महाराष्ट्र
बेहतर कीमतों के लिए महाराष्ट्र डेयरी किसानों ने किया आंदोलन
महाराष्ट्र में हजारों डेयरी किसानों ने अपने दूध उत्पादों के लिए कानून के अनुसार उचित पारिश्रमिक मूल्य और निजी दूध उत्पादक कंपनियों द्वारा शोषण को समाप्त करने की मांग को लेकर तीन दिवसीय आंदोलन शुरू किया है।
राज्य के उत्तरी, पश्चिमी और मराठवाड़ा क्षेत्रों के 14 सबसे बड़े दूध उत्पादक जिलों में आंदोलन किए गए, जिसमें सैकड़ों किसान सड़कों पर उतर आए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
दुग्ध उत्पादक किसान कार्य समिति (एमपीएफएसी) के समन्वयक अजीत नवाले ने कहा कि किसानों ने सड़कों के किनारे दूध के डिब्बे खाली करके, आवारा जानवरों को खाना खिलाकर या मंदिरों में राज्य का ध्यान अपनी दुर्दशा की ओर आकर्षित करने के लिए विरोध किया।
अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धावले ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और डेयरी विकास मंत्री सुनील केदार को डेयरी किसानों और उपभोक्ताओं के हित में हमारी 8 सूत्रीय मांगों को तुरंत स्वीकार करने के लिए लिखा है।
लंबे समय से चल रहे महामारी लॉकडाउन के कारण, दूध के लिए अनुचित या बहुत कम पारिश्रमिक कीमतों के कारण दुग्ध किसान अपने मवेशियों के साथ-साथ भुखमरी के कगार पर हैं।
नवाले ने कहा, “हमने गाय के दूध के लिए न्यूनतम पारिश्रमिक में 15 रुपये की बढ़ोतरी की मांग की है, जो अभी 20 रुपये में बेचा जाता है, और भैंस के दूध को वर्तमान में 45 रुपये में बेचा जाता है, ताकि डेयरी किसानों को बेहतर रिटर्न मिले और उनकी लागत वसूल हो सके।”
एमपीएफएसी ने यह भी मांग की है कि राज्य सरकार को ब्रांडेड दूध उत्पाद बेचने वाली 350 बड़ी कंपनियों द्वारा डेयरी किसानों का शोषण समाप्त करना चाहिए।
डॉ नवाले ने कहा, “गुजरात में, राज्य सरकार केवल ‘अमूल’ को प्रोत्साहित करती है और कर्नाटक ‘महानंदी’ का समर्थन करता है, लेकिन, महाराष्ट्र में, दूध उत्पादन का 74 प्रतिशत कॉरपोरेट्स द्वारा खरीदा जाता है, और शेष 24 प्रतिशत पारंपरिक दूध सहकारी समितियों को जाता है, जो अब राज्य में राजनेताओं के कारण जर्जर हालत में हैं।”
एमपीएफएसी ने लॉकडाउन अवधि के दौरान पीड़ित किसानों के लिए 5 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी, डेयरी किसानों की ‘लूट’ को रोकने के लिए उपयुक्त कानून बनाने, दूध के लिए कानून के अनुसार एफआरपी सुनिश्चित करने, कॉपोर्रेट्स द्वारा किए गए मुनाफे में हिस्सेदारी की मांग की है।
खराब दूध मीटरों द्वारा दुग्ध किसानों की धोखाधड़ी का जिक्र करते हुए, एमपीएफएसी ने सभी डेयरी संगठनों से केवल प्रमाणित दूध मीटर का उपयोग करने और नियमित आधार पर उनकी जांच के लिए स्वतंत्र निरीक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है।
धावले ने कहा कि राज्य सरकार को डेयरी किसानों की लंबी अवधि की सुरक्षा के लिए अनुदान की घोषणा करनी चाहिए और पशु बीमा योजना शुरू करनी चाहिए।
एक प्रवक्ता पी एस प्रसाद ने कहा कि सोमवार को विरोध प्रदर्शन अगस्त 2020 में एक सप्ताह के राज्य-स्तरीय आंदोलन के एक साल बाद कोल्हापुर, सांगली, सतारा, अहमदनगर, औरंगाबाद, बीड, पुणे, नासिक, जलगाँव, लातूर, उस्मानाबाद, सोलापुर, परभणी और नांदेड़ में एक साथ किए गए।
महाराष्ट्र
घाटकोपर रोड चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर गिराए गए

मुंबई ; घाटकोपर (वेस्ट) में झुनझुनवाला कॉलेज और अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड के बीच सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर को गिराने का अभियान कल (7 अक्टूबर, 2026) मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ‘एन’ वार्ड (एन वार्ड) ऑफिस द्वारा चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व असिस्टेंट कमिश्नर (‘एन’ वार्ड) जयदीप मोरे ने किया। ऑपरेशन के दौरान म्युनिसिपल अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।
महाराष्ट्र
नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर बस दुर्घटनाग्रस्त; 2 यात्रियों की मौत और 6 घायल

महाराष्ट्र के नासिक जिले के पेठ तालुका में करंजाली के निकट सावलघाट क्षेत्र में नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई जबकि छह यात्री घायल हुए हैं।
जिला नियंत्रण कक्ष को दुर्घटना की सूचना 6 अक्टूबर की रात 11 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना के समन्वय के लिए दो पुलिस निरीक्षक और एक अनुविभागीय पुलिस अधिकारी तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुए। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया और घायलों को अलग-अलग एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए नाशिक लाया गया।
रात 00:30 बजे से 02:15 बजे के बीच नासिक सिविल अस्पताल में आठ लोगों को लाया गया। इनमें सात व्यक्ति जीवित थे जबकि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। इसके अलावा दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। वर्तमान में दो घायल मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हैं जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें अस्पताल में भर्ती किए बिना छुट्टी दे दी गई।
हादसे में घायल प्रमिला राउत (53) को गंभीर चोट के कारण सिविल अस्पताल के ई-वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, बाल विमल जगदीश (65) के बाएं हाथ की ह्यूमरस हड्डी में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें एमओडब्ल्यू वार्ड में भर्ती किया गया है। अन्य घायलों में यश देसाई, आरती देसाई, नयन वासोने तथा स्वाति सुरेश बडाणे शामिल हैं।
दुर्घटना में राहुल ओझा और महेंद्र पाल (48) की मौत हुई है। महेंद्र पाल को सिविल अस्पताल, नासिक में मृत अवस्था में लाया गया था। मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेठ तालुका के सावलघाट क्षेत्र में हादसे के समय बादल और कोहरे की स्थिति के कारण दृश्यता काफी कम थी। प्रशासन की प्राथमिक जांच में कम दृश्यता को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है।
महाराष्ट्र
‘विद्यार्थियों की मांग नहीं मानी तो पूरा महाराष्ट्र बंद करेंगे,’ मनोज जरांगे पाटिल की सरकार को चेतावनी

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर पुणे में छात्रों का एक बड़ा आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन का जमीनी नेतृत्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार कर रहे हैं। इस बीच मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरंगे पाटिल भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
मनोज जरांगे पाटिल ने कहा, “बच्चों, अगर इन लोगों ने आपकी बात नहीं सुनी तो यहां बैठे सभी नेताओं से भी कहता हूं और आपसे भी कहता हूं, आपके लिए पूरा महाराष्ट्र बंद कर देंगे। इन्हें क्या हो गया है, इन्हें घमंड हो गया है।”
उन्होंने छात्रों से कहा, “आपके साथ हुआ अन्याय जाति से परे है। अगर मैं जातिवादी होता तो यहां नहीं आता। यहां महाराष्ट्र के किसानों के बच्चे बैठे हैं और मैं किसान का बेटा बनकर आया हूं, जाति के नाम पर नहीं।”
जरांगे पाटिल ने कहा कि आरक्षण की मांग करने का मतलब यह नहीं है कि वे छात्रों को उनके हाल पर छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि मेहनतकश माता-पिता की उम्मीद है कि उनके बेटे और बेटियां भी अधिकारी बनें और सरकार को इस भावना को समझना चाहिए।
छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने को राजनीति बताने पर भी जरांगे पाटिल ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या सरकार चाहती है कि छात्रों के पीछे कोई खड़ा न हो और उन्हें कोई ताकत न मिले।
उन्होंने पूछा, “रोहित दादा राजनीतिक नेतृत्व करते हैं, इस पर किसी को संदेह है तो राज्य सरकार मुझे इसका जवाब दे। इससे पहले एमपीएससी में दो साल की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। क्या वह राजनीतिक था? फिर यह आंदोलन राजनीतिक कैसे हुआ? आज बच्चे अनशन पर बैठे हैं। उनकी जान का क्या? उनके सवालों का क्या? आप हर बात को राजनीतिक रंग क्यों देंगे?”
पत्रकारों से बातचीत में जरांगे पाटिल ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और सीएम फडणवीस को जवाब देना चाहिए। गृहमंत्री के तौर पर उन्हें विद्यार्थियों का दिल जीतने का काम करना चाहिए।
छात्रों के बीच तीन गुटों में आंदोलन होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “न कांग्रेस आपकी है, न राष्ट्रवादी आपकी है, न भाजपा आपकी है, न शिवसेना आपकी है, न महायुति आपकी है, न महाविकास आघाड़ी आपकी है। हमारे असली हीरो हमारे माता-पिता हैं। वे मेहनत करके हमें पढ़ाते हैं।”
उन्होंने कहा कि आंदोलन तीन जगह हो या एक जगह, न्याय छात्रों को ही चाहिए। मुख्यमंत्री को सभी आंदोलनों पर तत्काल ध्यान देकर उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए और उनका विश्वास जीतना चाहिए। उन्होंने छात्रों से एकजुट रहने की अपील भी की।
सरकार के मंत्री और विधायक एक आंदोलन की ओर जा रहे हैं जबकि दूसरे आंदोलन की ओर सरकार का प्रतिनिधिमंडल नहीं आया है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को सभी जगह जाना चाहिए और छात्रों की राय सुननी चाहिए।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
