राष्ट्रीय समाचार
तेलंगाना में पतंगबाजी से पांच लोगों की मौत
हैदराबाद, 15 जनवरी। तेलंगाना में कुछ परिवारों के लिए मकर संक्रांति की खुशियां मातम में बदल गईं। पिछले कुछ दिनों के दौरान पतंगबाजी से जुड़ी घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई।
जहां चार युवाओं की मौत करंट लगने और छत से गिरने के कारण हुई। वहीं, एक सैनिक खतरनाक ‘चीनी मांझे’ का शिकार हो गया।
इनमें से चार मौत हैदराबाद में हुईं जबकि पड़ोसी संगारेड्डी जिले में एक युवक की मौत हुई।
रविवार शाम हैदराबाद के पेट बशीराबाद में अपने अपार्टमेंट परिसर की छत से गिरने के बाद 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। डिग्री द्वितीय वर्ष का छात्र आकाश, अलवल पुलिस स्टेशन में तैनात राजशेखर पुलिस के एक सहायक उप-निरीक्षक का बेटा था।
पुलिस के मुताबिक पतंग उड़ाते समय आकाश अपने पांच मंजिला अपार्टमेंट की छत से गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
रविवार को संगारेड्डी जिले के जोगीपेट शहर में दो मंजिला घर की छत पर पतंग उड़ाते समय करंट लगने से 30 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई।
पतंग उड़ाते समय सुब्रमण्यम हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गए और बिल्डिंग से गिर गए। उन्हें बचाने की कोशिश में उनकी पत्नी चामुंडेश्वरी देवी घायल हो गईं।
दंपति को संगारेड्डी ले जाया जा रहा था, लेकिन, सुब्रमण्यम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उनकी पत्नी का इलाज चल रहा है। सुब्रह्मण्यम अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ मकर संक्रांति मनाने के लिए इस्नापुर से अपने ससुराल आए थे।
इससे पहले हैदराबाद में दो अलग-अलग घटनाओं में दो बच्चों की जान चली गई। शनिवार को अट्टापुर में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग की छत पर पतंग उड़ाते समय करंट लगने से 11 वर्षीय तनिष्क की मौत हो गई।
लड़का अपने दोस्तों के साथ एक अपार्टमेंट की छत पर पतंग उड़ा रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह हाईटेंशन बिजली के तार के संपर्क में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
दूसरी घटना में नागोले में अपने दोस्तों के साथ छत पर पतंग उड़ाते समय एक लड़के की जान चली गई।
नागोले के एक सरकारी स्कूल में आठवीं कक्षा का 13 वर्षीय छात्र के. शिव प्रसन्ना पतंग उड़ाते समय चार मंजिला इमारत की छत से गिर गया। वह बगल की छत पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
नगरकुर्नूल में पतंग उड़ाते समय बिजली के तार के संपर्क में आने से एक लड़का घायल हो गया। उसे इलाज के लिए हैदराबाद शिफ्ट किया गया है।
बिजली अधिकारियों ने लोगों को बिजली प्रतिष्ठानों के पास पतंग नहीं उड़ाने की सलाह देते हुए कहा कि धातु लेपित ‘मांझा’ से बिजली का झटका लग सकता है और आपूर्ति नेटवर्क ट्रिप हो सकता है।
खौफनाक चाइनीज मांझे ने हैदराबाद में एक सैनिक की जान ले ली। 30 वर्षीय कगीथला कोटेश्वर रेड्डी का गला चीनी मांझे से उस समय कट गया, जब वह स्कूटी चला रहे थे।
यह घटना शनिवार शाम लंगर हौज में इंदिरा रेड्डी फ्लाईओवर पर हुई। बुरी तरह लहूलुहान सैन्य अधिकारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
कोटेश्वर रेड्डी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले के पेद्दा वाल्तेरू के मूल निवासी थे। वह लंगर हौज स्थित बापू नगर इलाके में अपने घर लौट रहे थे।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया है।
राज्य सरकार ने पक्षियों को बचाने के साथ-साथ इंसानों की सुरक्षा के लिए 2016 में मांझा पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।
चुनाव
चुनाव आयोग का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! मतदान 23 और 29 अप्रैल को, वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

ELECTIONS
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने रविवार, 15 मार्च को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया। मतदान 2 चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 6 मई तक पूरी होने का कार्यक्रम है। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आगामी चुनावों में 6.44 करोड़ से अधिक मतदाता वोट डालने के पात्र हैं, जिनमें 5.23 लाख पहली बार वोट डालने वाले मतदाता शामिल हैं। सीईसी ने आश्वासन दिया कि चुनाव कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाएँगे।
चुनाव अधिकारी सुचारू मतदान के लिए पूरे राज्य में 80,719 मतदान केंद्र स्थापित करेंगे। बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। सीईसी ने आगे कहा कि चुनावों के दौरान हिंसा, डराने-धमकाने या किसी भी तरह की धांधली के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को बड़े पैमाने पर तैनात किया जाएगा।
इस चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच एक कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है, जिनमें सत्ताधारी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (अपने सहयोगियों के साथ) शामिल हैं। 294 सदस्यों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में, पिछले चुनाव में मिली जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस अभी एक मज़बूत स्थिति में है। 2026 के चुनावों के नतीजे ही अगले पाँच वर्षों के लिए राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
राष्ट्रीय समाचार
भारत और सेशेल्स के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘लामितिये–2026’ हुआ आरंभ

भारत की सशस्त्र सेनाओं का एक संयुक्त दल हिंद महासागर के द्वीपीय देश सेशेल्स पहुंच गया है। यहां यह भारतीय सैन्य दल सेशेल्स रक्षा बलों के साथ एक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘लामितिये–2026’ में भाग ले रहा है।
यह सैन्य अभ्यास 9 मार्च से 20 मार्च तक सेशेल्स की रक्षा अकादमी में आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास के दौरान भारत और सेशेल्स के सैनिक संयुक्त रूप से प्रशिक्षण लेंगे, विभिन्न मिलिटरी मिशनों की योजनाएं बनाएंगे और अलग-अलग सामरिक गतिविधियों को अंजाम देंगे। इसमें अर्ध-शहरी वातावरण में संभावित खतरों को निष्क्रिय करने के लिए कई प्रकार की युद्धक कार्रवाई की जाएंगी।
इसके साथ ही नई पीढ़ी के सैन्य उपकरणों और आधुनिक तकनीक के उपयोग का अभ्यास भी किया जाएगा। ‘लामितिये’ शब्द क्रियोल भाषा का है, जिसका अर्थ मित्रता होता है। यह अभ्यास हर दो वर्ष में आयोजित किया जाता है और वर्ष 2001 से नियमित रूप से सेशेल्स में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष यह इस महत्वपूर्ण अभ्यास का ग्यारहवां संस्करण है।
भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर दोनों पक्षों का मुख्य फोकस है। साथ ही, दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से इस अभ्यास का आयोजन किया जाता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार का अभ्यास विशेष महत्व रखता है, ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें पहली बार भारत की तीनों सेनाएं शामिल हो रही हैं। यहां पहुंचे भारतीय सैन्य दल में थल सेना, नौसेना और वायु सेना के जवान शामिल हैं। ये सभी एक साथ इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय सैन्य दल में मुख्य रूप से असम रेजिमेंट के सैनिक शामिल हैं। इसके साथ ही, भारतीय नौसेना का युद्धपोत ‘आईएनएस त्रिकंड’ तथा भारतीय वायु सेना का भारी परिवहन विमान ‘सी–130’ भी इस अभ्यास में भाग ले रहा है। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय, सहयोग और संयुक्त कार्य क्षमता को मजबूत बनाना है। अभ्यास के दौरान विशेष रूप से अर्ध-शहरी क्षेत्रों में होने वाले अभियानों से जुड़े प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा शांति स्थापना से जुड़े अभियानों के दौरान दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने का भी प्रयास किया जाएगा। करीब बारह दिनों तक चलने वाले इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में मैदानी प्रशिक्षण, सामरिक चर्चा, अध्ययन उदाहरण, व्याख्यान और प्रदर्शन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभ्यास के अंतिम चरण में दो दिनों का अंतिम संयुक्त अभ्यास किया जाएगा, जिसमें अब तक सीखे गए सभी कौशलों और रणनीतियों का परीक्षण किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, समझ और सहयोग को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे सैनिकों को एक-दूसरे के अनुभव, कौशल और श्रेष्ठ सैन्य तरीकों को साझा करने का अवसर मिलता है। भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से घनिष्ठ रक्षा संबंध रहे हैं।
हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत बनाने के लिए दोनों देश समय-समय पर इस प्रकार के संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित करते रहे हैं। ‘लामितिये–2026’ अभ्यास भी दोनों देशों के सैन्य संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
खामेनेई की मौत के बाद बदले की आग में जल उठा ईरान, मुख्य सलाहकार बोले-हमला कर अमेरिका भाग नहीं सकता

अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम नेता खामेनेई की मौत के बाद ईरानी अधिकारी बदले की आग में जल रहे हैं। ईरान के सबसे ताकतवर लोगों में से एक, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने अमेरिका के दिल में चाकू घोपने की कसम खाई है।
अली लारीजानी ने कहा, “अमेरिकियों ने ईरानी लोगों के दिल में छुरा घोंपा है और हम उनके दिल में छुरा घोपेंगे।” उन्होंने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ और जवाबी कार्रवाई का वादा करते हुए कहा, “हमारी सेना का रिएक्शन और भी ज्यादा मजबूत होगा। उन्हें पता होना चाहिए कि वे बस हमला करके भाग नहीं सकते।”
अली लारीजानी खामेनेई के एक अहम सलाहकार थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और न्यायपालिका के प्रमुख वाला एक टेम्पररी लीडरशिप स्ट्रक्चर जल्द ही बन जाएगा। ईरान ने इलाके के नेताओं को भरोसा दिलाया है कि वह उनके साथ जंग नहीं चाहता, लेकिन मिडिल ईस्ट के देशों में अमेरिकी बेस को टारगेट करना जारी रखेगा।
उन्होंने कहा, “यह हमेशा के लिए साफ कर देना चाहिए कि अमेरिकी ईरान को डरा-धमका नहीं सकते।”
ईरान की सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के एक टेलीग्राम पोस्ट के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ( आईआरजीसी) के पूर्व टॉप कमांडर और सीनियर ईरानी अधिकारी मोशेन रेजाई ने रविवार को कहा कि किसी भी अमेरिकी वॉरशिप को फारस की खाड़ी में जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
ईरान के सरकारी मीडिया ने शनिवार को अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह और उसकी आर्म्ड फोर्सेज के चीफ ऑफ स्टाफ दोनों के मारे जाने की पुष्टि की।
इससे पहले ईरान ने आईआरजीसी के नेता मेजर जनरल मोहम्मद पाकपुर और डिफेंस काउंसिल सेक्रेटरी अली शमखानी की मौत की पुष्टि की थी।
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