अपराध
मुंबई: क्राइम ब्रांच द्वारा खोजी गई लापता नाबालिग लड़की ने कहा कि उसके पिता ने उसके साथ बलात्कार किया; ताड़देव पुलिस ने मामला दर्ज किया
मुंबई: मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 3 ने 17 साल की लापता लड़की को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला। हालांकि, जांच के दौरान, पुलिस कांस्टेबल विनोद परब, जिन्होंने समर्पण के साथ मामले को संभाला और लड़की को अपनी बेटी की तरह रखा, ने लड़की के लापता होने के बारे में चौंकाने वाले विवरण उजागर किए। गहन पूछताछ के बाद पता चला कि लड़की का पिता 5 साल से उसके साथ बलात्कार कर रहा था।
इस चौंकाने वाली जानकारी के बाद, ताड़देव पुलिस स्टेशन ने पिता के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें बीएनएस की धारा 64 (एफ), 64 (आई), 64 (एम), 74, 65 (1), 115 (2) और पोक्सो एक्ट (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) की धारा 4,6,8 और 12 शामिल हैं। पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
यह मामला लड़की के घर छोड़ने के फैसले के पीछे की परेशान करने वाली परिस्थितियों को उजागर करता है, और क्राइम ब्रांच यूनिट 3 ने आरोपी पिता को सात रस्ता सर्कल से गिरफ्तार कर लिया है। कल देर रात आरोपी को ताड़देव थाने के हवाले कर दिया गया।
गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई
2 अक्टूबर 2024 को सुबह 7:30 से 8:30 बजे के बीच 46 वर्षीय पिता ने अपनी 17 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति लड़की को घर से बहला-फुसलाकर भगा ले गया, उसे धोखा दिया और उसके पिता की वैध हिरासत से उसे ले गया। इस शिकायत के आधार पर 2 अक्टूबर 2024 को अपहरण का मामला दर्ज किया गया।
क्राइम ब्रांच यूनिट 3 की समानांतर जांच के दौरान, संबंधित यूनिट 3 के पुलिस कांस्टेबल घाटकर और परब को सूचना मिली जिसके बाद वे महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने लापता लड़की को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला। अपहरण से जुड़ी जानकारियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
मामले के बारे में
46 वर्षीय आरोपी मूल रूप से यूपी का रहने वाला है और पिछले कई सालों से महालक्ष्मी इलाके में रह रहा है। महालक्ष्मी रेस कोर्स में माली का काम करने वाला आरोपी तीन-चार महीने पहले अपनी अजन्मी बेटी को गांव से मुंबई लेकर आया था। 17 वर्षीय लड़की अपने पिता के यौन उत्पीड़न के कारण 2 अक्टूबर की सुबह घर से भाग गई।
17 वर्षीय लड़की के पिता द्वारा सुबह 7:30 से 8:30 बजे के बीच शिकायत दर्ज कराने के बाद ताड़देव पुलिस स्टेशन में अपहरण का मामला दर्ज किया गया। फिर यूनिट थ्री के पुलिस कांस्टेबल विनोद परब और घाटकर ने 17 वर्षीय लड़की को महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन पर पाया।
जांच यहीं नहीं रुकी, पुलिस कांस्टेबल विनोद परब ने बड़ी ही कुशलता से लड़की के घर से निकलने के पीछे की वजह का पता लगाया। उस समय पीड़ित लड़की ने चौंकाने वाला सच बताया कि उसका पिता पिछले पांच सालों से उसका यौन शोषण कर रहा था। तत्कालीन यूनिट 3 के सहायक पुलिस निरीक्षक समीर मुजावर और उनकी टीम ने 2 अक्टूबर की शाम को सात रास्ता सर्किल से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
46 वर्षीय आरोपी अपनी पत्नी के साथ मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में रहता है और 17 वर्षीय बेटी अपने दादा-दादी के साथ उत्तर प्रदेश में अपने पैतृक स्थान पर रहती है। लड़की ने गांव में ही 11वीं तक की शिक्षा पूरी की और आंशिक रूप से पढ़ाई छोड़ दी थी।
लड़की ने पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी दी कि उसका पिता गांव जाकर भी उसका यौन शोषण कर रहा था। साथ ही जांच में पता चला कि लड़की की मां नींद की गोलियां लेती थी और आरोपी अपनी पत्नी को बहुत अधिक नींद की गोलियां देकर अपनी ही बेटी का यौन शोषण कर रहा था। लड़की के पिता ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने यह बात किसी को बताई तो वह उसे जान से मार देगा। इसलिए 5 साल तक लड़की यौन शोषण सहती रही।
अपराध
दिल्ली पुलिस ने किया अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 12 आरोपी गिरफ्तार

ARREST
दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट यूनिट ने एक बड़े अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 5 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया है। यह गिरोह लंबे समय से नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त में शामिल था और देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था।
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले दूसरे राज्यों से नवजात बच्चों को लाते थे और फिर उनके जन्म रिकॉर्ड और पहचान दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर उन्हें अवैध रूप से बेच देते थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह लाखों रुपए लेकर जरूरतमंद और संतानहीन दंपतियों को बच्चे बेच देता था।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कुछ की गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है, जबकि अन्य को राजस्थान से पकड़ा गया है। यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था और हरियाणा सहित अन्य जगहों पर भी बच्चों को बेचे जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि यह एक बड़ा रैकेट है जो लंबे समय से सक्रिय था और अब तक 20 से अधिक बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त की बात सामने आई है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी अस्पतालों और अन्य माध्यमों से नवजात बच्चों को हासिल करने के बाद उनकी पहचान छुपाते थे। इसके लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे, ताकि बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने जैसा दिखाया जा सके।
पुलिस ने इस पूरे मामले में गहन जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, यह भी जांच हो रही है कि बच्चों को किन-किन राज्यों में और किन लोगों को बेचा गया है।
रेस्क्यू किए गए 5 नवजात बच्चों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और बाल कल्याण समिति की निगरानी में उन्हें आगे की देखभाल दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह के संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और पूरे नेटवर्क को जल्द ही पूरी तरह उजागर किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई को मानव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
अपराध
वायु सेना अधिकारी की पत्नी से जुड़े जबरन धर्मांतरण मामले में मौलवी गिरफ्तार

नागपुर पुलिस ने भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी की 24 वर्षीय पत्नी के कथित जबरन धर्म परिवर्तन मामले में एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हजरत मौलाना के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश से हिरासत में लिया और आगे की पूछताछ के लिए नागपुर लाया है।
महिला ने अपनी शिकायत में पूर्व सहपाठी और उसके कई साथियों पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल, जबरन धर्म परिवर्तन और काला जादू से जुड़े कथित अनुष्ठान कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस सप्ताह सामने आए इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में कथित तौर पर एक व्यक्ति महिला का हाथ पकड़कर धार्मिक आयतें पढ़ता दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ गया और पुलिस जांच तेज कर दी गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य आरोपी 26 वर्षीय अयाज मदारे और उसका सहयोगी अमीन शेख पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार मौलवी ने कथित धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया और निकाह कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
एफआईआर के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया है कि 8 फरवरी 2025 को अयाज उसे एक होटल ले गया, जहां उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाया गया। बेहोश होने के बाद उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए गए। बाद में इन्हीं के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया और पति को भेजने व सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर कई बार यौन उत्पीड़न किया गया। महिला का यह भी आरोप है कि उससे करीब चार लाख रुपए भी वसूले गए।
महिला ने शिकायत में बताया कि वायरल वीडियो में वह रोते हुए खुद को छोड़ने की गुहार लगा रही थी, जबकि आरोपी धार्मिक आयतें पढ़ रहा था। इसके बाद उसे बताया गया कि उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया है और फिर उसके साथ दोबारा यौन उत्पीड़न का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि अयाज नियमित रूप से उसे प्लास्टिक की बोतल से एक तरल पदार्थ पीने के लिए मजबूर करता था। उसने दावा किया कि इसे पीने के बाद वह उर्दू में मंत्र पढ़ता था, उसके चेहरे पर फूंक मारता था और इस प्रक्रिया को सम्मोहन या काला जादू बताता था।
एफआईआर के अनुसार, 31 मई को आरोपी उसे अपने सहयोगी के साथ कलमेश्वर ले गया, जहां हजरत मौलाना ने धार्मिक गतिविधि के दौरान उसकी इच्छा के विरुद्ध उससे “कबूल है” कहलवाया। महिला का आरोप है कि इसके बाद मौलवी ने उसका धर्म परिवर्तन घोषित किया और अयाज के साथ निकाह करा दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौलवी से पूछताछ के दौरान मामले में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
अपराध
पंजाब: पुलिस ने ड्रग्स और नशे की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ की कार्रवाई, एक गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने ड्रग्स और नशे की तस्करी में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अभी इनसे पूछताछ कर मामले के बारे में पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस का स्पष्ट कहना है कि इस मामले से जुड़े अगर किसी आरोपी के बारे में जानकारी प्रकाश में आएगी, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस ने इस कार्रवाई के बारे में अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जानकारी दी है।
पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों के पास से 5.775 किलोग्राम हेरोइन, 1,33,640 प्रतिबंधित कैप्सूल/गोलियां, 39 कारतूस और 36,600 नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
पुलिस ने बताया कि जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनसे पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है, ताकि इस बात की जानकारी सामने आ सके कि इसमें कौन लोग शामिल हैं और किस-किस प्रकार की भूमिकाओं का निर्वहन कर रहे हैं। अगर कोई अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होकर रहेगी।
पुलिस का कहना है कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में इस तरह की कार्रवाई जरूरी है। हमारा एकमात्र उद्देश्य पंजाब को नशा मुक्त करना है और इस दिशा में हमारी पूरी कार्रवाई जारी रहेगी। हम नहीं चाहते हैं कि पंजाब के युवा किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाए।
बता दें कि पंजाब में सीमा पार से लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी की जाती है। पुलिस अब तक इस मामले में कई बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। इससे पहले पंजाब पुलिस ने 11 जून को कार्रवाई के दौरान 30 किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी दुबई में बैठे तस्करों के संपर्क में रहते थे और उनकी मदद से पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी किया करते थे।
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