राष्ट्रीय समाचार
1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, केंद्र सरकार ने बढ़ाई आवेदन फीस
नई दिल्ली, 26 जून: केंद्र सरकार ने पासपोर्ट आवेदन शुल्क में संशोधन करते हुए नई फीस संरचना लागू करने का निर्णय लिया है। संशोधित दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी और ताज़ा पासपोर्ट, पुनः जारी (री-इश्यू), तत्काल (तत्काल) सेवा तथा खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के प्रतिस्थापन सहित विभिन्न श्रेणियों पर लागू होंगी।
नई व्यवस्था के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदकों के लिए 36 पृष्ठों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस बढ़ाकर ₹2,500 कर दी गई है। वहीं, इसी श्रेणी में तत्काल सेवा के लिए शुल्क ₹5,000 निर्धारित किया गया है। 60 पृष्ठों वाले पासपोर्ट की फीस में भी बढ़ोतरी की गई है।
सरकार द्वारा जारी संशोधित नियमों में नाबालिगों के पासपोर्ट, खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के पुनः जारी होने तथा पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) जैसी संबंधित सेवाओं के शुल्क में भी बदलाव किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, वयस्कों के लिए पासपोर्ट की सामान्य वैधता 10 वर्ष रहेगी, जबकि नाबालिगों के पासपोर्ट की वैधता प्रचलित नियमों के अनुसार निर्धारित की जाएगी। नई शुल्क व्यवस्था पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत लागू की जा रही है और 1 जुलाई 2026 या उसके बाद किए गए सभी आवेदनों पर प्रभावी होगी।
पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की योजना बना रहे नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन जमा करने से पहले नवीनतम शुल्क और नियमों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
राजनीति
बीआर पाटिल ने राहुल गांधी से कर्नाटक में कृषि भूमि के ट्रांसफर का मुद्दा उठाने की मांग की

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीआर पाटिल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर कर्नाटक में कृषि भूमि के ट्रांसफर का मुद्दा उठाने और ‘कर्नाटक भूमि सुधार अधिनियम’ में किए गए संशोधनों की व्यापक समीक्षा की मांग की है।
अपने पत्र में पाटिल ने 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले आलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से 5,994 मतदाताओं के नाम गैर-कानूनी तरीके से हटाने की कथित कोशिश का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है और मांग की कि मामले को तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाए और कानून के मुताबिक जिम्मेदारी तय की जाए।
पाटिल ने पत्र में आगे लिखा, “मेरा सार्वजनिक जीवन महात्मा गांधी, डॉ. राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के आदर्शों के साथ-साथ धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के प्रति नेहरूवादी प्रतिबद्धता से आकार लेने वाला रहा है। इन विचारों ने सार्वजनिक जीवन में मेरे पूरे सफर में मेरा मार्गदर्शन किया है और मेरा मानना है कि राजनीति में हम लोगों का यह कर्तव्य है कि हम उन मुद्दों पर बात करें जिनका लोकतांत्रिक संस्थाओं और आम नागरिकों के जीवन पर असर पड़ता है।”
पाटिल ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में पिछली भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए “किसान-विरोधी कानूनों” को रद्द करने का वादा किया था। ‘डेक्कन हेराल्ड’ की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कृषि भूमि की खरीद और मालिकाना हक पर पहले लगी पाबंदियों में ढील दिए जाने के बाद लगभग 19.92 लाख एकड़ कृषि भूमि का मालिकाना हक बदला है।
उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे पार्टी के भीतर सही स्तर पर इस मामले को उठाएं और संशोधनों की व्यापक समीक्षा की मांग करें, जिसमें खेती, छोटे और सीमांत किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कर्नाटक की दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा पर उनके असर को शामिल किया जाए। उन्होंने कृषि भूमि की खरीद और मालिकाना हक से जुड़े सुरक्षा उपायों को बहाल करने के लिए एक स्पष्ट नीतिगत रोडमैप और 2023 के घोषणापत्र के वादे के अनुरूप उचित विधायी उपायों की भी मांग की।
राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु सरकार निजी भागीदारी के साथ 220 करोड़ की परियोजनाएं शुरू करने की बना रही योजना

तमिलनाडु सरकार ने 220 करोड़ रुपये की लागत वाली दो शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें तंजावुर में एक मल्टीपर्पज कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और थूथुकुडी में एक पुराने बस स्टैंड का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए पुनर्विकास शामिल है।
तंजावुर कॉर्पोरेशन में बनने वाले कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की अनुमानित लागत 130 करोड़ रुपये है जबकि थूथुकुडी कॉर्पोरेशन के पोलपेट्टई इलाके में पुराने बस स्टैंड के रीडेवलपमेंट पर 90 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है।
तमिलनाडु सरकार के ‘प्रोजेक्ट डेवलपमेंट ग्रांट फंड’ के तहत दोनों परियोजनाओं के लिए डिटेल्ड फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने और ट्रांजेक्शन एडवाइजरी सर्विस (लेनदेन संबंधी सलाहकार सेवाएं) देने के लिए सलाहकार नियुक्त करने के लिए टेंडर मंगाए गए हैं।
सलाहकार यह जांच करेगा कि क्या प्रस्तावित परियोजना निजी भागीदारी के साथ लागू की जा सकती है और उनकी वित्तीय व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) का आकलन भी होगा। यह स्टडी अधिकारियों को प्राइवेट डेवलपर्स के चयन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले पार्टनरशिप का सही ढांचा तय करने में मदद करेगी।
तंजावुर के मामले में इस आकलन में प्रस्तावित मल्टीपर्पस शॉपिंग और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल होगा। थूथुकुडी में, इसमें पोलपेट्टी में मौजूद बस स्टैंड के रीडेवलपमेंट के प्रस्ताव की जांच की जाएगी। दोनों प्रस्ताव अभी परियोजना की तैयारी के चरण में हैं। कंसल्टेंसी का काम उनकी व्यवहार्यता तय करने और बाद की लागू करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन देने के लिए है।
डिटेल्ड फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने और उससे जुड़े ट्रांजैक्शन एडवाइजरी का काम करने के लिए कंसल्टेंसी कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 50 लाख रुपये तय की गई है। बोली लगाने वालों को 50,000 रुपये की जमा राशि देनी होगी।
परियोजनाओं का मूल्यांकन करने के अलावा, चुना गया सलाहकार नगर निगमों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत उन्हें लागू करने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं के बारे में सलाह देगा।
इस काम में उन प्राइवेट कंपनियों को चुनने में मदद करना भी शामिल होगा, जो डेवलपमेंट का काम करेंगी। यह मदद टेंडर में बताई गई ट्रांजैक्शन एडवाइजरी जिम्मेदारियों का हिस्सा होगी।
इसलिए, व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) की प्रक्रिया में प्रस्तावों को लागू करने की व्यावहारिक संभावनाओं और उनके वित्तीय ढांचे, दोनों पर ध्यान दिया जाएगा, जिससे प्राइवेट भागीदारी पर फैसले लेने का आधार तैयार होगा।
कंसल्टेंसी के काम के लिए बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर को सुबह 11 बजे है। टेंडर उसी दिन दोपहर 12.30 बजे खोले जाएंगे। टेंडर का निमंत्रण शुरुआती स्टडी और एडवाइजरी सेवाओं के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति से जुड़ा है।
130 करोड़ रुपये के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और 90 करोड़ रुपये के बस स्टैंड के रीडेवलपमेंट का काम करने वाली प्राइवेट कंपनियों का चयन इन दो नगर निगम प्रोजेक्ट्स के मूल्यांकन और तय पार्टनरशिप प्रक्रियाओं के बाद किया जाएगा।
राष्ट्रीय समाचार
पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा हत्याकांड में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, फरार अपराधी झरना मिस्त्री गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2021 के पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा से जुड़े हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रही घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने मंगलवार को उसे दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर के घोषपाड़ा से गिरफ्तार किया।
झरना मिस्त्री सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी है। सीबीआई के मुताबिक, 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही वह फरार थी और उसने इस मामले की जांच या सुनवाई की कार्यवाही में कभी हिस्सा नहीं लिया। उसकी गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने 50 हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया था।
यह मामला पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा के दौरान एक महिला की हत्या से जुड़ा है। कलकत्ता हाईकोर्ट के 19 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई ने 27 अगस्त 2021 को इस मामले की जांच अपने हाथ में लेते हुए जगद्दल थाने में 3 मई 2021 को दर्ज एफआईआर संख्या 345/2021 को टेकओवर किया था।
एफआईआर में शिकायतकर्ता की मां शोभा रानी मंडल की हत्या का आरोप लगाया गया था। मामले की जांच के बाद सीबीआई ने 29 दिसंबर 2021 को कुल 13 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। इनमें झरना मिस्त्री भी शामिल थी।
सीबीआई के अनुसार, झरना मिस्त्री लगातार छिपती रही और अदालत की प्रक्रिया से बचती रही। इसके बाद उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित एसीजेएम अदालत ने 3 अक्टूबर 2023 के आदेश के जरिए उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया था।
सीबीआई ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को आज बैरकपुर की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है।
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