राजनीति
मायावती बोलीं- ‘आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण जनता घुट-घुट कर जीने को मजबूर’
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुखिया मायावती ने एक बार फिर मंहगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जनता अब पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस आदि आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण घुट-घुट कर जीने को मजबूर है। बसपा मुखिया मायावती ने गुरूवार ट्वीटर के माध्यम से लिखा कि देश में बढ़ती हुई महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी की जबर्दस्त मार व तनाव झेल रही जनता अब पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस आदि आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण घुट-घुट कर जीने को मजबूर है, यह अति-चिन्ताजनक है। केन्द्र सरकार इस मामले को जरूर गंभीरता से ले।
ज्ञात हो कि बसपा मुखिया ने इससे पहले भी महंगाई को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधा और कहा था कि देश के पांच राज्यों में विधान सभा आम चुनाव संपन्न होने के बाद अब तक उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में डीजल व पेट्रोल आदि के कई बार दाम बढ़ चुके हैं, जिसकी सीधी मार गरीब एवं मध्यम वर्गो पर पड़ रही है। केन्द्र सरकार इसे कम करने हेतु उचित कदम जरूर उठाये।
गौरतलब हो कि पेट्रोल-डीजल में हो रही बढ़ोतरी को लेकर यूपी के सभी विपक्षी दल केन्द्र सरकार पर हमलावर है। इससे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी महंगाई को लेकर निशाना साधा था। कहा कि जनता कह रही है कि 80 पैसे प्रतिदिन या लगभग 24 रुपये महीने के हिसाब से पेट्रोल के दाम यूं ही बढ़ते रहे तो अगले जो चुनाव नवंबर-दिसंबर में होंगे, इस बीच 7 महीने में दाम लगभग 175 रुपये बढ़ जाएंगे मतलब आज के 100 रुपये लीटर से बढ़कर पेट्रोल 275 रुपये लीटर हो जाएगा। ये है भाजपाई महंगाई का गणित।
राष्ट्रीय समाचार
सुप्रीम कोर्ट से वाईएसआर कांग्रेस को राहत, निकाय चुनावों के उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन 25 अक्टूबर तक स्थगित

सुप्रीम कोर्ट से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन 25 अक्टूबर तक स्थगित करने का निर्देश दिया है।
इस बीच, चुनाव आयोग उम्मीदवारों के नामांकन पर विचार करेगा, जिसमें उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण शामिल हैं। जहां भी आवश्यक हो, चुनाव आयोग नामांकन की तिथि स्थगित करने का निर्णय लेगा। चुनाव आयोग को गुरुवार तक निर्णय लेना होगा।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की आंध्रप्रदेश नगर निगम चुनावों मे अपने उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने के लिए समयसीमा बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर फैसला लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को कहा है। इसके साथ ही कहा कि डीजीपी नामिनेशन सेंटर और प्रत्याशियों की सुरक्षा का बंदोबस्त करें और रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा करें।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से कहा है कि प्रत्याशियों की लिस्ट 25 अक्टूबर तक फाइनल न करें। जो प्रत्याशी नामिनेशन दाखिल करना चाहते है, उनकी अर्जी पर राज्य चुनाव आयोग तथ्यों के आधार पर विचार कर फैसला ले।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की वेकेशन बेंच ने मामले की सुनवाई की। जस्टिस बागची ने कहा कि हम तारीख बदलने के लिए कोई एकतरफा आदेश जारी नहीं करेंगे। चुनाव आयोग हर मामले को अलग-अलग देखेगा और संभावित उम्मीदवारों द्वारा दिए गए सबूतों के आधार पर फैसला लेगा।
जस्टिस बागची ने कहा कि सभी को समान अवसर मिलने चाहिए। दूसरी पार्टी सत्ताधारी दल से मुकाबला करने की कोशिश कर रही है, इसे सम्मानजनक तरीके से होने दें। वाईएसआर पार्टी ने आरोप लगाया है कि उसके उम्मीदवारों पर हमला किया गया, उनके नामांकन पत्र फाड़ दिए गए और उन्हें नामांकन केंद्रों से भगाया गया। चुनावी हिंसा के कारण आगामी आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए उसके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया।
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की नामांकन दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया था। नगर निगम चुनाव के मतदान 28 अक्टूबर को होने हैं।
राजनीति
2027 के चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस, सीट बंटवारे पर अभी कोई चर्चा नहीं : आराधना मिश्रा

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा है कि पार्टी ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। फिलहाल सीटों की संख्या या गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अभी चुनाव में सीटों की संख्या को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। कांग्रेस संगठन और नेतृत्व ने तैयारियों की समीक्षा की है और सभी नेताओं को अपने-अपने स्तर पर तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी रणनीति और गठबंधन को लेकर बातचीत अभी शुरुआती चरण में है। जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ेगी, स्थिति और स्पष्ट होती जाएगी। पार्टी अपनी ताकत का आकलन करने और संगठन को मजबूत बनाने में जुटी है।
उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने और प्रत्येक विधानसभा सीट की समीक्षा करने पर ध्यान दिया जा रहा है। सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला पार्टी का नेतृत्व करेगा। प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों की समीक्षा की जा रही है। सीटों की अंतिम संख्या और बंटवारे को लेकर फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की रणनीति और संभावित गठबंधन को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका पर आराधना मिश्रा ने कहा कि प्रियंका गांधी प्रदेश कांग्रेस इकाई का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। संगठन में लंंबे समय तक काम करने के कारण उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों का अच्छा अनुभव है।
उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को सक्रियता से निभाया है और आगे भी निभाती रहेंगी। जब भी गठबंधन या राजनीतिक बातचीत से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं, वह प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उत्तर प्रदेश से संबंधित संगठनात्मक फैसलों और संभावित गठबंधन पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी से सलाह ली जाती है। वह इन चर्चाओं में सक्रिय भागीदार रही हैं और आगे भी रहेंगी।
आराधना मिश्रा ने देश के दुश्मनों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने को राष्ट्रीय कर्तव्य बताया। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए।
उन्होंने लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है लेकिन आज लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने मतदाता सूची के एसआईआर के नाम पर सामने आ रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को गंभीर बताया।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका सैन्य क्षेत्र में 1.5 ट्रिलियन डॉलर का निवेश करना चाहता है: रक्षा मंत्री हेगसेथ

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ट्रंप प्रशासन अमेरिका की सेना में 1.5 ट्रिलियन डॉलर का निवेश चाहता है। इसका उद्देश्य हथियारों के उत्पादन में तेजी लाना, स्वायत्त युद्ध क्षमताओं का विस्तार करना और विदेशी रक्षा आपूर्ति शृंखलाओं पर निर्भरता को कम करना है।
ओहियो और विस्कॉन्सिन के दौरे के दौरान रक्षा उद्योग के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए हेगसेथ ने कहा कि पेंटागन अपनी खरीद प्रणाली में व्यापक बदलाव कर रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य के उन संघर्षों के लिए तैयार होना है, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बिना चालक वाले हथियार और उन्नत संचार प्रणालियां शामिल होंगी। प्रस्तावित खर्च अमेरिकी सैन्य निवेश में एक बड़ा विस्तार होगा।
डेटन, ओहियो में सिएरा नेवादा कॉर्पोरेशन में उन्होंने कहा कि प्रशासन अमेरिकी विनिर्माण को मजबूत करना चाहता है और पारंपरिक खरीद प्रणालियों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से सैन्य प्रौद्योगिकियों को विकसित करना चाहता है।
हेगसेथ ने कहा, “हम 1.5 ट्रिलियन डॉलर के निवेश की मांग कर रहे हैं। यह एक ऐसा निवेश होगा जो आने वाली पीढ़ियों के काम आएगा और इससे यह सुनिश्चित होगा कि हम दुनिया की सबसे मजबूत और शक्तिशाली सेना बने रहें।”
उन्होंने कांग्रेस से एक ऐसे पैकेज को मंजूरी देने का भी आग्रह किया, जो रक्षा से जुड़ी प्राथमिकताओं के लिए कम से कम 350 अरब डॉलर की राशि उपलब्ध कराए। रक्षा सचिव ने कहा कि निर्माताओं को दीर्घकालिक निश्चितता देने और नई उत्पादन सुविधाओं में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है।
उन्होंने तर्क दिया कि पेंटागन अब ऐसे अधिग्रहण कार्यक्रमों को बर्दाश्त नहीं कर सकता, जिनमें हथियार और सैन्य उपकरण मिलने में एक दशक या उससे अधिक का समय लग जाता है। इसके बजाय, विभाग ऐसी महत्वपूर्ण क्षमताएं चाहता था जो कुछ महीनों या कुछ वर्षों के भीतर उपलब्ध हो सकें।
हेगसेथ ने कहा कि भविष्य के संघर्ष काफी हद तक कई क्षेत्रों में काम करने की क्षमता पर निर्भर करेंगे, जिनमें अंतरिक्ष, पानी के नीचे का वातावरण, साइबरस्पेस और स्वायत्त (ऑटोनॉमस) सिस्टम शामिल हैं।
उन्होंने ‘प्रोजेक्ट मेरिडियन’ का उदाहरण दिया, जो हाल ही में शुरू की गई एक पहल है। इसका उद्देश्य सैन्य प्लेटफॉर्मों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और नई तकनीकों को तेजी से शामिल करना है। विभाग एक ‘ऑटोनॉमस वारफेयर कमांड’ भी विकसित कर रहा था।
उन्होंने इसे चार-स्टार कमांड बताया, जिसकी जिम्मेदारी संयुक्त रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानवरहित सैन्य सिस्टम (अनमैन्ड मिलिट्री सिस्टम) को संभालना होगी। यह प्रस्तावित कमांड सशस्त्र बलों में स्वायत्त क्षमताओं की तैनाती के समन्वय में मदद करेगी।
हेगसेथ ने कहा कि सुरक्षित घरेलू उत्पादन और भरोसेमंद सप्लाई चेन के बिना, केवल तकनीकी श्रेष्ठता काफी नहीं होगी। उन्होंने कहा, “जो कोई भी समुद्र के नीचे और चंद्रमा के आसपास के अंतरिक्ष (सिसलूनर) क्षेत्र को नियंत्रित करेगा, वही अगली लड़ाई में अपना दबदबा बनाए रखेगा।”
सिएरा नेवादा कॉर्पोरेशन में हेगसेथ ने ‘नेक्स्ट-जेनरेशन सर्वाइवेबल एयरबोर्न ऑपरेशंस सेंटर’ पर हो रहे काम का जिक्र किया। यह एक ऐसा सैन्य विमान है जिसे राष्ट्रीय आपातकाल (जिसमें परमाणु संकट भी शामिल है) के दौरान राष्ट्रपति के कमांड और कंट्रोल को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है।
उन्होंने ‘ब्रॉलर’ और ‘मॉलर’ एयर-डिफेंस सिस्टम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी कमांडर इनका इस्तेमाल दो अलग-अलग युद्ध क्षेत्रों में कर रहे हैं, ताकि अमेरिकी सेनाओं को ‘असममित हमलों’ से बचाया जा सके।
रक्षा सचिव ने कहा कि पेंटागन अब केवल स्थापित रक्षा ठेकेदारों पर निर्भर रहने के बजाय, छोटे निर्माताओं और नई तकनीक वाली कंपनियों के लिए भी खरीद के अवसर खोलना चाहता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देकर और लंबी अवधि की खरीद का वादा करके, रक्षा क्षेत्र में कुछ और बड़े आपूर्तिकर्ता तैयार करना है। इस नई योजना के तहत जो कंपनियां नई फैक्ट्रियों, उपकरणों और कर्मचारियों में निवेश करेंगी, उन्हें 5 से 7 साल तक के उत्पादन के लिए अनुबंध मिल सकते हैं।
हेगसेथ ने कहा कि इससे निर्माताओं को अपनी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी और साथ ही सरकार को भी यह फायदा होगा कि उसे पहले से तय कीमतों पर सामान मिल सकेगा।
विस्कॉन्सिन की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने आधुनिक हथियारों, विमानों और रडार प्रणालियों के लिए पुर्जे बनाने में छोटे व्यवसायों की भूमिका पर जोर दिया।
रक्षा सचिव ने यह भी वादा किया कि 2028 में मौजूदा प्रशासन का कार्यकाल खत्म होने से पहले पेंटागन अपना पूरा वित्तीय ऑडिट पूरा कर लेगा।
उन्होंने स्वीकार किया कि विभाग पहले कई बार कांग्रेस की ऑडिट संबंधी जरूरतों को पूरा करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सैन्य खर्च बढ़ेगा, वैसे-वैसे वित्तीय जवाबदेही को भी और मजबूत किया जाएगा।
हेगसेथ ने औद्योगिक आधुनिकीकरण कार्यक्रम को प्रशासन की व्यापक सैन्य रणनीति से जोड़ा, जिसमें मध्य पूर्व में चलाए जा रहे अभियान भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के उन कर्मियों से मुलाकात की, जो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के प्रयासों में लगे हुए हैं।
‘स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन’ की प्रशासक केली लोफ्लर ने बताया कि पेंटागन के साथ मिलकर एक संयुक्त पहल छोटे रक्षा निर्माताओं की मदद कर रही है। इसके तहत महत्वपूर्ण खनिजों और औद्योगिक कच्चे माल से जुड़े लगभग 175 मिलियन डॉलर के संभावित सौदे होने वाले हैं।
अमेरिका का रक्षा बजट दुनिया में सबसे बड़ा है और उसका सैन्य अड्डों, गठबंधनों तथा विदेशों में तैनात सैन्य बलों का एक विशाल नेटवर्क है। इसके रक्षा औद्योगिक आधार में बड़े ठेकेदारों के साथ-साथ हजारों छोटी कंपनियां भी शामिल हैं, जो विशेष पुर्जे और तकनीकें तैयार करती हैं।
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