महाराष्ट्र
नवाब मलिक का NCB पर बड़ा आरोप, कहा फर्जी है NCB की क्रूज पर ड्रग्स छापेमारी

क्रूज ड्रग्स मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान सहित करीब एक दर्जन लोगों की गिरफ्तारी पर एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और उसके जोनल मैनेजर समीर वानखेडे को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है..मुंबई में एनसीपी प्रदेश कार्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेस में नवाब मलिक ने कहा कि एनसीबी सिर्फ बॉलीवुड को बदनाम कर रही है..शाहरूख खान के बेटे की गिरफ्तारी पूरी तरह से फर्जी है…
नवाब मलिक ने एनसीबी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि आर्यन को गिरफ्तार कर ले जाने वाला शख्स, जिसे पहले एनसीबी अधिकारी बताया जा रहा था दरअसल वो बीजेपी का कार्यकर्ता है..उसके पीएम मोदी,गृहमंत्री अमित शाह, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ तस्वीरें इस बात की गवाह है कि उसका इन सबके साथ संबंध है..अगर केपी गोसावी एनसीबी अधिकारी नहीं है..तो एक बीजेपी का नेता आर्यन खान को कैसे गिरफ्तार कर सकता है…इसका जवाब एनसीबी को देना चाहिए कि किस हैसियत से केपी गोसावी ने शाहरूख खान के बेटे को गिरफ्तार किया है..
दूसरा अरबाज मर्चेंट को गिरफ्तार करने वाला भी कोई एनसीबी अधिकारी नहीं है बल्कि वह भी बीजेपी का उपाध्यक्ष है..जो हाल ही में दिल्ली और गुजरात के कई बीजेपी नेताओं से मिला और उसके बाद 2 अक्टूबर को वो मुंबई आ गया..फिर 3 अक्टूबर को इस बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है…ये दूसरा शख्स मनीष भानुशाली है…इसका भी जवाब बीजेपी और एनसीबी को देना चाहिए कि इतने बड़े ड्रग्स रैकेट के ऑपरेशन में ये दोनों बीजेपी के कार्यकर्ता क्या कर रहे थे…क्या ये क्रूज पर छापेमारी दिल्ली या बीजेपी के नेताओं के इशारे पर वसूली के लिए हुई है…
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने ड्रग्स की बरामदगी पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब कोई सामान छापेमारी में सीज किया जाता है तो वो स्पॉट पर ही पंचनामा बनाया जाता है..लेकिन एनसीबी ने ड्रग्स की बरामदगी की जो तस्वीरे मीडिया को मुहैया करवाई, वो एनसीबी के जोनल डायरेक्टर के केबिन से खींची गई तस्वीरें हैं..ऐसे में साबित होता है कि ये पूरा का पूरा ऑपरेशन फर्जी है..और इसका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ राज्य सरकार और बॉलीवुड को बदनाम करने के लिए किया गया है..इसका जवाब एनसीबी को जरूर देना चाहिए….
मलिक ने कहा कि भानुशाली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस, वर्तमान और पूर्व केंद्रीय और राज्य मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें पोस्ट की थीं।
उन्होंने मांग की, “भाजपा और एनसीबी को स्पष्ट होना चाहिए कि ये दो व्यक्ति कौन हैं और उन्हें तथाकथित जहाज छापे में क्यों देखा गया था। ये दोनों व्यक्ति फर्जी हैं और एनसीबी की छापेमारी केवल प्रचार को हथियाने के लिए एक धोखाधड़ी थी। उन दोनों के साथ भाजपा के कनेक्शन क्या हैं।”
मलिक ने दोहराया कि सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद से पिछले एक साल से एनसीबी केवल हाई-प्रोफाइल फिल्मी हस्तियों को निशाना बना रहा है, छापेमारी की जा रही है, प्रचार पर नजर रखी जा रही है, महाविकास अघाड़ी सरकार को बदनाम किया जा रहा है और बॉलीवुड के लोगों के मन में डर पैदा किया जा रहा है।
जवाब में, परिषद में भाजपा के नेता प्रतिपक्ष प्रवीण दरेकर ने मलिक की दलीलों का तुरंत खंडन किया और कहा कि वह हताशा में आरोप लगा रहे थे, क्योंकि उनके दामाद समीर खान को जनवरी 2021 में एनसीबी ने पकड़ लिया था।
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने इस पर कहा कि नवाब मलिक ने जो आरोप किये वो गंभीर हैं.. जिन बीजेपी पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप है उन्हें एनसीबी ने किस आधार पर क्रूज़ रेड मामले में शामिल किया.. उनके गाड़ियों पर पुलिस के टैग लगे किस आधार पर ? राज्य सरकार अपने स्तर पर इस मामले की जांच करें। देश के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ये गंभीर मामला है देश के साथ बहुत बड़ा धोखा और षड्यंत्र होने जा रहा है।
महाराष्ट्र
वक्फ संपत्तियों पर भूमि माफिया के खिलाफ संघर्ष : नया संशोधित बिल चुनौतियां बढ़ा रहा है

नई दिल्ली : वक्फ संपत्तियों की रक्षा करने और उनके लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने की लड़ाई पहले से ही भूमि माफिया, अतिक्रमणकारियों और अवैध समूहों के कारण कठिन थी। अब सरकार द्वारा पेश किया गया नया संशोधित बिल इस संघर्ष में एक और बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। एडवोकेट डॉ. सैयद एजाज अब्बास नक़वी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और तुरंत सुधारों की मांग की है। उन्होंने कहा कि वक्फ का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाना था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह उद्देश्य पूरी तरह असफल हो गया है। दूसरी ओर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), जो सिख समुदाय की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था है, दशकों से अपने समुदाय के कल्याण में सक्रिय रूप से लगी हुई है। इसके परिणामस्वरूप, सिख समाज में भिखारियों और मानव रिक्शा चालकों की संख्या लगभग समाप्त हो गई है।
वक्फ भूमि पर अवैध कब्जे और दुरुपयोग उजागर :
डॉ. नक़वी के अनुसार, वक्फ संपत्तियों को सबसे अधिक नुकसान स्वार्थी समूहों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमणों से हुआ है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि कई वक्फ संपत्तियां मूल रूप से सैयद परिवारों की दरगाहों के लिए दान की गई थीं, लेकिन उनका भारी दुरुपयोग किया गया। उन्होंने खुलासा किया कि एक प्रसिद्ध व्यक्ति ने मुंबई के ऑल्टामाउंट रोड पर स्थित एक एकड़ प्रमुख वक्फ भूमि को मात्र 16 लाख रुपये में बेच दिया, जो वक्फ के सिद्धांतों और कानूनों का खुला उल्लंघन है।
धारा 52 में सख्त संशोधन की मांग :
डॉ. नक़वी ने सरकार से वक्फ संपत्तियों को अवैध रूप से बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने वक्फ अधिनियम की धारा 52 में तत्काल संशोधन कर मृत्युदंड या आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा का प्रावधान करने की मांग की है। यह मुद्दा उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका है जो वक्फ संपत्तियों की रक्षा के लिए पहले से ही भ्रष्ट तत्वों और अवैध कब्जाधारियों से लड़ रहे हैं। यह देखना बाकी है कि क्या सरकार इन चिंताओं को गंभीरता से लेती है और वक्फ भूमि की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून लागू करती है।
महाराष्ट्र
मुंबई क्लीनअप मार्शल और स्वच्छ मुंबई अभियान समाप्त, नागरिकों से जुर्माना वसूली पर भी रोक, बीएमसी हेल्पलाइन नंबर जारी

मुंबई: मुंबई बीएमसी ने क्लीन-अप मार्शल नीति को खत्म कर दिया है, जिसके बाद अब शहर की सड़कों से क्लीन-अप मार्शल का नामोनिशान मिट गया है। महानगरपालिका ने क्लीन-अप मार्शल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है और स्वच्छ मुंबई मिशन को बंद कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी क्लीन-अप मार्शल नागरिकों को जुर्माना भरने या कोई अन्य दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा। क्लीन-अप मार्शल के खिलाफ शिकायत के बाद मुंबई बीएमसी ने आज से क्लीन-अप मार्शल की सेवा बंद करने और स्थगित करने का फैसला किया है।
मुंबई महानगरपालिका का ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग, कचरा और स्वच्छता विभाग के अंतर्गत, मुंबई में सार्वजनिक स्वच्छता की देखरेख करता है और ‘स्वच्छ मुंबई मिशन’ को 4 अप्रैल, 2025 से बंद कर दिया गया है। हालांकि, महानगरपालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अगर इसके बावजूद उन पर कोई जुर्माना लगाया गया है, तो वे इसकी शिकायत कर सकते हैं। क्लीनअप मार्शल के बारे में शिकायत मुंबई नगर निगम के डिवीजनल कंट्रोल रूम में 022-23855128 और 022-23877691 (एक्सटेंशन नंबर 549/500) पर की जा सकती है।
महाराष्ट्र
न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक गबन के आरोपियों की संपत्ति जब्त

मुंबई: न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक से करोड़ों रुपये के गबन के मामले में मुंबई आर्थिक शाखा (ईओडब्ल्यू) ने भी संपत्ति जब्ती की कार्यवाही शुरू कर दी है। ईओडब्ल्यू ने बताया कि गबन की रकम से प्राप्त संपत्तियों की पहचान करने के बाद उसे कुर्क कर जब्त कर लिया गया है। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और इन आरोपियों की 21 अचल संपत्तियां पाई गई हैं, जिन्हें कुर्क करने की अनुमति दी गई है।
मुंबई शहर में 107 बीएनएसएस के तहत यह पहली कार्रवाई है जिसमें आरोपियों की संपत्ति जब्त की गई है। मुंबई एओडब्ल्यू ने कहा कि जब्त संपत्तियों से बरामद राशि का भी अनुमान लगाया जाएगा। मुंबई में हुए बैंक घोटाले के बाद ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है और आरोपियों की अन्य संपत्तियों का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है।
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