अंतरराष्ट्रीय
आईपीएल 2022 : एलएसजी ने दिल्ली को छह विकेट से रौंदा, डी कॉक ने ठोका अर्धशतक
क्विंटन डी कॉक (80) और कप्तान केएल राहुल (24) की शानदार बल्लेबाजी की वजह से यहां डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में शुक्रवार को खेले गए आईपीएल 2022 के 15वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) ने दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) को छह विकेट से हरा दिया। टीम की ओर से कप्तान राहुल और डी कॉक के बीच 52 गेंदों में 73 रनों की साझेदारी हुई। वहीं, डीसी के गेंदबाज कुलदीप यादव ने दो विकेट झटके। दिल्ली टीम द्वारा दिए 150 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से कप्तान केएल राहुल और क्विंटन डी कॉक ने पारी की शुरुआत की। वहीं, दिल्ली की तरफ से मुस्तफिजुर रहमान ने टीम का पहला ओवर फेंका, जिसमें उन्होंने पांच रन दिए। केएल राहुल और क्विंटन डी कॉक की जोड़ी ने लखनऊ को धीमी शुरुआत दिलाई और दिल्ली ने इस मैच में तीन ओवर में तीन नए गेंदबाज बदले, लेकिन उन्हें तीन ओवर में कोई सफलता हाथ नहीं लगी थी।
मैच में डेब्यू कर रहे गेंदबाज एनरिक नोत्र्जे ने अपने पहले ही ओवर में 19 रन दिए, जिसमें तेजतर्रार बल्लेबाज डी कॉक ने उनके ओवर में तीन चौके और एक छक्का लगाया। वहीं, पॉवरप्ले में लखनऊ ने बिना विकेट गंवाए 48 रन बना लिए थे और पहले विकेट के लिए कप्तान केएल राहुल और डीकॉक के बीच 50 रन की साझेदारी हुई।
कुलदीप यादव अपने पहले ओवर में महंगे साबित हुए। उनके ओवर की पहली ही गेंद पर राहुल ने छक्का लगाया, हालांकि इसके बाद कुलदीप ने अगली पांच गेंदों में पांच रन दिए।
वहीं, अपने दूसरे ओवर में कुलदीप यादव ने दिल्ली को राहुल के रूप में पहली सफलता दिलाई। बल्लेबाज 24 रन बनाकर खेल रहे थे और तभी उन्होंने यादव की गेंद को डक करने की कोशिश की, जिसमें पृथ्वी शॉ ने उनका कैच पकड़ा और वापस पवेलियन भेज दिया। उनके बाद एविन लुईस ने पारी का मोर्चा संभाला। वहीं, क्विंटन डी कॉक ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 36 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
इस दौरान एविन लुईस ज्यादा देर तक डी कॉक के साथ टिक नहीं पाए और बल्लेबाज भी गेंदबाज ललित यादव के ओवर में अपना शिकार बन गए और कुलदीप यादव के हाथों कैच दे बैठे। लुईस 13 गेंदों में पांच रन ही बना सके। वहीं, उनके बाद दीपक हुड्डा क्रीज पर आए थे।
वहीं, 16वें ओवर में एलएसजी को तीसरा झटका डी कॉक के रूप में लगा और कुलदीप यादव को यह दूसरी सफलता मिली। यादव ने शतक के नजदीक पहुंच चुके बल्लेबाज को सर्फराज खान के हाथों कैच कराया। इस दौरान डी कॉक ने एक महत्वपूर्ण पारी खेलते हुए 52 गेंदों में दो छक्के और नौ चौके की मदद से 80 रन बनाए। उनके बाद क्रुणाल पांड्या क्रीज पर बल्लेबाजी करने आए।
19वें ओवर में दोनों बल्लेबाजों ने गेंदबाज रहमान के ओवर में 14 रन बटोरे और टीम को जीत की ओर ले गए, जहां टीम को आखिरी छह गेंदों में पांच रन की जरूरत थी।
हालांकि, जीत की राह इतनी आसान नहीं लग रही थी। मैच ने एक बार फिर बाजी पलटी और 19वें ओवर की पहली ही गेंद पर शार्दुल ठाकुर ने दीपक हुड्डा (11) को पटेल के हाथों कैच कराया। उनके बाद आयुष बदौनी क्रीज पर आए थे और एक चौका लगाकर मैच को और करीब ले गए। वहीं, 19वें ओवर की चौथी गेंद पर आयुष ने एक छक्का लगाकर मैच को लखनऊ की झोली में डाल दिया और इस दौरान टीम ने 19.4 ओवर में चार विकेट गंवाकर आसानी से 155 रन बना लिए और मैच को छह विकेट से अपने नाम कर लिया। क्रुणाल पांड्या इस दौरान 19 रन बनाकर और आयुष 10 रन बनाकर नाबाद रहे। गेंदबाज ललित यादव और शार्दुल ठाकुर ने एक-एक विकेट झटका।
बता दें, दिल्ली ने अपनी पारी में 20 ओवर में तीन विकेट खोकर 149 रन बनाए थे।
अंतरराष्ट्रीय
कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।
कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।
इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।
अंतरराष्ट्रीय
मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।
गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”
गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
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