खेल
‘हार्दिक का मामला ईशान, श्रेयस अय्यर से अलग’ : आकाश चोपड़ा
नई दिल्ली, 1 मार्च। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने खिलाड़ियों का नया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट जारी कर दिया है। इस कॉन्ट्रैक्ट में कुल 30 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इस नए कॉन्ट्रैक्ट को लेकर बीसीसीआई पर कई सवाल उठ रहे हैं। इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर से कमेंटेटर बने आकाश चोपड़ा ने बीसीसीआई के फैसले का समर्थन किया है।
इस मामले में सबसे बड़ा विवाद हार्दिक पांड्या को लेकर है। हार्दिक वनडे वर्ल्ड कप में चोटिल होने के बाद से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर है, लेकिन बावजूद इसके उन्हें ग्रेड ए श्रेणी का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
बीसीसीआई ने बुधवार को उन खिलाड़ियों की सूची जारी की जिन्हें 2023-2024 के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में रखा गया है। इसमें अय्यर और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों को अनुबंध नहीं दिया गया, जबकि हार्दिक को ग्रेड ए श्रेणी में रखा गया।
अक्टूबर में पुणे में बांग्लादेश के खिलाफ मैच में वनडे विश्व कप 2023 के दौरान हार्दिक को टखने में चोट लग गई थी और तब से यह ऑलराउंडर एक्शन से बाहर है।
सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने हार्दिक पांड्या की नियमित रूप से घरेलू क्रिकेट से अनुपलब्धता की ओर भी इशारा किया।
हालांकि, आकाश चोपड़ा ने बीसीसीआई के फैसले का बचाव किया और माना कि हार्दिक को प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं खेलने के लिए दंडित नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह भारत की टेस्ट टीम में जगह के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं।
चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “हार्दिक पांड्या का मामला बहुत सरल है। अगर उसने कोई गलती नहीं की है तो आप उसे सजा क्यों देंगे? वह रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेल रहा है।”
“इसलिए यदि आप टेस्ट के लिए बिल्कुल भी ऑडिशन नहीं दे रहे हैं, तो कोई भी आपको प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने के लिए नहीं कहेगा। आप चार दिवसीय खेल क्यों खेलेंगे जब आपके शरीर में इतने ओवर फेंकने की ताकत नहीं है और चोट की समस्या है? तो उन्हें क्यों खेलना चाहिए।”
चोपड़ा ने हार्दिक पांड्या की घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से अनुपलब्धता पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हार्दिक ने कभी भी ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की तरह खेल नहीं छोड़ा, इसलिए हार्दिक की स्थिति की तुलना किशन और अय्यर से नहीं की जा सकती।
हार्दिक पांड्या ने डीवाई पाटिल टी20 कप में रिलायंस 1 टीम का नेतृत्व करते हुए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की। उन्होंने भारत पेट्रोलियम के खिलाफ 22 रन देकर 2 विकेट लिए।
राजनीति
जब देश में संकट होता है तो ऐसे समय में भी कांग्रेस राजनीति करती हैः जेपी नड्डा

नई दिल्ली, 16 मार्च : केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि जब देश में संकट होता है ऐसे समय में कांग्रेस राजनीति करती है। इसके साथ ही उन्होंने एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर कहा कि कांग्रेस के एक नेता एलपीजी गैस सिलेंडरों की जमाखोरी करते हुए पाए गए हैं।
जेपी नड्डा ने सोमवार को यह जानकारी राज्य सभा में रखी। साथ ही, उन्होंने सदन को यह भी बताया कि एलपीजी की यह मौजूदा स्थिति भारत के कारण उपजी नहीं है न ही भारत का इस स्थिति में कोई योगदान है। नड्डा सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए वक्तव्य का जवाब दे रहे थे।
दरअसल इससे पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश में एलपीजी की कमी का विषय उठाया था। इसके जवाब में राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा ने कहा, “मुझे दुख है कि हमारे यहां विपक्ष, विशेषकर इंडियन नेशनल कांग्रेस, विपत्ति के समय में भी देश में राजनीति करने से पीछे नहीं हटती।”
जेपी नड्डा ने सदन को बताया कि देश में एलपीजी गैस का यह संकट भारत के कारण नहीं आया है और इसमें भारत का कोई योगदान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण उत्पन्न हुआ है। हम सब जानते हैं कि इन्हीं अंतरराष्ट्रीय हालातों के चलते यह संकट पैदा हुआ है।
नड्डा ने कहा कि इस संकट के बारे में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही विस्तार से सदन में जानकारी दे चुके हैं। लेकिन जब वे बोल रहे थे, तब ये लोग सुनने के लिए तैयार नहीं थे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि इसके अलावा, कांग्रेस का एक नेता एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी करते हुए पकड़ा गया है। उन्होंने सिलेंडरों की होर्डिंग करके जनता को उकसाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ये लोग देश के शांतिप्रिय लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।
जेपी नड्डा ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में भी राजनीति करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। संकट के समय देश के साथ खड़े होने के बजाय इस मुद्दे को उठाकर देश में खलबली मचाने और अराजकता पैदा करने की कोशिश करना अत्यंत निंदनीय है। गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विषय पर सदन में शून्यकाल के दौरान विस्तृत वक्तव्य दिया।
इस पर जेपी नड्डा ने सभापति से कहा कि यह शून्यकाल है और माननीय सदस्य, जो कि विपक्ष के नेता भी हैं, उन्हें यह पता होना चाहिए कि उन्हें अपनी बात तीन मिनट के भीतर ही रखनी होती है। लेकिन उन्होंने छह मिनट से अधिक समय तक बात की है। इसलिए मुझे लगता है कि इस पर आपका हस्तक्षेप आवश्यक है।
राजनीति
बिहार राज्यसभा चुनाव: शाहनवाज हुसैन का दावा, एनडीए जीतेगी पांचों सीटें

पटना, 16 मार्च : राज्यसभा की 37 सीटों के लिए बिहार सहित 10 राज्यों में आज चुनाव हो रहे हैं। नेता अपने पसंदीदा प्रतिनिधि के लिए मतदान करने पहुंच रहे हैं। बिहार में 5 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान जारी है। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने दावा किया कि एनडीए सभी पांचों की पांच सीटें जीतने वाली है और राजद के प्रत्याशी हारने वाले हैं। राजद और उसके सहयोगियों को अपने गठबंधन पर विश्वास नहीं है। हमारे विधायक एकजुट हैं और हमें बहुत बड़ी संख्या में वोट मिलने वाले हैं।”
शाहनवाज हुसैन ने कहा, “पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी कमल खिलाएगी और ममता बनर्जी की विदाई की तारीख तय हो चुकी है।”
वहीं, भाजपा विधायक विजय खेमका ने मीडिया से बातचीत में कहा, “बहुत अच्छा होगा और बिहार में हमेशा सब कुछ अच्छा ही होता है। देश में भी, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सब कुछ अच्छा चल रहा है। आज जो चुनाव है उसमें मैं भी मतदान करने जा रहा हूं। एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है।”
मतदान करने के बाद मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा, “हमारी पार्टी के सभी विधायकों ने अपना वोट डाल दिया है और हमारी जीत शत प्रतिशत निश्चित है। हम सभी पांच सीटों पर जीत हासिल कर रहे हैं। हमारे पास संख्या बल पर्याप्त है। जो लोग राज्य की तरक्की चाहते हैं, वे हमारे पक्ष में मतदान करेंगे।”
जेडीयू विधायक कोमल सिंह ने कहा, “पहली बार मतदान करने का उत्साह है। मुझे इस बात की और भी ज़्यादा खुशी है कि आज हम सभी पांचों की पांचों सीटें जीत रहे हैं।”
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा, “हमारी एनडीए की जीत 100 फीसदी सुनिश्चित है, अब बस औपचारिक घोषणा बाकी हैं।”
आज महाराष्ट्र से सात, तमिलनाडु से छह, बिहार और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच, ओडिशा से चार, असम से तीन, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हरियाणा से दो-दो और हिमाचल प्रदेश से एक सीट के लिए चुनाव हो रहा है।
लोकसभा का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और कार्यकाल पूरा होने के बाद भंग हो जाता है, जबकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है और बिना किसी रुकावट के निरंतर कार्य करती रहती है। उच्च सदन के सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है, जिसमें एक तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। इन खाली पदों को भरने के लिए चुनाव आयोजित किए जाते हैं, जिससे सदन में निरंतरता और अनुभव सुनिश्चित होता है।
अंतरराष्ट्रीय
फैक्ट चेक: पाकिस्तानी अकाउंट ने एआई की मदद से भारतीय सेना के पूर्व आर्मी चीफ के बयान को बदला

नई दिल्ली, 16 मार्च : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स की तरफ से भारत को लेकर फर्जी खबरें फैलाने की कोशिश लगातार जारी हैं। हालांकि, भारत के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और विदेश मंत्रालय के फैक्ट चेक अकाउंट लगातार पाकिस्तान के इस फर्जी प्रोपेगैंडा का पर्दाफाश कर रहे हैं।
ताजा मामले में पीआईबी ने बताया कि पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स एक फर्जी वीडियो सर्कुलेट कर रहे हैं। इस वीडियो में पूर्व आर्मी चीफ, जनरल मनोज पांडे (रिटायर्ड), को भारतीय सेना के बारे में गलत बयान देते हुए दिखाया गया है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने एआई से बनाई गई फेक वीडियो और ओरिजिनल वीडियो लगाकर सावधान रहने की अपील की और कहा, “सावधान! यह एक एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो है। पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे (रिटायर्ड) ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स ऐसे मैनिपुलेटेड वीडियो को एक कोऑर्डिनेटेड डिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन के हिस्से के तौर पर सर्कुलेट कर रहे हैं ताकि जनता को गुमराह किया जा सके और भारतीय सेना पर भरोसा कम किया जा सके। जानकारी साझा करने से पहले हमेशा आधिकारिक और भरोसेमंद सोर्स से जानकारी सत्यापित करें।”
बता दें, एआई की मदद से छेड़छाड़ करने के बाद पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे (रिटायर्ड) का वीडियो साझा किया जा रहा है, जिसमें वे इजरायल का समर्थन करने के नुकसान के बारे में बात कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि इसका सबसे बड़ा नुकसान यह हुआ कि हमारी भारतीय सेना को हमेशा एक एथिकल फोर्स बनने की ट्रेनिंग दी गई थी।
फेक वीडियो में उनके हवाले से आगे कहा जाता है, “मेरी बात याद रखना, यह हालात पूरी तरह से बगावत की तरफ जा रहे हैं। हम सबने देखा है कि असम में क्या हो रहा है। हमारी आर्मी को इज़राइली इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग दे रहे हैं, जिनका पहला इंस्ट्रक्शन यह होता है कि सभी मुस्लिम, सिख, रेंगमा और कुकी इंसान नहीं हैं। वे पहले उन्हें इंसानियत से दूर करना सिखाते हैं और फिर उन पर ज़ुल्म किया जाता है। यह अच्छा नहीं है। अगर यह चलता रहा तो इससे अंदरूनी बगावत हो जाएगी।”
वहीं हकीकत में पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे (रिटायर्ड) ने कहा था, “हमें न सिर्फ अभी के सुरक्षा खतरों की चुनौतियों से निपटने का अंदाजा लगाना चाहिए, बल्कि यह भी अंदाजा लगाना चाहिए कि भविष्य में क्या होने वाला है। एक बार जब आप अंदाजा लगा लेते हैं, तो आपको उसी हिसाब से खुद को तैयार करना होगा। आपके पास वे काबिलियत होनी चाहिए जो आपको भविष्य की लड़ाइयों को अच्छे से लड़ने में काबिल बनाए। इसलिए सेना को भविष्य के लिए तैयार रहना होगा। आम तौर पर सेनाओं पर पिछली लड़ाई की तैयारी करने का आरोप लगाया जाता है। आपको उसी हिसाब से तैयारी करनी होगी, लेकिन यह काम नहीं करेगा। हमें याद रखना होगा कि हम नई पीढ़ी की क्षमताएं हासिल कर रहे हैं।”
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