राजनीति
कश्मीर में मोबाइल फोन, ब्रॉडबैंड सेवा बहाल
कश्मीर में शुक्रवार देर शाम मोबाइल फोन वॉयस कॉलिंग सेवाएं और ब्रॉडबैंड सुविधा बहाल कर दी गई क्योंकि वरिष्ठ अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की बुधवार को मौत के बाद स्थिति शांतिपूर्ण रही। घाटी में शुक्रवार देर शाम सभी सेवा प्रदाताओं के मोबाइल फोन पर वॉयस कॉलिंग सेवाएं और फिक्स्ड लाइन कनेक्शन पर ब्रॉडबैंड सुविधा बहाल कर दी गई।
अधिकारियों ने कहा है कि रविवार दोपहर को मोबाइल फोन पर इंटरनेट की सुविधा बहाल कर दी जाएगी।
गिलानी की बुधवार को हुई मौत के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुरुवार को घाटी में व्यापक प्रतिबंध और मोबाइल टेलीफोन बंद करने का आदेश दिया गया।
अधिकारियों ने कल जुमे की नमाज के बाद स्थिति की समीक्षा की। वहां कहीं से किसी बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
यह निर्णय लिया गया कि लगाए गए प्रतिबंधों में चरणबद्ध तरीके से ढील दी जाएगी।
इस बीच, कश्मीर विश्वविद्यालय और माध्यमिक विद्यालय परीक्षाओं के बोर्ड द्वारा 4 और 5 सितंबर को होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है।
अधिकारियों ने हालांकि कहा कि यूपीएससी की ईपीएफओ/एओ परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 सितंबर को होगी।
राष्ट्रीय समाचार
भारत की आर्थिक मजबूती को घरेलू मांग और आकांक्षाओं से मिल रहा सपोर्ट : वित्त मंत्री सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को लोगों की आकांक्षाओं और देश के बड़े घरेलू बाजार में मांग से सहारा मिल रहा है। साथ ही, सरकार वित्तीय समावेश, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और वित्तीय अनुशासन पर फोकस कर रही है।
देश की आर्थिक राजधानी में एचएसबीसी इंडिया के ‘फर्दरिंग फाइनेंशियल इंक्लूजन’ कार्यक्रम में, सीईओ हितेंद्र दवे के साथ बातचीत के दौरान, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि मध्यम वर्ग के विस्तार से लोगों की खरीदारी की क्षमता बढ़ी है और इससे घरेलू मांग को भी समर्थन मिला है।
वित्तीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सभी के लिए बीमा सुरक्षा एक उच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) जैसी योजनाओं का जिक्र किया, जो किफायती प्रीमियम पर बीमा सुरक्षा प्रदान करती हैं। इसके साथ ही उन्होंने अटल पेंशन योजना का भी जिक्र किया, जो नागरिकों को पेंशन कवरेज देती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ हासिल करना है और वह पूरे देश में बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करने वाली आयुष्मान भारत जैसी पहलों ने लोगों को अपनी संपत्ति या जायदाद बेचे बिना इलाज कराने में सक्षम बनाया है। उनके अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार से भी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर हुई है।
उन्होंने कहा कि शासन में स्थिरता व्यवसायों को स्पष्टता और आत्मविश्वास देती है, जिससे निरंतर आर्थिक विकास में मदद मिलती है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने विश्व बैंक के उस अनुमान का जिक्र किया, जिसके अनुसार लगभग 50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि लगातार किए गए नीतिगत प्रयासों और बुनियादी सेवाओं तक बेहतर पहुंच को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, “स्कूलों तक पहुंच और स्कूली शिक्षा के बाद कौशल प्रशिक्षण ने गरीबी कम करने में मदद की है।”
भविष्य के रोजगार के अवसरों पर बात करते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी नौकरियों के लिए जरूरी कौशल सिखाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
उनके अनुसार, एआई-केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योग की उम्मीदों और कार्यबल की क्षमताओं के बीच के अंतर को कम करने में मदद करेंगे।
इसके अलावा, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि पूंजीगत व्यय सरकार की विकास रणनीति का एक मुख्य स्तंभ बना हुआ है। उन्होंने राजकोषीय घाटे पर कड़ी नजर रखने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “सरकारी खर्च जिम्मेदारीपूर्ण होना चाहिए।”
राष्ट्रीय समाचार
दिवाली से पहले कीमती धातुओं में लौटी तेजी, सोना 0.50 प्रतिशत चढ़ा तो चांदी में 3,500 रुपए की उछाल

कई दिनों से लगातार गिरावट की मार झेल रहे सोने और चांदी के भाव में सप्ताह की शुरुआत के साथ तेजी लौटती दिखाई दी। धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले कीमती धातुओं में आई इस रिकवरी ने ज्वेलरी खरीदारों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि कीमतें अभी भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे हैं, लेकिन सोमवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खरीदारी बढ़ने से सोने-चांदी के दाम मजबूत हुए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में सोमवार को सोने और चांदी दोनों में मजबूती देखने को मिली। सोना करीब 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,911.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी का प्रदर्शन और बेहतर रहा, और इसके भाव 2.24 प्रतिशत चढ़कर 50.380 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गए।
विश्लेषकों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताह की तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की, जिससे कीमतों को समर्थन मिला।
वहीं, वैश्विक बाजारों की तेजी का असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। घरेलू बाजार में सोना 1.39 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास, तो वहीं चांदी 1.82 लाख प्रति किलोग्राम के करीब कारोबार करती दिखाई दी।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना सोमवार को अपने पिछले बंद भाव 1,38,485 रुपए से 518 रुपए या 0.37 प्रतिशत चढ़कर 1,39,003 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं दिन के कारोबार में एक समय इसने 694 रुपए या 0.50 प्रतिशत उछलकर 1,39,179 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
वहीं दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद भाव 1,79,132 रुपए से 1,962 रुपए यानी 1.09 प्रतिशत चढ़कर 1,81,094 रुपए पर खुला। वहीं दिन के कारोबार में एक समय इसने 3,569 रुपए यानी 1.99 प्रतिशत की उछाल के साथ 1,82,701 रुपए प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ।
हालांकि सोमवार की तेजी ने राहत दी है, लेकिन सोना और चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 28 प्रतिशत तक नीचे है, जबकि चांदी में 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में होने वाले मिड-टर्म चुनाव, वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और हालिया भारी गिरावट के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से कीमती धातुओं को सहारा मिला है। वहीं पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेत भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर रहे हैं।
बाजार के जानकारों का कहना है कि मंगलवार को होने वाले अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसके अलावा हाल के दिनों में अमेरिकी शेयर बाजार में आई भारी गिरावट ने भी सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग को बढ़ाया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की चाल से तय होगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो कीमती धातुओं में और रिकवरी देखने को मिल सकती है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत और यूएई ने ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को और सुदृढ़ करने के तरीकों पर चर्चा की

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राज्य मंत्री और भारत के लिए विशेष दूत रीम अल हाशमी के साथ बैठक की। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई और ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को और अधिक सुदृढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान, मिस्री और अल हाशमी ने पश्चिम एशिया घटनाक्रम और आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया, “विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यूएई की राज्य मंत्री और भारत के लिए विशेष दूत रीम अल हाशमी से मुलाकात की। उन्होंने भारत-यूएई संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति और आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।”
इससे पहले, भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने आधिकारिक दौरे पर यूएई पहुंचे विक्रम मिस्री का स्वागत किया।
20 अक्टूबर को, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके यूएई समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने मुंबई में एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और व्यापक रणनीतिक तथा आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत-यूएई संबंध, एक ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में अपनी उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं। बैठक के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिस्री, विदेश मंत्रालय (एमईए) में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम महाजन और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
बाद में विदेश मंत्री ने एक्स पर लिखा, “यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ एक सार्थक बैठक हुई, जिसमें हमने अपने व्यापक संबंधों की विस्तृत समीक्षा की। हमारे सहयोग का दायरा और महत्वाकांक्षा व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे क्षेत्रों में साफ तौर पर दिखाई देती है। भारत-यूएई संबंध, एक ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में अपनी उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं।”
वहीं, यूएई के विदेश मंत्रालय ने भी ‘एक्स’ पर बैठक के बारे में जानकारी साझा की। लिखा, “महामहिम शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने मुंबई में भारत के विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर के साथ एक विस्तृत बैठक की। इस दौरान उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और भारत के बीच व्यापक रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के नए अवसरों पर चर्चा की। साथ ही, दोनों देशों की विकास और समृद्धि की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग का दायरा बढ़ाने पर भी बात हुई।”
शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान का यह भारत दौरा, विदेश मंत्री जयशंकर की हालिया यूएई यात्रा के बाद हुआ।
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