राष्ट्रीय समाचार
बिहार लौटे प्रवासी अब काम करने के लिए बाहर नहीं जाना चाहते : नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि अन्य राज्यों से बिहार लौटे प्रवासी अब काम करने के लिए बाहर नहीं जाना चाहते। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार ऐसे लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है। नीतीश ने शनिवार को प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ की जा रही ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ के शुभारंभ कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से जुड़ते हुए कहा, “लॉकडाउन के दौरान मैंने बिहार लौटे मजदूरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। मुझे लगा कि वे काम के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना चाहते। ऐसी योजनाएं लौटे मजदूरों के लिए लाभकारी होंगी।”
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक में कहा कि केंद्र की अगुवाई में शुरू होने वाली यह योजना उन प्रवासी श्रमिकों के लिए काफी लाभकारी साबित होगी जो अभी दूसरे राज्यों में नहीं जाना चाहते हैं।
उन्होंने गरीब कल्याण रोजगार योजना को प्रवासी मजदूरों के लिए केंद्र सरकार की ओर से तोहफा बताते हुए कहा कि यह बहुत बड़ी योजना है, इसका लाभ गरीबों को मिलेगा।
उन्होने कहा कि राज्य में मनरेगा के तहत जो कार्य हो रहे हैं उससे गरीबों को जोड़ा जायेगा। उन्होंने बिहार में चलाई जा रही जल, जीवन हरियाली योजना का भी जिक्र करते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलित करने के लिए बनाई गई इस योजना से भी रोजगार बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जो भी योजनाएं है, इनमें मजदूरों को काम दिया जायेगा।
राजनीति
लोकसभा की मंजूरी के बाद आज राज्यसभा में पेश होगा वक्फ बिल

नई दिल्ली, 3 अप्रैल। लोकसभा से वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित किए जाने के बाद केंद्र सरकार इसे गुरुवार को उच्च सदन राज्यसभा में पेश करेगी।
लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर 12 घंटे से ज्यादा समय तक चर्चा हुई। वक्फ बिल के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े।
वक्फ विधेयक पारित होने के अलावा निचले सदन द्वारा मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की पुष्टि करने वाला एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
गुरुवार की कार्यसूची के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की पुष्टि करने वाला वैधानिक प्रस्ताव राज्यसभा में पेश करेंगे।
गृह मंत्री अमित शाह प्रस्ताव पेश करेंगे कि यह सदन मणिपुर राज्य के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 356(1) के तहत 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति द्वारा जारी उद्घोषणा को मंजूरी देता है।
लोकसभा ने गुरुवार को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने की पुष्टि करने वाला वैधानिक प्रस्ताव पारित कर दिया।
हालांकि, पार्टी लाइन से परे जाकर सभी सदस्यों ने इस फैसले का समर्थन किया, लेकिन कुछ विपक्षी सदस्यों ने मणिपुर की स्थिति के लिए केंद्र की आलोचना की। गृह मंत्री शाह ने कहा कि सरकार ने अशांत पूर्वोत्तर राज्य में सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए हर संभव उपाय किए हैं।
मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) द्वारा जुटाए गए सॉवरेन गारंटी बांड (एसजीबी) पर ब्याज की सेवा के लिए भारत की आकस्मिकता निधि से धनराशि निकालने के संबंध में एक वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे।
लोकसभा में तटीय नौवहन विधेयक, 2024 को मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा विचार और पारित करने के लिए रखा जाएगा। सोनोवाल द्वारा 1 अप्रैल को यह प्रस्ताव रखा गया था।
मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु विमान वस्तुओं में हितों की सुरक्षा विधेयक, 2025 को विचार और पारित करने के लिए पेश करेंगे। विधेयक का उद्देश्य “विमान वस्तुओं में हितों की सुरक्षा प्रदान करना और मोबाइल उपकरणों में अंतर्राष्ट्रीय हितों पर कन्वेंशन और विमान उपकरणों से संबंधित मामलों पर मोबाइल उपकरणों में अंतर्राष्ट्रीय हितों पर कन्वेंशन के प्रोटोकॉल को लागू करना है, जिन पर 16 नवंबर, 2001 को केप टाउन में हस्ताक्षर किए गए थे।”
मंत्री मनोहर लाल खट्टर निचले सदन में “आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय से संबंधित पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) पर आवास और शहरी मामलों की स्थायी समिति की 10वीं रिपोर्ट में निहित सिफारिशों के कार्यान्वयन की स्थिति” के बारे में एक बयान देंगे।
राजनीति
पीएम मोदी की थाईलैंड और श्रीलंका यात्रा, बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में लेंगे भाग

नई दिल्ली, 3 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने और दोनों देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए थाईलैंड और श्रीलंका की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अगले तीन दिनों में मैं थाईलैंड और श्रीलंका का दौरा करूंगा और इन देशों तथा बिम्सटेक देशों के साथ भारत के सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लूंगा। आज बाद में बैंकॉक में मैं प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा से मिलूंगा और भारत-थाईलैंड मैत्री के सभी पहलुओं पर चर्चा करूंगा। कल मैं बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा और थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न से भी मुलाकात करूंगा।”
पीएम मोदी ने एक अन्य एक्स पोस्ट पर लिखा, “मेरी श्रीलंका यात्रा 4 से 6 तारीख तक होगी। यह यात्रा राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके की भारत की सफल यात्रा के बाद हो रही है। हम बहुआयामी भारत-श्रीलंका मैत्री की समीक्षा करेंगे और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। मैं वहां होने वाली विभिन्न बैठकों की प्रतीक्षा कर रहा हूं।”
मिली जानकारी के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच 10 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिसमें 1980 के दशक के अंत में द्वीपीय देश के गृह युद्ध के दौरान भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) के हस्तक्षेप के बाद पहली बार रक्षा सहयोग को नवीनीकृत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता भी शामिल है।
बैंकॉक में होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच पहली द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है। रोहिंग्या और प्राथमिकता वाले मुद्दों पर मुख्य सलाहकार के उच्च प्रतिनिधि खलीलुर रहमान ने बुधवार को कहा कि बिम्सटेक सदस्य देशों के नेता, यूनुस के साथ भविष्य के कार्यों पर चर्चा करेंगे।
एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रहमान ने कहा, “हमने भारत से यह वार्ता (दोनों देशों के नेताओं के बीच) आयोजित करने का अनुरोध किया है। इस बैठक के होने की पर्याप्त संभावना है।”
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन 2-4 अप्रैल तक बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित किया जा रहा है। 4 अप्रैल को बिम्सटेक की अध्यक्षता आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश को सौंप दी जाएगी। 4 अप्रैल को होने वाले इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी बिम्सटेक के वर्तमान अध्यक्ष थाईलैंड कर रहा है। यह पीएम मोदी की थाईलैंड की तीसरी यात्रा होगी।
यह 2018 में नेपाल के काठमांडू में आयोजित चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के बाद बिम्सटेक नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक भी होगी। 5वां बिम्सटेक शिखर सम्मेलन, मार्च 2022 में कोलंबो, श्रीलंका में वर्चुअली आयोजित किया गया था।
राजनीति
रविशंकर प्रसाद ने सदन में कांग्रेस को याद दिलाया ‘इतिहास’, बोले ‘तब शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट का पलटा था फैसला’

नई दिल्ली, 2 अप्रैल। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान शाहबानो केस का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “वक्फ की प्रॉपर्टी पर कितने स्कूल खुले, कितने अनाथालय बने, कितने सिलाई केंद्र बने, यह सवाल है। आज वक्फ की प्रॉपर्टी की फंडिंग बढ़ाने और उनके समाज को आगे बढ़ाने के लिए कुछ हो रहा है तो विपक्ष को इससे क्या परेशानी है। दिल से तो कह रहे हैं कि सुधार हो, लेकिन राजनीतिक इच्छा इन्हें रोकती है।”
उन्होंने कहा, “शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि शाहबानो को मुआवजा दिया जाए, तो हल्ला मचा, तब राजीव गांधी पीएम थे। बहुमत था। आरिफ मोहम्मद खान सरकार में मंत्री थे। दो दिन ऐतिहासिक भाषण हुआ। राजीव गांधी ने उन्हें बुलाया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदलने के लिए कानून ला रहे हैं। तीन तलाक पर फैसला आया। 2 साल तक इनकी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब नहीं फाइल किया, ताकि फैसला अटका रहे। राजीव गांधी को 400 सीट मिली और शाहबानो में वे झुक गए। उसके बाद आज तक कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला। देश की हवा कहां चल रही है, आप समझिए। पीएम मोदी को एक बार बहुमत मिला, दूसरी बार बहुमत मिला। तीसरी बार लोगों ने जिता दिया, दिल्ली भी जिता दिया और अब बिहार भी जीतेंगे।”
उन्होंने कहा, “आज मैं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बारे में बात करना चाहता हूं। जब सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के मामले की सुनवाई चल रही थी, तो बोर्ड ने कोर्ट से कहा था कि, ‘आप फैसला मत दीजिए, हम एक निकाहनामा बनाकर पूरे देश में प्रसारित करेंगे, जिसमें लिखा होगा कि निकाह करते समय एक शर्त यह भी रखी जाएगी कि तीन तलाक न हो।’ याद कीजिए, जब कानून पास हुआ था, तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक कानून के खिलाफ बहुत बड़ा आंदोलन खड़ा किया था।”
रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, “मैं विपक्ष की बात सुन रहा था, वह कह रहे थे कि वक्फ बिल में संशोधन होना चाहिए, लेकिन नहीं भी होना चाहिए। ये कैसे हो सकता है। आजकल एक लाल किताब चल रही है। हम संविधान की हरी किताब लेकर आए हैं। संविधान में लिखा है कि महिलाओं के विकास के लिए कानून बनाया जा सकता है। संविधान की दुहाई का जवाब मैं संविधान से ही दे रहा हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “महिलाओं के लिए संशोधन किया जा रहा है तो यह बिल असंवैधानिक कैसे है? मैं बिहार से आता हूं, वहां बहुत सारे पिछड़े मुसलमान हैं। यूपी में भी हैं। उन्हें वक्फ मैनेजमेंट में मौका नहीं मिलता। इस बिल में इसका जिक्र है कि वक्फ में पिछड़े मुसलमानों को जगह दी जाएगी तो इन्हें परेशानी क्यों है?”
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमारी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का काम किया। चुनाव हुआ तो एक भी हिंसा की घटना नहीं हुई। जहां पाकिस्तान के झंडे लहराते थे, वहां तिरंगा लहरा रहा है। भारत माता की जय बोला जा रहा है। वोट बैंक की राजनीति के लिए यह देश किस हद तक गिर सकता है? नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर जानबूझकर जो बवाल मचाया गया था, उसे याद कीजिए। विदेशों में उत्पीड़न का सामना करने वाले हिंदू, सिख और ईसाइयों को भारत लाया गया। इसका भारतीय मुसलमानों पर कोई असर नहीं हुआ, फिर भी बेवजह हंगामा मचाया गया। अब एक बार फिर गुमराह करने और अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। अब वोटों की सौदागरी बंद होगी क्योंकि समय बदल रहा है।
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