Connect with us
Wednesday,04-November-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय

दुबई एक्सपो का समापन, इंडिया पवेलियन की विरासत जारी

Published

on

इंडिया पवेलियन ने एक्सपो 2020 दुबई में छह महीने तक चली अपनी प्रदर्शनी का 31 मार्च को सफलतापूर्वक समापन किया। एक्सपो में सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित मंडपों में से एक के रूप में इंडिया पवेलियन ने रिकॉर्ड कायम किया। पिछले साल 1 अक्टूबर को इसके उद्घाटन के बाद से इसमें 17.5 करोड़ से अधिक लोग देखने पहुंचे। यूएई में भारत की विरासत के हिस्से के रूप में यह मंडप भविष्य के लिए रहेगा। यह केएलटी इमारत के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मूर्त रूप देगा और पर्यावरण के अनुकूल होगा। वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले और खाद्य और सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने इसका उद्घाटन इंडिया पवेलियन में 31 मार्च को किया था। एक्सपो के बंद होने तक 1,753,889 लोग देखने आए। 29 मार्च को एक्सपो 2020 दुबई में भारत का सम्मान दिवस समारोह हुआ, जिसमें गोयल ने भी भाग लिया।

संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत संजय सुधीर ने कहा, “जिस तरह से भारत दुबई एक्सपो में खुद को प्रदर्शित करने में सक्षम है, उससे हमें खुशी और गर्व है। 6 महीनों के दौरान भाग लेने वाले विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों ने हर अवसर का उपयोग करने में सक्षम हैं। विस्तार करने और बढ़ने के लिए। इसके अलावा, हमारे उज्‍जवल युवा दिमाग और उद्यमियों ने भी इस अवसर का लाभ उठाया है, और हमें इस बात पर गर्व है कि इंडिया इनोवेशन हब केवल शुरू हो रहा है। इंडिया पवेलियन उन कुछ लोगों में से एक है जो इसके लिए बने रहेंगे भावी पीढ़ी और आने वाले वर्षो में हमारे देश की कहानी सुनाती रहेगी।”

सुधीर ने कहा, “दुबई एक्सपो में भारत की बेहद सफल भागीदारी के साथ संयुक्त अरब अमीरात के साथ हमारे संबंधों को और मजबूत किया गया है। हमने पिछले छह महीनों में यहां कई बैठकें देखी हैं, जिन्होंने भविष्य के संघों के लिए एक संवाद शुरू किया है और उनमें से कई ने पहले ही सफल साझेदारी की है।”

इंडिया पवेलियन में विभिन्न भाग लेने वाले राज्यों और क्षेत्रों के प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित 2000 से अधिक बैठकें हुईं, जिसमें निवेश के अवसरों और सहयोग के पारस्परिक क्षेत्रों पर चर्चा की गई। पवेलियन में पिछले 6 महीनों में विभिन्न राज्यों, क्षेत्रों और स्टार्टअप्स द्वारा 100 से अधिक एमओयू/एलओआई पर हस्ताक्षर किए गए।

इंडिया पवेलियन के इंडिया इनोवेशन हब प्रोजेक्ट के तहत ‘एलिवेट’ पिचिंग सीरीज ने पिछले 6 महीनों में 700 से अधिक स्टार्टअप्स को भी प्रदर्शित किया। एलिवेट ने भारतीय स्टार्टअप्स को अवसर प्रदान किए और उभरते उद्यमियों को अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सही सलाह, मंच और नेटवर्किं ग के अवसरों के साथ मदद की।

इंडिया पवेलियन ने भारत की विशाल सांस्कृतिक विविधता, क्षेत्रीय विशेषज्ञता और भाग लेने वाले राज्यों की व्यावसायिक क्षमता का सफलतापूर्वक प्रतिनिधित्व किया। एक्सपो की थीम ‘कनेक्टिंग माइंड्स, क्रिएटिंग द फ्यूचर’ को प्रतिबिंबित करते हुए इंडिया पवेलियन ने देश की क्षेत्रीय विशेषज्ञता, राज्यों के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों और देश भर के नवोदित उद्यमियों के नवीन विचारों को प्रदर्शित किया। इसे हाल ही में शीर्ष के बीच भी पहचाना गया था। प्रदर्शनी समूह द्वारा ‘पीपुल्स चॉइस’ श्रेणी के तहत अपने विशिष्ट डिजाइन और नवाचार के लिए एक्सपो 2020 दुबई में तीन मंडप बनाए गए थे।

इन मंडपों ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, गोवा, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों जैसे कई राज्यों की मेजबानी की, जिन्होंने सफलतापूर्वक अपने व्यावसायिक आकर्षण का प्रदर्शन किया। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ और उनकी भागीदारी के दौरान प्रमुख वैश्विक निवेशकों से निवेश के अवसर प्राप्त किए।

मीडिया और मनोरंजन, जल, इस्पात, खाद्य, कृषि और आजीविका, स्वास्थ्य और कल्याण, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण, अंतरिक्ष, शहरी और ग्रामीण विकास, तेल और गैस जैसे प्रमुख क्षेत्र। इन क्षेत्रों में विकास और निवेश के अवसरों को उजागर करने के लिए टेक्सटाइल, नॉलेज एंड लर्निग, और पर्यटन ने भी इंडिया पवेलियन में संबंधित सप्ताह आयोजित किए।

मंडप में उच्च प्रोफाइल महमान पहुंचे, जिनमें अनुराग सिंह ठाकुर, सूचना और प्रसारण, युवा मामले और खेल मंत्री, एन.वी. रमना, भारत के मुख्य न्यायाधीश, रामचंद्र प्रसाद सिंह, केंद्रीय इस्पात मंत्री, एम.के. स्टालिन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष, पिनाराई विजयन, केरल के मुख्यमंत्री, हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री और आवास और शहरी मामलों के मंत्री, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन और संसदीय मामलों के राज्यमंत्री, डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, रसायन और उर्वरक मंत्री, भूपेंद्र पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री, राजीव चंद्रशेखर, केंद्रीय मंत्री इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री और कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री, बीएस येदियुरप्पा, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री, और भारत के विदेश सचिव, हर्ष वी. श्रृंगला, डॉ. के. सिवन, अध्यक्ष, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और सचिव, अंतरिक्ष विभाग सहित अन्य शामिल हैं।

इनके अलावा, नारायण राणे, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री (एमएसएमई), आर.के. सिंह, केंद्रीय ऊर्जा, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, दर्शन वी. जरदोश, केंद्रीय कपड़ा और रेल राज्य मंत्री, भानु प्रताप सिंह वर्मा, एमएसएमई राज्यमंत्री और सतीश महाना, औद्योगिक विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार (यूपी), कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ वर्चुअल तौर पर शामिल हुए।

इंडिया पवेलियन देखने वालों में सलमान खान, रणवीर सिंह, रणबीर कपूर, दीपिका पादुकोण, एस.एस. राजामौली, राम चरण, एनटीआर जूनियर, जान्हवी कपूर, जावेद जाफरी, आर. माधवन, शान, कैलाश खेर, सलीम-सुलेमान, हरिहरन, नेहा कक्कड़, बेनी दयाल, जोनिता गांधी जैसे गायक, भारतीय टेनिस स्टार, सानिया मिर्जा और प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर, उद्यमी और फिल्म निर्माता मनीष मल्होत्रा सहित कई हस्तियां शामिल हैं।

राजनीति

असम के आदर्श विद्यालयों से बच्चों को मिल रहा ‘बेस्ट’ जैसा माहौल : हिमंता बिस्वा सरमा

Published

on

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने आदर्श विद्यालय पहल के जरिए राज्य में सरकारी स्कूलों की पूरी सोच ही बदल दी है। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि इन्हें एक पूरे शैक्षिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्रों को बड़े और नामी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने असम में सरकारी स्कूल का मतलब ही बदल दिया है। आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं।”

मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में बनाई जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान, एक ऐसा इकोसिस्टम जहां किसी भी ब्लॉक का बच्चा बेस्ट स्कूलों के बच्चों के साथ मुकाबला कर सके।”

उनके मुताबिक इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे चाहे किसी भी ब्लॉक या इलाके से आते हों, उन्हें देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिले।

आदर्श विद्यालय कार्यक्रम असम सरकार की सरकारी स्कूल शिक्षा को मजबूत करने की कोशिशों में से एक है। इसके तहत बुनियादी ढांचे में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाया जा रहा है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।

इस पहल के तहत मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं जो आधुनिक पढ़ाई-लिखाई की सुविधाओं से लैस हैं। सिर्फ बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जो बच्चों के शैक्षणिक विकास, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी और उनके एक्सपोजर को बढ़ावा दे।

सरकार राज्य के जिलों में आदर्श विद्यालयों का नेटवर्क लगातार बढ़ा रही है, ताकि स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा सके और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल सके।

यह पहल असम में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के बीच शिक्षा के अवसरों में जो असमानता है, उसे कम करने के लिहाज से भी अहम है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि फोकस इस बात पर है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी बेहतर संसाधनों वाले संस्थानों के छात्रों के बराबर खड़ा होकर मुकाबला करने की सोच सके।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम सरकार राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रही है। आदर्श विद्यालय मॉडल का मकसद सरकारी स्कूलों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ छात्रों और अभिभावकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।

सरकार अपनी बड़ी शिक्षा सुधार योजना के तहत स्कूलों में लैब, डिजिटल लर्निंग और दूसरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आदर्श विद्यालय पहल के जरिए सरकार सरकारी स्कूलों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा देने वाले संस्थान के बजाय एक आधुनिक लर्निंग स्पेस के रूप में स्थापित करना चाहती है, जो छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी अवसरों के लिए तैयार कर सके।

Continue Reading

राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक बनर्जी के पीए की जमानत याचिका पर सुनवाई, राज्य सरकार ने किया विरोध

Published

on

सालबोनी जमीन मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ की मांग की है।

सरकार का कहना है कि जांच के दौरान सुमित रॉय से जुड़े खातों में करीब 15 करोड़ नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच टीम यह पता करना चाहती है कि यह पैसा कहां से आया और इसका जमीन के मामले से कोई संबंध है या नहीं।

सुमित रॉय की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान बैंक खातों में जमा बड़ी रकम के बारे में सवाल किए गए थे। सरकार के मुताबिक, बैंक रिकॉर्ड और पेन से यह रकम सुमित रॉय से जुड़ी होने की बात सामने आई है।

सरकार ने यह भी बताया कि 17 जून 2021 को करीब 71 लाख जमा किए गए थे। यह वही समय था जब जमीन से जुड़े कथित लेन-देन की जांच चल रही थी। सरकार का कहना है कि इन पैसों के बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

सुमित रॉय की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने सरकार की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन पैसों को लेकर पहले ही सफाई दी जा चुकी है। उनके मुताबिक, यह रकम पार्टी की सदस्यता फीस और चंदे से जुड़ी थी। वकील ने कहा कि सुमित रॉय का काम ही पार्टी से मिलने वाली रकम को जमा करना और उसके चालान को जमा करना था।

Continue Reading

राजनीति

राहुल गांधी पर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, सीजेआई बोले-हमारे सामने सब बराबर

Published

on

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने सब बराबर हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भरोसा दिया कि आवेदन मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि राहुल गांधी इस मामले में कोई वीआईपी नहीं हैं और उनकी अपील करीब पांच महीने से सुनवाई के लिए लंबित है।

उन्होंने कहा कि मामला कई बार सूची में आया लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी। गौरव भाटिया ने दलील दी कि बार-बार मामले की सुनवाई टलना संस्थान के लिए भी उचित नहीं है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। आवेदन मिलने के बाद वह उस पर विचार करेगा।

बता दें कि यह मामला दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना के लिए अपमानजनक है और इससे सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी मामले में लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था।

समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति13 hours ago

दीया मिर्जा के दीपावली वीडियो पर सियासी घमासान, शिवसेना ने किया विरोध तो एनसीपी आई सपोर्ट में

मनोरंजन13 hours ago

दीया मिर्जा के दीपावली वीडियो पर सियासी घमासान, शिवसेना ने किया विरोध तो एनसीपी आई सपोर्ट में

राजनीति13 hours ago

तमिलनाडु में नई तमिल फिल्मों को बड़ी राहत, रिलीज के पहले हफ्ते में रोजाना 6 शो की मंजूरी

राष्ट्रीय समाचार13 hours ago

भारत ने यूएई को अनार और कीवी का किया निर्यात, किसानों की बढ़ेगी आय

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

मध्य प्रदेश: राज्यसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार का नामांकन खारिज

अपराध14 hours ago

एआई डीपफेक और अश्लील तस्वीरों से परेशान रूपाली गांगुली पहुंचीं बॉम्बे हाईकोर्ट, 4 नवंबर को होगी सुनवाई

अंतरराष्ट्रीय समाचार14 hours ago

रूस के साथ मौजूद भारतीय नागरिकों की वापसी का मुद्दा भारत लगातार उठा रहा: एमईए

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

नीट-पीजी 2025 : सुप्रीम कोर्ट में कट-ऑफ घटाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई

अंतरराष्ट्रीय समाचार14 hours ago

भारत से व्यापार बंद होने के बाद पाकिस्तान को 40 अरब डॉलर का नुकसान: रिपोर्ट

व्यापार15 hours ago

भारत-डेनमार्क ने नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर, ऑफशोर विंड और ग्रीन हाइड्रोजन पर हुई चर्चा

अपराध4 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

मनोरंजन4 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति4 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

मनोरंजन4 weeks ago

‘तुम झूठे हो गौतम गुलाटी’, प्रियंका चाहर चौधरी से भिड़े गौतम, ‘राइज एंड फॉल 2’ में छिड़ी तीखी जंग

महाराष्ट्र2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना पर सियासत तेज, विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

राजनीति4 weeks ago

जंतर-मंतर जा रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत इंडिया ब्लॉक के नेता हिरासत में लिए गए

फिल्मी खबरे2 weeks ago

“समुदाय से माफी मांगें, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें”: टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई की सलमान खान को चेतावनी।

फिल्मी खबरे2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना पर अमाल मलिक की प्रतिक्रिया, बोले, ‘आखिर मुंबई में यह सब क्या हो रहा है?’

खेल4 weeks ago

‘कोई नाराजगी नहीं, टीम के दरवाजे उनके लिए खुले हैं’, रोनाल्डो संग विवाद को लेकर बोले कोच जॉर्ज जीसस

रुझान