राष्ट्रीय
इस उम्र में नेता प्रतिपक्ष झूठ ना बालें, कोडीनयुक्त कफ सिरप से यूपी में एक भी मौत नहीं हुई : सीएम योगी
लखनऊ, 22 दिसंबर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सदन में कोडीन कफ सिरप मामले में सरकार का पक्ष रखा और समाजवादी पार्टी के नेताओं की कड़ी आलोचना की।
सीएम योगी ने कहा कि प्रश्न क्या है और मुद्दे क्या उठाए जा रहे हैं, इसका माननीय सदस्यों को अध्ययन करके आना चाहिए और सदन की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। नेता विरोधी दल ने सदन की कार्रवाई होते ही इस मुद्दे को उठाया, इसलिए मुझे खड़ा होना पड़ा।
सीएम ने कहावत ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ का जिक्र कर समाजवादी पार्टी को आईना दिखाया। सीएम ने सदन में साफ किया कि कोडीन कफ सिरप से यूपी में एक भी मौत नहीं हुई है। इस मामले में एनडीपीएस के अंतर्गत कार्रवाई होगी, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को कोर्ट में लड़ा और जीता है।
सीएम ने नेता प्रतिपक्ष की चुटकी लेते हुए कहा, “इस उम्र में व्यक्ति सच बोलने का आदी होता है, लेकिन समाजवादी इस उम्र में भी उन्हें झूठ बोलने के लिए मजबूर कर देते हैं। समाजवादियों को ऐसा नहीं करना चाहिए और उन्हें भी सच बोलने का आदी होना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक स्पीकर के रूप में सदन को आगे बढ़ाया है।”
सीएम योगी ने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश में यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को एसटीएफ ने पकड़ा था। 2016 में समाजवादी पार्टी ने उसे लाइसेंस जारी किया था। देश में दो नमूने हैं। एक दिल्ली में व दूसरा लखनऊ में बैठता है। जब देश में कोई चर्चा होती है तो वे देश छोड़कर भाग जाते हैं। यही आपके बबुआ के साथ भी हो रहा है। आप चिल्लाते रहेंगे और बबुआ सैर सपाटे के लिए इंग्लैंड चले जाएंगे।
सीएम ने फिर स्पष्ट किया कि कोडीन कफ सिरप (नकली दवा) के कारण मौत की कोई भी बात शासन के संज्ञान में नहीं आयी है। समय-समय पर एफएसडीए विभाग लगातार छापेमारी व कार्रवाई करती है। कंपनियों में भी इस प्रकार की कार्रवाई होती है। यूपी में कोडीन कफ सिरप के केवल स्टाकिस्ट व होलसेलर हैं। इसका यहां प्रोडक्शन नहीं होता। इसका प्रोडक्शन मध्य प्रदेश, हिमाचल व अन्य राज्यों में होता है। मौत के जो प्रकरण आए हैं, वह भी अन्य राज्यों के हैं। ऐसे प्रकरण तमिलनाडु में बने सिरप के कारण आए हैं। यह पूरा प्रकरण अवैध डायवर्जन का है। इसके माध्यम से होलसेलर (सहारनपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी) ने इसे उन देशों व राज्यों में पहुंचाया है, जहां मद्य निषेध है। वहां नशे के आदी लोगों को इसे लेने की आदत है। वहां इसका दुरुपयोग किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे हों या एडल्ट, बिना चिकित्सीय परामर्श के कोई भी इसका सेवन नहीं कर सकता। खांसी होने पर हर कोई कफ सिरप लेता है, लेकिन चिकित्सीय परामर्श से। उस पर यह अंकित भी होता है, लेकिन समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता है नहीं, इसलिए आप लोग ऐसी बातें करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की कार्रवाई की जानकारी भी सदन में रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा अब तक 79 अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 225 अभियुक्त नामजद हैं। 78 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और 134 फर्मों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है। मामले की गहराई में जाएंगे तो बार-बार यही तथ्य सामने आता है कि कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी से जुड़ा कोई नेता या व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया जाता है। अवैध लेन-देन भी लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआ है। एसटीएफ पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
उन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा चलाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ा है और इसमें सफलता भी प्राप्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। सीएम ने बुलडोजर एक्शन को लेकर समाजवादी पार्टी पर तंज कसा और कहा कि चिंता मत कीजिए, समय आने पर बुलडोजर एक्शन की पूरी तैयारी रहेगी, उस समय चिल्लाइएगा नहीं।
राजनीति
तेलंगाना निकाय चुनावों में जीत पर राहुल गांधी ने जताई खुशी, बोले- ‘प्रजाला तेलंगाना’ का विजन अटल

नई दिल्ली, 14 फरवरी : तेलंगाना के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की जीत पर पार्टी सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि हमारा ‘प्रजाला तेलंगाना’ का विजन अटल है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनावों में जीत कांग्रेस सरकार की ‘पीपल-फर्स्ट’ यानी जनता को प्राथमिकता देने वाली नीतियों की पुष्टि है, जो सामाजिक न्याय, सम्मान और सबको साथ लेकर चलने वाले विकास पर आधारित हैं।”
राहुल गांधी ने आगे लिखा, “हर कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता को दिल से धन्यवाद। यह जीत आपकी और तेलंगाना के लोगों की है। हमारा ‘प्रजाला तेलंगाना’ का विजन, जहां विकास हर परिवार तक पहुंचे, अटल है।”
सभी नगर पालिकाओं में कांग्रेस ने अब तक 2,582 वार्ड में से 1,347 जीते, जबकि बीआरएस को 717 मिले। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने शहरी निकाय चुनावों में करीब 60 प्रतिशत वोट हासिल किए, जिसमें 116 नगर पालिकाओं में से 64 और सात नगर निगमों में से तीन में जीत हासिल की।
कांग्रेस को मंचेरियल, रामागुंडम और नलगोंडा नगर निगमों में जीत मिली है। 60 सदस्यीय वाली कोठागुडेम निगम में कांग्रेस और सीपीआई ने 22-22 सीटें जीतीं। यहां दोनों दलों के नेताओं के बीच ‘फ्रेंडली-फाइट’ देखी गई। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पार्टी लगभग तीन-चौथाई नगर पालिकाओं पर जीत हासिल करने की स्थिति में है।
मुख्य विपक्षी पार्टी बीआरएस ने 13 नगर पालिकाओं और तीन निगमों में जीत हासिल की, जबकि 38 नगर पालिकाओं में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 2020 के पिछले नगरपालिका चुनावों में बीआरएस ने 100 से अधिक शहरी स्थानीय निकायों में जीत हासिल की थी।
भाजपा को एक भी निगम में जीत नहीं मिली, लेकिन 66 सदस्यीय वाली बॉडी में 30 सीटों के साथ करीमनगर नगर निगम में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। भाजपा निजामाबाद कॉर्पोरेशन में भी सबसे बड़ी पार्टी बनी।
राजनीति
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक से ‘सेवा तीर्थ’ व ‘कर्तव्य भवनों’ में स्थानांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी

नई दिल्ली, 14 फरवरी : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक से ‘सेवा तीर्थ’ व ‘कर्तव्य भवनों’ में स्थानांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साउथ ब्लॉक में अंतिम बार केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। ये सिर्फ स्थान परिवर्तन का क्षण नहीं है, यह इतिहास और भविष्य के संगम के भी पल हैं। इस परिसर ने गुलामी से आजादी और फिर स्वतंत्र भारत की अनेक ऐतिहासिक घटनाओं को देखा है, गढ़ा है।
मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से नया प्रधानमंत्री कार्यालय, जिसे अब ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा, राष्ट्र को समर्पित किया गया है। साउथ और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण अंग्रेजों ने भारत को गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रखने के लिए किया था। 1947 में भारत को गुलामी से तो मुक्ति मिली, लेकिन इन भवनों को तत्कालीन सरकार की ओर से अपने कार्यों के निष्पादन के लिए बनाए रखा गया। स्वतंत्रता के बाद से ही प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक के इस भवन से कार्य करता रहा है।”
उन्होंने कहा कि इस परिसर ने देश के 16 प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में बनी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले होते देखे हैं। इसकी सीढ़ियों पर जवाहरलाल नेहरू से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के पदचिन्ह हैं। इस भवन की सीढ़ियों पर चढ़ते कदमों ने देश को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “बीते दशकों में यहां कैबिनेट की बैठकों में, संविधान के आदर्शों, जनता से मिले जनादेश और राष्ट्र की आकांक्षाओं से प्रेरित होकर अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। यहां भारत की सफलताओं का उत्सव भी मनाया गया, असफलताओं का आंकलन भी हुआ और साथ ही संकटों और चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े और बड़े फैसले भी लिए गए।”
मीडिया को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक के इन कमरों ने विभाजन की विभीषिका भी देखी, युद्ध और आपातकाल की चुनौतियों को भी देखा और शांतिकाल की नीतियों पर भी चिंतन और मनन किया। इन्होंने टाइपराइटर से लेकर डिजिटल गवर्नेंस तक, तकनीक की लंबी छलांग को महसूस किया है। यहां बैठकर अधिकारियों की कई पीढ़ियों ने ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने भारत को आजादी के तुरंत बाद की अनिश्चितता से निकालकर स्थिरता की राह पर आगे बढ़ाया। सबके प्रयासों का परिणाम है कि आर्थिक चुनौतियों और संकटों से निकलकर, आज भारत एक आत्मविश्वासी राष्ट्र बनकर खड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, “बीते एक दशक में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में साउथ ब्लॉक राष्ट्र के अनेक ऐतिहासिक निर्णयों का केंद्र रहा। ये स्थान मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की प्रेरणा स्थली बना। यहां से रिफॉर्म एक्सप्रेस को पूरे देश में प्रोत्साहन मिला है। यहीं से डीबीटी, ‘स्वच्छ भारत अभियान’, गरीब कल्याण से जुड़े अभियान, ‘डिजिटल इंडिया’ और जीएसटी जैसे व्यापक सुधारों को आकार मिला। यहां से ही आर्टिकल-370 की दीवार गिराने और तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने जैसे सामाजिक न्याय के साहसिक और संवेदनशील निर्णय लिए गए। यहीं लिए गए ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘एयर स्ट्राइक’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के निर्णयों के माध्यम से भारत ने अपनी दृढ़ और आत्मविश्वासी सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश विश्व को दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आज का भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत आज एक सुरक्षित और सक्षम राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आया है और वैश्विक मंचों पर अपनी स्पष्ट और प्रभावशाली आवाज रख रहा है। आज देश विकसित भविष्य के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके लिए एक आधुनिक, तकनीकी और पर्यावरण के प्रति अनुकूल कार्यालय की आवश्यकता थी। एक ऐसा कार्यक्षेत्र, जो यहां काम करने वाले हर कर्मयोगी की उत्पादकता को बढ़ाए, सेवाभाव के उसके संकल्प को प्रोत्साहित करे।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक के उद्घाटन के करीब 95 साल के बाद शुक्रवार को भारत सरकार ने इन भवनों को खाली किया है और ‘सेवा तीर्थ’ व ‘कर्तव्य भवनों’ में स्थानांतरित हुई है। यह प्रतीकात्मक रूप से गुलामी के अतीत से ‘विकसित भारत’ के भविष्य की ओर बढ़ने की ओर देश का एक और कदम है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश में ‘सत्ता भाव’ के बजाय ‘सेवा भाव’ की संस्कृति सशक्त हुई है। आज का ये स्थानांतरण, इन संस्कारों को और मजबूती देगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “शनिवार को कैबिनेट ने यह संकल्प भी लिया कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ का हिस्सा बनाया जाए, जो हमारी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता से पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ये संग्रहालय, हमारी कालातीत और शाश्वत सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाएगा और हमारे गौरवशाली अतीत को समृद्ध भविष्य से जोड़ेगा।
दुर्घटना
‘क्या लोगों की जान इतनी सस्ती हो गई है’, मुंबई में मेट्रो पिलर गिरने की घटना पर बोलीं कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़

मुंबई, 14 फरवरी : कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने मुंबई के मुलुंड वेस्ट इलाके में हुई मेट्रो पिलर करने की घटना पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि विकास चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं जिससे कि मुंबईकरों की जान को खतरा हो।
वर्षा गायकवाड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घटना का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मुलुंड वेस्ट, एलबीएस रोड पर जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के पास बन रहे मेट्रो पिलर का एक हिस्सा गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। एक बेगुनाह नागरिक की मौत हो गई और कई दूसरे गंभीर रूप से घायल हो गए। क्या सरकार और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) का इससे कोई लेना-देना है?”
कांग्रेस सांसद ने पूछा, “सिर्फ इंफ्रा मैन बनकर पीआर और मार्केटिंग कर रहे हैं, लेकिन मुंबईकरों की जान अधर में लटकी हुई है, इसका क्या मतलब है? जब मेट्रो का काम चल रहा था, तो सेफ्टी नियम सिर्फ कागजों पर क्यों थे? जब व्यस्त रोड पर काम चल रहा था, तो नीचे से गुजरने वाले ट्रैफिक के लिए सुरक्षा इंतेजाम क्यों नहीं थे?”
उन्होंने आगे कहा, “यह दिखाने के नाम पर कि मेट्रो का काम तेजी से हो रहा है, क्या इसकी क्वालिटी और टेक्निकल सेफ्टी को नजरअंदाज किया जा रहा है? कौन जिम्मेदार है?” वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि हर बार जब ऐसी घटनाएं होती हैं, तो सिर्फ ‘जांच’ का ड्रामा होता है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
शनिवार दोपहर को मुलुंड पुलिस स्टेशन के इलाके में एलबीएस रोड पर मेट्रो पुल का एक हिस्सा चलते ऑटो रिक्शा पर गिर गया। इस दौरान एक कार भी चपेट में आई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतक की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है, जबकि घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव, महेंद्र प्रताप यादव और दीपा रूहिया शामिल हैं। राजकुमार इंद्रजीत यादव की स्थिति गंभीर बताई गई है।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने शुरुआती बयान में कहा कि दोपहर करीब 12:15 बजे मुलुंड फायर स्टेशन के पास एक घटना हुई, जहां पैरापेट सेगमेंट का एक हिस्सा ऊंचाई से गिरकर एक गुजरते हुए ऑटो रिक्शा से टकरा गया।
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