Connect with us
Wednesday,01-April-2026
ताज़ा खबर

खेल

धोनी के जन्मदिन पर ब्रावो ने गिफ्ट किया हेलीकॉप्टर-7 गाना

Published

on

bravo-and-dhoni

वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर ड्वैन ब्रावो ने आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स के अपने टीम साथी महेंद्र सिंह धोनी के जन्मदिन पर उन्हें एक खास तोहफा दिया है। धोनी मंगलवार को 39 साल के हो गए। ब्रावो ने हेलीकॉप्टर 7 गाना रिलीज किया है, जिसे उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर धोनी के जन्मदिन से कुछ घंटे पहले ही शेयर किया है।

इसमें उन्होंने कहा, ” एमएस धोनी, नंबर सात, एमएस धोनी, नंबर सात, रांची के सभी धोनी चिल्लाते हैं, भारत के सभी लोग माही चिल्लाते हैं, चेन्नई के सभी लोग थाला चिल्लाते हैं। एमएस धोनी एक विश्व-व्यापी हैं।”

ब्रावो ने अपने गाने में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धोनी की सभी उपलब्धियों का भी जिक्र किया है।

भारत के महान कप्तानों में गिने जाने वाले धोनी को विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा फिनिशर भी कहा जाता है। उन्हीं की कप्तानी में टीम ने टी-20 विश्व कप-2007 जीता और फिर 2011 में वनडे विश्व कप भी अपनी झोली में डाला वो भी 28 साल बाद।

धोनी ने भारत के लिए अब तक 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी 20 मैच खेले हैं।

अंतरराष्ट्रीय

ईरान में क्रूर शासन के खिलाफ हमारे संघर्ष की दहाड़ पूरी दुनिया सुन रही : नेतन्याहू

Published

on

तेल अवीव : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि मेरे भाइयों और बहनों, इजरायल के नागरिकों, इस स्वतंत्रता के पर्व की पूर्व संध्या पर इजरायल पहले से कहीं अधिक मजबूत है। पूरी दुनिया ईरान की दुष्ट सरकार के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमारी शेर जैसी गर्जना सुन रही है, एक ऐसी लड़ाई जिसमें हमने बेहद बड़ी व विशाल उपलब्धियां हासिल की हैं।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इसकी एक पीड़ादायक कीमत भी है। अभी कल ही, हमने अपने चार सर्वश्रेष्ठ बेटों को खो दिया। इजरायल के नागरिकों की ओर से और मेरी व मेरी पत्नी सारा की ओर से मैं शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। हम सभी प्रेम के साथ उन परिवारों को गले लगाते हैं जिन्होंने अपना सबसे अनमोल सदस्य खो दिया है और हम अपने वीर घायल साथियों को भी प्रेम से गले लगाते हैं। हम एक ही लोग हैं, एक साझा नियति की डोर से बंधे हुए, अपने अस्तित्व और अपने भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए साथ हैं।

अमेरिका के साथ हमारे संयुक्त अभियान के एक महीने पूरे होने पर हम व्यवस्थित रूप से उस आतंकी शासन को कुचल रहे हैं जिसने दशकों तक यह नारा लगाया: “अमेरिका की मौत, इजरायल की मौत।” यह सच है कि हर पीढ़ी में वे हमें नष्ट करने के लिए उठ खड़े होते हैं और इस पीढ़ी में आयतुल्लाओं के शासन ने हमें समाप्त करने, मध्य पूर्व पर कब्ज़ा करने और पूरी दुनिया को धमकाने का बड़ा प्रयास किया। उसने इन घातक इरादों को आगे बढ़ाने के लिए परमाणु कार्यक्रमों और बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास किया, हमारे आसपास आतंकवादी संगठनों को धन और हथियार दिए और उस पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को झेलते हुए आगे बढ़ा। अब मैं आपको बताना चाहता हूं कि वर्षों में इस सब पर ईरान को लगभग एक ट्रिलियन डॉलर का खर्च आया है। अब यह कहा जा सकता है कि वह पैसा व्यर्थ चला गया।

ईरान से वसूली गई कीमत केवल धन तक सीमित नहीं थी। आने वाले पासओवर (मुक्ति पर्व) की भावना में ‘मोचन युद्ध’ की शुरुआत से ही, हमने ‘बुराई के धुरी’ पर दस विपत्तियां डाली हैं। गाज़ा में हमास पर प्रहार, लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर प्रहार, सीरिया में असद पर प्रहार, यहूदिया और समारिया में आतंकी संगठनों पर प्रहार, यमन में हूतियों पर प्रहार, और ईरान पर पांच और प्रहार- उनके परमाणु कार्यक्रम पर प्रहार, उनकी मिसाइलों पर प्रहार, शासन की बुनियादी संरचना पर प्रहार, दमनकारी ताकतों पर प्रहार, और “पहिलौठों की विपत्ति”, या हमारे मामले में, शीर्ष नेतृत्व पर प्रहार। तानाशाह खामेनेई से लेकर परमाणु वैज्ञानिकों तक और रिवोल्यूशनरी गार्ड व बसीज के कुख्यात हत्यारों तक, नसरल्लाह, हनियेह, डेइफ़, सिनवार और कई अन्य तक।

मिस्र की दस विपत्तियों के बाद भी फ़िरऔन ने इजरायल के लोगों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी और हम सभी जानते हैं उसका अंत क्या हुआ। यही स्थिति ईरानी ‘बुराई के धुरी’ के खिलाफ अभियान में भी है। यह अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन अभी भी यह कहा जा सकता है कि हमारे दुश्मनों पर आई इन दस विपत्तियों के मुकाबले, हमने ‘राइजिंग लॉयन’ और ‘रोअरिंग लॉयन’ अभियानों तथा पूरे ‘मोचन युद्ध’ में दस बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।

पहला हमने एक रणनीतिक बदलाव किया। इन दोनों अभियानों से पहले, ईरान हमें घेरने की कोशिश कर रहा था। आज हम उन्हें घेर रहे हैं। ईरान का आयतुल्ला शासन पहले से कहीं अधिक कमजोर है और इजरायल पहले से कहीं अधिक मजबूत।

दूसरा, हमने दुनिया को ईरान के खतरे के प्रति जागरूक किया। पहले दुनिया ने हमारी चेतावनियों को नजरअंदाज किया। आज कोई भी इस खतरे की गंभीरता को नहीं नकार सकता।

तीसरा, पहले हम अकेले लड़ रहे थे। आज हम अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं- एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सहयोग में।

चौथा, हमने उस आतंकी शासन की नींव हिला दी, जो पहले अजेय लगता था। अब यह शासन डगमगा रहा है, और देर-सबेर गिर जाएगा।

पांचवां, हमने दो अस्तित्वगत खतरों को समाप्त किया- परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइलों का खतरा।

छठा, हमने ईरान की आतंकी सेनाओं की ताकत तोड़ दी, जो हमें चारों ओर से घेर रही थीं।

सातवां, हमने अपनी सीमाओं से परे गहरे सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किए। आठवां, हमने अपनी सुरक्षा नीति बदली-अब हम पहल करते हैं और अपने दुश्मनों को चौंकाते हैं।

नौवाँ, हमने साबित किया कि हमारी वायु रक्षा प्रणाली दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है। दसवाँ, हमने इजरायल की जनता और अर्थव्यवस्था की अद्भुत मजबूती दिखाई।

इजरायल के नागरिकों, ये उपलब्धियां आपकी वजह से संभव हुई हैं-आपके विश्वास और शक्ति के कारण। दुश्मन आते-जाते रहेंगे लेकिन उनका सामना करने की हमारी क्षमता और दृढ़ संकल्प ही हमारे भविष्य को सुरक्षित करता है। मिलकर हमने इजरायल को एक क्षेत्रीय शक्ति, और कुछ क्षेत्रों में वैश्विक शक्ति बना दिया है।

कई बार पिछले ढाई वर्षों में, मुझे कठिन निर्णय लेने पड़े- रफ़ाह, फिलाडेल्फ़ी, गाज़ा सिटी में प्रवेश, बंधकों की वापसी, सीरिया में हस्तक्षेप और ‘राइजिंग लॉयन’ व ‘रोअरिंग लॉयन’ जैसे साहसी कदम। इन सभी में मैंने आपकी आवाज़ सुनी, नागरिकों की और सैनिकों की।

आपने मुझसे कहा: “हम समझते हैं क्या दांव पर है। हम मजबूत हैं। प्रधानमंत्री, कमजोरी की आवाज़ों के सामने मत झुको। लड़ाई जारी रखो, हमें जीत की ओर ले चलो।” और हम वही कर रहे हैं।

गाज़ा और लेबनान में आगे बढ़ते सैनिक से लेकर तेहरान के आसमान में उड़ते पायलट तक-इस्राइली योद्धा चीते की तरह तेज, चील की तरह हल्के और शेर की तरह बहादुर हैं। हम आतंकी शासन को कुचलते रहेंगे, अपनी सुरक्षा को मजबूत करेंगे और अपने लक्ष्य हासिल करेंगे।

पासओवर हग्गादा में कहा गया है: “हर पीढ़ी में कोई न कोई हमें नष्ट करने उठ खड़ा होता है लेकिन ईश्वर हमें उनके हाथों से बचाते हैं।” यही विरासत हमें संभाले हुए है। राष्ट्र अडिग खड़ा है, और हमें भी अडिग रहना होगा। ईश्वर की कृपा से हम इजरायल की अनंतता सुनिश्चित करेंगे।

पूरे इजरायल को स्वतंत्रता पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से अमेरिकी सेना कुछ हफ्तों में बाहर आ सकती है : ट्रंप

Published

on

TRUMP

वाशिंगटन, 1 अप्रैल : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से अमेरिकी सेना कुछ हफ्तों में बाहर आ सकती है। उनका दावा है कि अमेरिका ने अपना मुख्य लक्ष्य, यानी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना, पहले ही हासिल कर लिया है।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है दो या तीन हफ्ते लगेंगे। यह मिशन अब पूरा होने वाला है।”

उन्होंने दावा किया कि लगातार हमलों से ईरान की ताकत काफी कमजोर हो गई है। ट्रंप ने कहा, “हमारा एक ही लक्ष्य था कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों, और वह लक्ष्य पूरा हो गया है। अब उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।”

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने कहा, “वहां सत्ता परिवर्तन हो चुका है और अब हम ज्यादा समझदार लोगों से बात कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का मकसद ईरान की ताकत को लंबे समय तक कमजोर करना है। ट्रंप ने कहा, “हम उनकी हर क्षमता को खत्म करना चाहते हैं।”

साथ ही, उन्होंने बातचीत के जरिए समझौते की संभावना भी जताई। उन्होंने कहा, “संभव है कि समझौता हो जाए, क्योंकि वे हमसे ज्यादा समझौता करना चाहते हैं।”

हालांकि, ट्रंप ने साफ किया कि समझौता होना अमेरिकी सेना के हटने की शर्त नहीं है। उन्होंने कहा, “ईरान को समझौता करने की जरूरत नहीं है… जब हमें लगेगा कि उन्हें लंबे समय तक बहुत पीछे धकेल दिया गया है, तब हम वहां से हट जाएंगे।”

ट्रंप के मुताबिक, इस संघर्ष ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। उन्होंने कहा, “हमने उन्हें काफी पीछे धकेल दिया है। उन्हें दोबारा खड़े होने में 15 से 20 साल लगेंगे।” उन्होंने इस कार्रवाई को जरूरी बताते हुए कहा, “हमें यह कदम उठाना पड़ा क्योंकि एक पागल व्यक्ति परमाणु हथियार बनाना चाहता था।”

ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बनाया है। उन्होंने दोहराया कि मुख्य लक्ष्य हासिल हो चुका है और अब बचा हुआ काम जल्दी पूरा कर लिया जाएगा। अब ईरान के पास न नौसेना बची है, न वायुसेना और न ही कोई मजबूत सेना।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की संचार व्यवस्था और हवाई सुरक्षा सिस्टम भी नष्ट हो चुके हैं। ट्रंप के अनुसार, “उनके पास अब न दूरसंचार है और न ही एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम।” उन्होंने इसे अमेरिका की निर्णायक जीत बताया। ट्रंप ने कहा, “वे हार रहे हैं, खुद मान रहे हैं कि हार रहे हैं और समझौते के लिए गुहार लगा रहे हैं।”

अंत में उन्होंने कहा कि ईरान की रक्षा प्रणाली इतनी कमजोर हो चुकी है कि अब अमेरिकी विमान पूरी तरह से आसमान पर नियंत्रण बनाए हुए हैं।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान की रक्षा क्षमताओं को इस हद तक बेअसर कर दिया गया है कि अमेरिकी विमान अब पूरी आज़ादी से उड़ान भर रहे हैं।

Continue Reading

राजनीति

केरल में राहुल गांधी का सीएम विजयन पर हमला, वामपंथी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गए

Published

on

कन्नूर, 31 मार्च : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केरल में सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि लेफ्ट और भारतीय जनता पार्टी के बीच अभूतपूर्व साझेदारी बन गई है और इस बार के विधानसभा चुनाव को विचारधाराओं की लड़ाई के रूप में देखा जाना चाहिए।

यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के स्टार प्रचारक के तौर पर कन्नूर पहुंचे गांधी ने पहले स्थानीय नेताओं के साथ नाश्ते पर बैठक की। इसके बाद उन्होंने जिले भर से आए उम्मीदवारों और जनता को संबोधित किया।

रैली में सीपीआई (एम) के दो वरिष्ठ पूर्व नेता, टी.के. गोविंदन और वी. कुंजिकृष्णन भी मौजूद थे। ये दोनों अब यूडीएफ समर्थित उम्मीदवार हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यह लेफ्ट में आए बदलाव का सबूत है।

राहुल गांधी ने कहा, यह चुनाव दो विचारधाराओं—लेफ्ट और यूडीएफ के बीच है, लेकिन पहली बार हम लेफ्ट और भाजपा के बीच साझेदारी देख रहे हैं।”

उन्होंने इसे एक पहेली बताया, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से इन दोनों की विचारधाराएं पूरी तरह अलग रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज का लेफ्ट अपने मूल सिद्धांतों से भटक गया है और अब उसके मन में कॉरपोरेट्स के प्रति नरमी है। उनका तर्क था कि यह अब लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में धार्मिक मुद्दे उठाते हैं, लेकिन केरल में खासकर सबरीमाला के मामले पर ऐसा नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके खिलाफ कई कानूनी चुनौतियां होने के बावजूद—जिनमें कई मामले, लोकसभा सदस्यता रद्द होना और लंबी पूछताछ शामिल हैं, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन या उनके परिवार के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा चाहती है कि सीपीआई (एम) सत्ता में बनी रहे, क्योंकि वे उन्हें आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार को बीजेपी नियंत्रित नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि केवल कांग्रेस ही राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असरदार विरोध करने की क्षमता रखती है।

राष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक और विदेश नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के पक्ष में हाल में लिए गए व्यापारिक फैसलों से भारतीय किसानों को नुकसान होगा, विशेषकर उन किसानों को जो रबर, मक्का, सोया और फलों की खेती करते हैं। इसके अलावा उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और छोटे व्यवसायों के लिए संभावित खतरों की चेतावनी भी दी।

चुनाव को मूल्यों की लड़ाई बताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि केरल ऐतिहासिक रूप से एकता, अहिंसा और सभी को साथ लेकर चलने के पक्ष में रहा है। उन्होंने कहा कि यूडीएफ लोगों को प्यार और भाईचारे के जरिए जोड़ती है, जबकि लेफ्ट और बीजेपी का गठबंधन समाज में फूट और विभाजन को बढ़ावा देता है।

कन्नूर से गांधी को कोझिकोड जिले के नाडापुरम जाना है, जहां वह दो और चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। उनके इस दौरे का मकसद लोगों के बीच यूडीएफ के चुनावी संदेश को मजबूत करना और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जनसमर्थन जुटाना है।

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय16 minutes ago

ईरान में क्रूर शासन के खिलाफ हमारे संघर्ष की दहाड़ पूरी दुनिया सुन रही : नेतन्याहू

व्यापार46 minutes ago

कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 195 रुपये बढ़ाए गए, नई कीमत 2 हजार से अधिक

अंतरराष्ट्रीय1 hour ago

ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से अमेरिकी सेना कुछ हफ्तों में बाहर आ सकती है : ट्रंप

व्यापार1 hour ago

मध्य पूर्व तनाव कम होने के संकेतों के बीच शेयर बाजार में लौटी हरियाली, सेंसेक्स-निफ्टी में 2 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल

अपराध19 hours ago

मुंबई में बिल को लेकर बवाल, ग्राहक ने दांतों से काटकर अलग कर दी दुकानदार की अंगुली

राजनीति20 hours ago

केरल में राहुल गांधी का सीएम विजयन पर हमला, वामपंथी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गए

महाराष्ट्र20 hours ago

मुंबई: एटीएम सेंटर पर सीनियर सिटिजन को निशाना बनाने वाला जालसाज गिरफ्तार, 25 एटीएम कार्ड और कैश बरामद

अपराध20 hours ago

मुंबई के होटल में बीसीसीआई के ब्रॉडकास्ट इंजीनियर का शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस

अंतरराष्ट्रीय21 hours ago

ईरान के लोग हवाई हमलों और जरूरी अपडेट को ट्रैक करने के लिए इस ऐप का कर रहे इस्तेमाल

व्यापार21 hours ago

पश्चिम एशिया तनाव के कम होने के संकेतों के बीच सोने-चांदी में तेजी की उम्मीद, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट

महाराष्ट्र5 days ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंब्रा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नदीम खान उर्फ ​​बाबा खान के घर पर फायरिंग, पुलिस टीम पर भी हमला, मुंब्रा में अलर्ट… नदीम ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया

व्यापार4 weeks ago

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक गिरा, आईटी शेयरों में बढ़त

अपराध3 weeks ago

मुंबई सेंट्रल के रेलवे अस्पताल में महिला डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुलिस

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई के लोगों को महायोति का बड़ा तोहफा… अब 500 स्क्वायर फीट तक के घरों पर कोई टैक्स नहीं, महानगरपालिका ने यह सीमा बढ़ाकर 700 स्क्वायर फीट कर दी है।

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने फोन पर की बात, मध्य पूर्व संघर्ष को कम करने पर जोर

राष्ट्रीय3 weeks ago

मुंबई में गैस संकट से 20 फीसदी होटल-रेस्टोरेंट बंद, पेट्रोलियम मंत्री से आपूर्ति सुचारू रखने की मांग

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

इजरायल की चेतावनी, ‘विदेशों में रहने वाले यहूदियों पर हमले का खतरा बढ़ा’, सतर्क रहने की सलाह

महाराष्ट्र7 days ago

अबू आसिम आज़मी ने महाराष्ट्र में हेट स्पीच से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई, विधानसभा में सख्त कार्रवाई की मांग की

अंतरराष्ट्रीय4 days ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

रुझान