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Tuesday,14-July-2026
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लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर को 100 प्रतिशत एफडीआई लिमिट के साथ मिलेगा बढ़ावा

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नई दिल्ली, 19 फरवरी। जीवन बीमा क्षेत्र की उच्च पूंजी तीव्रता के कारण विकास को बनाए रखने के लिए पर्याप्त निवेश की आवश्यकता होती है। एफडीआई लिमिट में वृद्धि से इस क्षेत्र को जरूरी पूंजी बढ़ावा मिलेगा, जिससे बीमाकर्ता अपनी मृत्यु दर कवरेज को बढ़ा सकेंगे। यह जानकारी रेटिंग एजेंसी आईसीआरए की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

आईसीआरए को उम्मीद है कि बीमाकर्ताओं के लिए रिटेल सेगमेंट में बीमा राशि में वृद्धि रिटेल न्यू बिजनेस प्रीमियम (एनबीपी) में वृद्धि से आगे निकल जाएगी।

प्राइवेट बीमाकर्ताओं ने वित्त वर्ष 2025 में सालाना आधार पर 9 महीनों में रिटेल बीमा राशि में 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो रिटेल एनबीपी वृद्धि के 17 प्रतिशत से अधिक है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नए बिजनेस (वीएनबी) मार्जिन वाले गैर-भागीदारी (गैर-बराबर) प्रोडक्ट की हाई वैल्यू से कम वीएनबी मार्जिन वाले यूनिट-लिंक्ड इंवेस्टमेंट प्लान (यूएलआईपी) प्रोडक्ट की ओर प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव को देखते हुए, वीएनबी मार्जिन पर दबाव जारी रहने की संभावना है।

इसके परिणामस्वरूप प्रोडक्ट शिफ्ट के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए बीमित राशि और राइडर अटैचमेंट में वृद्धि होगी।

जीवन बीमाकर्ताओं के लिए पूंजी की आवश्यकता भी लागू बीमित राशि का एक कार्य है, बीमित राशि में उच्च वृद्धि के साथ, वृद्धिशील विकास के लिए पूंजी की तीव्रता उच्च रहने की उम्मीद है।

इसके परिणामस्वरूप इस क्षेत्र के लिए वृद्धिशील पूंजी आवश्यकताओं में वृद्धि होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल ही में प्रस्तावित विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) सीमा में 100 प्रतिशत की वृद्धि से इस क्षेत्र में पूंजी का प्रवाह बढ़ सकता है और भारत में सुरक्षा अंतर कम हो सकता है।

जबकि, ऐतिहासिक रूप से, जीवन बीमा प्रीमियम में वृद्धि निवेश संबंधी विचारों से प्रेरित रही है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि जीवन बीमा निगम (एलआईसी) रिटेल और ग्रुप एनबीपी में पर्याप्त हिस्सेदारी के साथ बाजार पर हावी है, हालांकि, बीमा राशि के मामले में निजी बीमाकर्ता सबसे आगे हैं।

आईसीआरए की उपाध्यक्ष नेहा पारिख ने कहा, “मोरटैलिटी प्रोटेक्शन के लिए अपफ्रंट कैपिटल, रिस्क मैनेजमेंट और रिइंश्योरेंस टाइ-अप की जरूरत होती है, जिसके परिणामस्वरूप बीमा राशि बाजार का कंसन्ट्रेशन होता है। रिटेल और ग्रुप बीमा राशि के भीतर, रिटेल सेगमेंट में पूंजी की आवश्यकता और भी अधिक है, यह देखते हुए कि जोखिम बहुत लंबी अवधि के लिए अंडरराइट किया जाता है।”

“कुछ बड़े प्राइवेट बीमाकर्ता अपने लंबे परिचालन इतिहास से लाभान्वित होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप बैकबुक अधिशेष होता है, इसलिए, आंशिक रूप से उच्च बीमा राशि को अंडरराइट करने की उनकी क्षमता का समर्थन करता है।”

अंतरराष्ट्रीय

इजरायल में इस साल 27 अक्टूबर को होगा चुनाव, जनता करेगी नेतन्याहू की किस्मत का फैसला

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तेल अवीव, 13 जुलाई: इजरायल में आम चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है। नेसेट के कानूनी सलाहकार सागिट अफिक ने रविवार को घोषणा की कि नेसेट 17 जुलाई को भंग हो जाएगा। इसके साथ ही इजरायल में चुनाव अपनी तय तारीख 27 अक्टूबर को होंगे। यह इजरायली कानून के तहत सबसे आखिरी तारीख है। 27 अक्टूबर को इजरायल के वर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की किस्मत का फैसला होगा।

इजरायली मीडिया टाइम्स ऑफ इजरायल की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, अफिक ने नेसेट हाउस कमेटी की चर्चा के दौरान कहा, “मौजूदा नेसेट अपना कार्यकाल पूरा करेगी और इसे जल्दी भंग नहीं किया जाएगा। चुनाव की तारीख कानून के अनुसार तय की गई है और यह 27 अक्टूबर ही रहेगी।”

बता दें, इससे 1988 के बाद पहली बार इजरायल में तय समय पर आम चुनाव होंगे। इसके साथ ही, यदि ऐसा होता है तो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदा सरकार 1973 के बाद पहली ऐसी इजरायली सरकार बन जाएगी, जिसने अपना पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा किया हो।

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब गठबंधन ने संसद भंग होने से पहले अपनी सबसे विवादित बिल पास कराने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। संसद भंग होने पर आम तौर पर कानून तब तक नहीं बनते जब तक गठबंधन और विपक्ष दोनों सहमत न हों। इजरायल की 37वीं मौजूदा सरकार 29 दिसंबर, 2022 को नफ्ताली बेनेट-यायर लैपिड सरकार के गिरने के बाद बनी थी।

बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली मौजूदा गठबंधन सरकार, जिसमें लिकुड, कई अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स और दक्षिणपंथी दल शामिल हैं, को व्यापक रूप से इजरायल के इतिहास की सबसे कट्टरपंथी सरकारों में से एक माना जाता है।

नेतन्याहू की सरकार के लिए हाल का समय काफी मुश्किल भरा रहा। कई बार ऐसे हालात बने, जब लगा कि इजरायली सरकार में टकराव होगा। हमास के साथ बंधक-सीजफायर डील के विरोध में, गाजा में युद्ध के दौरान कट्टर दक्षिणपंथी पार्टियों ने कई मौकों पर सरकार गिराने की धमकी दी। हालांकि, अब तक इजरायली सरकार एक साथ आगे बढ़ रही है।

इजरायली मीडिया ने बताया कि पोल के मुताबिक, अगर आज चुनाव हुए तो नेतन्याहू और उनके साथी 120 सीटों वाली नेसेट में बहुमत से काफी पीछे रह जाएंगे। वहीं, विपक्षी गुट खुद बहुमत के किनारे पर डगमगा रहा है। नेतन्याहू के खिलाफ इस गठबंधन में अरब-बहुमत वाली और अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पार्टियां शामिल नहीं हैं।

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राष्ट्रीय

क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है: संजय राउत

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मुंबई, 13 जुलाई: शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले 16 दिनों से सोनम वांगचुक अनशन पर हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि सरकार की ओर से किसी भी प्रकार के सकारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यही सवाल उभरकर सामने आ रहा है कि क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है?

संजय राउत ने सोनम वांगचुक की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उनके मुताबिक, सोनम वांगचुक असाधारण, पर्यावरणविद, शिक्षाविद और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित हैं।

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी बताया कि आखिर सोनम वांगचुक क्यों अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी तरह से भ्रष्टाचार किया है। उनके कार्यकाल के दौरान ही नीट जैसी परीक्षा लीक हुई। कई छात्रों ने मौत को भी गले लगा लिया। इन्हीं सब स्थिति को देखते हुए सोनम वांगचुक आज अनशन पर बैठे हुए हैं।

उनके मुताबिक, सरकार को सोनम वांगचुक के पास आकर उनसे बात करनी चाहिए थी। उनसे बात करनी चाहिए थी, लेकिन अफसोस की बात है कि अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी उनके पास नहीं आया। कुल मिलाकर हमें यह समझना होगा कि सोनम वांगचुक अनशन पर क्यों बैठे हैं। सोनम वांगचुक हम सभी लोगों के लिए ही बैठे हैं।

इसके अलावा, उन्होंने अन्ना हजारे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब अन्ना हजारे अनशन पर बैठे हुए थे, तब तत्कालीन सरकार की ओर से कई लोग उनके पास गए थे और उनसे संवाद स्थापित करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे के लिए भी यह जरूरी हो जाता है कि वो सोनम वांगचुक का समर्थन करें, उनसे मुलाकात करें।

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अपराध

बदरपुर में 17 वर्षीय नाबालिग की चाकू मारकर हत्या, प्रेम संबंध की शक में बुलाकर किया हमला

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नई दिल्ली, 13 जुलाई: दक्षिण दिल्ली के बदरपुर इलाके के मोलरबंद एक्सटेंशन में 40 फीट रोड पर एक 17 वर्षीय नाबालिग युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान यश के रूप में हुई है, जो 12वीं कक्षा का छात्र था। घटना शाम करीब पौने सात बजे पांडे मेडिकल स्टोर के पास गली नंबर 4 में हुई। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

मृतक के पिता जगमोहन सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया, “मुझे कुछ पता नहीं था। सूचना मिलने पर जब अस्पताल पहुंचा तो देखा कि मेरा लड़का मर चुका था। उसकी छाती पर चाकू लगा हुआ था। मेरे इकलौते बेटे को ताबड़तोड़ चाकू के वार किए गए। वह 12वीं कक्षा में पढ़ता था। मुझे न्याय चाहिए, अगर इंसाफ नहीं मिला तो मैं कुछ भी कर सकता हूं।”

जगमोहन सिंह का कहना है कि उनका बेटा शांत स्वभाव का था और उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, यश उस लड़की के भाई द्वारा मौके पर बुलाया गया था, जिसके साथ वह रिलेशनशिप में था। यश तीन दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। वहां दूसरे ग्रुप से झगड़ा हो गया। विवाद के दौरान यश की छाती और पेट में धारदार हथियार से कई वार किए गए। स्थानीय लोगों ने मदद की और घायल यश को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। चोटों की तीव्रता के कारण इलाज के दौरान यश की मौत हो गई।

थाना बदरपुर के अधिकारियों ने बताया कि रात करीब 8 बजे स्थानीय बीट स्टाफ से सूचना मिली। डीडी नंबर 94ए दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। क्राइम टीम ने घटनास्थल (एसओसी) का निरीक्षण किया। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।

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