व्यापार
मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट
मुंबई, 21 मार्च। मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच शुक्रवार को घरेलू बेंचमार्क सूचकांक सपाट खुले, क्योंकि शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर में बिकवाली देखी गई।
सुबह करीब 9.31 बजे, सेंसेक्स 7.77 अंक या 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,340.29 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 2.25 अंक या 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,192.90 पर कारोबार कर रहा था।
निफ्टी बैंक 60.10 अंक या 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 50,122.95 पर था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 86.95 अंक या 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 51,231.35 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 93.10 अंक या 0.59 प्रतिशत चढ़कर 15,951.15 पर था।
विशेषज्ञों के अनुसार, सपाट शुरुआत के बाद निफ्टी को 23,100 पर समर्थन मिल सकता है, उसके बाद 23,000 और 22,900 पर। चॉइस ब्रोकिंग के हार्दिक मटालिया ने कहा, “ऊपर की तरफ, 23,250 तत्काल प्रतिरोध हो सकता है, उसके बाद 23,350 और 23,400।” गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार एक महीने से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए, जिसकी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल के अंत में ब्याज दरों में अतिरिक्त कटौती का संकेत है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च हेड देवर्ष वकील के अनुसार, “निफ्टी 5 फरवरी, 2025 के बाद पहली बार अपने 50-दिवसीय ईएमए से ऊपर बंद हुआ।
हाल के निचले स्तरों से 1,200 अंकों की जोरदार तेजी के बाद, अल्पकालिक व्यापारियों को अपनी तेजी की स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए क्योंकि बाजार 23,200-23,400 के स्तर के बीच एक मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र में प्रवेश करता है। निफ्टी के लिए समर्थन अब 22,950-23,000 की सीमा में स्थानांतरित हो गया है।” इस बीच, सेंसेक्स पैक में इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, जोमैटो, टाइटन, इंडसइंड बैंक, एलएंडटी, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। जबकि बजाज फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व और अदानी पोर्ट्स सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयर रहे। पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिका में डाउ जोंस 0.03 फीसदी की गिरावट के साथ 41,953.32 पर बंद हुआ।
एसएंडपी 500 0.22 फीसदी की गिरावट के साथ 5,662.89 पर और नैस्डैक 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 17,691.63 पर बंद हुआ। एशियाई बाजारों में हांगकांग, जकार्ता और चीन लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि जापान, सियोल और बैंकॉक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 20 मार्च को 3,239.14 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। दूसरी ओर, पिछले 29 सत्रों से शुद्ध बिकवाली करने के बाद घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 3,136.02 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
व्यापार
पीयूष गोयल स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड के पांच दिवसीय दौरे पर जाएंगे, व्यापार एवं निवेश पर होगी चर्चा

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड के पांच दिवसीय (13-17 जुलाई तक) दौरे पर जाएंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री इन देशों के साथ भारत के व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत करेंगे। यह जानकारी रविवार को सरकार की ओर से दी गई।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि इस दौरान गोयल भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता भी करेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रत्न और आभूषण, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर और डिजाइन जैसे सेक्टर की प्रमुख भारतीय कंपनियां शामिल होंगी। इस दौरे का मकसद बिजनेस-टू-बिजनेस पार्टनरशिप को बढ़ाना और यूरोपीय उद्योगों के साथ सहयोग के नए मौकों का पता लगाना है।
यह दौरा 13 जुलाई को स्पेन में शुरू होगा, जहां गोयल ‘चैंबर ऑफ कॉमर्स ऑफ स्पेन’, सीईओई और ‘आईसीईएक्स स्पेन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट’ की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित एक बिजनेस राउंडटेबल में हिस्सा लेंगे। यह बातचीत ऑटोमोटिव, रिन्यूएबल एनर्जी, रेलवे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, फ़ूड प्रोसेसिंग और टूरिज्म जैसे सेक्टर पर केंद्रित होगी।
इस मीटिंग में दोनों देशों के इंडस्ट्री लीडर्स एक साथ आएंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और स्पेन अपने राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘स्पेन-इंडिया डुअल ईयर 2026’ मना रहे हैं। इबेरड्रोला, एक्शियोना, सीएएफ, टैल्गो, गेस्टैम्प और इंद्रा जैसी कई स्पेनिश कंपनियों ने भारत में पहले ही मजबूत उपस्थिति बना ली है, जबकि टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) जैसी भारतीय टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग कंपनियां डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और इंडस्ट्री 4.0 पहलों को सपोर्ट करने के लिए स्पेन में अपने कामकाज का विस्तार कर रही हैं।
बेल्जियम में भारतीय प्रतिनिधिमंडल 14 और 15 जुलाई को जाएगा, केंद्रीय मंत्री एंटवर्प पोर्ट का दौरा करेंगे। वे यूरोप के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब का अध्ययन करेंगे और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, ग्रीन लॉजिस्टिक्स और मजबूत सप्लाई चेन के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।
बेल्जियम दौरे के दौरान, गोयल थेल्स ग्रुप और सिलॉक्स ग्रुप के सीनियर अधिकारियों के साथ सीईओ स्तर की बैठकें करेंगे।
केंद्रीय मंत्री भारत-ईयू बिजनेस राउंडटेबल और ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (टीटीसी) की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इन बैठकों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई), व्यापार को आसान बनाने, सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और मजबूत सप्लाई चेन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
दौरे के आखिरी चरण में डेलिगेशन 16 और 17 जुलाई को फिनलैंड जाएगा। गोयल इंडिया-फिनलैंड बिजनेस राउंडटेबल में हिस्सा लेंगे और डिजिटलाइजेशन, क्लीन एनर्जी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में फिनलैंड की कंपनियों के साथ बातचीत करेंगे।
राष्ट्रीय समाचार
भारत का मजबूत आर्थिक आधार और रुपए की स्थिरता एफपीआई निवेश को वापस लाने में कर रही मदद : एक्सपर्ट्स

सरकार की ओर से डेट निवेश के टैक्स नियमों में किए गए बदलाव विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही रुपए की स्थिरता भी विदेशी प्रवाह को वापस लाने में मदद कर रही है। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सपर्ट्स ने आगे कहा कि इन्हीं कारणों के चलते जुलाई की शुरुआत में विदेशी निवेशक खरीदार बन गए थे। एक से लेकर 10 जुलाई तक एफपीआई ने 5,155 करोड़ रुपए का निवेश किया।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा, “इसके अलावा, ‘प्राइमरी मार्केट और अन्य’ कैटेगरी के जरिए 10,001 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है, जिससे इस दौरान कुल निवेश 15,156 करोड़ रुपए हो गया है। यह एक सकारात्मक खबर है।”
भारत में एफपीआई निवेश में एक अहम ट्रेंड डेट की हिस्सेदारी का लगातार बढ़ना है।
जुलाई में अब तक, एफपीआई ने ‘जनरल लिमिट’ के जरिए 3,228 करोड़ रुपए और ‘फुली एक्सेसिबल रूट’ (एफएआर) के जरिए 6,619 करोड़ रुपए का निवेश किया है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत के बेहतर होते मैक्रो-इकोनॉमिक हालात और रुपए में स्थिरता ने एफपीआई निवेश के इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है।
चिप ट्रेड में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में एफपीआई का बिकवाली करने से भी भारत में निवेश बढ़ा है। बाजार पर नजर रखने वालों का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक हालात और खराब नहीं होते, तब तक यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है।
पिछले हफ्ते, पश्चिम एशिया में फिर से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण बाजार में चार हफ्ते से चली आ रही बढ़त का सिलसिला टूट गया और बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
इस हफ्ते बाजार के मूड पर भू-राजनीतिक घटनाक्रम का सबसे ज्यादा असर रहा।
हाल ही में अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की खबरों के बाद ईरान और अमेरिका के बीच फिर से तनाव बढ़ गया।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा ने कहा, “इस नए टकराव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें कुछ समय के लिए 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर चली गईं, लेकिन हफ़्ते के अंत तक ये 76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गईं, जिससे आयातित महंगाई और बाहरी सेक्टर के जोखिमों को लेकर कुछ चिंताएं कम हुईं।”
अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा और बाजार में खास शेयरों में हलचल ज्यादा दिखी। बेहतर सेंटीमेंट और चुनिंदा शेयरों की खरीदारी के दम पर रियल्टी सेक्टर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा, इसके बाद आईटी और मेटल सेक्टर का नंबर रहा।
आने वाले हफ्ते में बाजार एक अहम मोड़ पर है, जहां आर्थिक आंकड़े, कंपनियों की कमाई और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार के मूड को तय करेंगे।
व्यापार
लगातार चार सत्रों की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद

लगातार चार सत्रों की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को मुनाफावसूली देखने को मिली। दिन के अंत में सेंसेक्स 104.35 अंक या 0.13 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78,180.72 और निफ्टी 31.65 अंक या 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,398.70 पर था।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 186.20 अंक या 0.30 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 62,285.30 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 105.70 अंक या 0.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,213.40 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाइटन, इटरनल, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, आईटीसी और एसबीआई गेनर्स थे। ट्रेंट, बीईएल, एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, टाटा स्टील, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल लूजर्स थे।
सूचकांकों में निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी मिड स्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी ऑटो, निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल, निफ्टी फार्मा, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑयलएंडगैस लाल निशान में थे।
बाजार के जानकारों ने कहा कि सत्र के दूसरे हिस्से में मुनाफा वसूली देखने को मिली। इसकी वजह एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी फेड के मिनट्स से पहले निवेशकों का सतर्क होना है।
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि, आईटी शेयरों ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और जून तिमाही के नतीजों के सीजन से पहले अपनी बढ़त बनाए रखी। अमेरिका-ईरान विवाद और ट्रेड टैरिफ को लेकर चिंताएं कम होने के साथ, बाजार का ध्यान अब वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजों और मानसून की प्रगति पर जा रहा है। इस बीच, विदेशी निवेश में सुधार और रुपए में स्थिरता से बाजार के सेंटीमेंट को निकट भविष्य में सहारा मिलने की उम्मीद है।
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