Connect with us
Friday,16-October-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

अयोध्या में भगवान राम के स्वागत से संपूर्ण देश प्रसन्‍न : पीएम मोदी

Published

on

नई दिल्ली, 4 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने गुरूवार को कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम के स्वागत के लिए हर कोई अलग-अलग रूप से अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूरे देश में उत्साह है और भक्त इस शुभ दिन पर राम लला की भक्ति में मगन हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान भगवान श्री राम को समर्पित हंसराज रघुवंशी का भजन भी साझा किया।

अपने एक एक्स पोस्ट में प्रधानमंत्री ने पोस्ट किया, “अयोध्या में प्रभु श्री राम के स्वागत को लेकर संपूर्ण देश राममय है। राम लला की भक्ति में डूबे भक्तजन इस शुभ दिन के लिए विभिन्‍न प्रकार से अपनी भावनाएं प्रकट कर रहे हैं। भगवान श्री राम को समर्पित हंसराज रघुवंशी जी का ये भजन सुनें।”

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर राम भजन का एक लिंक भी साझा किया है और लोगों से राम भजन को सुनने की अपील की।

राष्ट्रीय समाचार

कर्नाटक स्टिंग विरोध: कुमारस्वामी ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त के कार्यालय के बाहर धरना दिया

Published

on

स्टिंग ऑपरेशन का मामला तब एक नाटकीय मोड़ पर आ गया, जब केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने गुरुवार को बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर के कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच की मांग की और राज्य सरकार को चुनौती दी कि वे जांच की शुरुआत उन्हीं से करें।

कुमारस्वामी ने जनता दल (सेक्युलर) के नेताओं के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय की सीढ़ियों पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह के साथ लगभग 30 मिनट तक बैठक भी की।

धरना स्थल पर मीडिया से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा है कि उनके और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा, “आज गृह मंत्री कह रहे हैं कि मेरे और मेरे कार्यकर्ताओं के खिलाफ जांच होगी। अगर जरूरत पड़ी तो हम यहां दो दिन तक बैठने के लिए तैयार हैं। वे दावा करते हैं कि उनके पास जानकारी है तो उन्हें जांच करने दें।”

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि सरकार कथित स्टिंग ऑपरेशन में सीधे तौर पर शामिल लोगों के साथ नरमी बरत रही है, जबकि उन पर शक कर रही है। उन्होंने जांच के इस तरीके पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, “वे जानते हैं कि यह किसने किया है और इस स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कौन है। वे इसमें सीधे तौर पर शामिल लोगों को वीआईपी जैसा बर्ताव दे रहे हैं, जबकि मुझ पर शक कर रहे हैं और मेरी जांच करना चाहते हैं। जांच मुझसे ही शुरू करें और पता लगाएं कि इस मामले में कौन-कौन शामिल है।”

कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने और उनकी पार्टी के नेताओं ने अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे से मामले की उचित जांच सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने कहा, “हमने अपना फैसला ले लिया है। हम मुख्यमंत्री शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे से कह रहे हैं कि हमें नहीं पता कि आप कितने परिवारों को बर्बाद करेंगे। आप जो करना चाहते हैं करें, लेकिन हम यहीं बैठेंगे और जांच की मांग करेंगे।”

यह विरोध प्रदर्शन कर्नाटक में कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच हो रहा है। कुमारस्वामी लगातार राज्य सरकार को इस मामले से निपटने के तरीके को लेकर चुनौती दे रहे हैं।

बता दें कि कर्नाटक में कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इससे पहले दिन में कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री शिवकुमार और गृह मंत्री खड़गे को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि वे उन्हें निशाना बनाने के लिए पुलिस और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रहे हैं।

दिन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में कराने की मांग की और राज्य सरकार को निष्पक्ष जांच करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की कोई जरूरत नहीं है, और जोर देकर कहा कि जांच किसी मौजूदा जज की देखरेख में होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “शिवकुमार और प्रियांक खड़गे, अगर आपमें हिम्मत है तो किसी रिटायर्ड जज से जांच करवाएं। मैं बहादुरी से बोल रहा हूं और आप लोगों की तरह कायर नहीं हूं। क्या आपको लगता है कि मैं डर जाऊंगा? आपने कहा है कि अगर कोई शक हुआ तो मुझे हिरासत में ले लिया जाएगा। मुझे छूने की हिम्मत करके तो देखिए। फिर आंदोलन शुरू हो जाएगा, और मैं देखूंगा कि आप किस-किस को छू सकते हैं।”

कुमारस्वामी ने कहा कि अगर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कोई गलत काम किया है तो वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई सबूत है तो वे खुद बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर के दफ्तर जाने और पुलिस से उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कहने को भी तैयार हैं।

उन्होंने पूछा, “अगर उन्होंने गलतियां की हैं तो मैं आपका साथ दूंगा। मैं खुद आगे आऊंगा, लेकिन आप राजनीतिक खेल खेलने के लिए अपनी सत्ता और पुलिस का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकते। आप सम्मान के लायक नहीं हैं। क्या आपमें कोई जमीर है?”

अपनी भाषा के लिए जनता से माफी मांगते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पहले कभी इस स्तर तक गिरकर बात नहीं की थी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि राज्य के हित दांव पर लगे हैं।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

हरियाणा सरकार ने 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की

Published

on

हरियाणा सरकार ने लक्ष्य का 27 प्रतिशत यानी 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की और किसानों को 1,221 करोड़ रुपए वितरित किए।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई। बैठक में धान की आवक, खरीद, उत्खनन, किसानों को भुगतान और खरीद प्रणाली को अधिक कुशल, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी-आधारित पहलों की प्रगति का भी आकलन किया गया।

समीक्षा में कटाई के पूरे मौसम में सुचारू खरीद संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन, खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों और चावल मिल मालिकों के बीच निर्बाध समन्वय के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव अमनीत पी. ​​कुमार ने बताया कि हरियाणा की मंडियों में अब तक 21.27 लाख मीट्रिक टन धान आ चुका है, जिसमें से 15.52 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है और 7.69 लाख मीट्रिक टन धान उठाया जा चुका है। भारत सरकार द्वारा खरीफ ऋतु 2026-27 के लिए निर्धारित 58 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के लक्ष्य के मुकाबले राज्य लगभग 27 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर चुका है।

मुख्य सचिव की समीक्षा में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि किसानों को खरीद केंद्रों पर कुशल सेवाएं मिलें और आवक जारी रहने के साथ-साथ खरीदे गए धान की आवाजाही सुचारू बनी रहे।

बैठक में खरीद एजेंसियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच समन्वय सुधारने, पर्याप्त उठान व्यवस्था बनाए रखने, पारदर्शी वजन और नमी परीक्षण की सुविधा प्रदान करने और खरीद संबंधी दस्तावेजों की कुशल प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

समीक्षा के दौरान खरीद प्रणाली के महत्वपूर्ण पहलुओं में समय पर भुगतान, सुचारू गेट-पास प्रक्रिया और प्रभावी डिजिटल सत्यापन शामिल थे। उपायुक्तों से बातचीत करते हुए मुख्य सचिव ने उन्हें बाधाओं को दूर करने और समन्वय को मजबूत करने का निर्देश दिया ताकि खरीद और उठान कार्यों में और तेजी लाई जा सके।

जिलावार समीक्षा में कई जिलों में खरीद के उत्साहजनक संकेतक सामने आए। कुरुक्षेत्र में आवक-से-नीलामी अनुपात 88.2 प्रतिशत रहा, इसके बाद यमुनानगर में 81.8 प्रतिशत और अंबाला में 80.7 प्रतिशत रहा।

राज्य का औसत 74.7 प्रतिशत रहा। नीलामी से खरीद में रूपांतरण के मामले में, पंचकुला में 93.7 प्रतिशत, कुरुक्षेत्र में 92.4 प्रतिशत और कैथल में 90.9 प्रतिशत रहा, अंबाला में 89.3 प्रतिशत, यमुनानगर में 85.4 प्रतिशत और करनाल में 78.5 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि राज्य का औसत 86 प्रतिशत था। नीलामी से खरीद में रूपांतरण के मामले में, पंचकुला में 57.1 प्रतिशत, कुरुक्षेत्र में 55 प्रतिशत और कैथल में 52.2 प्रतिशत रहा, जबकि अंबाला में 49.4 प्रतिशत रहा।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

गुजरात में स्वच्छ तीर्थ अभियान को सफलता, 2024 से अब तक 906 टन तीर्थयात्रा कचरे का किया प्रसंस्करण

Published

on

गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) ने 2024 से राज्य भर में प्रमुख तीर्थयात्राओं के दौरान उत्पन्न लगभग 906 मीट्रिक टन कचरे को इकट्ठा किया है और उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया है। साथ ही, स्वच्छता अभियानों और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बोर्ड 1.43 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचा है।

‘स्वच्छ पर्यावरण यात्रा’ नामक इस पहल में कई धार्मिक आयोजन शामिल रहे, जिनमें वार्षिक अंबाजी पदयात्रा, उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा और द्वारका का फुलडोल महोत्सव प्रमुख हैं।

इसका उद्देश्य तीर्थ मार्गों पर कचरा फैलाना कम करना, कचरे को अलग-अलग करने और उसके प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) को बढ़ावा देना, तथा सिंगल-यूज प्लास्टिक के विकल्पों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है।

हाल ही में संपन्न हुई अंबाजी पदयात्रा के दौरान जीपीसीबी (गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) ने 38.8 मीट्रिक टन कचरा इकट्ठा किया और उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया।

इस अभियान के तहत 300 ‘सेवा केंद्र’ स्थापित किए गए, और साफ-सफाई तथा कचरा प्रबंधन के लिए 13 वाहन, 90 सफाई कर्मचारी और फील्ड स्टाफ तैनात किए गए।

तीर्थयात्रा के दौरान प्लास्टिक की खपत कम करने के प्रयासों के तहत, बोर्ड ने 31,000 कंपोस्टेबल (खाद में बदलने योग्य) बैग, 1,500 कपड़े के थैले और 4,850 स्टील की बोतलें वितरित कीं।

एक ‘बोतल-एक्सचेंज’ (बोतल बदलने वाले) कार्यक्रम के माध्यम से 38,466 प्लास्टिक की बोतलें भी एकत्र की गईं।

वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री प्रवीण माली ने कहा, “जन-जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों को कचरे के जिम्मेदार निपटान के तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि तीर्थ मार्ग साफ-सुथरे बने रहें।”

अंबाजी अभियान में 70 नुक्कड़ नाटक, दो ‘दायरा’ कार्यक्रम, चार लाख जागरूकता बैंड और 50,000 से अधिक पर्चे (पैम्फलेट) वितरित किए गए।

सरकारी अनुमानों के अनुसार, इस पहल से 27.58 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने और 3.25 लाख किलोवाट-घंटा ऊर्जा बचाने में मदद मिली।

वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा, “सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के प्रयासों के तहत बोर्ड ने 31,000 कंपोस्टेबल बैग, 1,500 कपड़े के थैले और 4,850 स्टील की बोतलें बांटीं।”

जीपीसीबी ने 2024 से अपने ‘बोतल-एक्सचेंज’ कार्यक्रम का विस्तार विभिन्न तीर्थ आयोजनों तक किया है। इसके तहत 15,600 स्टील की बोतलें बांटी गईं और रीसाइक्लिंग तथा अन्य उपयोगी कार्यों के लिए 1.37 लाख से अधिक इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की बोतलें एकत्र की गईं। 31 दिनों तक चली ‘उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा’ के दौरान, जो लगभग 23-24 किलोमीटर के रास्ते को कवर करती है, बोर्ड ने साफ-सफाई बनाए रखने और कचरे को नर्मदा के इकोसिस्टम में जाने से रोकने के लिए 65 सफाई कर्मचारियों और चार वाहनों को तैनात किया।

इस अभियान के तहत 60 मीट्रिक टन कचरा इकट्ठा किया गया और उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया गया। इसमें 15 टन प्लास्टिक कचरा और 45 टन बायोडिग्रेडेबल (सड़ने वाला) कचरा शामिल थे।

सरकारी अनुमानों के अनुसार, इससे कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में 41 टन के बराबर कमी आई और लगभग 85,000-86,000 किलोवाट-घंटा ऊर्जा की बचत हुई।

इस अभियान में जनभागीदारी भी एक अहम हिस्सा थी। श्रद्धालुओं को कचरा न फैलाने और कचरे का जिम्मेदारी से निपटान करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, एक लाख से अधिक ‘अवेयरनेस बैंड’ (जागरूकता बैंड) बांटे गए। इन बैंडों पर गुजराती भाषा में लिखा था, “ये हाथ कचरा नहीं फेंकेंगे।”

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बढ़ावा दिए जा रहे ‘सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट’ (टिकाऊ कचरा प्रबंधन) के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है। साथ ही, राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर साफ-सफाई और कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों का भी यह एक हिस्सा है।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार12 hours ago

कर्नाटक स्टिंग विरोध: कुमारस्वामी ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त के कार्यालय के बाहर धरना दिया

राष्ट्रीय समाचार12 hours ago

हरियाणा सरकार ने 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की

राष्ट्रीय समाचार12 hours ago

गुजरात में स्वच्छ तीर्थ अभियान को सफलता, 2024 से अब तक 906 टन तीर्थयात्रा कचरे का किया प्रसंस्करण

मनोरंजन13 hours ago

भाजपा नेताओं को है मुस्लिम फोबिया, इमरान खान को भारत छोड़ने के निर्देश पर विपक्ष का सरकार पर हमला

राजनीति13 hours ago

ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सरकार ने पूरा तंत्र झोंका, सीईसी इतने महत्वपूर्ण क्यों: अभिजीत दिपके

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

सीजेपी प्रदर्शन पर हाई कोर्ट सख्त, पुलिस को सभी वैध कदम उठाने के निर्देश

खेल14 hours ago

वेन मैडसेन ने डर्बीशायर के साथ साइन किया एक साल का रेड-बॉल कॉन्ट्रैक्ट, कप्तानी की भी संभालेंगे जिम्मेदारी

अंतरराष्ट्रीय समाचार15 hours ago

आपदा प्रबंधन के लिए नेपाल-विश्व बैंक में करार, जारी होगा कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड

राष्ट्रीय समाचार15 hours ago

राजस्थान पंचायत चुनाव में भाजपा की होगी जीत: डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा

अंतरराष्ट्रीय समाचार15 hours ago

उत्तर कोरिया ने दागी रणनीतिक क्रूज मिसाइलें, न्यूक्लियर अटैक सबमरीन से परीक्षण की आशंका

अपराध7 days ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

बॉलीवुड2 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

खेल4 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

राजनीति6 days ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार6 days ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

राजनीति3 weeks ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

मनोरंजन4 weeks ago

अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी

व्यापार2 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मनोरंजन3 weeks ago

बर्थडे बॉय रणबीर कपूर पर बॉलीवुड ने बरसाया प्यार, मां नीतू और रवि दुबे ने भी दी बधाई

रुझान