अपराध
मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 1 जनवरी से अब तक अवैध रूप से रह रहे 26 बांग्लादेशी गिरफ्तार
मुंबई, 11 जनवरी। भारत में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई जारी है। 1 जनवरी से लेकर अब तक मुंबई के विभिन्न इलाकों से 26 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए इन बांग्लादेशी नागरिकों के पास भारतीय वीजा या अन्य कानूनी दस्तावेज नहीं थे। ये लोग अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। इन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस अब इन नागरिकों से पूछताछ कर रही है, ताकि अवैध प्रवासियों के नेटवर्क का पता चल सके।
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इस अभियान के दौरान, मुंबई के विभिन्न इलाकों में विशेष रूप से घनी बस्तियों और अंधेरे इलाकों में छापेमारी की गई।
बता दें कि मुंबई पुलिस ने मुंबई में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ अभियान चलाकर शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों, गोवंडी, शिवाजी नगर, मानखुर्द, देवनार, चूनाभट्टी और घाटकोपर से कई बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों में कई ऐसे लोग भी हैं जो 10 से 15 सालों से मुंबई में रह रहे थे।
पुलिस ने इन घुसपैठियों के पास से बर्थ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों को बरामद किया। जांच में सामने आया कि ये सभी दस्तावेज फर्जी थे। पुलिस के अनुसार, इन घुसपैठियों के दस्तावेज एजेंटों द्वारा बनाए गए थे, जो 5 से 10 हजार रुपये लेकर इन घुसपैठियों के लिए फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार करते थे, जिनकी मदद से उनका आधार कार्ड भी बनवाया गया था।
मुंबई पुलिस के डीसीपी नवनाथ ढवले ने बीते दिनों कहा था कि अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, जिनमें से कुछ लोग 10 या 15 सालों से यहां रह रहे थे। ये लोग भारत में आकर दिहाड़ी मजदूरी जैसे भवन निर्माण, प्लंबिंग जैसे काम कर रहे थे।
अपराध
मुंबई सेंट्रल के रेलवे अस्पताल में महिला डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुलिस

मुंबई, 13 मार्च : मुंबई सेंट्रल स्थित पश्चिम रेलवे के जगजीवनराम अस्पताल में तैनात एक महिला डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। डॉक्टर का शव अस्पताल परिसर में स्थित उनके कमरे में मिला। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंबई पुलिस के अनुसार, डॉ. अनुजा कुलकर्णी को बीते दिन अस्पताल में पहले से निर्धारित कई सर्जरी करनी थीं लेकिन तय समय पर वह ऑपरेशन थिएटर नहीं पहुंचीं। सहकर्मियों ने उन्हें कई बार फोन करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। लगातार संपर्क न हो पाने के कारण उनके साथ काम करने वाले डॉक्टरों को संदेह हुआ।
इसके बाद एक जूनियर डॉक्टर चौथी मंजिल पर स्थित उनके कमरे तक पहुंचा और दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। शक होने पर उसने दरवाजे के कांच से अंदर झांककर देखा तो डॉ. कुलकर्णी कुर्सी के पास फर्श पर गिरी हुई दिखाई दीं। यह दृश्य देखकर उसने तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलने पर अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर मौके पर पहुंचे और डॉक्टर की जांच की। जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कमरे का पंचनामा कर जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि जिस कमरे में महिला डॉक्टर का शव मिला, उसका दरवाजा अंदर से बंद था।
मृतका की पहचान डॉ. अनुजा कुलकर्णी के रूप में हुई है, जो अविवाहित थीं और अस्पताल के ईएनटी (कान-नाक-गला) विभाग में कार्यरत थीं। मुंबई के टार्डियो पुलिस स्टेशन में इस मामले में एडीआर के तहत मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
फिलहाल डॉक्टर की मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने अस्पताल परिसर और चौथी मंजिल के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में दहशत और चिंता का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
अपराध
अपने प्रेमी द्वारा फोन पर ब्लॉक किए जाने के बाद 20 वर्षीय महिला चलती मुंबई लोकल ट्रेन से वाशी क्रीक में कूद गई, मछुआरों ने उसे बचाया।

नवी मुंबई: मंगलवार की सुबह एक 20 वर्षीय महिला ने चलती लोकल ट्रेन से वाशी क्रीक में कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, लेकिन इलाके के मछुआरों द्वारा तुरंत बचा लिए जाने के बाद वह बच गई।
यह घटना सुबह करीब 8:30 बजे घटी जब चेंबूर की रहने वाली महिला मुंबई हार्बर लाइन की लोकल ट्रेन में सफर कर रही थी। ट्रेन के वाशी क्रीक पुल से गुजरते समय, महिला ने कथित तौर पर खुले ट्रेन के दरवाजे से पानी में छलांग लगा दी।
महिला के कंधे पर एक बैग लटका हुआ था जब उसने छलांग लगाई। बैग के अंदर हवा फंस गई, जिससे उसे पानी में तुरंत डूबने के बजाय तैरने में मदद मिली।
उस समय खाड़ी में मौजूद वाशी गांव के मछुआरों ने इस घटना को देखा। किसी के पानी में गिरने का एहसास होते ही उन्होंने तुरंत अपनी नाव उस स्थान की ओर बढ़ा दी। मछुआरों के समूह में शामिल महेश सुतार ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला तक पहुंचकर उसे पानी से बाहर निकाल लिया। उनकी त्वरित कार्रवाई से एक भयावह घटना को टाला जा सका।
बचाई गई महिला को सुरक्षित रूप से किनारे पर लाया गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। मछुआरों की त्वरित प्रतिक्रिया और सूझबूझ ने उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस घटना ने स्थानीय मछुआरों की भूमिका की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जो अक्सर नाले के पास होने वाली आपात स्थितियों में पहले प्रतिक्रिया देने वाले बन जाते हैं।
वाशी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है और घटना से संबंधित परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस दर्दनाक घटना के बाद महिला को चिकित्सा देखभाल और परामर्श मिले।
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, महिला ने पुलिस को बताया कि उसके प्रेमी द्वारा बिना किसी स्पष्टीकरण के उसे फोन और सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिए जाने के बाद से वह गंभीर मानसिक तनाव में थी। जांचकर्ता अब घटना के पीछे के घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और वे महिला और अन्य व्यक्तियों से बात करके मामले के बारे में अधिक जानकारी जुटा रहे हैं।
अपराध
मुंबई के नायर अस्पताल को बम से उड़ाने की मिली धमकी

मुंबई, 8 मार्च : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बम धमाकों की धमकियों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर मुंबई में स्थित नायर हॉस्पिटल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी ईमेल के जरिए दी गई है। यह जानकारी मिलते ही अस्पताल और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मुबंई पुलिस के मुताबिक, नायर अस्पताल के आधिकारिक ईमेल पर धमकी दी गई है। ईमेल में कहा गया है कि हॉस्पिटल में बम रखा गया है और ब्लास्ट शाम 4 बजे होगा। ईमेल में मैसेज था कि हॉस्पिटल के डॉक्टर और लोग अलर्ट रहें। इस धमकी से अस्पताल परिसर में दहशत फैल गई।
अस्पताल अधिकारियों ने मुंबई पुलिस और बम निरोधक दस्ते को सूचना दी। सूचना मिलते ही बम स्क्वॉड और पुलिस के अधिकारी पहुंचे। जिन्होंने परिसर का निरीक्षण किया लेकिन उन्हें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस अब ईमेल भेजने वाले की तलाश कर रही है और आगे की जांच के लिए एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
वहीं, कुछ दिन ही पहले मुंबई के स्कूलों, स्टॉक एक्सचेंज और मेट्रो स्टेशनों समेत देश के कई अन्य राज्यों में बम से उड़ाने की धमकी भेजकर दहशत फैलाने वाले आरोपी को मुंबई पुलिस ने पश्चिम बंगाल के 24 परगना इलाके से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सौरव विश्वास (28) के रूप में हुई थी। आरोपी ने मुंबई, दिल्ली, गुजरात, समेत देश के कई अन्य राज्यों में 50 से अधिक जगहों को बम धमाके की धमकियां भेजकर दहशत फैलाने की कोशिश की थी।
बता दें कि आए दिन देश के विभिन्न जगहों पर बम धमाके की धमकी मिल रही है। राजस्थान के बीकानेर में 5 मार्च को कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। धमकी मिलने से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा दिया था।
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