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Tuesday,22-September-2026
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केंद्रीय बजट पर जदयू बंटी, नीतीश ने बताया ‘सकारात्मक’, कुशवाहा ने कहा ‘निराशाजनक’ बजट

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बिहार में सत्ताधारी गंठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल जनता दल (युनाइटेड) में लगता है कि सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा मंगलवार को पेश केंद्रीय बजट पर जदयू बंटी नजर आ रही है। जदयू के वरिष्ठ नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जहां बजट को ‘स्वागतयोग्य’ और ‘सकारात्मक’ बताया है, वहीं जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने इसे ‘निराशाजनक बजट’ बताया।

मुख्यमंत्री नीतीश ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, पिछले दो वर्षों में देश का विकास कोरोना के कारण प्रभावित रहा है। इन विषम परिस्थितियों से निकलने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अपने बजट के माध्यम से देश के विकास की गति को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जो सराहनीय हैं। संतुलित बजट पेश करने के लिए केंद्र सरकार को मैं बधाई देता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा देश में बड़े पैमाने पर आधारभूत संरचना के निर्माण के लिहाज से भी स्वागतयोग्य है। इस वर्ष केंद्रीय बजट में गंगा के किनारे पांच किलोमीटर के स्ट्रेच में प्राकृतिक खेती का कोरिडोर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार का यह कदम सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि बजट में धान एवं गेहूं की अधिप्राप्ति को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, इससे किसानों को काफी लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि राज्य सरकारों को केंद्रीय करों के हिस्सेदारी के रूप में इस वर्ष एवं अगले वर्ष अधिक राशि प्राप्त होगी, जिससे राज्य सरकारों की वित्तीय कठिनाइयां कम होंगी और राज्यों को राहत मिलेगी।

इधर, जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने इसे ‘निराशाजनक बजट’ बताया।

उन्होंने कहा, बिहार को विशेष दर्जा देने की हमारी लंबे समय से मांग थी और उम्मीद थी कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस पर कुछ कहेंगी, लेकिन दुर्भाग्य से उन्होंने इसे पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया।

उन्होंने कहा, केंद्रीय बजट विकसित राज्यों के लिए फायदेमंद रहा है लेकिन इसमें बिहार जैसे गरीब राज्यों के लिए कुछ भी नहीं है। हमारे राज्य को इसके विकास के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। वित्तमंत्री ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को अनसुना कर बिहारवासियों को निराश कर दिया।

राष्ट्रीय समाचार

स्पाइसजेट की वित्तीय और परिचालन स्थिति पर सरकार की कड़ी नजर, सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं: नागर विमानन मंत्री

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केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) स्पाइसजेट की वित्तीय और परिचालन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में यात्री सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।

स्पाइसजेट की स्थिति पर सरकार की निगरानी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि डीजीसीए को एयरलाइन के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन दोनों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।

नायडू ने कहा कि नियामक लगातार स्पाइसजेट के प्रदर्शन की निगरानी कर रहा है और एयरलाइन के साथ नियमित संवाद बनाए हुए है। सरकार भी कंपनी के साथ बातचीत कर रही है और उसे अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वह अपने कारोबार को स्थिर कर सके।

स्पाइसजेट पिछले कुछ समय से वित्तीय दबाव, घटते विमान बेड़े और घरेलू बाजार हिस्सेदारी में कमी जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। एयरलाइन परिचालन क्षमता बहाल करने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने के प्रयास कर रही है।

मंत्री ने बताया कि स्पाइसजेट इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) के तहत वित्तीय सहायता की संभावनाएं भी तलाश रही है। हाल ही में सरकार ने इस योजना का विस्तार कर विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं।

इस महीने सरकार ने ईसीएलजीएस 5.0 को मंजूरी देते हुए विमानन क्षेत्र के लिए 5,000 करोड़ रुपए के लक्षित ऋण समर्थन की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य एयरलाइंस को वित्तीय दबाव कम करने में मदद करना है।

सरकार के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की ऊंची कीमतें, हवाई क्षेत्र संबंधी प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी जैसी वजहों से विमानन उद्योग दबाव में है।

इन चुनौतियों के बावजूद नागर विमानन मंत्री ने दोहराया कि सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्रालय और डीजीसीए यह सुनिश्चित करने पर फोकस कर रहे हैं कि वित्तीय या परिचालन चुनौतियों का असर नियामकीय अनुपालन और यात्रियों की सुरक्षा पर न पड़े।

स्पाइसजेट के साथ सरकार का यह निरंतर संवाद ऐसे समय हो रहा है, जब एयरलाइन भारत के तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में अपनी क्षमता बढ़ाने, वित्तीय स्थिति सुधारने और खोई हुई बाजार हिस्सेदारी वापस हासिल करने की कोशिश कर रही है।

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राष्ट्रीय समाचार

पुलिस ने चोरी का किया खुलासा, नाबालिग के कब्जे से 16 लाख के आभूषण और नकदी बरामद

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नोएडा के सेक्टर-39 थाने की पुलिस ने चोरी की एक घटना का खुलासा करते हुए एक नाबालिग आरोपी को पुलिस हिरासत में लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 16 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और 1,09,650 रुपए नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से की गई। पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर को एक व्यक्ति ने थाना सेक्टर-39 में अपने घर से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी होने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का सहारा लिया और महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। जांच के आधार पर पुलिस टीम ने 22 सितंबर को सेक्टर-47/48 क्षेत्र से एक नागालिग आरोपी को नियमानुसार पुलिस संरक्षण में लिया।

पुलिस का दावा है कि उसके पास से चोरी किए गए आभूषण और नकदी बरामद हुई है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 16 लाख रुपए बताई गई है।

पुलिस द्वारा जारी बरामदगी विवरण के अनुसार, नाबालिग के कब्जे से सोने के एक गले के हार, दो हाथ के कंगन, दो मंगलसूत्र, तीन चेन, एक मांग का टीका, एक नाक की नथुनी, दो अंगूठियां, एक ओम पेंडल और तीन जोड़ी झुमके बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, चांदी की तीन जोड़ी पाजेब भी बरामद हुई हैं। इन आभूषणों के साथ पुलिस ने 1,09,650 रुपए नकद भी बरामद किए हैं। पुलिस पकड़े गए नाबालिग के पुराने इतिहास और उसके अन्य साथियों की भी जानकारी जुटा रही है।

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राष्ट्रीय समाचार

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हरि सिंह और शेख अब्दुल्ला की छुट्टी को लेकर हंगामा, भाजपा ने किया वॉकआउट

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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को भाजपा के विधायकों ने सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के विधायकों की उन टिप्पणियों के विरोध में सदन से वॉकआउट किया, जो महाराजा हरि सिंह की जयंती पर घोषित छुट्टी के संबंध में की गई थी।

विधानसभा में तब हंगामा मच गया जब एनसी विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने कहा कि सरकार को या तो शेख मुहम्मद अब्दुल्ला की जयंती पर छुट्टी बहाल करनी चाहिए या महाराजा हरि सिंह के जन्मदिन की छुट्टी रद्द कर देनी चाहिए।

कार्यवाही शुरू होते ही लारमी की टिप्पणी पर भाजपा विधायकों ने जोरदार विरोध किया और एनसी पर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश का आरोप लगाया।

भाजपा के आरएस पठानिया ने पूछा कि सत्ताधारी पार्टी कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश कर रही है। वे छुट्टी रद्द करने की बात कैसे कर सकते हैं। भाजपा विधायकों ने महाराजा हरि सिंह के समर्थन में नारे भी लगाए।

भाजपा की देवयानी राणा ने नारा लगाया कि महाराजा हरि सिंह अमर रहें, महाराजा हरि सिंह अमर रहें। इस हंगामे के बीच एनसी विधायकों मुबारक गुल और शमीमा फिरदौस ने शेख अब्दुल्ला के जन्मदिन पर छुट्टी बहाल करने की जोरदार मांग की।

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक वहीद पारा ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए इसे जायज बताया और शहीद दिवस की छुट्टी बहाल करने पर जोर दिया।

स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने विरोध कर रहे भाजपा विधायकों को फटकार लगाई और चेतावनी दी कि इस तरह की बाधाओं की इजाजत नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सदन को प्रक्रिया के अनुसार चलना है। आप ऐसा नहीं कर सकते। इसके बाद भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।

इससे पहले एनसी सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर में शहीद दिवस (13 जुलाई) और शेख अब्दुल्ला की जयंती (5 दिसंबर) पर छुट्टियां बहाल करने की मांग की थी। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाए जाने और जम्मू-कस्मीर को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिए जाने के बाद, इन दोनों सार्वजनिक छुट्टियों को सरकार की छुट्टियों की सूची से हटा दिया गया था।

इसके बजाय 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में महाराजा हरि सिंह की जयंती (23 सितंबर) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था।

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