अपराध
हासन सड़क हादसे के लिए कर्नाटक के मंत्री ने एनएचएआई को जिम्मेदार ठहराया
कर्नाटक के उत्पाद शुल्क और हासन जिले के प्रभारी मंत्री ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क दुर्घटना के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को जिम्मेदार ठहराया, जिसमें चार बच्चों सहित नौ लोगों की मौत हो गई। पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री गोपालैया ने कहा कि एनएचएआई की लापरवाही शुरू में ही पाई गई थी और प्रारंभिक जांच भी यही संकेत देती है। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
बता दें, हासन जिले के बनवारा कस्बे के समीप शनिवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग 69 पर दूध के टैंकर की चपेट में आने से चार बच्चों समेत नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
पीड़ितों ने जिस टेंपो यात्री से यात्रा की, वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया और बस और टैंकर के बीच फंस गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि एक तरफ साइन बोर्ड नहीं था।
तीर्थयात्री धर्मस्थल के एक हिंदू तीर्थस्थल से लौट रहे थे। मंत्री गोपालैया ने कहा कि कितना भी मुआवजा दिया जाए, मृतकों को वापस नहीं लाया जा सकता। लेकिन, घटना के जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि वह पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करने के संबंध में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के साथ चर्चा करेंगे।
अपराध
झारखंड पुलिस में सब-इस्पेक्टर बताकर युवती से दुष्कर्म का आरोपी गयाजी से गिरफ्तार

झारखंड पुलिस में दरोगा होने का झूठा रौब दिखाकर एक युवती को अपने जाल में फंसाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को बिहार के गया जिले से गिरफ्तार किया गया है। रांची पुलिस और गया के मुफस्सिल थाना की संयुक्त टीम ने मानपुर इलाके में एक गुप्त ठिकाने पर छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
आरोपी की पहचान अविनाश कुमार उर्फ राज शर्मा के रूप में हुई है, जो गया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित विष्णु विहार कॉलोनी निवासी बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची ले आई है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर इसी वर्ष 15 मई को रांची महिला थाने में भारतीय न्याय संहिता और संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की कांड संख्या 15/26 के तहत दर्ज इस मुकदमे में गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता युवती के अनुसार, आरोपी ने खुद को झारखंड पुलिस में सब-इस्पेक्टर (दारोगा) बताकर सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के जरिए उससे संपर्क साधा था। आरोप है कि वर्दी और पद का खौफ तथा झूठा प्रभाव दिखाकर उसने युवती को विश्वास में लिया और उसका यौन शोषण किया।
आरंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जब पीड़िता को आरोपी के दावों की पोल खुलने और उसकी असली पहचान का पता चला, तो उसने हिम्मत जुटाकर रांची महिला थाने का दरवाजा खटखटाया और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही रांची पुलिस और महिला थाना की विशेष टीम आरोपी की सुरागकशी में जुटी हुई थी। तकनीकी अनुसंधान और सर्विलांस के जरिए रांची पुलिस को यह पुख्ता सुराग मिला कि नाम बदलकर छिप रहा आरोपी वर्तमान में बिहार के गया जिले में शरण लिए हुए है।
इसके बाद रांची पुलिस की एक विशेष टीम गया पहुंची और स्थानीय मुफस्सिल थाना पुलिस के सहयोग से मानपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
अपराध
दिल्ली पुलिस ने फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, 2.5 करोड़ की संपत्ति जब्त

दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए बैंक खाताधारकों के रूप में फर्जीवाड़ा करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी ‘रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट’ (आरटीजीएस) निर्देशों के जरिए बैंक अधिकारियों को 22.56 लाख रुपए का चूना लगाया था।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ लगभग 2.50 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें सोने के आभूषण, 101 सोने के सिक्के, नकद और एक एसयूवी शामिल है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक ‘घोषित अपराधी’ है, जो नकली नोटों से जुड़े एक मामले में सात साल से अधिक समय से फरार चल रहा था।
यह मामला राजेंद्र प्लेस में स्थित बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच से जुड़ा है। ब्रांच मैनेजर ने एक शिकायत दर्ज कराई थी और बताया कि 5 अगस्त को एक व्यक्ति ने खुद को दीपक मल्होत्रा बताकर बैंक अधिकारियों से संपर्क किया। दीपक मल्होत्रा कई ऐसी कंपनियों के निदेशक हैं, जिनका इस शाखा में खाता है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पहले अधिकारियों का भरोसा जीतने के लिए 1 करोड़ रुपए की ‘फिक्स्ड डिपॉजिट रिसिप्ट’ (एपडीआर) बनाने की बात की। बाद में उसने फिर संपर्क किया और दावा किया कि कंपनी को एक भुगतान करना है, लेकिन उनकी चेकबुक खत्म हो गई है। उसने अनुरोध किया कि इस लेनदेन को ईमेल के जरिए पूरा किया जाए।
आरोपी ने कंपनी के रजिस्टर्ड ईमेल पते से मिलता-जुलता एक ईमेल आईडी इस्तेमाल करके फर्जी भुगतान अनुरोध भेजा। ईमेल में कंपनी का जाली लेटरहेड लगा था और बैंक को 22,56,922 रुपए किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया था।
जब बैंक अधिकारियों ने जरूरी ‘इंडिमनिटी’ (क्षतिपूर्ति) दस्तावेजों की मांग की, तो फोन करने वाले ने यह कहकर दबाव डाला कि पहले भी ऐसे लेनदेन किए जा चुके हैं और भुगतान बहुत जरूरी है। इसके बाद बैंक ने वह फर्जी आरटीजीएस ट्रांसफर कर दिया।
शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि ठगी गई रकम पश्चिम बंगाल के बंधन बैंक में खुले एक ‘म्यूल’ खाते में गई थी। टेलीकॉम रिकॉर्ड, डिजिटल सबूतों और बातचीत के विवरण के तकनीकी विश्लेषण से जांचकर्ताओं को संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इनकी पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (लोनी) निवासी 36 वर्षीय विनय कुमार यादव और नोएडा निवासी 65 वर्षीय अनिल कुमार सहगल के रूप में हुई है।जांच से पता चला है कि आरोपी कॉर्पोरेट बैंक ट्रांजेक्शन को निशाना बनाने के लिए फर्जी कंपनी लेटरहेड, धोखेपूर्ण ईमेल आईडी, सोशल इंजीनियरिंग और ‘म्यूल अकाउंट्स’ का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद, इस पैसे को अन्य संपत्तियों में निवेश कर दिया जाता था, जिसमें पश्चिम बंगाल के एक जौहरी से खरीदा गया सोना भी शामिल है।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी गाजियाबाद, सहारनपुर, अयोध्या और फरीदाबाद सहित कई जगहों पर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पहले भी शामिल रहे हैं। बताया जाता है कि जेल में रहने के दौरान इनकी जान-पहचान हुई थी। इससे पहले ये लोग ‘मैजिक पेन’ का इस्तेमाल करके चेक से जुड़ी धोखाधड़ी में भी शामिल रह चुके हैं।
इन गिरफ्तारियों से पुलिस को गुरुग्राम, पलवल और दिल्ली में दर्ज छह अन्य मामलों को सुलझाने में भी मदद मिली है। इन मामलों में 16.65 लाख रुपए से लेकर 2.98 करोड़ रुपए तक की धोखाधड़ी हुई थी। साथ ही, 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने की एक कोशिश भी शामिल है।
अपराध
बंगाल: मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी, युवक गिरफ्तार

पुलिस ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ ‘अपमानजनक’ टिप्पणी करने के आरोप में आकाश सरकार नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है।
शिकायत के आधार पर, उत्तरी कोलकाता के नागरबाजार पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने उसे सोमवार को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आकाश पर सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप है, जिसमें न केवल मुख्यमंत्री बल्कि कई भाजपा नेताओं के खिलाफ भी झूठी जानकारी फैलाना शामिल है।
जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणियां क्यों करता था।
आकाश सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बारे में एक के बाद एक अभद्र और भद्दी टिप्पणियां करता था। आरोप है कि वह पश्चिम बंगाल भाजपा के कई नेताओं के नाम पर सोशल मीडिया पर झूठी जानकारी भी फैलाता था।
नागरबाजार पुलिस स्टेशन में आकाश के नाम से एक लिखित शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने घटना की जांच शुरू की।
शिकायत की प्रारंभिक जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आकाश को गिरफ्तार कर सोमवार को बैरकपुर अदालत में पेश किया।
पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए उसे हिरासत में लेने का आवेदन दिया है।
वहीं, पुलिस ने रविवार को पश्चिम मिदनापुर जिले में एक युवक को गिरफ्तार किया, जिस पर हिंदू देवी-देवताओं, प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री के बारे में सोशल मीडिया पर विकृत और व्यंग्यात्मक पोस्ट करने का आरोप है।
गिरफ्तार युवक की पहचान सुरजीत शी के रूप में हुई है।
हाल ही में हिंदुत्व संगठनों के कई लोगों ने सुरजीत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
गिरफ्तार युवक को रविवार को अदालत में पेश किया गया। न्यायाधीश ने उसे 4 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
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