राजनीति
सतीश जरकीहोली के ‘हिंदू’ शब्द को फारसी बताने के बाद डैमेज कंट्रोल में जुटी कर्नाटक कांग्रेस
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के सचिव सतीश जरकीहोली की उस विवादित टिप्पणी पर कांग्रेस डैमेज कंट्रोल मोड में नजर आ रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘हिंदू’ शब्द फारसी मूल का है और इसका अर्थ ‘गंदा’ होता है। जरकीहोली ने यह स्पष्ट किया कि वह किसी भी धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहते हैं, उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा। उन्होंने कहा, हमें जाति और धर्म से ऊपर उठना चाहिए। हिंदू धर्म से जुड़ी किसी भी चीज का महिमामंडन करना उचित नहीं है।
इस विवादस्पद टिप्पणी के लिए कांग्रेस ने माफी मांगी और इस बयान से खुद को दूर किया, हिंदू संगठनों ने मंगलवार को उनकी टिप्पणियों के लिए जरकीहोली के खिलाफ नारा देना जारी रखा। कांग्रेस आगामी छह महीने से भी कम समय में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है।
कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने स्पष्ट किया है कि हिंदू धर्म जीने का एक तरीका है और एक सभ्यतागत वास्तविकता है। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने हर धर्म और आस्था का सम्मान करने के लिए देश का निर्माण किया। यही भारत का सार है।
उन्होंने कहा, जरकीहोली को दिया गया बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और खारिज किए जाने लायक है। हम इसकी स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं।
इसी बीच जारकीहोली ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी है कि उन्होंने किसी धर्म या भाषा का अपमान नहीं किया है। उन्होंने कहा, यह सच है कि मैंने उल्लेख किया है कि हिंदू शब्द फारसी मूल का है। मैंने इस पर पूरी चर्चा की मांग की है।
कांग्रेस नेता ने कहा, यह दिखाने के लिए रिकॉर्ड उपलब्ध हैं कि हिंदू शब्द के अलग-अलग अर्थ हैं। मैंने इस पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा, देश भर में पूरे मीडिया में एक शब्द पर टिप्पणियों पर बहस चल रही है। मैं इस मामले पर स्पष्टीकरण दे रहा हूं। यह सतीश जरकीहोली का बयान नहीं था। हर दिन हजारों ऐसे ही भाषण दिए जाते हैं। केवल मेरे बयान को हाइलाइट किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, मैं हिंदू, फारसी, इस्लाम, जैन और बौद्ध धर्म की सीमाओं को लांघकर अपना काम कर रहा हूं। हमें जाति और धर्म से ऊपर उठना चाहिए। इस पृष्ठभूमि में मैंने जो कहा उसमें कुछ भी गलत नहीं है।
जरकीहोली ने कहा कि फारसी शब्दों के यहां आने के बारे में सैकड़ों रिकॉर्ड हैं, उन्होंने कहा कि जिस तरह से यूक्रेन और रूस युद्ध के बारे में बात की जा रही है, इस खबर पर चर्चा की जा रही है। जब हिंदू धर्म से जुड़े मामलों की बात आती है तो चीजों को सनसनीखेज बनाना गलत है।
उन्होंने कहा कि जब हिंदू मारे जाते हैं, तो उन्हें विशेष ध्यान दिया जाता है। लेकिन साथ ही अगर दलितों की हत्या की जाती है तो इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। हिंदू धर्म पर दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भाषण सुनना चाहिए। हिन्दू धर्म को एक जीवन पद्धति के रूप में वर्णित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा है।
उन्होंने कहा, मैं किसी का अपमान नहीं करना चाहता। सभी धर्म मेरे समान हैं। मैं जाति और धर्म में विश्वास नहीं करता। मैं उनसे दूरी बनाए रखता हूं। इस मामले पर बहस से किसी को फायदा नहीं होगा। अगर मीडिया अभी भी बहस जारी रखता है तो, मैं मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा। मैंने केवल ‘फारसी’ शब्द पर बहस की मांग की। मैंने किसी भी धर्म या भाषा का अपमान नहीं किया है और यह मेरा नहीं था, मैंने विकिपीडिया को उद्धृत किया है।
राष्ट्रीय समाचार
बॉम्बे हाई कोर्ट ने विजय माल्या को सोशल मीडिया पर अदालती दस्तावेज पोस्ट करने के खिलाफ चेतावनी दी

एक वकील ने मंगलवार को बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने ब्रिटेन में रहने वाले ‘भगोड़े आर्थिक अपराधी’ विजय माल्या को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई जारी रहने के दौरान अदालती दस्तावेज सोशल मीडिया पर पोस्ट न करने की चेतावनी दी है।
वकील आशीष मेहता ने बताया कि कथित तौर पर ब्रिटेन में मौजूद भगोड़े व्यवसायी को हाई कोर्ट का यह निर्देश ईडी द्वारा माल्या को जांच एजेंसी के हलफनामे को अदालत द्वारा उस पर विचार किए बिना ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपलोड करने पर आपत्ति जताने के बाद आया है।
मामले की सुनवाई 13 अक्टूबर को तय करते हुए हाई कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को ईडी द्वारा किए गए खुलासों को ध्यान में रखते हुए एक नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
इससे पहले, माल्या ने फरवरी में हाई कोर्ट को बताया था कि वह यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि वह भारत कब लौटेंगे।
उन्होंने इंग्लैंड की अदालतों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का हवाला दिया, जिनके कारण वह देश छोड़ने में असमर्थ हैं।
उच्च न्यायालय माल्या द्वारा दायर दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।
एक याचिका में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) के तहत ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित किए जाने को चुनौती दी गई है, जबकि दूसरी याचिका में उन्हें औपचारिक रूप से भगोड़ा घोषित करने वाले अदालत के आदेश को चुनौती दी गई है।
माल्या की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने सर्वोच्च न्यायालय के उन निर्णयों का हवाला दिया, जिनमें याचिकाकर्ताओं की अनुपस्थिति में भी रिट याचिकाओं की सुनवाई हुई थी।
उन्होंने कहा कि माल्या के खिलाफ ब्रिटेन में प्रत्यर्पण की कार्यवाही चल रही है और उनके मुवक्किल को इसकी जानकारी है, लेकिन बाध्यकारी अदालती आदेशों के कारण वे ब्रिटेन नहीं छोड़ सकते।
हालांकि, उच्च न्यायालय ने माल्या के अदालत में पेश होने के इरादे पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे ब्रिटेन के अदालती आदेशों पर भरोसा कर रहे हैं, जबकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन आदेशों को चुनौती दी गई है या नहीं।
अदालत ने संकेत दिया कि इस तरह के भरोसे को सर्वमान्य औचित्य नहीं माना जा सकता।
अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को माल्या के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत ने देसाई को सुनवाई के दौरान दिए गए सभी बयानों को रिकॉर्ड पर रखते हुए एक विस्तृत हलफनामा प्रस्तुत करने को भी कहा, ताकि भारत सरकार तदनुसार जवाब दे सके।
राष्ट्रीय समाचार
स्पाइसजेट की वित्तीय और परिचालन स्थिति पर सरकार की कड़ी नजर, सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं: नागर विमानन मंत्री

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) स्पाइसजेट की वित्तीय और परिचालन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में यात्री सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
स्पाइसजेट की स्थिति पर सरकार की निगरानी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि डीजीसीए को एयरलाइन के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन दोनों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।
नायडू ने कहा कि नियामक लगातार स्पाइसजेट के प्रदर्शन की निगरानी कर रहा है और एयरलाइन के साथ नियमित संवाद बनाए हुए है। सरकार भी कंपनी के साथ बातचीत कर रही है और उसे अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वह अपने कारोबार को स्थिर कर सके।
स्पाइसजेट पिछले कुछ समय से वित्तीय दबाव, घटते विमान बेड़े और घरेलू बाजार हिस्सेदारी में कमी जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। एयरलाइन परिचालन क्षमता बहाल करने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने के प्रयास कर रही है।
मंत्री ने बताया कि स्पाइसजेट इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) के तहत वित्तीय सहायता की संभावनाएं भी तलाश रही है। हाल ही में सरकार ने इस योजना का विस्तार कर विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं।
इस महीने सरकार ने ईसीएलजीएस 5.0 को मंजूरी देते हुए विमानन क्षेत्र के लिए 5,000 करोड़ रुपए के लक्षित ऋण समर्थन की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य एयरलाइंस को वित्तीय दबाव कम करने में मदद करना है।
सरकार के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की ऊंची कीमतें, हवाई क्षेत्र संबंधी प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी जैसी वजहों से विमानन उद्योग दबाव में है।
इन चुनौतियों के बावजूद नागर विमानन मंत्री ने दोहराया कि सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्रालय और डीजीसीए यह सुनिश्चित करने पर फोकस कर रहे हैं कि वित्तीय या परिचालन चुनौतियों का असर नियामकीय अनुपालन और यात्रियों की सुरक्षा पर न पड़े।
स्पाइसजेट के साथ सरकार का यह निरंतर संवाद ऐसे समय हो रहा है, जब एयरलाइन भारत के तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में अपनी क्षमता बढ़ाने, वित्तीय स्थिति सुधारने और खोई हुई बाजार हिस्सेदारी वापस हासिल करने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्रीय समाचार
पुलिस ने चोरी का किया खुलासा, नाबालिग के कब्जे से 16 लाख के आभूषण और नकदी बरामद

नोएडा के सेक्टर-39 थाने की पुलिस ने चोरी की एक घटना का खुलासा करते हुए एक नाबालिग आरोपी को पुलिस हिरासत में लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 16 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और 1,09,650 रुपए नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से की गई। पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर को एक व्यक्ति ने थाना सेक्टर-39 में अपने घर से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी होने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का सहारा लिया और महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। जांच के आधार पर पुलिस टीम ने 22 सितंबर को सेक्टर-47/48 क्षेत्र से एक नागालिग आरोपी को नियमानुसार पुलिस संरक्षण में लिया।
पुलिस का दावा है कि उसके पास से चोरी किए गए आभूषण और नकदी बरामद हुई है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 16 लाख रुपए बताई गई है।
पुलिस द्वारा जारी बरामदगी विवरण के अनुसार, नाबालिग के कब्जे से सोने के एक गले के हार, दो हाथ के कंगन, दो मंगलसूत्र, तीन चेन, एक मांग का टीका, एक नाक की नथुनी, दो अंगूठियां, एक ओम पेंडल और तीन जोड़ी झुमके बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, चांदी की तीन जोड़ी पाजेब भी बरामद हुई हैं। इन आभूषणों के साथ पुलिस ने 1,09,650 रुपए नकद भी बरामद किए हैं। पुलिस पकड़े गए नाबालिग के पुराने इतिहास और उसके अन्य साथियों की भी जानकारी जुटा रही है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
