राजनीति
भाजपा की आरक्षण खत्म करने की साजिश : कमलनाथ
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर आरक्षण खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
कमलनाथ ने एक्स पर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी का आरक्षण विरोधी चेहरा अब खुलकर सामने आता जा रहा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जिस तरह से विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को समाप्त करने के लिए ड्राफ्ट तैयार किया है, वह अत्यंत खतरनाक प्रवृत्ति है।
कमलनाथ ने ड्राफ्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इस ड्राफ्ट में कहा गया है कि अगर उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते तो आरक्षित सीटों को अनारक्षित कर दिया जाए। यह आरक्षण समाप्त करने की स्पष्ट साजिश है।
कमलनाथ का आरोप है कि यह पहली बार नहीं हो रहा, जब भारतीय जनता पार्टी समाज के कमजोर तबके से आरक्षण छीनना चाहती है। इससे पहले मध्य प्रदेश में मेरी सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया था, जिसे भाजपा की सरकार ने षड्यंत्रपूर्वक समाप्त हो जाने दिया। मोदी सरकार इसीलिए जातिगत जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर रही है कि समाज के वंचित वर्ग को उसका अधिकार न देना पड़ेे। लेकिन, कांग्रेस पार्टी भाजपा के मंसूबे सफल नहीं होने देगी, हर स्तर पर दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और सर्व समाज की लड़ाई लड़ती रहेगी।
राजनीति
सांसद बोरदोलोई दे सकते हैं इस्तीफा, पार्टी को नहीं थी जानकारी : प्रियंका गांधी वाड्रा

नई दिल्ली, 18 मार्च : असम के कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से संभावना जताई कि बोरदोलोई टिकट बंटवारे को लेकर परेशान थे। उन्होंने कहा कि काश पार्टी को इस बारे में उनसे बात करने का मौका मिलता। अगर कुछ बात होती तो उसको बैठकर दूर किया जाता लेकिन इस तरह होगा, इसकी जानकारी नहीं हो पाई।
वहीं, कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा, “मैं ओडिशा के नेताओं, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का धन्यवाद करना चाहूंगा। गलत काम करने वालों और गद्दारों को निलंबित कर दिया गया है। मैं मांग करता हूं कि ओडिशा की तर्ज पर इसी तरह का कदम बिहार में भी उठाया जाए। कार्रवाई बहुत ज़रूरी है।”
पूर्व कांग्रेस नेता नवज्योति तालुकदार ने कहा, “मैं असम जाकर भाजपा ज्वाइन करूंगा। सांसद प्रद्युत बोरदोलोई भाजपा में शामिल हो रहे हैं और हमारी असम के मुख्यमंत्री से बात हुई है।”
असम के सांसद बोरदोलोई से जब पूछा गया कि क्या वह भाजपा में शामिल हो रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि मुझे बुलाया गया है।
बता दें कि बोरदोलोई ने पिछले दिनों पार्टी के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राइमरी सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अपना पत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा था। उन्होंने इस्तीफे में लिखा, “बहुत दुख के साथ मैं कांग्रेस के सभी पदों, खास अधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे रहा हूं।” पत्र में शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने पार्टी को अलविदा कहा।
बोरदोलोई असम के डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। डिब्रूगढ़ एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और चाय उत्पादन क्षेत्र है, जहां भाजपा की मजबूत पकड़ रही है। वे जल्द ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं और पार्टी की असम इकाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह घटना कांग्रेस के लिए असम में बड़ा झटका मानी जा रही है, जहां पार्टी पहले से ही संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक कलह से जूझ रही है।
राजनीति
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा महिलाओं के साथ अपराध, सरकार नहीं दे रही ध्यान: रोहित पवार

मुंबई, 18 मार्च : एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में एसिड अटैक, रेप, यौन उत्पीड़न और लड़कियों के गायब होने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ”महाराष्ट्र में एसिड अटैक, रेप, सेक्सुअल हैरेसमेंट और लड़कियों के गायब होने जैसी घटनाएं बहुत नियमित हो चुकी हैं। अगर देश में ऐसे मामलों का प्रतिशत देखें, तो महाराष्ट्र सबसे ऊपर है, जो बेहद खतरनाक और चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है। उनका दावा है कि यदि पूरे देश के आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में महाराष्ट्र शीर्ष पर दिखाई देता है।
रोहित पवार ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में अहिल्यानगर में छठी कक्षा की एक छात्रा पर हुए एसिड अटैक का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए बेहद शर्मनाक हैं और इन पर तत्काल सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि महाविकास अघाड़ी सरकार की ओर से लाया गया “शक्ति कानून” केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन एक तकनीकी त्रुटि के कारण उसे वापस कर दिया गया। इस मामले को तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह विभाग के स्तर पर भी अपेक्षित कार्य नहीं हो रहा है।
इसके अलावा, रोहित पवार ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े कथित प्लेन क्रैश मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कल मैं खुद महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर से मिला और उनसे कहा कि अलग-अलग माध्यमों से इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए। हमारे पक्ष के नेता और अपर हाउस में भी हमारे सदस्य इस मुद्दे को उठाने का प्रयास कर रहे हैं।
रोहित पवार ने कहा कि दुर्भाग्य से इस विषय को जानबूझकर चर्चा में नहीं लाया जा रहा है। 26 दिन पहले अजित पवार गुट के नेताओं ने देवेंद्र फडणवीस से मिलकर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की थी। इसके बाद 15-20 दिन बाद उनके विधायकों ने मुख्यमंत्री से मिलकर फिर से रिमाइंडर दिया। लेकिन महाराष्ट्र में एक ऐसा नेता है जो अजीत पवार के मामले की सही जांच नहीं होने देना चाहता और न ही इस मुद्दे पर विधानसभा सत्र में चर्चा होने देना चाहता है।
राजनीति
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के पांच अधिकारियों का किया ट्रांसफर

कोलकाता, 18 मार्च : पश्चिम बंगाल विधानसभा के आम चुनाव 2026 की तैयारियों के मद्देनज़र चुनाव आयोग ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादलों और नई तैनाती को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश राज्य के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र के माध्यम से दिए गए हैं।
आयोग द्वारा की गई समीक्षा के बाद पांच अधिकारियों की नई तैनाती तय की गई है। इसमें राठौड़ अमित कुमार भरत को डीआईजी रायगंज रेंज, अजीत सिंह यादव को डीआईजी मुर्शिदाबाद, श्रीहरि पांडे को डीआईजी बर्धमान, कंकर प्रसाद बरुई को डीआईजी प्रेसिडेंसी रेंज और अंजलि सिंह को डीआईजी जलपाईगुड़ी के रूप में तैनात किया गया है।
आयोग ने निर्देश दिया है कि इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और सभी अधिकारी शीघ्र ही अपना कार्यभार ग्रहण करें। साथ ही, इनकी जॉइनिंग से संबंधित अनुपालन रिपोर्ट 19 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे तक आयोग को आवश्यक रूप से भेजें। इसके अतिरिक्त आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरित किए गए इन अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विधानसभा चुनावों की घोषणा करते हुए आश्वासन दिया था कि पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में चुनाव प्रलोभन मुक्त, निष्पक्ष, तटस्थ और शांतिपूर्ण होंगे। इसी उद्देश्य से चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों का ट्रांसफर किया है। चुनाव आयोग ने इससे पहले 17 मार्च को केरल के पांच अधिकारियों का भी तबादला किया था।
चुनाव आयोग ने आईपीएस अधिकारी नारायणन (डीआईजी रैंक) को कोझिकोड में जिला पुलिस प्रमुख, थॉमसन जोस को त्रिशूर डीआईजी रेंज, इनबासेखर को जिला कलेक्टर-सह-डीईओ अलापुझा, वंदना एस. केएएस को राजस्व मंडल अधिकारी, थालीपरंब सह-आरओ इरिकुर, कन्नूर और सचिन कृष्णा केएएस को जिला रजिस्ट्रार जनरल, कन्नूर सह-आरओ धर्मदम, कन्नूर के पद पर तैनात करने के निर्देश दिए थे।
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