व्यापार
चीनी बिल्डर ने अचानक यूके में कारोबार को समेटा
चीन के व्यवसायिक समूह सीआईएमसी ने ब्रिटेन में अपनी सहायक कंपनियों को अचानक बंद कर दिया है जिससे बड़ी संख्या में लोगों का भुगतान फंस गया है। सीआईएमसी को हिल्टन और ट्रैवेलॉज के लिए होटल का निर्माण करने के लिए जाना जाता है। यह जानकारी द टाइम्स, यूके में प्रकाशित रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के सबसे बड़े शिपिंग-कंटेनर निर्माता चाइना इंटरनेशनल मरीन कंटेनर (सीआईएमसी) ने ब्रिटेन के अपने मुख्य व्यवसाय सीआईएमसी डेवलपमेंट्स एंड सीआईएमसी मॉड्यूलर बिल्डिंग सिस्टम्स के लिए आरई10 को परिसमापक के रूप में नियुक्त किया है। इस घटनाक्रम से चिंतित लेनदारों (क्रेडिटर) ने कहा कि किसी तरह के संकट की ना तो कोई चेतावनी दी गई और ना ही कोई स्पष्टीकरण दिया गया।
सीआईएमसी ने चीन के एक कारखाने से 10 से अधिक वर्षों से तैयार कमरों (रेडी-बिल्ट रूम) की आपूर्ति की है। इनका इस्तेमाल विद्यार्थियों के रहने के लिए और होटल के लिए किया गया, जिसमें ब्रिस्टल हवाई अड्डे पर हिल्टन का हैम्पटन शामिल है।
ट्रेड मैगजीन कंस्ट्रक्शन एनक्वायर ने बताया कि इस कदम के पीछे की वजह कोविड-19 है। लेकिन, लेनदारों ने दावा किया कि दोषपूर्ण इमारतों को सुधारने के लिए व्यावसायिक समूह को बड़ी देनदारियों का सामना करना पड़ रहा था।
व्यापार
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 2 प्रतिशत से अधिक गिरकर खुला

share market
मुंबई, 19 मार्च : भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट के साथ खुला। इस दौरान सेंसेक्स 1,942.22 अंक या 2.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,750.92 और निफ्टी 580 अंक या 2.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,197.75 पर था।
बाजार में चौतरफा गिरावट देखी जा रही है। रियल्टी, प्राइवेट बैंक, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, सर्विसेज, डिफेंस और मेटल के साथ सभी सूचकांक लाल निशान में थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,194.40 अंक या 2.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,095.45 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.50 अंक या 1.52 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,930.95 पर था।
सेंसेक्स पैक में 30 में से 28 शेयर लाल निशान में थे। एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, ट्रेंट, इटरनल, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट,बजाज फिनसर्व और इंडिगो लूजर्स थे। केवल एनटीपीसी और पावर ग्रिड ही हरे निशान में थे।
बाजारों में गिरावट की वजह मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने को माना जा रहा है। अमेरिका-इजराइल ने बुधवार को दक्षिणी ईरान में साउथ पार्स गैस फील्ड और असालुयेह शहर की तेल-गैस सुविधाओं पर एयरस्ट्राइक और ईरान के द्वारा कतर सबसे बड़े गैस प्लांट ‘रास लफान’ पर मिसाइल हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इससे कच्चे तेल की कीमत में भी बड़ा उछाल देखा गया है।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में बिकवाली देखी जा रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे। अमेरिकी बाजार भी बुधवार को लाल निशान में बंद हुए थे। मुख्य सूचकांक डाओ 1.63 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी नैस्डैक 1.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की ओर से बिकवाली जारी है। एफआईआई ने बुधवार को 2,714.35 करोड़ रुपए की इक्विटी में बिकवाली की थी। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,253.03 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया था।
व्यापार
लगातार तीसरे दिन तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 633 अंक उछला

मुंबई, 18 मार्च : हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। आईटी और रियल्टी शेयरों के समर्थन से घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुए।
इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 0.83 प्रतिशत या 633.29 अंक बढ़कर 76,704.13 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी50 0.83 प्रतिशत या 196.65 अंक बढ़कर 23,777.80 पर बंद हुआ।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने जहां Open :76,367.55 पर खुलकर 77,000.22 के उच्चतम स्तर को छुआ, वहीं निफ्टी ने 23,632.90 पर खुलकर 23,862.25 का उच्चतम स्तर छुआ।
बुधवार के सत्र में भी समग्र बाजार में तेजी देखने को मिली। व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी मिडकैप में 2.02 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मीडिया (3.35 प्रतिशत की उछाल), निफ्टी आईटी (2.78 प्रतिशत की तेजी) और निफ्टी रियल्टी (2.75 प्रतिशत की तेजी) सबसे अधिक लाभ कमाने वाले इंडेक्स रहे। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 1.92 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 0.82 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.79 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। जबकि निफ्टी एफएमसीजी में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी50 इटरनल, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंफोसिस, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, एक्सिस बैंक, इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस और अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। जबकि, सिप्ला, एचयूएल, कोल इंडिया, एनटीपीस, सनफार्मा, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अपोलो हॉस्पिटल्स और हिंडाल्को के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले शेयरों में शामिल रहे।
सेंसेक्स में आई इस तेजी से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में लगभग 5 लाख करोड़ रुपए की वृद्धि हुई, जिससे यह पहले के 433 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 438 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया।
व्यापार
यूएई से भारत आया ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’, मुंद्रा पोर्ट पर किया डॉक

मुद्रा, 18 मार्च : यूएई से चला भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ बुधवार को भारत पहुंच गया है। इसने गुजरात में अदाणी ग्रुप द्वारा संचालित मुंद्रा पोर्ट पर डॉक किया है।
इस टैंकर में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्राप्त लगभग 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल है, जिसे फुजैराह बंदरगाह पर लोड किया गया था। इस 274.19 मीटर की लंबाई और 50.04 मीटर की चौड़ाई वाले टैंकर का डेडवेट टन भार लगभग 164,716 टन और ग्रॉस टन भार लगभग 84,735 टन है।
फुजैराह बंदरगाह, मध्य पूर्व में मौजूद उन गिने चुने बंदरगाहों में से एक है, जो कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर स्थित है। ईरान-अमेरिका, इजरायल युद्ध के कारण फारस की खाड़ी में मौजूद यह संकरा रास्ता प्रभावित है और इससे विश्व के कुल कच्चे तेल का 20 प्रतिशत का आवागमन होता है।
मुंद्रा स्थित अदाणी पोर्ट्स में इसका आगमन कच्चे तेल के भारी आयात को संभालने में इस सुविधा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
यह डिलीवरी एक प्रमुख रिफाइनरी के लिए सहायक है जो परिचालन बनाए रखने और क्षेत्र में आपूर्ति में व्यवधान के दौरान भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ऐसे शिपमेंट पर निर्भर करती है।
अदाणी पोर्ट्स मुंद्रा ने पोत जग लाडकी को सुरक्षित रूप से लंगर डालने और भारत की महत्वपूर्ण ऊर्जा लाइनों की सुरक्षा में समुद्री समन्वय प्रदान किया है।
ईरान-अमेरिका, इजरायल युद्ध के बीच केंद्र सरकार लगातार देश की निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।
इससे पहले शिवालिक और नंदा देवी दो एलपीजी लदे जहाज भारत पहुंच चुके हैं। इसमें शिवालिक ने भी मुद्रा पोर्ट पर सोमवार को डॉक किया था।
वहीं, नंदा देवी ने कंडला पोर्ट के पास स्थित वडीनार पोर्ट पर डॉक किया था। वडीनार पोर्ट, गुजरात में कच्छ की खाड़ी के पास स्थित एक प्रमुख ऑफ-शोर ऑयल टर्मिनल है, जो दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण (पूर्व में कांडला पोर्ट) का हिस्सा है।
शिवालिक और नंदा देवी दोनों में 92,700 टन के करीब एलपीजी थी, जिसमें शिवालिक में 46,000 टन से ज्यादा और नंदा देवी में 47,000 टन से ज्यादा एलपीजी थी।
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