानसभा सत्र के दौरान एंट्री के लिए नकली पास बनाने की बात सामने आई थी। इस मुद्दे को राज्य सरकार में मंत्री उदय सामंत ने भी उठाया था। मुंबई पुलिस ने बताया कि इस मामले में जांच के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ मंत्रालय में काम करने वाले कर्मचारी हैं।
मरीन ड्राइव पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों की पहचान केशव गुंजल (53), गणपत भाऊ जावले (50), नागेश शिवाजी पाटिल (42), मनोज आनंद मोरबले (40) और स्वप्निल रमेश तायडे (40) के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी कि आरोपी दत्तात्रय गुंजाल को पास दिया गया था। उस पर कथित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय सलाहकार लिखा था। विधानभवन पुलिस को इस पास पर शक हुआ और उसके बाद पूछताछ शुरू की गई। इसके बाद विधानभवन पुलिस की जांच में पूरा मामला खुलकर सामने आया। एक शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए मामले में कुछ अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि इसमें अभी तक कहीं भी पैसे के लेन-देन की बात सामने नहीं आई है, लेकिन मरीन ड्राइव पुलिस आगे की जांच कर रही है।
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र 25 मार्च को संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 6 मार्च को सदन में बजट पेश किया।
अपराध
मुंबई अपराध: वर्सोवा में 21 वर्षीय महिला ने जबरदस्ती अपनी सहेली के बाल काटे, बॉयफ्रेंड से झगड़े के बाद घटना का वीडियो बनाया; 3 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज;

मुंबई, 26 मार्च: एक 21 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर अपनी 20 वर्षीय सहेली के बाल जबरदस्ती काट दिए और इस घटना का वीडियो भी बना लिया। बताया जाता है कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसके प्रेमी ने उसकी सहेली के बालों की तारीफ की थी। यह घटना 25 मार्च को अंधेरी पश्चिम के वर्सोवा में घटी। वर्सोवा पुलिस ने उसी दिन तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता वर्सोवा, अंधेरी पश्चिम की निवासी और छात्रा है। एक साझा मित्र के माध्यम से उसकी मुलाकात 21 वर्षीय लड़की और उसके प्रेमी से हुई। लड़का इंस्टाग्राम के जरिए शिकायतकर्ता से चैट करता था।
उसकी प्रेमिका से बातचीत के दौरान, उसने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के बालों की प्रशंसा की और उससे मिलने की इच्छा व्यक्त की। हालांकि, शिकायतकर्ता और लड़का केवल दोस्त थे और उनके बीच कोई रोमांटिक रिश्ता नहीं था।
7 मार्च को आरोपी लड़की शिकायतकर्ता के घर गई और उसका मोबाइल फोन चेक किया। उसे शिकायतकर्ता और उसके प्रेमी के बीच कोई आपत्तिजनक बातचीत नहीं मिली। इसके बाद उसने शिकायतकर्ता को धन्यवाद दिया और चली गई।
25 मार्च को शिकायतकर्ता अपनी नौकरानी के साथ घर पर थी। नौकरानी अपने कमरे में सो रही थी। रात करीब 12:30 बजे दरवाजे की घंटी बजी। शिकायतकर्ता ने सोचा कि शायद आइसक्रीम डिलीवरी वाले आए होंगे। लेकिन दरवाजा खोलते ही उसने आरोपी लड़की को अपनी दो सहेलियों के साथ गलियारे में खड़ा पाया।
आरोपी लड़की ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को उसके फ्लैट से बाहर खींच लिया और कैंची से उसके बाल काटने लगी, जबकि उसकी दो सहेलियों ने इस घटना को रिकॉर्ड किया।
जब शिकायतकर्ता ने विरोध किया, तो लैबा ने कहा, “बाल, बाल, बाल नहीं,” और कथित तौर पर वीडियो को वायरल करने की धमकी दी। आरोपी ने उससे कहा कि वह जो चाहे करे, कटे हुए कुछ बाल अपने साथ ले गई और इमारत से चली गई।
अपनी शिकायत में उसने कहा, “उसकी सहेली और उसकी दो सहेलियाँ गैरकानूनी रूप से इमारत में घुस गईं और घंटी बजाई। उसे गलतफहमी हो गई कि मैं उसके प्रेमी के साथ रिश्ते में हूँ, और उसने मेरे बाल काट दिए।”
पीड़िता ने बाद में अपनी सहेली और उसके दो दोस्तों के खिलाफ वर्सोवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। वर्सोवा पुलिस ने बताया कि इस घटना में शामिल लोग सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए जाने जाते हैं, और वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह कृत्य कोई स्टंट था या किसी अन्य इरादे से किया गया था।
वर्सोवा पुलिस ने लैबा और उसके दो अज्ञात दोस्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 329(3) और 329(4) (आपराधिक अतिचार और घर में घुसपैठ), 351(2) (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 3(5) (सामान्य स्पष्टीकरण) के तहत एफआईआर दर्ज की।
अपराध
राजस्थान से पाकिस्तानी जासूस आकाशदीप गिरफ्तार, सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान भेजता था फोटो और वीडियो

श्रीगंगानगर, 27 मार्च : राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक लंबे समय से पाकिस्तान स्थित आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था।
थाना प्रभारी गुरमेल सिंह बराड़ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाशदीप (19) पुत्र पीरा सिंह, के रूप में हुई है, जो केसरीसिंहपुर का निवासी है और वर्तमान में चक केरा में रह रहा था। आरोपी आकाशदीप लंबे समय से पाकिस्तान स्थित आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था। वह इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार उससे बातचीत कर रहा था।
उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने आतंकी के निर्देश पर कई संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले स्थानों की रेकी की और उनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजता था और उसके एवज में राशि लिया करता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रियलमी कंपनी का एक मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें संदिग्ध गतिविधियों के कई सबूत मिले हैं। मोबाइल की जांच में पाया गया कि आरोपी की इंस्टाग्राम आईडी थी। आरोपी आकाशदीप आईडी के जरिए भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच वॉइस चैट और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा था। साथ ही, +92 कोड वाले नंबरों पर जानकारी साझा करने के प्रमाण भी मिले हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से आतंकी शहजाद भट्टी के साथ अपनी फर्जी तस्वीरें तैयार कीं और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। व्हाट्सएप चैट में भी आरोपी की ओर से पाकिस्तान के नंबर पर संपर्क करने और जवाब मिलने के संकेत मिले हैं।
पूछताछ के दौरान आकाशदीप ने स्वीकार किया कि उसने आतंकी के कहने पर पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के अंबाला समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी की थी। उसने इन स्थानों के वीडियो बनाकर व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान भेजे और वहां तक पहुंचने के रास्तों की जानकारी भी साझा की।
पुलिस को संदेह है कि आरोपी के तार अंबाला में बरामद आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री से भी जुड़े हो सकते हैं, जिन्हें ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भारत भेजा गया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
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