अंतरराष्ट्रीय समाचार
हूती विद्रोहियों के हमले तेज, सऊदी गठबंधन ने ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल मार गिराने का किया दावा
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच चल रहे संघर्ष के बीच, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराने का दावा किया है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने सोमवार को बताया कि यमन के हूती समूह की ओर से दागे गए एक ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अलग-अलग बयानों में अल-मालिकी ने कहा कि ड्रोन को सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत (ईस्टर्न प्रोविंस) में इंटरसेप्ट किया गया, जबकि बैलिस्टिक मिसाइल को हूतियों ने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत शहर की ओर दागा था।
ये कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सीमा पार हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। रविवार को सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हमले हुए थे।
सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी विमानन अधिकारियों ने बताया कि रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक हमले में पाकिस्तान के एक नागरिक की मौत हो गई और 11 अन्य लोग घायल हो गए। वहीं, दम्माम के पास स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया गया।
इसके अलावा, अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक अन्य हूती विद्रोहियों के हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 309 लोग घायल हुए थे।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को रियाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूतियों ने फिर से हमला किया। इस हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई और 11 लोग घायल हो गए। इससे एक दिन पहले भी यमन के इसी ग्रुप ने एक जानलेवा हमला किया था, जिसके कारण अधिकारियों को एयरपोर्ट पर कामकाज रोकना पड़ा था।
शनिवार का हमला पिछले एक दशक से ज्यादा समय में सऊदी अरब की जमीन पर हुआ सबसे घातक हमला था। यह यमन युद्ध में तनाव बढ़ने का एक बड़ा संकेत है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ट्रंप अगले महीने आसियान और एपेक शिखर सम्मेलनों में होंगे शामिल, मनीला से जाएंगे चीन

व्हाइट हाउस ने बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने फिलीपींस की राजधानी मनीला में होने वाले ‘एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस’ (आसियान) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वह चीन में होने वाले एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (एपेक) शिखर सम्मेलन में शामिल होने जाएंगे।
व्हाइट हाउस ने रविवार को न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि ट्रंप 16 नवंबर को मनीला में आयोजित आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद वह चीन के शेनझेन जाएंगे, जहां 17 से 19 नवंबर तक एपेक सम्मेलन होगा।
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद दक्षिण-पूर्व एशिया में अमेरिका की अपने सहयोगी देशों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाना और अमेरिकी आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन में ट्रंप की मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने की संभावना है। इस साल दोनों नेताओं की यह तीसरी आमने-सामने की बैठक हो सकती है। इससे पहले मई में बीजिंग में दोनों की मुलाकात हुई थी जबकि पिछले महीने शी जिनपिंग ने व्हाइट हाउस का दौरा किया था।
इस साल आसियान की अध्यक्षता कर रहे फिलीपींस ने 49वें आसियान शिखर सम्मेलन और उससे जुड़े कार्यक्रमों के लिए 16 से 18 नवंबर तक मेट्रो मनीला में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इन कार्यक्रमों में ईस्ट एशिया समिट भी शामिल है, जिसमें भारत और अमेरिका दोनों सदस्य हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जुलाई में ही राष्ट्रपति की इस सम्मेलन में रुचि का संकेत दिया था, जब वह मनीला में आसियान देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए थे। उस समय रुबियो ने पत्रकारों से कहा था, “मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप जाना चाहेंगे। हालांकि, मैं फिलहाल उनका कार्यक्रम नहीं जानता।”
सितंबर में नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने का निमंत्रण दोबारा दिया था। मार्कोस ने उस मुलाकात के बाद जारी बयान में कहा था, “मैं नवंबर में मनीला में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं।”
अगर मनीला में मोदी और ट्रंप की मुलाकात होती है, तो यह ऐसे समय में होगी जब वॉशिंगटन और नई दिल्ली के संबंध शुल्क (टैरिफ) और भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद को लेकर कुछ तनाव के दौर से गुजर रहे हैं।
पिछले वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने कुआलालंपुर में आयोजित आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया था। वहीं ईस्ट एशिया समिट में उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भेजा था। उस समय ट्रंप स्वयं सम्मेलन में मौजूद थे और दोनों नेताओं की मुलाकात नहीं हुई थी।
दोनों नेताओं की आखिरी बातचीत 30 सितंबर को टेलीफोन पर हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने उस बातचीत को ‘सार्थक’ बताया था।
इस बीच, 18 अक्टूबर एक महत्वपूर्ण तारीख मानी जा रही है। लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026 की धारा 113 के तहत राष्ट्रपति को यह फैसला लेना है कि रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाया जाए या नहीं। 2022 के बाद से भारत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल रहा है।
हालांकि, कानून में यह भी प्रावधान है कि अमेरिकी राष्ट्रपति यदि कांग्रेस को यह भरोसा दिला दें कि शुल्क में छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है, तो वे इस कार्रवाई को टाल सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
युद्ध खत्म करना चाहता है रूस, जेलेंस्की ने गंवाए शांति वार्ता के कई मौके: डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करना चाहते हैं। वहीं, उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि उन्होंने शांति वार्ता के कई मौके गंवा दिए।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि मॉस्को समझौते के लिए तैयार दिख रहा है लेकिन कीव की ओर से समझौते की इच्छा उतनी स्पष्ट नहीं है।
ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि रूस समझौता करना चाहता है। इस मुद्दे पर कई बार बातचीत आगे-पीछे हुई है, लेकिन रूस समझौते के लिए तैयार है।”
उन्होंने कहा कि जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूं, इस मामले का समाधान कई बार हो सकता था लेकिन किसी वजह से जेलेंस्की समझौता नहीं करना चाहते। ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि फरवरी 2022 में शुरू हुए इस युद्ध को खत्म करने में पुतिन की दिलचस्पी है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति पुतिन वास्तव में किसी समाधान और समझौते तक पहुंचना चाहते हैं।”
ट्रंप की यह टिप्पणी शुक्रवार को पुतिन के साथ हुई उनकी टेलीफोन बातचीत के बाद आई है। यह ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच रूस के डीजल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील को लेकर मतभेद बढ़ गए हैं।
ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि रूस अमेरिका और वैश्विक बाजारों को डीजल की आपूर्ति करेगा। उनका कहना था कि यह कदम ईरान संघर्ष की वजह से पैदा हुई ईंधन कमी और बढ़ती कीमतों को कम करने में मदद करेगा।
हालांकि, इस फैसले की जेलेंस्की ने आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऊर्जा निर्यात से रूस की अतिरिक्त कमाई उसकी सैन्य क्षमता को और मजबूत करेगी तथा उसे युद्ध जारी रखने में मदद मिलेगी। इस विवाद ने यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की अमेरिकी कूटनीतिक कोशिशों को और जटिल बना दिया है।
ट्रंप ने संघर्ष के दौरान राष्ट्रपति चुनाव न कराने को लेकर भी जेलेंस्की की आलोचना दोहराई। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि उन्हें चुनाव कराना चाहिए था और वह इस मामले को कई बार सुलझा सकते थे। ट्रंप का कहना था कि अगर यूक्रेनी नेतृत्व दो साल पहले किसी समझौते पर पहुंच जाता तो वह बातचीत में कहीं मजबूत स्थिति में होता। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने दो साल पहले समझौता कर लिया होता तो यह समझदारी भरा कदम होता। तब यूक्रेन कहीं बेहतर स्थिति में होता और उसे कहीं बेहतर शर्तें मिलतीं।
ट्रंप ने रूस की सैन्य ताकत और संख्या बल का जिक्र करते हुए कहा कि यूक्रेन को अपनी बातचीत की रणनीति पर फिर से विचार करना चाहिए। हालांकि, पुतिन की मंशा को लेकर ट्रंप की यह राय उनकी अपनी व्याख्या है। दोनों नेताओं के बीच हालिया बातचीत के बाद युद्ध खत्म करने को लेकर किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है।
वहीं, क्रेमलिन ने भी संकेत दिया है कि शांति वार्ता तुरंत दोबारा शुरू होगी, यह अभी निश्चित नहीं है। पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, शुक्रवार की बातचीत में रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करने की कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई।
ताजा घटनाक्रम यह दिखाता है कि युद्ध खत्म करने की शर्तों को लेकर वॉशिंगटन और कीव के बीच अब भी मतभेद बने हुए हैं। एक ओर ट्रंप प्रशासन मॉस्को के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ा रहा है। वहीं, दूसरी ओर वैश्विक ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने की भी कोशिश कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान से युद्ध समाप्त करने के लिए ट्रंप ने रखी शर्त, परमाणु हथियार न बनाने की मांगी पक्की गारंटी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहे तो अभी ईरान में अपनी सैन्य भागीदारी खत्म कर सकता है, अगर पक्की गारंटी मिल जाए कि ईरान भविष्य में कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।
जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम अभी वहां से निकल सकते हैं लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में उनके पास परमाणु हथियार न हों और हम यह सुनिश्चित करेंगे।”
जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी सैन्य अभियान के जरिए ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने का दावा करने के बावजूद वह जीत की घोषणा क्यों नहीं कर रहे हैं, तो ट्रंप ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि यह खतरा दोबारा पैदा न हो।
उन्होंने कहा, “मुझे स्थिति को इसी तरह बनाए रखना है। मैं नहीं चाहता कि दो साल बाद फिर यही करना पड़े। हमें ऐसी गारंटी चाहिए कि भविष्य में उनके पास यह क्षमता न हो।”
ट्रंप की यह टिप्पणी टेनेसी के क्लार्क्सविल में दिए गए उनके भाषण के बाद आई, जहां उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। हालांकि उन्होंने इस संघर्ष में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों का भी जिक्र किया।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सात महीनों से इस संघर्ष में शामिल है। उन्होंने इसकी तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान जैसे पुराने अमेरिकी युद्धों से की। उन्होंने कहा, “अब ईरान में हमें सात महीने हो चुके हैं” और फिर उन 18 अमेरिकी जवानों का जिक्र किया, जिनके मारे जाने का उन्होंने दावा किया।
ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा, “हमारे कई लोग घायल हुए हैं, लेकिन हमने उन्हें परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया है।”
राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने डोवर एयर फोर्स बेस पर शहीद सैनिकों के परिवारों से मुलाकात की थी और कहा कि ऐसे पल उनके पद की सबसे कठिन जिम्मेदारियों में से एक होते हैं।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियान ने ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमता को काफी हद तक नुकसान पहुंचाया है। उनके मुताबिक, ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार सिस्टम और कई निर्माण सुविधाओं को नष्ट कर दिया गया है।
राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है और इसके खत्म होने से वैश्विक तेल बाजार को बड़ी राहत मिलेगी।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
