राजनीति
महाराष्ट्र का डिजिटल सुधार की ओर बड़ा कदम, ई-बॉन्ड और स्टांपिंग की मिलेगी सुविधा
मुंबई, 3 अक्टूबर: महाराष्ट्र ने डिजिटल सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शुक्रवार को घोषणा की है कि महाराष्ट्र में इलेक्ट्रॉनिक बॉन्ड, ई-स्टाम्पिंग, ई-हस्ताक्षर और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू हो रही है।
महाराष्ट्र इलेक्ट्रॉनिक बॉन्ड, ई-स्टाम्पिंग, ई-हस्ताक्षर और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा को लागू करने वाला देश का 17वां राज्य बन गया है। इस नई प्रणाली के तहत लगभग 50 हजार दस्तावेजों के लिए अब ई-बॉन्ड की सुविधा उपलब्ध होगी। यह प्रणाली राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा लिमिटेड (एनईएसएल) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के तकनीकी सहयोग से विकसित की गई है।
चंद्रशेखर बावनकु ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, “महाराष्ट्र सरकार ने बहुत महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में प्रदेश में ई-बॉन्ड की सुविधा दी गई है। इस डिजिटल पहल से आयातकों और निर्यातकों के लिए सीमा शुल्क प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और सरल हो जाएगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता बढ़ेगी और राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी। यह कदम महाराष्ट्र को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में और मजबूत बनाएगा।”
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अपनी विदेशी यात्रा के दौरान कोलंबिया में भारत के लोकतंत्र पर खतरे की बात कहने पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। चंद्रशेखर बावनकुले ने राहुल गांधी के बयान पर तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी विदेश में जाकर कितना भी बोलें, देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रगति कर रहा है।”
बावनकुले ने आरोप लगाया, “राहुल गांधी देश में अपनी छवि नहीं बना पाए हैं और विदेशी धरती पर जाकर भारत की छवि खराब करने का काम कर रहे हैं। राहुल गांधी का बार-बार देश का अपमान करना जनता को स्वीकार्य नहीं है और देश की जनता उन्हें सबक सिखाएगी।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर राहुल गांधी को भारत पसंद नहीं है, तो वे इटली जाकर अपना काम करें।”
राष्ट्रीय समाचार
गुजरात: भारतमाला एक्सप्रेसवे पर खड़े डंपर से एसयूवी की टक्कर, चार की मौत

शुक्रवार को गुजरात के सूरत जिले के कामरेज के पास भारतमाला एक्सप्रेसवे पर एक एसयूवी की टक्कर में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई।
यह दुर्घटना कामरेज इलाके में तापी ओवरब्रिज के पास हुई, जब महाराष्ट्र से गुजरात की ओर आ रही एसयूवी एक्सप्रेसवे पर रुके हुए डंपर के पिछले हिस्से से टकरा गई।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कार में सवार चारों लोगों की मौत हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डंपर में हवा का दबाव बिगड़ गया था, जिसके बाद चालक ने वाहन को सड़क पर रोक दिया था।
पीछे से आ रही एसयूवी ने फिर खड़े हुए डंपर से टक्कर मार दी। टक्कर से कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
कार में सवार सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे, और बताया जा रहा है कि वे मुंबई से पाटन जिले के शंखेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे।
मृतकों की पहचान राजीव जैन, जयंती दोषी, प्रवीण जैन और संजय खेमचंद के रूप में हुई है।
दुर्घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात अस्थायी रूप से बाधित हो गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही कामरेज पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जबकि यातायात सुचारू रूप से चलाने के लिए क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटा दिया गया।
पुलिस टक्कर के कारणों की जांच कर रही है, जिसमें तकनीकी खराबी की सूचना मिलने के बाद डंपर को एक्सप्रेसवे पर किस तरह खड़ा किया गया था और सामने से आ रही कार ने खड़े वाहन को कैसे टक्कर मारी आदि जानकारी शामिल हैं।
जांच आगे बढ़ने के साथ ही और अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
इससे पहले, इसी एक्सप्रेसवे पर 8 अप्रैल को एना/दास्तान गांव के पास एक मालवाहक ट्रक के पिछले हिस्से से कार टकराने से खंभात के एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी।
परिवार किम की ओर जा रहा था। मृतकों की पहचान होजेफा अदेनवाला, मुर्तजा अदेनवाला, मुनीरा अदेनवाला और जॉयब मुर्तजा अदेनवाला के रूप में हुई।
ट्रक का बायां आगे का टायर फट जाने के बाद वह एक्सप्रेसवे पर रुक गया था।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में ईयू के राजदूत जीन-एरिक पाकेट ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपा परिचय पत्र

भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत जीन-एरिक पाकेट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचय पत्र सौंपा। इससे पहले वे जापान में यूरोपीय संघ के राजदूत के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
राजदूत एरिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ अपनी तस्वीर साझा की। एरिक ने पोस्ट में लिखा, ”भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने अपना परिचय-पत्र पेश करना मेरे लिए सम्मान की बात है। व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और रिसर्च एवं इनोवेशन (आरएंडआई) जैसे क्षेत्रों में रिश्ते तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण और उत्साह भरे समय में भारत में यूरोपीय संघ (ईयू) का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे गर्व है। हमारी साझा प्राथमिकताओं पर मिलकर सहयोग करने और काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।”
राष्ट्रपति भवन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यूरोपीय संघ के राजदूत जीन-एरिक पाकेट से परिचय पत्र स्वीकार किए।”
भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी व्यापार, रक्षा और सुरक्षा तथा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रों में प्रगति कर रही है। एरिक भारत में यूरोपीय संघ के राजनयिक प्रतिनिधि के तौर पर भारत-ईयू संबंधों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यूरोपीय आयोग में व्यापार से जुड़े नीतिगत क्षेत्रों, रिसर्च और इनोवेशन, ट्रांसपोर्ट, ग्रीन पॉलिसी और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ी कई वरिष्ठ जिम्मेदारियां संभाली हैं।
इससे पहले एरिक 2018 से 2022 के बीच वे ‘यूरोपीय आयोग’ में रिसर्च एंड इनोवेशन के डायरेक्टर-जनरल रहे। 2004 से 2007 तक वे मॉरिटानिया में ईयू के राजदूत/प्रतिनिधिमंडल प्रमुख रहे। यूरोपीय संघ ने बताया कि पैकेट ने भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को ’21वीं सदी के सबसे अहम रिश्तों’ में से एक बताया।
उन्होंने बदलती वैश्विक आर्थिक, तकनीकी और भू-राजनीतिक स्थितियों के बीच इस साझेदारी के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्रों में अभूतपूर्व तेजी के साथ ऐसे बदलाव वाले दौर में भारत में यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करना सम्मान की बात है। हमारा साझा एजेंडा सिर्फ उम्मीदों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ठोस प्रतिबद्धता है, जो दोनों तरफ के नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर, इनोवेशन, समृद्धि और मजबूती को बढ़ावा देगा।
राष्ट्रीय समाचार
बैंक यूनियनों के प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह देने पर पुलिस सोमवार तक ले फैसला: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि 28, 29 और 30 सितंबर को बैंक यूनियनों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर के अलावा किसी वैकल्पिक जगह की मांग पर फैसला किया जाए। जस्टिस अमित महाजन ने पुलिस को निर्देश दिया कि बैंक यूनियनों के वैकल्पिक स्थल पर प्रदर्शन की मांग पर सोमवार तक फैसला लिया जाए।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जंतर-मंतर पर कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या है। बैंक यूनियनों ने पहले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। वैकल्पिक तौर पर दिल्ली में किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति देने की मांग की गई है।
कोर्ट ने साफ कहा कि पुलिस अपने फैसले की जानकारी बैंक यूनियनों के वकील को सोमवार शाम 4 बजे तक दे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन की अनुमति देने में देरी या अनुमति नहीं देने से यूनियनों के शांतिपूर्ण सभा और प्रदर्शन के मौलिक अधिकार प्रभावित हुए हैं।
यूनियनों के मुताबिक, 11 सितंबर के प्रदर्शन के लिए 27 अगस्त को ही अनुमति मांगी गई थी। बाद में रामलीला मैदान, राजेंद्र प्लेस और द्वारका में प्रदर्शन की अनुमति के लिए भी संपर्क किया गया।
द्वारका में सेक्टर-10 में प्रदर्शन की अनुमति ब्रिक्स समिट का हवाला देकर नहीं दी गई थी। याचिका में बताया गया है कि 18 सितंबर के प्रदर्शन के लिए 1 सितंबर को डीसीपी, पार्लियामेंट स्ट्रीट को आवेदन दिया गया था, लेकिन 17 दिन तक कोई जवाब नहीं मिला। 17 सितंबर की रात करीब 10 बजे अनुमति खारिज किए जाने की जानकारी दी गई।
बैंक यूनियनों का कहना है कि बार-बार आवेदन करने के बावजूद उन्हें समय पर अनुमति नहीं मिल रही है, जिससे उनके विरोध प्रदर्शन की योजना प्रभावित हो रही है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस को सोमवार तक वैकल्पिक जगह को लेकर अपना फैसला लेना होगा।
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