राष्ट्रीय समाचार
नालासोपारा : 41 अवैध इमारतों को किया जा रहा ध्वस्त
नालासोपारा, 3 फरवरी। मुंबई के नालासोपारा के अग्रवाल नगरी क्षेत्र में डंपिंग ग्राउंड और एसटीपी प्लांट के लिए आरक्षित भूमि पर बनी 41 अवैध इमारतों के खिलाफ वसई विरार शहर महानगरपालिका तोड़फोड़ की कार्रवाई कर रही है। अब तक इस कार्रवाई के तहत 12 इमारतों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि 29 को तोड़ा जाना बाकी है। इन इमारतों में रहने वाले लोग इसे खाली कर रहे हैं। इसके बाद इन इमारतों को ढहाया जाएगा।
अवैध इमारतों में रहने वाले लोग इसे छोड़कर जाते समय रोते हुए भी नजर आए। कुछ इमारतों में महावितरण विभाग का बिजली मीटर भी लगा हुआ है, जिससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि इन इमारतों में बिजली की आपूर्ति की जा रही थी।
महानगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और जो भी लोग इन इलाकों में रहते हैं, उन्हें अपनी संपत्ति खाली करने की सलाह दी गई है। यह कार्रवाई शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, 23 जनवरी से इस कार्रवाई की शुरुआत की गई थी। अब तक इस कार्रवाई में 41 अवैध इमारतों में से 12 इमारतों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि बाकी इमारतों पर कार्रवाई जारी है। नालासोपारा की रितु पैलेस इमारत के लोग अपने घर खाली करने में जुटे हैं।
इससे पहले भी 27 जनवरी को महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा पूर्व स्थित अग्रवाल नगरी के लक्ष्मी नगर में डंपिंग ग्राउंड और एसटीपी प्लांट के लिए आरक्षित जमीन पर बनी 41 अवैध इमारतों के खिलाफ वसई विरार शहर महानगरपालिका की ‘ध्वस्तीकरण कार्रवाई’ की गई थी उस दौरान अपने आशियाने को खोने का दर्द लोगों ने मीडिया से साझा भी किया था।
यहां रहने वाले एक शख्स प्रकाश भक्ति ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि मैं यहां 15 सालों से रह रहा हूं, लेकिन अब प्रशासन कह रहा है कि आप लोग मकान खाली करो, यह अवैध है और हम इसे तोड़ेंगे। अब हम लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि हम कहां जाएं।
राजनीति
विदेश मंत्री जयशंकर मंगोलिया और दक्षिण कोरिया का करेंगे दौरा, रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को देंगे बढ़ावा

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर 22 से 25 जून तक मंगोलिया और कोरिया गणराज्य की आधिकारिक यात्रा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत की द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के साथ ही रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है।
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इस दौरे की घोषणा करते हुए कहा कि जयशंकर 24 और 25 जून को दक्षिण कोरिया जाने से पहले 22 और 23 जून को मंगोलिया जाएंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “विदेश मंत्री 22 और 23 जून को मंगोलिया जाएंगे। इस दौरे के दौरान वह मंगोलिया के शीर्ष नेतृत्व से मिलेंगे और अपने समकक्ष विदेश मंत्री बी बत्त्सेत्सेग के साथ चर्चा करेंगे।”
बयान में आगे कहा गया, “विदेश मंत्री 24 और 25 जून को दक्षिण कोरिया का दौरा करेंगे। इस दौरे के दौरान जयशंकर दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्युन के साथ बातचीत करेंगे। वह 25 जून को जेजू में जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी में मुख्य भाषण भी देंगे।”
मंगोलिया दौरे पर दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग की समीक्षा करने और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान देने की उम्मीद है।
भारत और मंगोलिया सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और लोकतांत्रिक मूल्यों में निहित घनिष्ठ संबंध साझा करते हैं। भारत और मंगोलिया ने 24 दिसंबर 1955 को राजनयिक संबंध स्थापित किए। मंगोलिया ने अगले वर्ष नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला जबकि भारत ने 22 फरवरी 1971 को उलानबटार में अपना रेजिडेंट मिशन खोला। भारत की पहल से राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के स्थिर विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ।
यह यात्रा 13 अक्टूबर 2025 को मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना की भारत यात्रा के दौरान जयशंकर से मुलाकात के कुछ महीनों बाद हो रही है। इस बातचीत को द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पहले अप्रैल 2026 में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति लीजे म्युंग ने भारत का दौरा किया था। इसके बाद अब डॉ. एस जयशंकर के दौरे पर भारत-रिपब्लिक ऑफ कोरिया द्वारा संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण के रोड मैप को आगे बढ़ाने पर बातचीत होने की उम्मीद है।
बातचीत का फोकस सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जरूरी मिनरल और नई तकनीकी में सहयोग होने की उम्मीद है।
दोनों पक्षों के बीच सप्लाई चेन की मजबूती को बल देने, रक्षा सहयोग बढ़ाने और भारत-कोरिया व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) के तहत हुई प्रगति का आकलन करने की कोशिशों की समीक्षा करने की भी उम्मीद है।
इस दौरे से भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। साथ ही, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुख्य साझेदारों के साथ भारत के जुड़ाव को भी मजबूती मिलेगी।
राजनीति
पंजाब की महिलाओं को 1 जुलाई को मिलेंगे तीन महीने के पैसे, अरविंद केजरीवाल के दावे पर कांग्रेस ने घेरा

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत पंजाब की महिलाओं को 1 जुलाई को सम्मान राशि के पैसे मिलेंगे। वहीं, कांग्रेस के नेता अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस योजना को लेकर सवाल उठाया है।
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, “पंजाब की सभी मां, बहनों और बेटियों को बहुत-बहुत बधाई। 1 जुलाई को उनके खाते में तीन महीने के पैसे एक साथ आयेंगे। हर सामान्य वर्ग की महिला को तीन हजार और हर अनुसूचित जाति की महिला को 4500 रुपए मिलेंगे। एक परिवार में यदि एक से अधिक महिला हैं तो हर महिला को ये सम्मान राशि मिलेगी। पूरी दुनिया का ये सबसे बड़ा महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम है।”
कांग्रेस के नेता अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने एक्स पर पोस्ट किया है, “1 जुलाई में बस आठ दिन बचे हैं। क्या पंजाब की महिलाओं को पिछले 51 महीनों के बकाया 51,000 रुपये मिलेंगे? बात 3,000 रुपये की नहीं है। बात उन 51,000 की है, जिनका वादा पंजाब की हर पात्र महिला से आप सरकार के सत्ता में आने पर किया गया था। विज्ञापन और प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन पंजाब की महिलाएं अभी भी 2022 में किए गए वादे के पूरा होने का इंतज़ार कर रही हैं। 3,000 रुपये देकर गुमराह न करें। बकाया पूरे 51,000 रुपये का भुगतान करें। पंजाब की महिलाएं जवाबदेही की हकदार हैं, बहाने की नहीं।”
गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत सम्मान राशि का ऐलान किया है। इस योजना के माध्यम से राज्य की सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 1,500 प्रति माह दिए जाएंगे। इसकी पहली किस्त के रूप में महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तीन महीने (अप्रैल, मई और जून) का एक साथ पैसा 1 जुलाई को ट्रांसफर किया जाएगा।
राजनीति
ब्राह्मणों का बसपा की ओर बढ़ता रुझान, सपा की बढ़ी बेचैनी : मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने कहा उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच ब्राह्मण समाज सहित अन्य सवर्ण वर्गों का रुझान तेजी से बसपा की ओर बढ़ रहा है, जिससे विरोधी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि 2007 की तरह इस बार भी ब्राह्मण समाज के सहयोग से बसपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच सकती है, क्योंकि सवर्ण समाज को बसपा की नीतियों और नेतृत्व पर सबसे अधिक भरोसा है।
बसपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर जब से सवर्ण समाज और उसमें से खासकर ब्राह्मण समाज को उनके बीएसपी में जुड़ने को ध्यान में रखकर, पार्टी का उम्मीदवार बनाना शुरू कर दिया है, तबसे सभी विरोधी पार्टियों में खासकर समाजवादी पार्टी में नींद उड़ा देने वाली बेचैनी देखने को मिल रही है। यह वर्ष 2007 की तरह ब्राह्मण समाज के योगदान से बीएसपी को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जैसा ही इस बार के आगामी चुनाव परिणाम के रिपीट होने की संभावना के तहत स्वाभाविक ही प्रतीत होता है।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि वैसे भी यह सर्वविदित है कि यूपी जैसे विशाल आबादी वाले प्रदेश में अपरकास्ट में से खासकर ’ब्राह्मण समाज का हित बीएसपी में ही सुरक्षित है’। बसपा की ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त, नीयत व नीति को बहुजन समाज पार्टी ने पहले पार्टी स्तर पर अमल करके और फिर सरकार बनने पर भी उन्हें भरपूर आदर-सम्मान के साथ-साथ उन्हें हर स्तर पर पूरी-पूरी भागीदारी देकर यह साबित भी कर दिया है जबकि दूसरी पार्टियों की सरकारों में इस वर्ग के लोग पिछले काफी समय से अपने आपको काफी उपेक्षित, असुरक्षित व ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि इतना ही नहीं बल्कि ’ब्राह्मण समाज द्वारा सामाजिक भाईचारा के आधार पर बीएसपी से जुड़ने की इनकी तैयारियों को ध्यान में रखकर इन्हें पार्टी उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया जारी है तथा इन्हें बीएसपी की आयरन लेडी नेतृत्व पर यकीन भी है कि बीएसपी की सरकार बनने पर उन्हें पहले की तरह ही हर स्तर पर भरपूर आदर-सम्मान ज़रूर दिया जायेगा, जो कि इनकी वास्तविक चिंता व दूसरी पार्टियों से मुंह मोड़ने का कारण है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अपरकास्ट में से क्षत्रिय, वैश्य आदि व अन्य समाज के लोगों को भी उनकी बीएसपी से जुड़ने की तैयारी अर्थात् ’जिसकी जितनी तैयारी उसकी उतनी भागीदारी’ के आधार पर चुनाव में उम्मीदवार भी जरूर बनाया जायेगा, जिसकी तैयारी हर स्तर पर लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि बीएसपी दूसरी पार्टियों की तरह कुछ लोगों को ’लॉलीपाप’ थमाने की संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति नहीं करती है बल्कि पूरे समाज के हित व कल्याण की चिन्ता करना अपना संवैधानिक कर्तव्य समझती है। इसलिए भी बीएसपी की नीति व कार्यक्रम जनहित व जनकल्याण तथा अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था के मामले में भी देश व जनहित में बेहतरीन होते हैं।
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