Connect with us
Thursday,15-October-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

दलाल स्ट्रीट पर खूनी खेल: सेंसेक्स 3257.88 अंक टूटा, निफ्टी 22,500 से नीचे

Published

on

प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों में 10% से अधिक की गिरावट
जैसे-जैसे दलाल स्ट्रीट पर बाजार में गिरावट जारी है, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भी ‘पिछलते’ नजर आ रहे हैं। इसमें एनटीपीसी 14.99 फीसदी नीचे है। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई में 12.66 फीसदी की गिरावट है। इस बीच, दिन के कारोबार की शुरुआत के बाद से पावरग्रिड ने अब तक अपने मूल्य का 13 प्रतिशत से अधिक खो दिया है।

सेंसेक्स 3257.88 अंक से अधिक टूटा
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स सुबह 11:00 बजे IST 3257.88 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,302.14 पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह, एनएसई निफ्टी 987.45 अंकों की गिरावट के साथ 22,276.45 पर कारोबार कर रहा है।

सुबह 11:00 बजे सेंसेक्स के टॉप 5 लूज़र और गेनर्स
11:00 पूर्वाह्न IST पर, एसबीआई 9.94 अंक, एनटीपीसी (-9.94 अंक), पावरग्रिड (-9.89), इंडसइंड बैंक (-8.77) और एलटी (-8.66 अंक) के नुकसान के साथ शीर्ष पर है।

बढ़त वाले शेयरों में फिलहाल हिंदुस्तान यूनिलीवर 2.44 अंकों के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहा है

लाभ और हानि – निफ्टी सुबह 11:00 बजे

लाभ पाने वालों में, वर्तमान में, हिंदुस्तान यूनिलीवर 2.36 अंक ऊपर ग्रीन में कारोबार कर रहा है, इसके बाद ब्रिटानिया (0.43), और हीरो मोटोकॉर्प हैं।

हारने वालों में, अदानी पोर्ट्स के शेयरों में 15 अंक की गिरावट आई, इसके बाद अदानी एंटरप्राइजेज (-14.58), एसबीआई (-10 अंक), ओएनजीसी (-10 अंक) और कोल इंडिया (-9.99) रहे।

बाज़ार लाल रंग में
जैसे ही शुरुआती रुझान आने शुरू हुए, मतगणना के पहले घंटे में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को बढ़त दिखाई दे रही है, बाजार ने उछाल के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त की।

शुरुआती घंटी के साथ, लाल रंग में शुरुआत हुई, बीएसई सेंसेक्स शुरुआती घंटी पर 1354.8 अंक की गिरावट के साथ 75,113.98 पर शुरू हुआ। एनएसई निफ्टी 50 ने भी इस सकारात्मक भावना को प्रतिबिंबित किया, जो 357.10 अंकों की बढ़त के साथ 22,906.80 पर खुला।

मंगलवार, 4 जून को बाज़ार – परिणाम दिवस

जैसे-जैसे भारत की सांसें थम रही हैं, लोकसभा 2024 के लिए वोटों की आधिकारिक गिनती शुरू हो गई है, जिससे वित्तीय बाजारों में हलचल मच गई है, निवेशक और विश्लेषक एक स्थिर और निर्णायक सरकार के लिए बाजार की गतिविधियों पर उत्सुकता से नजर रख रहे हैं।

सोमवार, 3 जून को बाज़ार

भारतीय प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने सोमवार, 3 जून को सकारात्मक रुख के साथ दिन का अंत किया और एक नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए।

शेयर बाजार सूचकांक, सोमवार को हरे रंग में दिन के अंत में, सेंसेक्स 2507.47 अंक या 3.39 अंक की बढ़त के साथ 76,468.78 पर एक नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 733.20 फीसदी यानी 3.25 फीसदी की बढ़त के साथ 23,263.90 पर बंद हुआ।

इसके अलावा, निफ्टी बैंक 1,996.00 अंक या 4.07 प्रतिशत बढ़कर 50,979.95 पर पहुंच गया।

रुपया

सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 28 पैसे की बढ़त के साथ 83.14 पर बंद हुआ, जो दो महीने में अपने उच्चतम बंद स्तर पर पहुंच गया।

राष्ट्रीय समाचार

राजस्थान पंचायत चुनाव में भाजपा की होगी जीत: डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा

Published

on

राजस्थान में पंचायत राज चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने दावा किया है कि पंचायत चुनाव में भाजपा जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा चुनावी मोड में रहती है और पार्टी के कार्यकर्ता लगातार जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुःख तथा विकास कार्यों में भागीदारी निभाते हैं। बैरवा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार की ओर से किए गए कार्यों को भी पार्टी की संभावित जीत का आधार बताया।

डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता हर समय जनता के बीच रहकर काम करते हैं। जनता की समस्याओं को समझने और विकास कार्यों में भागीदारी निभाने के कारण पार्टी को लोगों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंचायत राज चुनाव में भाजपा को व्यापक समर्थन मिलेगा और पार्टी जीत हासिल करेगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने हर वर्ग और हर क्षेत्र के लिए काम किया है। राजस्थान की जनता लंबे समय से जिन कार्यों की उम्मीद कर रही थी, उन्हें पूरा करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। बैरवा ने यमुना जल समझौते, नर्मदा समझौते और ईआरसीपी का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान में पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रदेश में बार-बार सूखे और पानी की कमी की समस्या सामने आती रही है, लेकिन सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए प्रयासरत है।

उन्होंने बजट का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें शामिल योजनाओं पर धरातल पर काम भी शुरू हो रहा है। इन प्रयासों से राजस्थान के किसानों और आम जनता को लाभ मिलेगा तथा पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

उपमुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि राज्य में युवाओं को एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने पिछली व्यवस्था पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं को बेरोजगारी की ओर धकेला था। बैरवा ने कहा कि पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने का काम किया गया है। उन्होंने राइजिंग राजस्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से भी युवाओं को अवसर देने के प्रयास किए गए हैं।

प्रेमचंद बैरवा ने विश्वास जताया कि राजस्थान की जनता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा के साथ है। उन्होंने दोहराया कि सरकार के विकास कार्यों और पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता के चलते पंचायत चुनाव में भाजपा को जनता का समर्थन मिलेगा।

Continue Reading

राजनीति

भाजपा फर्जी वोट को समझती है अपनी ताकत, 2027 में जीवन-मरण का चुनाव : अखिलेश यादव

Published

on

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा फर्जी वोट को अपनी ताकत समझती है और वोट चोरी एक बड़ा मुद्दा है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने का लक्ष्य है और यह चुनाव जीवन-मरण का चुनाव है।

बुधवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के कुशासन से त्रस्त है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार चरम पर है। भाजपा पूरी तरह बदनाम हो चुकी है और विधानसभा चुनाव में भाजपा की पराजय तय है।

अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को मिशन-2027 को लेकर खास संदेश दिया और अनुशासन में रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहना है। कोई भी ऐसा व्यवहार न करें जिससे किसी को शिकायत का मौका मिले। जनता की उम्मीदें समाजवादी पार्टी से हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश और जनता के हित में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना जरूरी है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश को हर क्षेत्र में बर्बाद कर दिया है। शिक्षा-परीक्षा ध्वस्त है, स्वास्थ्य सेवाएं खराब हो चुकी हैं। कानून-व्यवस्था बर्बाद है। हर विभाग और हर कार्य में भ्रष्टाचार और लूट हो रही है। भाजपाई बेलगाम हैं। गरीबों और असहायों की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और उनके हर अवैध कार्य में पुलिस उनका साथ दे रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने और पारदर्शी व्यवस्था लाने के लिए ‘सपा’ सरकार बनना जरूरी है। सभी लोग चुनाव के लिए तैयार रहें, क्योंकि चुनाव में समय बहुत कम है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की सरकार में न किसी का जीवन सुरक्षित है और न सम्मान। अपराधी और अराजक तत्व बेखौफ हैं, उन्हें सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है। भाजपा की सरकार कानून और संविधान को नहीं मान रही है, सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। गरीबों को बुलडोजर से डराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है। चुनाव में बेईमानी करती है और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने से बाज नहीं आ रही है। एसआईआर के बाद भी वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर फर्जी वोट हैं।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान भाजपा ने समाजवादी पार्टी के समर्थकों के वोट कटवाने की साजिश की। सपा के लोगों ने सुल्तानपुर के नंदलाल निषाद और सरोजनी नगर लखनऊ के दशरथ के नाम से भाजपा द्वारा वोट कटवाने के लिए भरवाए गए फर्जी फॉर्म 7 को पकड़ा था।

उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यकों का वोट काटने की साजिश कर रही है। भाजपा पीडीए की दुश्मन है लेकिन पीडीए भाजपा की चालबाजी को समझ गया है। प्रदेश की जनता विधानसभा चुनाव में भाजपा को उसकी लूट और बेईमानी का जवाब देगी।

इसेके बाद सपा प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा, “इलेक्शन कमीशन और भारतीय जनता पार्टी मिलकर भारत और भारत के नागरिकों को धोखा दे रहे हैं।” उन्होंने कहा, “आज समाजवादी, पीडीए परिवार लगातार बढ़ता चला जा रहा है। जहां पीड़ा, दुख, अपमान बढ़ रहा है उतना ही पीडीए परिवार बढ़ता जा रहा है। पीडीए आगे बढ़ेगा, रोकने वाले रोक नहीं पाएंगे।”

अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को बूथों पर सतर्क रहने को कहा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथों पर सतर्क रहना है। 2027 का विधानसभा चुनाव वोट के अधिकार को बचाने का चुनाव है। अगर भाजपा की फिर सरकार आ गई तो वह बुलडोजर पर सवार रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को हमेशा के लिए सत्ता से हटाकर ही संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की जा सकती है।

Continue Reading

राजनीति

‘कोई हमें दबाव में नहीं ला सकता’, विपक्ष के मार्च पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

Published

on

सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर को इंडिया ब्लॉक के नेताओं के विरोध मार्च के बाद अदालत परिसर और उसके आसपास राजनीतिक प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश तय करने की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को नोटिस जारी किया। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट पर दबाव नहीं बना सकता। अदालत ने इस घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया।

सीजेआई सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया की दलीलें सुनने के बाद नोटिस जारी किया। भाटिया ने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट को भी किसी राजनीतिक जुलूस जैसी स्थिति का सामना करना पड़े।

इस पर सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा, “कोई हमें दबाव में नहीं ला सकता।” पीठ ने कहा कि इस तरह के प्रयास कमजोर हैं और इन पर कोई ध्यान नहीं देता। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की, “हम हाथीदांत के टावरों में बैठकर काम नहीं कर रहे हैं। हमें पता है कि वे बाहर क्या बयान देते हैं और अदालत के अंदर क्या कहते हैं। हमें सब कुछ पता है।”

यह मामला चार अधिवक्ताओं की ओर से दायर याचिकाओं से जुड़ा है। याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट के आसपास राजनीतिक जुलूसों और प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए एक समान व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। साथ ही, अदालत परिसरों के भीतर राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया गया है।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि राजनीतिक लामबंदी को न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने या लंबित मामलों में अदालतों पर दबाव बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। याचिकाओं में 12 अक्टूबर की घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, आगंतुकों के रिकॉर्ड, प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दस्तावेजों तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है। इसके अलावा, संबंधित राजनीतिक नेताओं के आचरण की जांच करने और यदि मामला बनता है तो उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही पर विचार करने का अनुरोध किया गया है।

यह विवाद 12 अक्टूबर को इंडिया ब्लॉक के नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट की तरफ निकाले गए विरोध मार्च के बाद सामने आया। इस मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता शामिल थे। उनका उद्देश्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर अपनी चिंताओं को सामने रखना था।

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब सीजेआई सूर्यकांत ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया था, जिसमें उन्होंने मुलाकात कर एसआईआर के मुद्दे पर ज्ञापन सौंपने की इच्छा जताई थी। सीजेआई ने कहा था कि उनके पत्र में उठाए गए मुद्दे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित हैं।

विपक्षी नेताओं को दिए गए जवाब में सीजेआई ने स्पष्ट किया था कि लंबित मामलों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाना शक्तियों के पृथक्करण के संवैधानिक सिद्धांत के विपरीत होगा। शक्तियों का पृथक्करण संविधान के मूल ढांचे का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि विपक्षी नेताओं के पत्र में उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास प्रशासनिक अधिकार नहीं हैं, लेकिन नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित करने वाले मामलों की न्यायिक समीक्षा करना अदालत का दायित्व है।

सीजेआई ने विपक्षी नेताओं को स्थापित कानूनी प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की सलाह दी थी। साथ ही आश्वासन दिया था कि कानून के अनुरूप दायर याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई की जाएगी। इसके बाद राहुल गांधी ने घोषणा की थी कि इंडिया ब्लॉक के नेता औपचारिक याचिका के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र के समर्थन में नागरिकों से भी उनके अभियान में शामिल होने की अपील की थी।

इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के 12 अन्य नेताओं की ओर से दायर उस याचिका पर भी चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया, जिसमें एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने निर्देश दिया कि इस याचिका को विभिन्न राज्यों में एसआईआर की वैधता को चुनौती देने वाली पहले से लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ दिया जाए।

पीठ ने कहा, “हम नोटिस जारी कर रहे हैं और मामले को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ रहे हैं।” सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगली तारीख पर याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। हालांकि, अदालत ने फिलहाल संबंधित याचिकाकर्ता की पहचान उजागर नहीं की।

पीठ ने कहा कि वह अगली सुनवाई पर एक याचिकाकर्ता से उसके आचरण के बारे में पूछना चाहेगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित याचिकाकर्ता के संबंध में नोटिस पर फिलहाल अस्थायी रूप से विचार किया जाएगा और यह उसके आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देने पर निर्भर करेगा।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार9 hours ago

कर्नाटक स्टिंग विरोध: कुमारस्वामी ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त के कार्यालय के बाहर धरना दिया

राष्ट्रीय समाचार9 hours ago

हरियाणा सरकार ने 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की

राष्ट्रीय समाचार9 hours ago

गुजरात में स्वच्छ तीर्थ अभियान को सफलता, 2024 से अब तक 906 टन तीर्थयात्रा कचरे का किया प्रसंस्करण

मनोरंजन9 hours ago

भाजपा नेताओं को है मुस्लिम फोबिया, इमरान खान को भारत छोड़ने के निर्देश पर विपक्ष का सरकार पर हमला

राजनीति10 hours ago

ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सरकार ने पूरा तंत्र झोंका, सीईसी इतने महत्वपूर्ण क्यों: अभिजीत दिपके

राष्ट्रीय समाचार10 hours ago

सीजेपी प्रदर्शन पर हाई कोर्ट सख्त, पुलिस को सभी वैध कदम उठाने के निर्देश

खेल11 hours ago

वेन मैडसेन ने डर्बीशायर के साथ साइन किया एक साल का रेड-बॉल कॉन्ट्रैक्ट, कप्तानी की भी संभालेंगे जिम्मेदारी

अंतरराष्ट्रीय समाचार11 hours ago

आपदा प्रबंधन के लिए नेपाल-विश्व बैंक में करार, जारी होगा कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड

राष्ट्रीय समाचार12 hours ago

राजस्थान पंचायत चुनाव में भाजपा की होगी जीत: डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा

अंतरराष्ट्रीय समाचार12 hours ago

उत्तर कोरिया ने दागी रणनीतिक क्रूज मिसाइलें, न्यूक्लियर अटैक सबमरीन से परीक्षण की आशंका

अपराध6 days ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

बॉलीवुड2 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

खेल4 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

राजनीति6 days ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार6 days ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

राजनीति3 weeks ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

व्यापार2 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मनोरंजन3 weeks ago

अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी

मनोरंजन2 weeks ago

बर्थडे बॉय रणबीर कपूर पर बॉलीवुड ने बरसाया प्यार, मां नीतू और रवि दुबे ने भी दी बधाई

रुझान