राष्ट्रीय समाचार
चक्रवात दाना: भारतीय नौसेना ओडिशा और बंगाल तट पर आपदा राहत के लिए तैयार, एनडीआरएफ की टीमें तैनात
बंगाल की खाड़ी पर दबाव बढ़ने के साथ ही चक्रवात दाना ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट की ओर बढ़ रहा है और इसके गुरुवार, 24 अक्टूबर से शुक्रवार, 25 अक्टूबर के बीच भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और धामरा बंदरगाह के बीच पहुंचने की उम्मीद है। भारतीय तटरक्षक बल ने ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया है और अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है और आपदा प्रबंधन के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया है।
भारतीय नौसेना ने भी चक्रवात दाना के आने से पहले टीमों को तैनात कर दिया है। बयान में कहा गया है, “ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट पर चक्रवात दाना के गंभीर प्रभाव की आशंका को देखते हुए भारतीय नौसेना मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।”
डीआईजी मोहसेन शाहिदी ने मीडिया को बताया, “ओडिशा में 1,70,000 और पश्चिम बंगाल में 1,50,000 लोगों को निकाला गया है और राष्ट्रीय आपदा राहत बल यह सुनिश्चित कर रहा है कि तूफान के आने से पहले लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं।”
रक्षा प्रवक्ता ने बताया, “आवश्यक कपड़े, पेयजल, भोजन, दवाइयां और आपातकालीन राहत सामग्री को सड़क मार्ग से उन प्रमुख स्थानों पर भेज दिया गया है, जिनके प्रभावित होने की संभावना है। बाढ़ राहत और गोताखोरी दलों को जरूरत पड़ने पर समन्वित बचाव और राहत कार्यों में सहायता के लिए तैनात किया जा रहा है।”
रक्षा विभाग द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि समुद्र से राहत प्रयासों में सहायता के लिए पूर्वी बेड़े के दो जहाज आपूर्ति और बचाव एवं गोताखोरी दल के साथ खड़े हैं। नौसेना अस्पताल आईएनएचएस कल्याणी, यदि आवश्यक हो तो आवश्यक आपूर्ति और चिकित्सा सहायता प्रदान करेगा।
बयान में कहा गया है कि भारतीय नौसेना स्थिति पर लगातार नजर रख रही है तथा चक्रवात दाना से प्रभावित नागरिक प्राधिकारियों और लोगों को सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल दोनों ही राज्य इसके प्रभाव के लिए तैयार हैं और सरकारें कम से कम नुकसान सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई में जुट गई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दाना को ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ की श्रेणी में रखा है। इसके गुरुवार (24 अक्टूबर) रात को तट पर पहुंचने की उम्मीद है।
अपराध
मध्य प्रदेश: शाजापुर में बाइक-पिकअप की टक्कर, 5 महीने के बच्चे और पति-पत्नी की मौत

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन की टक्कर से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। इसमें एक पांच महीने का बच्चा भी शामिल है।
मृतकों की पहचान अजीत पंवार, उनकी पत्नी पूजा पंवार और उनके पांच माह के बेटे शिवांशु के रूप में हुई है। तीनों पड़ोसी जिले सीहोर के आष्टा नगर स्थित इंद्रा कॉलोनी के निवासी थे।
यह हादसा सलसलाई थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब परिवार बाइक से बोलाई गांव से अय्यापुर मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, अचानक एक लावारिस कुत्ता उनकी मोटरसाइकिल के सामने आ गया। बाइक चला रहे अजीत ने कुत्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया। मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सामने से आ रही पिकअप वाहन की चपेट में आ गई।
पिकअप की टक्कर इतनी जोरदार थी कि अजीत, उनकी पत्नी और मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
बताया गया है कि परिवार शनिवार को अपने बेटे शिवांशु के पांच महीने पूरे होने के अवसर पर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए घर से निकला था। हालांकि, गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही वे हादसे का शिकार हो गए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “परिवार अपने बच्चे के साथ मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था। इसी दौरान एक लावारिस कुत्ता बाइक के सामने आ गया। चालक ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बाइक से नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रही पिकअप से टकरा गया।”
हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और अज्ञात चालक के खिलाफ लापरवाही एवं तेज रफ्तार से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से फरार चालक की तलाश की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
राजनीति
वोट चोरी की शुरुआत नेहरू ने की थी, सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनने से वंचित रखा गया: संबित पात्रा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने शनिवार को कांग्रेस और विपक्षी दलों पर लोकतंत्र का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित कर रही है, जबकि वास्तविक संसद में सोना, आंख मारना, सदन से नदारद रहना और वेल में आकर हंगामा करना कांग्रेस और तथाकथित इंडी गठबंधन का मूल काम रहा है।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के वोट चोरी से जुड़े आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि देश में पहली वोट चोरी पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय हुई थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन उन वोटों की अनदेखी कर नेहरू देश के पहले गैर-निर्वाचित प्रधानमंत्री बने।
उन्होंने कहा, “आज 31 अक्टूबर है। आज हम सबके आदरणीय सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है। हिंदुस्तान में अगर पहली वोट चोरी कहीं हुई, तो वह गांधी परिवार के पहले सदस्य पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट डाले थे, लेकिन उन वोटों को चुराकर जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बने। इस तरह सरदार पटेल को उनके अधिकार से वंचित रखा गया और उन्हें अपमानित किया गया।”
संबित पात्रा ने खड़गे के उस दावे पर भी सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने 13 करोड़ मतदाताओं के वोट चोरी होने की बात कही थी। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि वास्तव में 13 करोड़ लोगों के वोट काट दिए जाते, तो देश में इसका व्यापक विरोध होता। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया अभी जारी है और पूरी नहीं हुई है। ऐसे में विभिन्न राज्यों की अंतिम मतदाता सूची में नाम नहीं आने का अर्थ यह नहीं है कि उन लोगों के वोट चोरी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार, विपक्ष और पत्रकारों समेत सभी की जिम्मेदारी है कि मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को मिले। उन्होंने सवाल किया कि क्या घुसपैठियों को देश का मतदाता होना चाहिए?
पात्रा ने एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है। फॉर्म-6 में संशोधन किए जाने के खड़गे के आरोप पर उन्होंने कहा कि इस फॉर्म में कोई संशोधन नहीं किया गया है, बल्कि इसके साथ एक घोषणा पत्र जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि खड़गे वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उन्हें इस मामले में गलत जानकारी दी जा रही है।
पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग उन्हें जानकारी दे रहे हैं, वे खुद संसद में सोते हुए पकड़े जाते हैं। उन्होंने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के फैसले का भी हवाला देते हुए दावा किया कि अदालत ने स्पष्ट किया था कि फॉर्म-6 में कोई संशोधन नहीं हुआ है, बल्कि उसके साथ घोषणा पत्र जोड़ा गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों को भी संबित पात्रा ने खारिज किया। खड़गे ने आरोप लगाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर एसआईआर का फैसला लिया। इस पर पात्रा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ बैठकर स्पष्ट किया था कि एसआईआर का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है।
उन्होंने कहा, “आप 100 बार भी झूठ बोल दें, तो वह सच नहीं बन जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ बैठकर तस्वीर और बयान के माध्यम से स्पष्ट किया था कि एसआईआर का निर्णय सर्वसम्मति से हुआ है।” पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार झूठ बोलकर राहुल गांधी के आरोपों को सच साबित नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रीय समाचार
केशव का अखिलेश पर निशाना, बोले- यूपी की जनता 2027 में सपा की साइकिल पंचर कर सैफई भेज देगी

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले अखिलेश यादव को 2012 से 2017 तक के सपा शासनकाल की गुंडागर्दी, अपराध, माफियागिरी और दंगों की समीक्षा करनी चाहिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बात का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार यूपी में अंगद के पांव की तरह मजबूती से टिकी है। अगले 30 साल तक सपा सत्ता में नहीं आएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव और उनके मित्र राहुल गांधी सत्ता वापसी का सपना देख रहे हैं, लेकिन न राहुल गांधी देश में सत्ता में आने वाले हैं और न ही अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में आएंगे।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी रामद्रोहियों की पार्टी है। 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा को उसकी हैसियत दिखा देगी और उसकी साइकिल पंचर करके सैफई भेज देगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सांसद हैं, लेकिन उन्हें यह तक नहीं पता कि देश में नागरिकता का सर्टिफिकेट चुनाव आयोग नहीं बल्कि गृह मंत्रालय देता है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि एसआईआर को लेकर सपा प्रमुख इसलिए बौखलाए हुए हैं, क्योंकि अब उनके गुंडे वोटर लिस्ट में गड़बड़ी नहीं कर पाएंगे। एक-एक घुसपैठियों का नाम मतदाता सूची से बाहर निकाला जा रहा है, इसीलिए विपक्ष बिलबिला रहा है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड1 month agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
