अपराध
नागपुर हिंसा: एआईएमआईएम नेताओं ने भाजपा पर ‘नफरत फैलाने’ का आरोप लगाया, अशांति की निंदा की; सख्त कार्रवाई की मांग की
नागपुर: एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने नागपुर में हुई हालिया हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, “हम नागपुर में हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। सरकार को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।”
पठान ने भाजपा की आलोचना करते हुए पार्टी के कुछ सदस्यों पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हमने लगातार नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। असली मुद्दों को संबोधित करने के बजाय, भाजपा 400 साल पुराने औरंगजेब के मुद्दे को उठाकर लोगों का ध्यान भटका रही है।”
एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील ने की शांति की अपील
एआईएमआईएम महाराष्ट्र के अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने भी नागरिकों से शांति बनाए रखने का आग्रह करते हुए इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “किसी भी कीमत पर, चाहे कुछ भी हो जाए, हमें ‘शांति’ बनाए रखनी है। आइए हम राजनेताओं और मीडिया के गंदे खेल का शिकार न बनें। आइए इस समय एकजुट हों।”
संभाजीनगर में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिंसा भड़क उठी, जिसके कारण नागपुर में दो समूहों के बीच झड़पें हुईं। इस हिंसा में पत्थरबाजी और आगजनी शामिल थी, जिसके बाद अधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्थिति पर करीब से नज़र रख रहे हैं और उन्होंने पुलिस कमिश्नर को हिंसा भड़काने के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। एक वीडियो बयान में सीएम फडणवीस ने घटना की निंदा करते हुए इसे “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया।
उन्होंने कहा, “नागपुर के महल क्षेत्र में तनाव अत्यंत खेदजनक है। कुछ लोगों ने पथराव किया, यहां तक कि पुलिस को भी निशाना बनाया, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है। मैं व्यक्तिगत रूप से घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहा हूं।”
फडणवीस ने पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाने का आदेश दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी और अधिकारियों को दंगाइयों के खिलाफ़ सख्त से सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है।
शांति की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “नागपुर शांतिप्रिय लोगों का शहर है। सौहार्द सुनिश्चित करने के लिए सभी को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। अशांति पैदा करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।”
आगजनी और झड़प के लिए 50 लोग गिरफ्तार
सोमवार देर रात मध्य नागपुर में हिंसक झड़पों के बाद कम से कम 50 लोगों को गिरफ़्तार किया गया। इस हिंसा में दर्जनों लोग घायल हुए, जिनमें 10 दंगा-रोधी कमांडो, दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और दो अग्निशमन कर्मी शामिल हैं। एक कांस्टेबल की हालत गंभीर बनी हुई है। भीड़ ने दो बुलडोजर और पुलिस वैन समेत 40 वाहनों में आग लगा दी, जबकि अधिकारी नियंत्रण पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
नागपुर पुलिस आयुक्त रविंदर सिंघल ने 1,000 से अधिक अधिकारियों को तैनात किया और महल, चिटनिस पार्क चौक और भालदारपुरा में निषेधाज्ञा लागू की, जो उच्च जोखिम वाले क्षेत्र माने जाते हैं। प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई, और आगे की हिंसा को रोकने के लिए अतिरिक्त बल और खुफिया टीमें जुटाई गईं। प्रशासन ने आगे की हिंसा को रोकने के लिए पूरे शहर में सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया है।
अपराध
पंजाब : अमृतसर में 10 किलो हेरोइन और 10 अवैध पिस्तौल के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले दो नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इसके साथ ही 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 10 किलो हेरोइन व 10 अवैध पिस्तौलें बरामद की हैं। यह जानकारी पंजाब पुलिस के महानिदेशक के सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर शुक्रवार को दो गई।
डीजीपी के मुताबिक, शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे तस्करों से जुड़े हैं और अवैध हथियार व नशीले पदार्थ हासिल करने में शामिल हैं। अमृतसर के थाना घरिंडा में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पूरे नेटवर्क का पता लगाने और इसके पीछे और आगे के कनेक्शन का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
पंजाब पुलिस लगातार इस तरह के गिरोहों पर कार्रवाई कर रही है। सीमा से सटे जिलों में पुलिस हथियारों और ड्रग्स के साथ आरोपी लगातार पकड़े जा रहे हैं।
डीजीपी ने गुरुवार को एक्स पोस्ट के जरिए बताया था, “गुरदासपुर पुलिस ने हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से सात पिस्तौल (जिनमें एक ग्लॉक और छह .30 कैलिबर की पिस्तौलें शामिल हैं) और आठ मैगजीन बरामद की हैं।”
डीजीपी ने बताया, “शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों के दुबई में मौजूद एक व्यक्ति से ‘बैकवर्ड लिंकेज’ (पीछे के संपर्क) और अमेरिका में मौजूद एक व्यक्ति से ‘फॉरवर्ड लिंकेज’ (आगे के संपर्क) थे। माना जा रहा है कि इन्हीं लोगों ने उन्हें अवैध हथियार इकट्ठा करने के निर्देश दिए थे। कलानौर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है।”
डीजीपी ने दोहराया कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने तथा पंजाब को एक सुरक्षित और नशामुक्त राज्य बनाने के अपने संकल्प पर पंजाब पुलिस अडिग है।
अपराध
असम पुलिस ने 60 लाख रुपए की नशीली टैबलेट जब्त कीं, दो गिरफ्तार

असम पुलिस ने हैलाकांडी जिले में लगभग 60 लाख रुपए मूल्य की संदिग्ध नशीली टैबलेट की एक बड़ी खेप जब्त की है और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह कार्रवाई जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध परिवहन के खिलाफ तेज की गई मुहिम के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान 816.9 ग्राम संदिग्ध याबा टैबलेट बरामद कीं। इस जब्ती के सिलसिले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान बहारुल आलम मजूमदार और चायेक हुसैन लस्कर के रूप में हुई।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस द्वारा रोके जाने और उनके पास से प्रतिबंधित सामान बरामद होने के बाद आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की ओर से आरोपियों को रोककर उनके पास से प्रतिबंधित सामग्री बरामद करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
जब्त की गई टैबलेट के याबा होने का संदेह है, जो मेथम्फेटामाइन और कैफीन वाली एक सिंथेटिक ड्रग है। आमतौर पर पूर्वोत्तर क्षेत्र में इसकी तस्करी की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 60 लाख रुपए है।
एक मामला दर्ज किया गया है और नशीले पदार्थों के स्रोत का पता लगाने व इसे लेने वाले लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है। जांच टीमें यह भी पता लगा रही हैं कि क्या गिरफ्तार किए गए आरोपी असम और पड़ोसी राज्यों में चल रहे नशीले पदार्थों की तस्करी के किसी बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं।
पुलिस दोनों आरोपियों से सप्लाई चेन के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ कर रही है, जिसमें खेप का स्रोत, इसके गंतव्य और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील इलाकों और नशीले पदार्थों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संदिग्ध रास्तों पर निगरानी और चेकिंग बढ़ा दी गई है।
अपराध
8 लाख कीमत का 41 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद, तस्करी के आरोप में युवक गिरफ्तार

नोएडा के थाना फेस-2 की पुलिस ने अवैध गांजे की बिक्री और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 41 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा, गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को थाना फेस-2 पुलिस की टीम इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को शमशान घाट भंगेल के पास गंदे नाले की पटरी पर एक संदिग्ध व्यक्ति के मौजूद होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर युवक को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी की पहचान प्रिन्स कुमार साहू पुत्र बैजू प्रसाद साहू, उम्र करीब 28 वर्ष, के रूप में की है। आरोपी मूलरूप से ग्राम फिरोजपुर, थाना महरमा, जनपद गोड्डा, झारखंड का रहने वाला बताया गया है। वर्तमान में वह थाना बिसरख क्षेत्र में तिगरी गोल चक्कर के पास किराये के कमरे में रह रहा था।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ट्रेन के माध्यम से बिहार से गांजा सस्ते दामों पर लाता था और नोएडा में उसे महंगे दामों पर बेचता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे नोएडा-एनसीआर में किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से टीवीएस स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार इसी वाहन का इस्तेमाल गांजे की तस्करी में किया जाता था। वाहन को सीज कर दिया गया है। इसके अलावा गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। बरामदगी के संबंध में थाना फेस-2 में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आरोपी से पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में बरामद 41 किलो 400 ग्राम गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए है। भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस अब इसके सप्लाई नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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