राष्ट्रीय
फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया में अवरुद्ध समाचार कंटेंट के पीछे की वास्तविक कहानी बताई
फेसबुक, जिसने पहले ऑस्ट्रेलियाई यूजर्स और प्रकाशकों के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर समाचारों तक पहुंच को अवरुद्ध करने की घोषणा की थी और फिर अपने निर्णय को वापस ले लिया था, उसने अब वास्तव में जो हुआ, उसके पीछे की वास्तविक कहानी बताई है। सोशल नेटवकिर्ंग साइट ने कहा कि हाल के दिनों में इस तरह के दावे बार-बार किए जा रहे थे कि फेसबुक चोरी करता है या अपने फायदे के लिए मूल पत्रकारिता करता है, जो कि सरासर गलत है।
पिछले हफ्ते, फेसबुक ने घोषणा की थी कि वह ऑस्ट्रेलिया में अपनी सर्विस के दौरान समाचार साझा करना बंद कर रहा है।
फेसबुक में ग्लोबल अफेयर्स मामलों के उपाध्यक्ष निक क्लेग ने बुधवार की देर रात एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, यह अब ऑस्ट्रेलियाई सरकार के साथ चर्चा के बाद हल हो गया है – हम प्रकाशकों के साथ नए सौदों के लिए सहमत होने और एक बार फिर समाचार लिंक साझा करने के लिए ऑस्ट्रेलिया को सक्षम करने के लिए तत्पर हैं।
यह भी कहा गया है कि इस मुद्दे पर फेसबुक के विचार में फेसबुक और समाचार प्रकाशकों के बीच संबंधों में महज एक बुनियादी गलतफहमी है।
क्लेग ने तर्क देते हुए कहा, वह खुद प्रकाशक ही हैं, जो सोशल मीडिया पर अपनी स्टोरी को साझा करने का विकल्प चुनते हैं या उन्हें दूसरों द्वारा साझा करने के लिए उपलब्ध कराते हैं। क्योंकि उन्हें ऐसा करने से वैल्यू मिलती है। यही कारण है कि उनकी साइटों पर बटन दिए गए हैं, जो पाठकों को उन्हें साझा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
उन्होंने कहा, हम न तो उस कंटेंट (सामग्री) की मांग करते हैं, जिसके लिए हमें अत्यधिक कीमत चुकाने के लिए कहा जा रहा है। वास्तव में समाचार लिंक फेसबुक पर उपयोगकर्ताओं के अनुभव का एक छोटा सा हिस्सा है।
फेसबुक का यह प्रतिबंध नए मीडिया बार्गिनिंग कोड के जवाब में था। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में गूगल और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म को समाचार के लिए भुगतान करने के लिए मजबूर करने वाला कानून के प्रभावी होने की तैयारी को लेकर यह बवाल हुआ। हालांकि अब हालिया बयान से स्पष्ट हो गया है कि फेसबुक का ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुद्दे का हल निकल गया है और अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म देश में समाचार संबंधी कंटेंट साझा करेगा।
राजनीति
तमिलनाडु: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वेल्लोर में टीवीके की बैठक को संबोधित करेंगे विजय

वेल्लोर, 23 फरवरी : तमिलगा वेट्टी कजगम (टीवीके) के अध्यक्ष विजय सोमवार को वेल्लोर में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।
इसके साथ ही सख्त प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक कोल्लमंगलम में आयोजित की जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, लगभग 4,900 कार्यकारी सदस्यों को बैठक में शामिल होने की अनुमति मिली है।
इस कार्यक्रम में केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दी जाएगी, जिनके पास क्यूआर कोड वाले विशेष प्रवेश टिकट होंगे। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि क्यूआर कोड प्रणाली को प्रवेश प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने, भीड़भाड़ से बचने और यह सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया है कि केवल अधिकृत कार्यकारी ही बंद कमरे में होने वाली बैठक में भाग लें।
टीवीके के महासचिव एन. आनंद ने एक बयान में स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से कुछ श्रेणियों के लोगों को प्रवेश पास जारी नहीं किए जाएंगे। जिसमें गर्भवती महिलाओं, बच्चों, स्कूली छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को बैठक में शामिल न होने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध पूरी तरह से एहतियाती हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में इरोड में हुए एक टीवीके कार्यक्रम के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी। जिसमें एक व्यक्ति की कथित तौर पर मौत हो गई थी। जिसके बाद पार्टी ने अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए हैं।
उन्होंने बताया कि उस घटना को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने वेल्लोर कार्यक्रम स्थल पर एक बड़ा टेंट लगाया है, जिससे कि उपस्थित लोगों को गर्मी से बचाया जा सके और तीन घंटे के सत्र के दौरान उन्हें बेहतर आराम मिल सके। इसके साथ ही बेहतर सुरक्षा योजना के तहत चिकित्सा सहायता और बुनियादी आपातकालीन व्यवस्था भी तैयार रखी गई है।
बता दें कि रविवार देर रात विजय का प्रचार वाहन कड़ी सुरक्षा के बीच वेल्लोर पहुंचा। पार्टी कार्यकर्ता छोटे-छोटे समूहों में उनकी वाहन की एक झलक पाने के लिए इकठ्ठा हो गए थे। वेल्लोर में यह कार्यकारी बैठक सलेम में इसी तरह के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तुरंत बाद हुई है। अब टीवीके 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर रही है।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में बूथ स्तर की संरचनाओं को मजबूत करने, प्रचार रणनीतियों की समीक्षा करने और जिला स्तरीय पदाधिकारियों को सक्रिय करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कार्यकर्ताओं में बढ़ती उत्सुकता के बीच, विजय के भाषण से उत्तरी तमिलनाडु में पार्टी के अगले चरण के राजनीतिक लामबंदी की दिशा तय होने की उम्मीद है।
दुर्घटना
गुजरात : मेहसाणा में भीषण सड़क हादसा, डिवाइडर से टकराकर पलटी कार, एक परिवार के 5 लोगों की मौत

महेसाणा, 21 फरवरी : गुजरात के मेहसाणा जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, एक परिवार राजस्थान में शादी में शामिल होने के बाद ईको कार से अहमदाबाद के रामोल वापस लौट रहा था। इस दौरान ऊंझा के उनावा के पास कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसा होते ही मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। कार के परखच्चे उड़ गए। हादसा होते ही मौके पर भीड़ लग गई। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और बचाव कार्य शुरू किया।
इस दर्दनाक सड़क हादसे में पिता-पुत्र, एक महिला और एक बच्चे सहित कुल 5 लोगों की जान चली गई है। जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे में घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है। सड़क हादसे में रामलाल कुमावत, कोमल कुमावत, कैलाश कुमावत, एक बच्चा और एक वृद्ध महिला की मौत हुई है। उनावा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
यह हाल ही में गुजरात में हुआ दूसरा बड़ा सड़क हादसा है। इससे पहले, यहां के वलसाड जिले में कपारड़ा–नानापोंढा हाईवे पर कुंभघाट के पास हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी दी कि मृतक कपारड़ा तालुका के अंबा जंगल गांव के निवासी थे। हादसे के समय कार में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें पांच पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं।
यह दुर्घटना कुंभघाट के उस तीखे मोड़ पर हुई, जिसे अधिकारी पहले से ही दुर्घटना-प्रवण क्षेत्र बताते रहे हैं। ट्रक और कार की आमने-सामने टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। पुलिस के मुताबिक, पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। दो गंभीर रूप से घायल पुरुषों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस तरह मृतकों की संख्या सात हो गई।
राजनीति
राहुल गांधी ने सुल्तानपुर कोर्ट में दर्ज कराया बयान, अगली सुनवाई 9 मार्च को

सुल्तानपुर, 20 फरवरी : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि प्रकरण में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए अदालत में पेश हुए।
अदालत में लगभग 20 मिनट तक चली कार्यवाही के दौरान उनका बयान दर्ज किया गया। अगली सुनवाई नौ मार्च को होगी। राहुल गांधी के वकील ने बताया कि गांधी का मुकदमा आज कोर्ट में था। वह पूर्व निर्धारित समय से वहां पहुंच गए थे। उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया है। अगली सुनवाई की तारीख 9 मार्च है।
राहुल गांधी ने कहा कि उनके ऊपर राजनीतिक दुर्भावना के अंतर्गत यह केस दर्ज कराया गया। राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के जरिए सुल्तानपुर पहुंचे। अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का अंतिम अवसर दिया था। निर्धारित समय पर वे दीवानी न्यायालय पहुंचे और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाहर निकल गए। अदालत परिसर में इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले डॉग स्क्वायड से परिसर की सघन जांच कराई गई। सुरक्षा घेरा मजबूत रखने के लिए एक अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी), चार क्षेत्राधिकारी (सीओ) सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अदालत परिसर के बाहर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने इसे नियमित न्यायिक प्रक्रिया बताया और कहा कि उन्हें अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले, लखनऊ एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का जोरदार स्वागत किया। कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच उनका काफिला सड़क मार्ग से मोहनलालगंज और रायबरेली होते हुए सुल्तानपुर के लिए रवाना हुआ। प्रशासन ने एयरपोर्ट से लेकर दीवानी न्यायालय परिसर तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सुल्तानपुर पहुंचने पर एमपी/एमएलए कोर्ट में उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया। न्यायालय परिसर में किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए डॉग स्क्वायड से तलाशी कराई गई थी। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए एक एएसपी और चार सीओ समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा।
इसके पहले कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि राहुल गांधी नियमित कानूनी प्रक्रिया के तहत पेशी पर आए हैं और पार्टी को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा राहुल गांधी को झूठे और फर्जी मुकदमों में घेरने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अदालत से निष्पक्ष न्याय मिलने की उम्मीद है।
ज्ञात हो कि वर्ष 2018 का है, जब कर्नाटक में एक प्रेसवार्ता के दौरान राहुल गांधी द्वारा अमित शाह पर कथित अपमानजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगा था। इस पर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा नेता विजय मिश्र ने सुल्तानपुर की अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया था। राहुल गांधी 26 जुलाई 2024 को पहले भी अदालत में पेश हुए थे। बाद की तिथियों पर अनुपस्थित रहने के बाद 19 जनवरी को अदालत ने उन्हें 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र8 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय1 year agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार1 year agoनासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
