Connect with us
Sunday,11-October-2026
ताज़ा खबर

महाराष्ट्र

बेहतर कीमतों के लिए महाराष्ट्र डेयरी किसानों ने किया आंदोलन

Published

on

Maharashtra-dairy-farmers

महाराष्ट्र में हजारों डेयरी किसानों ने अपने दूध उत्पादों के लिए कानून के अनुसार उचित पारिश्रमिक मूल्य और निजी दूध उत्पादक कंपनियों द्वारा शोषण को समाप्त करने की मांग को लेकर तीन दिवसीय आंदोलन शुरू किया है।

राज्य के उत्तरी, पश्चिमी और मराठवाड़ा क्षेत्रों के 14 सबसे बड़े दूध उत्पादक जिलों में आंदोलन किए गए, जिसमें सैकड़ों किसान सड़कों पर उतर आए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।

दुग्ध उत्पादक किसान कार्य समिति (एमपीएफएसी) के समन्वयक अजीत नवाले ने कहा कि किसानों ने सड़कों के किनारे दूध के डिब्बे खाली करके, आवारा जानवरों को खाना खिलाकर या मंदिरों में राज्य का ध्यान अपनी दुर्दशा की ओर आकर्षित करने के लिए विरोध किया।

अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धावले ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और डेयरी विकास मंत्री सुनील केदार को डेयरी किसानों और उपभोक्ताओं के हित में हमारी 8 सूत्रीय मांगों को तुरंत स्वीकार करने के लिए लिखा है।

लंबे समय से चल रहे महामारी लॉकडाउन के कारण, दूध के लिए अनुचित या बहुत कम पारिश्रमिक कीमतों के कारण दुग्ध किसान अपने मवेशियों के साथ-साथ भुखमरी के कगार पर हैं।

नवाले ने कहा, “हमने गाय के दूध के लिए न्यूनतम पारिश्रमिक में 15 रुपये की बढ़ोतरी की मांग की है, जो अभी 20 रुपये में बेचा जाता है, और भैंस के दूध को वर्तमान में 45 रुपये में बेचा जाता है, ताकि डेयरी किसानों को बेहतर रिटर्न मिले और उनकी लागत वसूल हो सके।”

एमपीएफएसी ने यह भी मांग की है कि राज्य सरकार को ब्रांडेड दूध उत्पाद बेचने वाली 350 बड़ी कंपनियों द्वारा डेयरी किसानों का शोषण समाप्त करना चाहिए।

डॉ नवाले ने कहा, “गुजरात में, राज्य सरकार केवल ‘अमूल’ को प्रोत्साहित करती है और कर्नाटक ‘महानंदी’ का समर्थन करता है, लेकिन, महाराष्ट्र में, दूध उत्पादन का 74 प्रतिशत कॉरपोरेट्स द्वारा खरीदा जाता है, और शेष 24 प्रतिशत पारंपरिक दूध सहकारी समितियों को जाता है, जो अब राज्य में राजनेताओं के कारण जर्जर हालत में हैं।”

एमपीएफएसी ने लॉकडाउन अवधि के दौरान पीड़ित किसानों के लिए 5 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी, डेयरी किसानों की ‘लूट’ को रोकने के लिए उपयुक्त कानून बनाने, दूध के लिए कानून के अनुसार एफआरपी सुनिश्चित करने, कॉपोर्रेट्स द्वारा किए गए मुनाफे में हिस्सेदारी की मांग की है।

खराब दूध मीटरों द्वारा दुग्ध किसानों की धोखाधड़ी का जिक्र करते हुए, एमपीएफएसी ने सभी डेयरी संगठनों से केवल प्रमाणित दूध मीटर का उपयोग करने और नियमित आधार पर उनकी जांच के लिए स्वतंत्र निरीक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है।

धावले ने कहा कि राज्य सरकार को डेयरी किसानों की लंबी अवधि की सुरक्षा के लिए अनुदान की घोषणा करनी चाहिए और पशु बीमा योजना शुरू करनी चाहिए।

एक प्रवक्ता पी एस प्रसाद ने कहा कि सोमवार को विरोध प्रदर्शन अगस्त 2020 में एक सप्ताह के राज्य-स्तरीय आंदोलन के एक साल बाद कोल्हापुर, सांगली, सतारा, अहमदनगर, औरंगाबाद, बीड, पुणे, नासिक, जलगाँव, लातूर, उस्मानाबाद, सोलापुर, परभणी और नांदेड़ में एक साथ किए गए।

महाराष्ट्र

घाटकोपर रोड चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर गिराए गए

Published

on

मुंबई ; घाटकोपर (वेस्ट) में झुनझुनवाला कॉलेज और अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड के बीच सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर को गिराने का अभियान कल (7 अक्टूबर, 2026) मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ‘एन’ वार्ड (एन वार्ड) ऑफिस द्वारा चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व असिस्टेंट कमिश्नर (‘एन’ वार्ड) जयदीप मोरे ने किया। ऑपरेशन के दौरान म्युनिसिपल अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।

Continue Reading

महाराष्ट्र

नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर बस दुर्घटनाग्रस्त; 2 यात्रियों की मौत और 6 घायल

Published

on

महाराष्ट्र के नासिक जिले के पेठ तालुका में करंजाली के निकट सावलघाट क्षेत्र में नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई जबकि छह यात्री घायल हुए हैं।

जिला नियंत्रण कक्ष को दुर्घटना की सूचना 6 अक्टूबर की रात 11 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना के समन्वय के लिए दो पुलिस निरीक्षक और एक अनुविभागीय पुलिस अधिकारी तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुए। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया और घायलों को अलग-अलग एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए नाशिक लाया गया।

रात 00:30 बजे से 02:15 बजे के बीच नासिक सिविल अस्पताल में आठ लोगों को लाया गया। इनमें सात व्यक्ति जीवित थे जबकि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। इसके अलावा दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। वर्तमान में दो घायल मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हैं जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें अस्पताल में भर्ती किए बिना छुट्टी दे दी गई।

हादसे में घायल प्रमिला राउत (53) को गंभीर चोट के कारण सिविल अस्पताल के ई-वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, बाल विमल जगदीश (65) के बाएं हाथ की ह्यूमरस हड्डी में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें एमओडब्ल्यू वार्ड में भर्ती किया गया है। अन्य घायलों में यश देसाई, आरती देसाई, नयन वासोने तथा स्वाति सुरेश बडाणे शामिल हैं।

दुर्घटना में राहुल ओझा और महेंद्र पाल (48) की मौत हुई है। महेंद्र पाल को सिविल अस्पताल, नासिक में मृत अवस्था में लाया गया था। मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेठ तालुका के सावलघाट क्षेत्र में हादसे के समय बादल और कोहरे की स्थिति के कारण दृश्यता काफी कम थी। प्रशासन की प्राथमिक जांच में कम दृश्यता को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है।

Continue Reading

महाराष्ट्र

‘विद्यार्थियों की मांग नहीं मानी तो पूरा महाराष्ट्र बंद करेंगे,’ मनोज जरांगे पाटिल की सरकार को चेतावनी

Published

on

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर पुणे में छात्रों का एक बड़ा आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन का जमीनी नेतृत्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार कर रहे हैं। इस बीच मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरंगे पाटिल भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

मनोज जरांगे पाटिल ने कहा, “बच्चों, अगर इन लोगों ने आपकी बात नहीं सुनी तो यहां बैठे सभी नेताओं से भी कहता हूं और आपसे भी कहता हूं, आपके लिए पूरा महाराष्ट्र बंद कर देंगे। इन्हें क्या हो गया है, इन्हें घमंड हो गया है।”

उन्होंने छात्रों से कहा, “आपके साथ हुआ अन्याय जाति से परे है। अगर मैं जातिवादी होता तो यहां नहीं आता। यहां महाराष्ट्र के किसानों के बच्चे बैठे हैं और मैं किसान का बेटा बनकर आया हूं, जाति के नाम पर नहीं।”

जरांगे पाटिल ने कहा कि आरक्षण की मांग करने का मतलब यह नहीं है कि वे छात्रों को उनके हाल पर छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि मेहनतकश माता-पिता की उम्मीद है कि उनके बेटे और बेटियां भी अधिकारी बनें और सरकार को इस भावना को समझना चाहिए।

छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने को राजनीति बताने पर भी जरांगे पाटिल ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या सरकार चाहती है कि छात्रों के पीछे कोई खड़ा न हो और उन्हें कोई ताकत न मिले।

उन्होंने पूछा, “रोहित दादा राजनीतिक नेतृत्व करते हैं, इस पर किसी को संदेह है तो राज्य सरकार मुझे इसका जवाब दे। इससे पहले एमपीएससी में दो साल की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। क्या वह राजनीतिक था? फिर यह आंदोलन राजनीतिक कैसे हुआ? आज बच्चे अनशन पर बैठे हैं। उनकी जान का क्या? उनके सवालों का क्या? आप हर बात को राजनीतिक रंग क्यों देंगे?”

पत्रकारों से बातचीत में जरांगे पाटिल ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और सीएम फडणवीस को जवाब देना चाहिए। गृहमंत्री के तौर पर उन्हें विद्यार्थियों का दिल जीतने का काम करना चाहिए।

छात्रों के बीच तीन गुटों में आंदोलन होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “न कांग्रेस आपकी है, न राष्ट्रवादी आपकी है, न भाजपा आपकी है, न शिवसेना आपकी है, न महायुति आपकी है, न महाविकास आघाड़ी आपकी है। हमारे असली हीरो हमारे माता-पिता हैं। वे मेहनत करके हमें पढ़ाते हैं।”

उन्होंने कहा कि आंदोलन तीन जगह हो या एक जगह, न्याय छात्रों को ही चाहिए। मुख्यमंत्री को सभी आंदोलनों पर तत्काल ध्यान देकर उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए और उनका विश्वास जीतना चाहिए। उन्होंने छात्रों से एकजुट रहने की अपील भी की।

सरकार के मंत्री और विधायक एक आंदोलन की ओर जा रहे हैं जबकि दूसरे आंदोलन की ओर सरकार का प्रतिनिधिमंडल नहीं आया है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को सभी जगह जाना चाहिए और छात्रों की राय सुननी चाहिए।

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय समाचार1 minute ago

युद्ध खत्‍म करना चाहता है रूस, जेलेंस्‍की ने गंवाए शांत‍ि वार्ता के कई मौके: डोनाल्ड ट्रंप

राष्ट्रीय समाचार6 minutes ago

हैदराबाद और तेलंगाना से ड्रग्स को खत्म करने की कोशिश जारी : के. लक्ष्मण

अंतरराष्ट्रीय समाचार16 minutes ago

ईरान से युद्ध समाप्‍त करने के ल‍िए ट्रंप ने रखी शर्त, परमाणु हथियार न बनाने की मांगी पक्‍की गारंटी

अंतरराष्ट्रीय समाचार24 minutes ago

नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में भीषण बाढ़, कई घर और पुल बह गए

अंतरराष्ट्रीय समाचार36 minutes ago

रियाद एयरपोर्ट पर हमले को ट्रंप ने बताया ‘बेहद भयानक’, कहा-सऊदी क्राउन प्रिंस से करेंगे बात

राष्ट्रीय समाचार43 minutes ago

दिल्ली-प्रदर्शन पर यूएन की टिप्पणी को भारत ने बताया बेबुनियाद, कहा, ‘आंतरिक मामलों में दखल अस्वीकार्य’

खेल18 hours ago

आईओए ने चुनाव प्रक्रिया शुरू की, ‘पूर्व चुनाव आयुक्त’ रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त

राष्ट्रीय समाचार18 hours ago

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने जेएनयू से बर्खास्तगी के बाद सांसद अकोइजम के इस्तीफे की मांग की

मनोरंजन19 hours ago

जन्मदिन विशेषः दोस्ती के लिए बने नेता, फिर छोड़ दी राजनीति, जानें अमिताभ के सियासी करियर की कहानी

मनोरंजन19 hours ago

राजामौली के जन्मदिन पर महेश बाबू, जूनियर एनटीआर और रामचरण ने दी शुभकामनाएं

बॉलीवुड1 week ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

राजनीति4 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल4 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन4 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

राजनीति1 day ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

मनोरंजन3 weeks ago

अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी

व्यापार1 week ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मनोरंजन2 weeks ago

बर्थडे बॉय रणबीर कपूर पर बॉलीवुड ने बरसाया प्यार, मां नीतू और रवि दुबे ने भी दी बधाई

रुझान