राजनीति
सराहनीय कार्यों के लिए गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित होंगे कई आईपीएस
नई दिल्ली, 25 जनवरी। भारत सरकार ने पुलिस विभाग में उत्कृष्ट और अति विशिष्ट योगदान देने वाले कई आईपीएस अधिकारियों को गणतंत्र दिवस के दिन राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए आईपीएस रविंंद्र सिंघल, दत्तात्रेय कराले, सुनील फूलारी और रामचंद्र केंद्र का नाम शामिल किया गया हैं। पुलिस विभाग में अति विशिष्ट योगदान और सेवाओं के लिए इन अधिकारियों को यह पुरस्कार दिया जाएगा।
इन चार आईपीएस अधिकारियों के अतिरिक्त, विशिष्ट योगदान के लिए आईपीएस वीरेंद्र मिश्रा, संजय दराडे, आरती सिंह, चंद्र किशोर मीना, दीपक सकोरे और राजेश बनसोडे को भी राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इन अधिकारियों को उनके विभिन्न अभियानों, सेवा में अनुशासन और समाज की सुरक्षा में उनके द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों के लिए यह सम्मान मिलेगा।
इसके अलावा, इस वर्ष 38 अन्य पुलिस अधिकारियों को भी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
यह पुरस्कार उनके द्वारा प्रदर्शित नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा, और कठिन परिस्थितियों में पुलिस सेवा को बेहतर बनाने के लिए किए गए कार्यों की सराहना के रूप में दिया जाएगा। यह पुरस्कार पुलिस सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है और इन सम्मानित अधिकारियों की कड़ी मेहनत और समर्पण को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच युद्ध विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच युद्ध विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही इसे एक “ऐतिहासिक” कदम बताया और वाशिंगटन में दोनों पक्षों के बीच संभावित सीधी बातचीत का संकेत दिया।
यह फैसला ओवल ऑफिस में हुई एक बैठक के बाद सामने आया, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अमेरिका में लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोवाद और इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर बैठक में शामिल थे।
ट्रंप ने कहा, “वे तीन सप्ताह के अतिरिक्त युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं, अब और गोलीबारी नहीं होगी। दोनों देशों के नेता आने वाले सप्ताह में वाशिंगटन का दौरा कर सकते हैं।”
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस कदम को “एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षण” बताया और दोनों पक्षों को एक साथ लाने का श्रेय राष्ट्रपति की सीधी भागीदारी को दिया। उन्होंने कहा कि इस विस्तार से दोनों देशों को दीर्घकालिक समाधान खोजने के लिए अवसर मिलेगा।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि इजरायल और लेबनान दोनों को हिजबुल्लाह को लेकर एक जैसी सुरक्षा चिंता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों देश एक ही आतंकवादी संगठन के शिकार हैं, और आशा व्यक्त की कि युद्धविराम से दोनों देशों के बीच स्थायी शांति स्थापित हो सकती है।
इजरायली राजदूत येचिएल लीटर ने कहा कि इजरायल शांति और नागरिकों की सुरक्षा चाहता है। दोनों सरकारें एकजुट हैं और हिजबुल्लाह के प्रभाव से देश को मुक्त कराना चाहती हैं।”
लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोवाद ने अमेरिकी समर्थन का स्वागत करते हुए कहा, “आपकी मदद और समर्थन से हम लेबनान को फिर से स्थिर बना सकते हैं।
ट्रंप ने युद्धविराम के प्रयास को व्यापक क्षेत्रीय कूटनीति से जोड़ा, जिसमें ईरान से संबंधित अमेरिकी प्रयास भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “इजरायल-लेबनान वार्ता, उन कुछ मुद्दों की तुलना में आसान होनी चाहिए जिन पर हम काम कर रहे हैं। दोनों पक्ष एक साझा खतरे के खिलाफ एकजुट हैं।”
ट्रंप ने दोहराया कि हमले की स्थिति में इजरायल को जवाबी कार्रवाई का अधिकार है। उन्होंने कहा, “इजरायल को अपनी रक्षा करनी होगी और वे करेंगे। कोई भी जवाबी कार्रवाई “सतर्क” और “सटीक” होगी।
राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि सऊदी अरब जैसे क्षेत्रीय देश भविष्य की वार्ताओं में भूमिका निभा सकते हैं। सऊदी अरब “इससे बहुत खुश होगा” और शांति प्रयासों का समर्थन करेगा।
ट्रंप ने लेबनान में स्थिरता की संभावनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बहुत अच्छी संभावना है कि वार्ता बहुत जल्दी फिर से शुरू हो सकती है।”
यह युद्धविराम विस्तार इजरायल-लेबनान सीमा पर लगातार तनाव के बीच हुआ है, जहां हिजबुल्लाह एक प्रमुख सशस्त्र समूह बना हुआ है। ईरान समर्थित यह समूह लंबे समय से क्षेत्रीय संघर्षों का केंद्र रहा है और इसे संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।
इजरायल और लेबनान के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं और तकनीकी रूप से वे अभी भी युद्ध की स्थिति में हैं। अतीत में हुए युद्धविराम समझौते नाजुक रहे हैं। अक्सर तनाव को रोकने के लिए निरंतर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की आवश्यकता होती रही है।
राष्ट्रीय समाचार
जम्मू-कश्मीर मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी, सोपोर में एक तस्कर गिरफ्तार

100 दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत चल रहे व्यापक मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को जारी रखते हुए सोपोर पुलिस ने कार्रवाई को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में फ्रूट मंडी पुलिस चौकी के अधिकार क्षेत्र में एक मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, बाग-ए-सुंदरी क्रॉसिंग पर नाका चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। तलाशी लेने पर स्पैस्मोप्रॉक्सीवॉन प्लस कैप्सूल और अल्प्राज़ोलम टैबलेट जैसे पदार्थ बरामद किए गए, जिन्हें जब्त कर लिया गया। इसके साथ ही तस्कर को मौके से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान ज़ैद बशीर भट पुत्र बशीर अहमद भट निवासी अपर अशपीर के रूप में हुई है।
आरोपी के खिलाफ सोपोर पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही तस्कर के स्रोत और व्यापक संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
सोपोर पुलिस ने दोहराया कि निरंतर जागरूकता अभियानों के साथ-साथ, मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई पूरे जिले में जारी है, ताकि मादक पदार्थों के नेटवर्क को नष्ट किया जा सके और समाज को मादक पदार्थों के खतरे से बचाया जा सके। सोपोर पुलिस ने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत एक सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त समाज सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
इसके पहले 20 अप्रैल को पुलवामा जिले में पुलिस ने दो बाइक सवारों को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। नाका चेकिंग के दौरान पुलिस पोस्ट नेवा पुलवामा ने एक मोटरसाइकिल को रोका, जो हसनवानी से सिंगू नारबल की ओर आ रही। चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल की सीट के नीचे से हरे रंग का एक पॉलीथीन बैग बरामद किया गया। बैग की तलाशी लेने पर उसमें से हेरोइन जैसा दिखने वाला पदार्थ बरामद हुआ। हेरोइन का वजन लगभग 7.50 ग्राम था। दोनों व्यक्तियों ने अपने नाम मोहम्मद अल्ताफ लोन, निवासी तुरका वाघम और समीर अहमद डार, निवासी बटपोरा बताए। पुलिस स्टेशन पुलवामा में दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र
मुंबई: नासिक टीसीएस मामले में निदा खान को निशाना बनाया जा रहा है, पुलिस इसकी छवि खराब कर रही है: सामाजिक कार्यकर्ता निरंजन टिकले

मुंबई नासिक टीसीएस केस का धर्म बदलने से कोई कनेक्शन नहीं है। इस केस में निदा खान को टारगेट किया गया है, जबकि वह एचआर हेड नहीं थीं, फिर भी मीडिया उन पर केस कर रहा है। नासिक केस धार्मिक भावनाएं भड़काने और धार्मिक नफरत, लव जिहाद या कॉर्पोरेट जिहाद का केस नहीं है। यह सिर्फ सेक्सुअल हैरेसमेंट का केस है, लेकिन इसमें निदा खान को टारगेट किया गया है। इस तरह का गंभीर आरोप सोशल वर्कर तीस्ता सीतलवाड़ ने आज यहां मराठी पत्रकार संघ में एपीसीआर की तरफ से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया है। उन्होंने कहा कि मीडिया ने एक महिला की पहचान पब्लिक कर दी और अगर पुलिस ने यह बताया था, तो पुलिस को लेकर खबर दिखानी चाहिए थी। पीड़ित और शिकायत करने वाले से बात करने की कोशिश करनी चाहिए थी। ऐसे कई केस हैं जिनमें किसी पर भी कोई भी आरोप लगाया जा सकता है, लेकिन नासिक केस में ऐसा माहौल बनाया गया जो पूरी तरह से गलत है। नासिक के सोशल वर्कर निरंजन टाकले ने कहा कि पुलिस ने इस केस में किसी का पॉलिटिकल एजेंडा सेट करने की कोशिश की है, जबकि पुलिस को ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे पुलिस की इमेज खराब होती है। बदलापुर में क्या हुआ? अक्षय शिंदे का एनकाउंटर हुआ, जिसके बाद उसके हिसाब से बैनर लगाकर बदलापुर एजेंडा चलाया गया, जिसके बाद कोर्ट ने इसे मर्डर घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि इसी तरह सोमनाथ सूर्यवंशी के केस में भी उन पर कितनी हिंसा की गई, जिससे उनकी कस्टडी में मौत हो गई, कोर्ट ने केस दर्ज करने का भी ऑर्डर दिया है। इसके साथ ही नासिक केस में भी एक एजेंडा चलाया गया है और एक खास एजेंडे के तहत इस कंपनी TCS की एक एम्प्लॉई निदा खान को टारगेट किया गया। निदा खान एक छोटी एम्प्लॉई है लेकिन उसे एचआर हेड के तौर पर पेश किया गया। मीडिया ने उसका ट्रायल किया है। वाल्मीक कराड तब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा जब तक उसने सरेंडर नहीं कर दिया। अशोक खराट के खिलाफ एक साल पहले केस दर्ज किया गया था लेकिन उसे अजित पवार की मौत के बाद अरेस्ट किया गया। पुलिस किसी का पॉलिटिकल एजेंडा सेट करने के लिए खुद को बदनाम कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि नासिक मामले में जिस तरह से हो रहा है, उससे साफ है कि पुलिस की जांच को मीडिया ट्रायल के जरिए पब्लिक किया जा रहा है, जबकि इसमें धर्म बदलने का कोई जिक्र नहीं है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एपीसीआर ने नासिक मामले में फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट भी पेश की है। इस कॉन्फ्रेंस में डॉल्फी डिसूजा, शाकिर शेख और अन्य लोग मौजूद थे।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र10 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
