महाराष्ट्र
आखिरकार मुंबई में 4 महीने बाद खुल गया कपड़ा बाजार

एमसी के सी वॉर्ड के दायरे में आने वाले अधिकांश कपड़ा मार्केट करीब 4 महीने के लंबे अंतराल के बाद सोमवार से फिर से खुल गए। स्वदेशी, मंगलदास, एमजे मार्केट सहित प्रमुख कपड़ा बाजार खुले तो सही, लेकिन तमाम सावधानियों के साथ। मार्केट में प्रवेश करने से पहले कारोबारियों, उनके स्टाफ और ग्राहकों के तापमान की जांच की गई। बाजार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुले रहे, लेकिन ग्राहकी बहुत कम रही। यहां तक कि बड़ी संख्या में कारोबारी भी परिवहन का साधन और अन्य कारणों से अपनी दुकान खोलने बाजार नहीं पहुंच सके। ग्राहकी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की उम्मीद कारोबारियों को है, क्योंकि अभी लोकल ट्रेनों का परिचालन केवल आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए ही हो रहा है।
कालबादेवी इलाके के सबसे पुराने और मशहूर कपड़ा मार्केट्स में से एक स्वदेशी मार्केट में रोजाना केवल एक-तिहाई दुकानें खोलने की ही इजाजत बीएमसी ने दी है। बॉम्बे स्वदेशी मार्केट बोर्ड (बीएसएमबी) के चेयरमैन गीतेश उनादकट ने कहा कि कारोबारियों का पहला दिन तो 4 महीने से बंद पड़ी दुकानों की साफ-सफाई के अलावा स्टाफ की मार्केट में एंट्री के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने में गया। ग्राहकी कुछ खास नहीं रही। गीतेश ने कहा कि अभी वे ही दुकानदार और कर्मचारी मार्केट आ पाने की स्थिति में हैं, जिनके पास या तो निजी वाहन हैं या फिर बेस्ट की बसों में सफर कर सकते हैं। मंगलदास मार्केट के पूर्व सचिव भरत ठक्कर ने बताया कि मार्केट की 5 गलियों में पहले दिन दुकानें खोलने की परमिशन थी। हालांकि सभी दुकानें नहीं खुलीं। ग्राहक कुछ संख्या में आए जरूर। यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ेगी।
मजदूरों का बड़ी संख्या में पलायन भी कारोबारियों का सिरदर्द बना हुआ है। भारत मर्चेंट्स चैंबर के ट्रस्टी राजीव सिंगल ने कहा कि व्यापार में बढ़ोतरी तभी संभव है, जब ग्राहक और व्यापारी दोनों आसानी से मार्केट तक पहुंच सकें। अभी तो सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि विरार, कल्याण जैसे दूर बसे उपनगरों में रहने वाले कारोबारी और उनका स्टाफ दक्षिण मुंबई के कपड़ा मार्केट्स तक पहुंच पाने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि उनके लिए लोकल ट्रेनें उपलब्ध नहीं हैं। सरकार को चाहिए कि लोकल ट्रेनों में कारोबारी और कर्मचारी वर्ग को भी सफर करने की इजाजत दी जाए। भीड़ बढ़ने का डर हो, तो सरकार इन दो वर्गों के लिए एक टाइमिंग तय कर दे, जिसके तहत वे लोकल ट्रेन में सफर कर सकें।
भारत मर्चेंट्स चैंबर के ट्रस्टी राजीव सिंगल ने कहा, ‘ मुंबई की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में अहम योगदान लोकल ट्रेनों और बेस्ट की बसों का भी है, क्योंकि इससे रोजाना बड़ी संख्या में व्यापारी और उनसे जुड़े कर्मचारी और मजदूर परिवहन के इन 2 महत्वपूर्ण साधनों में सफर करते हैं। अभी लोकल ट्रेन तो केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए ही चल रही हैं। सरकार को कोई वैकल्पिक रास्ता निकालना होगा, ताकि कारोबार में बढ़ोतरी होती रहे।’
महाराष्ट्र
मुंबई से आकर कई चोरियां करने वाला चोर गिरफ्तार

मुंबई: पुलिस ने मिलिंद पुलिस स्टेशन की सीमा में चोरी करने वाले एक चोर को गिरफ्तार करने का दावा किया है, जिसके खिलाफ मुंबई में चोरी और सेंधमारी के कई मामले दर्ज हैं। मुंबई जोन 7 के डीसीपी विजय कांत सागरे ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि आरोपी फ्लाइट से चोरी करने के इरादे से मुंबई आया था और उसने कई 5 घरों में सेंध लगाई थी।
उसके खिलाफ नेहरू नगर, मिलिंद, अलवे, नवी मुंबई में चोरी के मामले दर्ज हैं। दो किलो वजन के डेढ़ लाख चांदी के आभूषण कुल 15 लाख रुपये जब्त किये गये हैं. अपराधी राजेश के खिलाफ डोंबिवली, विष्णु नगर, विषाई, विठ्ठलवाड़ी, मानपारा, पैन पुलिस स्टेशनों में भी पीछा करने के मामले दर्ज हैं।
आरोपी ने बताया कि वह 13 मार्च 2025 को हवाई जहाज से वाराणसी से मुंबई आया और 15 दिनों में पांच घरों में लूटपाट की.
महाराष्ट्र
वक्फ संपत्तियों पर भूमि माफिया के खिलाफ संघर्ष : नया संशोधित बिल चुनौतियां बढ़ा रहा है

नई दिल्ली : वक्फ संपत्तियों की रक्षा करने और उनके लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने की लड़ाई पहले से ही भूमि माफिया, अतिक्रमणकारियों और अवैध समूहों के कारण कठिन थी। अब सरकार द्वारा पेश किया गया नया संशोधित बिल इस संघर्ष में एक और बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। एडवोकेट डॉ. सैयद एजाज अब्बास नक़वी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और तुरंत सुधारों की मांग की है। उन्होंने कहा कि वक्फ का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाना था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह उद्देश्य पूरी तरह असफल हो गया है। दूसरी ओर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), जो सिख समुदाय की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था है, दशकों से अपने समुदाय के कल्याण में सक्रिय रूप से लगी हुई है। इसके परिणामस्वरूप, सिख समाज में भिखारियों और मानव रिक्शा चालकों की संख्या लगभग समाप्त हो गई है।
वक्फ भूमि पर अवैध कब्जे और दुरुपयोग उजागर :
डॉ. नक़वी के अनुसार, वक्फ संपत्तियों को सबसे अधिक नुकसान स्वार्थी समूहों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमणों से हुआ है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि कई वक्फ संपत्तियां मूल रूप से सैयद परिवारों की दरगाहों के लिए दान की गई थीं, लेकिन उनका भारी दुरुपयोग किया गया। उन्होंने खुलासा किया कि एक प्रसिद्ध व्यक्ति ने मुंबई के ऑल्टामाउंट रोड पर स्थित एक एकड़ प्रमुख वक्फ भूमि को मात्र 16 लाख रुपये में बेच दिया, जो वक्फ के सिद्धांतों और कानूनों का खुला उल्लंघन है।
धारा 52 में सख्त संशोधन की मांग :
डॉ. नक़वी ने सरकार से वक्फ संपत्तियों को अवैध रूप से बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने वक्फ अधिनियम की धारा 52 में तत्काल संशोधन कर मृत्युदंड या आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा का प्रावधान करने की मांग की है। यह मुद्दा उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका है जो वक्फ संपत्तियों की रक्षा के लिए पहले से ही भ्रष्ट तत्वों और अवैध कब्जाधारियों से लड़ रहे हैं। यह देखना बाकी है कि क्या सरकार इन चिंताओं को गंभीरता से लेती है और वक्फ भूमि की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून लागू करती है।
महाराष्ट्र
मुंबई क्लीनअप मार्शल और स्वच्छ मुंबई अभियान समाप्त, नागरिकों से जुर्माना वसूली पर भी रोक, बीएमसी हेल्पलाइन नंबर जारी

मुंबई: मुंबई बीएमसी ने क्लीन-अप मार्शल नीति को खत्म कर दिया है, जिसके बाद अब शहर की सड़कों से क्लीन-अप मार्शल का नामोनिशान मिट गया है। महानगरपालिका ने क्लीन-अप मार्शल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है और स्वच्छ मुंबई मिशन को बंद कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी क्लीन-अप मार्शल नागरिकों को जुर्माना भरने या कोई अन्य दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा। क्लीन-अप मार्शल के खिलाफ शिकायत के बाद मुंबई बीएमसी ने आज से क्लीन-अप मार्शल की सेवा बंद करने और स्थगित करने का फैसला किया है।
मुंबई महानगरपालिका का ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग, कचरा और स्वच्छता विभाग के अंतर्गत, मुंबई में सार्वजनिक स्वच्छता की देखरेख करता है और ‘स्वच्छ मुंबई मिशन’ को 4 अप्रैल, 2025 से बंद कर दिया गया है। हालांकि, महानगरपालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अगर इसके बावजूद उन पर कोई जुर्माना लगाया गया है, तो वे इसकी शिकायत कर सकते हैं। क्लीनअप मार्शल के बारे में शिकायत मुंबई नगर निगम के डिवीजनल कंट्रोल रूम में 022-23855128 और 022-23877691 (एक्सटेंशन नंबर 549/500) पर की जा सकती है।
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