अंतरराष्ट्रीय
मिस्बाह और वकार ने पाकिस्तान टीम का कोच पद छोड़ा
पाकिस्तान के मुख्य कोच मिस्बाह उल हक और गेंदबाजी कोच वकार युनिस ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी। मिस्बाह और वकार को सितंबर 2019 में नियुक्ति किया गया था और इनके कार्यकाल में अभी एक साल बाकी था।
पीसीबी ने बताया कि सकलेन मुश्ताक और अब्दुल रजाक न्यूजीलैंड सीरीज के लिए अंतरिम कोच के रुप में टीम मैनजमेंट के साथ जुड़ेंगे। मुश्ताक फिलहाल नेशनल हाई परफॉरमेंस सेंटर में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी डेवल्पमेंट के प्रमुख के रुप में कार्य कर रहे हैं। रजाक खाईबर पखतुनखवा टीम के कोच हैं।
इसमें यह भी कहा गया कि आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2021 के लिए टीम प्रबंधन की नियुक्ति नियत समय में की जाएगी। मिस्बाह और वकार का इस्तीफा घरेलू सीरीज और टी20 विश्व कप के लिए टीम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद आया है।
मिस्बाह ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “वेस्टइंडीज सीरीज के बाद जमैका में क्वारंटीन ने मुझे पिछले 24 महीनों के साथ-साथ आगे के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के कार्यक्रम को प्रतिबिंबित करने का अवसर प्रदान किया। यह देखते हुए कि मुझे अपने परिवार से काफी दूर रहना पड़ता और वह भी बायो सिक्योर प्रोटोकॉल में, इसलिए मैंने अपने पद से हटने का फैसला किया है।”
उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि यह समय आदर्श नहीं हो सकता है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं आने वाली चुनौतियों के लिए सही सोच में हूं। पिछले 24 महीने पूरी तरह से सुखद रहे हैं और मैं अपनी टीम और प्रबंधन को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आगामी आयोजनों के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”
वकार ने कहा, “जब मिस्बाह ने मेरे साथ अपना निर्णय और भविष्य की योजनाओं को साझा किया, तो मेरे लिए इस्तीफा देना आसान था क्योंकि हम एक साथ भूमिकाओं में थे, एक जोड़ी के रूप में एक साथ काम किया था और अब एक साथ इस्तीफा दिया है।”
पीसीबी के सीईओ वसीम खान ने दोनों को उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “पीसीबी मिस्बाह के फैसले को समझता है और उसका सम्मान करता है। इस अभूतपूर्व बायो सिक्योर की दुनिया में क्रिकेट किसी के लिए भी आसान नहीं रहा है और मिस्बाह ने स्पष्ट रूप से आगे के छह महीने के लगातार क्रिकेट को ध्यान में रखा है।”
उन्होंने कहा, “पिछले 24 महीनों में, मिस्बाह ने टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है और हम उनके भविष्य के प्रयासों में उनके अच्छे होने की कामना करते हैं। यह वकार द्वारा एक सम्मानजनक निर्णय रहा है और हम पिछले दो वर्षों में उनके अपार काम और प्रतिबद्धता के लिए उन्हें ईमानदारी से धन्यवाद देते हैं और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
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