राष्ट्रीय
फेसबुक ने भारत में स्वास्थ्य तथ्य-जांच शुरू की
फेसबुक ने बुधवार को अपने तीसरे पक्ष के तथ्य-जांच कार्यक्रम के तहत द हेल्दी इंडियन प्रोजेक्ट (टीएचआईपी) के साथ हाथ मिलाया है, ताकि भारत में कोविड-19 और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्वास्थ्य संबंधी अन्य सभी गलत सूचनाओं का मुकाबला किया जा सके। महामारी के दौरान, फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म और इंस्टाग्राम पर 1.8 लाख से अधिक हानिकारक गलत सूचनाओं को हटा दिया और तीसरे पक्ष के फैक्ट-चेकर्स की मदद से कोविड-19 पर 16.7 लाख से अधिक फर्जी समाचार पोस्ट किए।
सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी ने एक बयान में कहा, टीएचआईपी के साथ साझेदारी इस मंच पर स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचनाओं को समझने और उन पर अंकुश लगाने की क्षमता बढ़ाएगी।
टीएचआईपी मीडिया अंग्रेजी, हिंदी, बांग्ला, पंजाबी और गुजराती में स्वास्थ्य, दवाओं, आहार और उपचार के बारे में भ्रामक खबरों और दावों की जांच करने के लिए सत्यापित चिकित्सा पेशेवरों के साथ काम करता है।
वैश्विक स्तर पर, फेसबुक 80 तथ्य-जांच भागीदारों के साथ काम कर रहा है जो 60 से अधिक भाषाओं में सामग्री की निगरानी में मदद करते हैं। फेसबुक के फैक्ट-चेकिंग पार्टनर्स को स्वतंत्र, गैर-पक्षपातपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय फैक्ट-चेकिंग नेटवर्क के माध्यम से प्रमाणित किया गया है।
भारत में, फेसबुक के 10 तथ्य-जांच साझेदार हैं, जो अमेरिका के बाद सबसे बड़े भागीदारों में से एक है। इसमें इंडिया टुडे ग्रुप, विश्वास न्यूज (दैनिक जागरण), फैक्टली, न्यूजमोबाइल, फैक्ट क्रेस्केंडो, बूम लाइव, एएफपी, न्यूज चेकर और क्विंट शामिल हैं, जो अंग्रेजी के साथ 11 भारतीय भाषाओं में फैक्ट-चेक करते हैं।
भारतीय भाषाओं में हिंदी, बंगाली, तेलुगू, मलयालम, तमिल, मराठी, पंजाबी, उर्दू, गुजराती, असमिया और कन्नड़ शामिल हैं।
कंपनी ने कहा, “तृतीय-पक्ष फैक्ट-चेकर्स कहानियों का मूल्यांकन करते हैं, जाँचते हैं कि क्या कहानियां तथ्यात्मक हैं, और उनकी सटीकता का मूल्यांकन करें। जब कोई फैक्ट-चेकर किसी कहानी को झूठी के रूप में रेट करता है, तो फेसबुक न्यूज फीड में इसे कम दिखाता है, इसके प्रसार को काफी कम करता है और इसकी संख्या को कम करता है जो लोग इसे देखते हैं।”
बार-बार झूठी खबरें साझा करने वाले पेज और डोमेन का वितरण भी कम हो जाएगा और कमाई करने और विज्ञापन देने की उनकी क्षमता अस्थायी रूप से हटा दी जाएगी।
यदि कोई तथ्य-जांच की गई पोस्ट को साझा करने का प्रयास करता है, तो समुदाय के सदस्यों को पॉप-अप नोटिस दिया जाता है, ताकि लोग स्वयं तय कर सकें कि क्या पढ़ना है, क्या विश्वास करना है और क्या साझा करना है।
कंपनी ने कहा कि जो लोग एक कहानी साझा करते हैं, जिसे बाद में खारिज कर दिया जाता है, तो उन्हें सूचित किया जाता है ताकि वे जान सकें कि वह उस सामग्री पर अतिरिक्त रिपोर्टिग है।
फेसबुक ने 10 तथ्य-जांच संगठनों (भारत में फैक्टली और क्विंट सहित) के साथ एक फेलोशिप भी शुरू की है और तीसरे पक्ष के विशेषज्ञों द्वारा आभासी प्रशिक्षण सत्र प्रदान करेगा, ताकि भाग लेने वाले तथ्य जांचकर्ताओं को कोविड-19 से संबंधित गलत सूचना से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं को बढ़ाने में मदद मिल सके।
राष्ट्रीय
क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है: संजय राउत

मुंबई, 13 जुलाई: शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले 16 दिनों से सोनम वांगचुक अनशन पर हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि सरकार की ओर से किसी भी प्रकार के सकारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यही सवाल उभरकर सामने आ रहा है कि क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है?
संजय राउत ने सोनम वांगचुक की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उनके मुताबिक, सोनम वांगचुक असाधारण, पर्यावरणविद, शिक्षाविद और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित हैं।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी बताया कि आखिर सोनम वांगचुक क्यों अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी तरह से भ्रष्टाचार किया है। उनके कार्यकाल के दौरान ही नीट जैसी परीक्षा लीक हुई। कई छात्रों ने मौत को भी गले लगा लिया। इन्हीं सब स्थिति को देखते हुए सोनम वांगचुक आज अनशन पर बैठे हुए हैं।
उनके मुताबिक, सरकार को सोनम वांगचुक के पास आकर उनसे बात करनी चाहिए थी। उनसे बात करनी चाहिए थी, लेकिन अफसोस की बात है कि अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी उनके पास नहीं आया। कुल मिलाकर हमें यह समझना होगा कि सोनम वांगचुक अनशन पर क्यों बैठे हैं। सोनम वांगचुक हम सभी लोगों के लिए ही बैठे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने अन्ना हजारे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब अन्ना हजारे अनशन पर बैठे हुए थे, तब तत्कालीन सरकार की ओर से कई लोग उनके पास गए थे और उनसे संवाद स्थापित करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे के लिए भी यह जरूरी हो जाता है कि वो सोनम वांगचुक का समर्थन करें, उनसे मुलाकात करें।
अपराध
बदरपुर में 17 वर्षीय नाबालिग की चाकू मारकर हत्या, प्रेम संबंध की शक में बुलाकर किया हमला

नई दिल्ली, 13 जुलाई: दक्षिण दिल्ली के बदरपुर इलाके के मोलरबंद एक्सटेंशन में 40 फीट रोड पर एक 17 वर्षीय नाबालिग युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान यश के रूप में हुई है, जो 12वीं कक्षा का छात्र था। घटना शाम करीब पौने सात बजे पांडे मेडिकल स्टोर के पास गली नंबर 4 में हुई। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
मृतक के पिता जगमोहन सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया, “मुझे कुछ पता नहीं था। सूचना मिलने पर जब अस्पताल पहुंचा तो देखा कि मेरा लड़का मर चुका था। उसकी छाती पर चाकू लगा हुआ था। मेरे इकलौते बेटे को ताबड़तोड़ चाकू के वार किए गए। वह 12वीं कक्षा में पढ़ता था। मुझे न्याय चाहिए, अगर इंसाफ नहीं मिला तो मैं कुछ भी कर सकता हूं।”
जगमोहन सिंह का कहना है कि उनका बेटा शांत स्वभाव का था और उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यश उस लड़की के भाई द्वारा मौके पर बुलाया गया था, जिसके साथ वह रिलेशनशिप में था। यश तीन दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। वहां दूसरे ग्रुप से झगड़ा हो गया। विवाद के दौरान यश की छाती और पेट में धारदार हथियार से कई वार किए गए। स्थानीय लोगों ने मदद की और घायल यश को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। चोटों की तीव्रता के कारण इलाज के दौरान यश की मौत हो गई।
थाना बदरपुर के अधिकारियों ने बताया कि रात करीब 8 बजे स्थानीय बीट स्टाफ से सूचना मिली। डीडी नंबर 94ए दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। क्राइम टीम ने घटनास्थल (एसओसी) का निरीक्षण किया। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।
दुर्घटना
कानपुर में खड़े ट्रक से टकराई स्कॉर्पियो, दो बच्चों समेत तीन की मौत

कानपुर, 13 जुलाई: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक दुर्घटना में स्कॉर्पियो कार सवार दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, कानपुर जिले के महाराजपुर इलाके में सोमवार सुबह 6 बजे स्कॉर्पियो कार राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक खड़े ट्रक से जा टकराई। स्कॉर्पियो कार में हादसे के समय करीब 8 लोग सवार थे। यह कार फतेहपुर की ओर जा रही थी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। बताया गया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि कार चकनाचूर हो गई। अंदर फंसे लोग दर्द से तड़पते रहे।
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने सभी तीन मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लिया और बाकी घायलों को अस्पताल के लिए भेजा। बताया गया कि मरने वालों में दो मासूम बच्चे भी शामिल थे। हालांकि, मृतकों की पहचान अभी सामने नहीं आई।
इससे पहले, एटा जिले में एक कार से सांड की टक्कर के बाद ड्राइवर की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र में निधोली रोड स्थित जवाहरपुर गोदाम के पास यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान 35 वर्षीय नरेंद्र शर्मा के रूप में हुई, जो एटा जिले के जिटौली गांव के निवासी था। बताया गया कि नरेंद्र अपनी दुकान बंद करने के बाद गांव लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में सांड से कार की टक्कर हुई।
अग्निशमन प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें हादसे की सूचना मिली थी। बताया गया कि कार की सांड से टक्कर हुई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इस दुर्घटना में घायल युवक को अस्पताल भेजा गया। साथ ही, पुलिस टीम ने कार को सड़क से हटाकर किनारे किया।
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