राजनीति
राहुल गांधी दूसरे दौर की पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय पहुंचे
कांग्रेस नेता राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले के सिलसिले में एक बार फिर पूछताछ शुरू हो गई है। लंच ब्रेक के दौरान कांग्रेस नेता ने अपनी मां सोनिया गांधी से मुलाकात की, जो इस समय सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पहले दौर की पूछताछ के दौरान गांधी से देश और विदेश में उनकी संपत्ति और बैंक खातों के बारे में पूछा गया। सूत्रों ने कहा, “उनसे विदेश में उनकी संपत्ति के बारे में पूछा गया।”
एक अधिकारी के मुताबिक, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष से वित्तीय जांच एजेंसी के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने पूछताछ की। अधिकारी ने कहा, “टीम में दो सहायक निदेशक और एक उप निदेशक शामिल थे।”
इससे पहले, गांधी शहर में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर पर्यावरण भवन स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे, जहां भारी पुलिस बल तैनात था, जो पार्टी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस मुख्यालय से ईडी कार्यालय तक रैली करने से रोकने के लिए तैनात किया गया था। रास्ते में राहुल के साथ उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा भी थीं, हालांकि उनके ईडी कार्यालय पहुंचने के कुछ मिनट बाद ही वह चली गईं।
इसी मामले में राहुल के अलावा उनकी मां और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी तलब किया गया है। वह 23 जून को वित्तीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होंगी।
इस बीच, ईडी द्वारा उनके नेता राहुल गांधी की पूछताछ का विरोध करने के बाद कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। इनमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, हरीश रावत, रणदीप सिंह सुरजेवाला, अधीर रंजन चौधरी, के.सी. वेणुगोपाल, दीपेंद्र हुड्डा और पवन खेड़ा सहित कई अन्य नेता शामिल हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं को शहर के अलग-अलग थानों में रखा गया है। कुछ को मंदिर मार्ग पुलिस थाने ले जाया गया है, जबकि कुछ को फतेहपुर बेरी, तुगलक रोड पुलिस स्टेशन आदि में रखा गया है। पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी मोदी सरकार के दबाव के आगे नहीं झुकेगी। उन्होंने कहा, “हम सुबह से ईडी कार्यालय पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं और हम कोशिश करते रहेंगे।”
राष्ट्रीय समाचार
विधानसभा उपचुनाव: रुझान में पांच राज्यों की 7 सीटों पर भाजपा को बढ़त, बारामती से सुनेत्रा पवार आगे

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ कर्नाटक, नागालैंड, त्रिपुरा गुजरात और महाराष्ट्र की सात सीटों पर हुए उपचुनावों की मतगणना हो रही है। शुरुआती रुझान में 7 में से 5 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं जबकि महाराष्ट्र की बारामती सीट से महायुति उम्मीदवार और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार आगे चल रही है। वहीं, कर्नाटक की बागलकोट सीट पर कांग्रेस आगे चल रही है।
चुनाव आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र की बारामती सीट से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) उम्मीदवार सुनेत्रा पवार 53,250 वोटों से आगे चल रही हैं। अजित पवार का निधन 28 जनवरी 2026 को एक विमान हादसे में निधन हो गया था।
इसके अलावा रुझान में महाराष्ट्र की राहुरी सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार अक्षय कर्डिले 29,675 वोटों से आगे चल रहे हैं, जबकि दूसरे नंबर पर एनसीपी (शरदचंद पवार) के मोकाटे गोविंद खांडू हैं। यह उपचुनाव शिवाजी कर्डिले के निधन के बाद हो रहा है। भाजपा ने इस सीट से उनके बेटे अक्षय कर्डिले को चुनावी मैदान में उतारा है।
कर्नाटक की दावणगेरे साउथ में भाजपा के श्रीनिवास टी दसाकरियप्पा 8539 वोटों से आगे चल रहे हैं जबकि कांग्रेस के सामर्थ शमनूर मल्लिकार्जुन दूसरे नंबर पर हैं। इसके अलावा बागलकोट से कांग्रेस के उमेश हुल्लप्पा मेती 9969 वोटों से आगे चल रहे हैं, वहीं भाजपा के चरंतीमठ वीरभद्राया दूसरे स्थान पर हैं।
त्रिपुरा की धर्मनगर से भाजपा के जाहर चक्रवर्ती 13,988 वोटों से आगे हैं, जबकि कांग्रेस के चयन भट्टाचार्य पीछे चल रहे हैं।
गुजरात की उमरेठ सीट से भाजपा के हर्षदभाई गोविंदभाई परमार करीब 21 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं, जबकि दूसरे नंबर पर कांग्रेस के उम्मीदवार भृगु राज सिंह चौहान हैं।
इसके साथ ही, नगालैंड की कोरिडांग सीट से भाजपा उम्मीदवार दाओचिर आई इम्चेन 1,599 वोटों से आगे हैं। हलांकि इस बार जीत का ताज किसके सिर पर सजेगा? यह तस्वीर पूरी तरह से शाम तक साफ हो पाएंगी।
राष्ट्रीय समाचार
राष्ट्रपति ट्रंप बोले- ईरान प्रस्ताव पर विचार जारी, समझौते के साथ सैन्य कार्रवाई की भी चेतावनी

पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम के लिए अमेरिका और ईरान नए प्रस्ताव पर आगे बढ़ सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने के लिए आए नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आगे सैन्य और रणनीतिक कार्रवाई की भी चेतावनी दी है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाम बीच से रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा, “ईरान के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं। वे समझौता करना चाहते हैं।” ट्रंप ने पुष्टि की कि वह तेहरान के कथित 14-सूत्रीय प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका आगे सैन्य और रणनीतिक कदमों पर भी विचार कर सकता है, जिसमें तेहरान की बची हुई मिसाइल क्षमता को समाप्त करना और यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करना शामिल है। उसी बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को कमजोर बताया। उन्होंने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं, वे कमजोर हो चुके हैं। उन्हें यह तय करने में मुश्किल हो रही है कि उनका नेता कौन है।”
ईरान की बची हुई मिसाइल क्षमता के बारे में पूछे जाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इसे खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मैं इसे खत्म करना चाहूंगा। यह उनके लिए फिर से आगे बढ़ने की एक शुरुआत होगी और हां, मैं इसे खत्म करना चाहूंगा।”
उन्होंने आगे की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के लिए शर्तों को स्पष्ट करने से इनकार कर दिया, लेकिन उन्होंने इसकी संभावना से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा, “अगर वे गलत व्यवहार करते हैं और कुछ बुरा करते हैं, तो निश्चित रूप से सैन्य कार्रवाई संभव है।”
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्षेत्र में जारी अमेरिकी कार्रवाइयों का बचाव किया और उन्हें स्थिर बताया। उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही मैत्रीपूर्ण नाकाबंदी है। कोई भी इसे चुनौती नहीं दे रहा है।”
हालांकि, आर्थिक मोर्चे पर उन्होंने यह संभावना भी जताई कि अमेरिकी ऊर्जा कंपनियां ईरान में काम कर सकती हैं। वहीं, उन्होंने अमेरिका से तेल की भारी खेप भेजे जाने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “हमारे बहुत सारे जहाज टेक्सास और लुइसियाना आ रहे हैं। सैकड़ों जहाज कतार में हैं। हम बहुत सारा तेल बेच रहे हैं।”
राष्ट्रीय समाचार
काउंटर टेररिज्म ऑपरेशंस पर फोकस करेंगे भारत व कंबोडिया के जवान

भारत व कंबोडिया काउंटर टेररिज्म ऑपरेशंस पर फोकस करने जा रहे हैं। यह भारत की सैन्य कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण आयाम है। इसके तहत रविवार को भारतीय सैन्य दल, भारत–कंबोडिया संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास ‘सिनबैक्स–टी 2026’ के लिए कंबोडिया रवाना हुआ है।
यह युद्धाभ्यास कंबोडिया में आयोजित किया जाएगा। यहां दोनों देशों के जवान आतंकवाद-रोधी अभियानों, जंगल एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ऑपरेशन व समन्वित रणनीतियों पर मिलकर अभ्यास करेंगे। दोनों देशों का यह संयुक्त अभ्यास भारतीय सेना और रॉयल कंबोडियन आर्मी के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का महत्वपूर्ण प्रतीक है। सिनबैक्स का मुख्य उद्देश्य कंपनी स्तर पर संयुक्त प्रशिक्षण के माध्यम से सब-कन्वेंशनल (अपरंपरागत) वातावरण में सैन्य अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाना है।
इस अभ्यास के दौरान सैनिक एक-दूसरे के अनुभवों से सीखेंगे, आधुनिक तकनीकों और रणनीतियों का आदान-प्रदान करेंगे और जमीनी स्तर पर तालमेल को मजबूत करेंगे। खास बात यह है कि इसमें काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशंस पर विशेष जोर दिया जाएगा। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशंस आज के वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में बेहद महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि सिनबैक्स केवल एक सैन्य अभ्यास भर नहीं, बल्कि भारत की उस व्यापक सोच का हिस्सा है, जिसमें वह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
यह अभ्यास न केवल दोनों देशों के बीच सैन्य साझेदारी को सुदृढ़ करेगा, बल्कि आपसी विश्वास, समझ और सहयोग को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। दरअसल, भारत और कंबोडिया के बीच यह सहयोग यह दर्शाता है कि दोनों देश मिलकर न केवल अपनी सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। यह अभ्यास 4 मई से प्रारंभ होगा और 17 मई 2026 तक कंबोडिया साम्राज्य के कंम्पोंग स्पेयू प्रांत स्थित टेको सेन फ्नोम थॉम म्रीस प्रॉव रॉयल कंबोडियन एयर फोर्स प्रशिक्षण केंद्र (कैंप बेसिल) में जारी रहेगा।
मित्र देशों के साथ चल रहे भारत के रक्षा सहयोग के अंतर्गत कंबोडिया के साथ यह द्विपक्षीय अभ्यास ‘सिनबैक्स-द्वितीय’ वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बदलते परिदृश्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के अध्याय आठ के ढांचे के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा। भारतीय सेना के दल में 120 सैन्यकर्मी शामिल हैं। इस सैन्य दल में अधिकांश जवान मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। वहीं कंबोडियाई दल की बात करें तो यह 160 कार्मिकों का एक विशेष सैन्य दल है। ये सभी जवान रॉयल कंबोडियन आर्मी से हैं।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह संयुक्त अभ्यास उन आतंकवाद-रोधी अभियानों की वर्तमान कार्य-प्रक्रिया के अनुरूप होगा, जिनका सामना संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के दौरान शांति-रक्षक बलों द्वारा किया जाता है। सैन्य अभ्यास के अंतर्गत ड्रोन संचालन, मोर्टार तथा स्नाइपर रणनीतियों सहित विशेष कौशल प्रशिक्षण भी होगा। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के दलों के बीच अंतर-संचालन क्षमता, समन्वय तथा परिचालन तालमेल को सुदृढ़ करना है।
यह अभ्यास केवल वैश्विक शांति बनाए रखने के प्रति दोनों देशों की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। इसके अलावा अर्ध-शहरी परिदृश्य में शत्रुतापूर्ण बलों के विरुद्ध सर्वोत्तम पद्धतियां साझा करने को भी प्रोत्साहित करेगा। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘सिनबैक्स-द्वितीय 2026’ भारत व कंबोडिया के द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करेगा।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र10 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
