मनोरंजन
रवि तेजा की ‘टाइगर नागेश्वर राव’ से अनुपम खेर का फस्र्ट लुक आया सामने
वामसी द्वारा निर्देशित अभिनेता रवि तेजा की पहली अखिल भारतीय फिल्म ‘टाइगर नागेश्वर राव’ अपने लॉन्च के दिन से ही काफी शोर मचा रही है। टीम ने अब बॉलीवुड के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता अनुपम खेर को लेकर एक कास्टिंग तख्तापलट किया। फिल्म से अनुपम का फस्र्ट लुक पोस्टर मंगलवार सुबह निर्माताओं द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किया गया।
पोस्टर में अपना पूरा रूप नहीं दिखाने के बावजूद अनुपम खेर ‘टाइगर नागेश्वर राव’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
‘टाइगर नागेश्वर राव’, जैसा कि सर्वविदित है, पौराणिक चोर पर एक बायोपिक है और 1970 के दशक में आंध्र प्रदेश के स्टुअर्टपुरम गांव में स्थापित है।
इस फिल्म में रवि तेजा मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में गायत्री भारद्वाज और नूपुर सैनन भी हैं।
अभिषेक अग्रवाल आर्ट्स के निर्माता अभिषेक अग्रवाल बिना किसी समझौते के बजट पर फिल्म बना रहे हैं, क्योंकि यह उनकी सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना है और चालक दल ने अभी-अभी एक कास्टिंग तख्तापलट किया है।
एक्शन ड्रामा तेलुगू, तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी भाषाओं में बनाया जाएगा।
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‘बच्चों को देर से समझ आती है माता-पिता की अहमियत’, जब पिता को याद कर भावुक हुए थे अजय देवगन

बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने साल 2021 में एडवेंचर रियलिटी शो ‘इंटू द वाइल्ड विद बेयर ग्रिल्स’ में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने अपने पिता और मशहूर एक्शन डायरेक्टर वीरू देवगन के साथ अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की थी।
अजय ने बताया था कि उम्र बढ़ने के साथ बच्चों का अपने माता-पिता को देखने का नजरिया बदल जाता है। खासकर जब वे खुद माता-पिता बनते हैं, तब उन्हें समझ आता है कि उनके माता-पिता ने उनके लिए कितना कुछ किया है।
शो के दौरान होस्ट बेयर ग्रिल्स ने अजय से उनके पिता के निधन के बारे में पूछा। उन्होंने कहा, ”आपने हाल ही में अपने पिता को खोया है।” इस पर अजय ने जवाब दिया, ”हां, दो साल पहले।” बेयर ग्रिल्स ने कहा कि पिछले दो साल उनके लिए काफी मुश्किल रहे होंगे।
इसके बाद अजय ने बताया कि माता-पिता को खोना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन बचपन और युवावस्था में अक्सर बच्चे उनके योगदान को ठीक से समझ नहीं पाते। उन्होंने कहा, ”अपने माता-पिता को खोना मुश्किल होता है, क्योंकि जिंदगी के 20 साल की उम्र तक आप उनकी परवाह नहीं करते। आपको लगता है कि वे बेवकूफ हैं, उन्हें कुछ नहीं पता और आपको सब कुछ पता है।”
अजय ने आगे कहा, ”लेकिन जब आपके अपने बच्चे होते हैं, तब आपको समझ आता है कि माता-पिता क्या होते हैं। वे आपके लिए सबसे अच्छा चाहते हैं। हालांकि, इस बात को समझने में काफी समय लग जाता है।”
बातचीत के दौरान बेयर ग्रिल्स ने अजय से उनके पिता की बीमारी के बारे में भी पूछा। इस पर अभिनेता ने बताया कि वीरू देवगन अल्जाइमर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, ”हां, उन्हें अल्जाइमर था। स्टंट की वजह से उन्हें काफी चोटें भी लगी थीं।” अजय ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि शूटिंग के दौरान एक बार उनके पिता को कार के ऊपर से निकलने वाला स्टंट करना था। इस दौरान उनके सिर में चोट लग गई थी।
अजय ने बताया कि उस दौर में फिल्मों के स्टंट के लिए असली कारों और साधारण कांच का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे चोट लगने का खतरा ज्यादा रहता था। उन्होंने कहा, ”क्योंकि उस समय असली कांच इस्तेमाल किया जाता था। अब हम टफ ग्लास का इस्तेमाल करते हैं। उससे भी चोट लगती है, लेकिन असली कांच से बहुत ज्यादा चोट लगती है।”
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जावेद अख्तर ने विज्ञान और तकनीक को कला के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर दिया जोर

वरिष्ठ पटकथा लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी को उदार कलाओं (लिबरल आर्ट्स) के साथ जोड़ने के महत्व पर जोर दिया है।
जावेद अख्तर ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ उदार कलाओं (लिबरल आर्ट्स) के समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इतिहास, साहित्य, कविता और चित्रकला जैसे विषयों का ज्ञान एक संतुलित व्यक्तित्व के लिए बेहद जरूरी है।
अख्तर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी मानव प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन कला और मानवीय विषयों की समझ ही इंसान को कंप्यूटर और रोबोट से अलग बनाती है।
उन्होंने कहा, “विज्ञान और प्रौद्योगिकी बहुत महत्वपूर्ण हैं। लेकिन लिबरल आर्ट्स की भी कुछ समझ होना जरूरी है। यही एक इंसान और कंप्यूटर या रोबोट के बीच का अंतर है।”
गीतकार ने आगे कहा कि लोगों को अपने-अपने क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि लिबरल आर्ट्स का अध्ययन करने वालों को भी विज्ञान की बुनियादी समझ होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “इसी तरह विज्ञान के क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी लिबरल आर्ट्स की जानकारी होनी चाहिए। इतिहास, साहित्य, कविता, चित्रकला और लोक कलाएं, इन सबकी समझ जरूरी है। ज्ञान को इस तरह अलग-अलग खांचों में बांटना सही नहीं है।”
पटकथा लेखक, गीतकार और कवि के रूप में पहचान रखने वाले जावेद अख्तर लंबे समय से भारतीय सिनेमा और साहित्य से जुड़े रहे हैं।
जावेद अख्तर को प्रसिद्ध पटकथा लेखन जोड़ी सलीम-जावेद के सदस्य के रूप में व्यापक पहचान मिली। सलीम खान के साथ उनकी इस जोड़ी ने ‘जंजीर’ (1973), ‘दीवार’ (1975), ‘शोले’ (1975) और ‘मिस्टर इंडिया’ (1987) जैसी कई ऐतिहासिक हिंदी फिल्मों की पटकथाएं लिखीं, जिन्होंने बॉलीवुड की कहानी कहने की शैली पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
बाद में उन्होंने एक प्रतिष्ठित गीतकार के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई और ‘सिलसिला’, ‘1942: ए लव स्टोरी’, ‘बॉर्डर’, ‘रिफ्यूजी’ और ‘लगान’ जैसी फिल्मों के लिए यादगार गीत लिखे।
सिनेमा के अलावा अख्तर एक प्रतिष्ठित उर्दू कवि भी हैं। उनकी चर्चित काव्य कृतियों में ‘तरकश’ शामिल है। भारतीय सिनेमा और साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के अलावा 1999 में पद्म श्री और 2007 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है।
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दर्शन रावल ने रिलीज किया नया गाना ‘सिर्फ तुम’, खुद के लिए बताया बेहद खास

मशहूर भारतीय पॉप गायक दर्शन रावल ने शनिवार को अपना नया गाना ‘सिर्फ तुम’ रिलीज कर दिया है। गायक का कहना है कि ये गाना उनके लिए बेहद खास है क्योंकि उनकी पत्नी को आमतौर पर सैड सॉन्ग पसंद नहीं हैं लेकिन ‘सिर्फ तुम’ उनके फेवरेट गानों में से एक है।
दरअसल,गायक दर्शन रावल का नया ईपी (एक्सटेंडेट प्ले) ‘द एवरआफ्टर’ आधिकारिक तौर पर 23 अक्टूबर को रिलीज हो चुका है। वार्नर म्यूजिक इंडिया के तहत जारी किए गए इस विशेष ईपी में कुल 4 गाने शामिल हैं, जो प्यार, दिल टूटने, उम्मीद और जीवन के सफर के अलग-अलग रंगों को दर्शाते हैं।
‘सिर्फ तुम’ गायक के ईपी (एक्सटेंडेट प्ले) ‘द एवरआफ्टर’ का दूसरा गाना है। इससे पहले उन्होंने ‘नाल नाल वे’ रिलीज किया था। ‘सिर्फ तुम’ का म्यूजिक वीडियो ‘नाल नाल वे’ की कहानी को ही आगे बढ़ाता है। इसकी कहानी एक काल्पनिक या समानांतर दुनिया और दिल टूटने के दर्द के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें डैन का किरदार खुद दर्शन ने निभाया है, जो एक स्ट्रगलिंग म्यूजिशियन है।
कहानी में डैन एक दिन उठता है तो देखता है कि नियति (बरखा सिंह) गायब हो गई है और सभी उससे कहते हैं कि वह कभी थी ही नहीं। एक अलग ही दुनिया में नियति के साथ परफेक्ट प्यार का एहसास करने के बाद डैन अपने टूटे दिल के दर्द को संगीत के जरिए बयां करता है, इस उम्मीद में कि वह उस तक वापस पहुंचने का रास्ता ढूंढ लेगा।
ईपी के चार गानों में ‘नाल नाल वे’ शामिल है, जो प्यार मिलने की खुशी को दिखाता है। ‘सिर्फ तुम’ जो दिल टूटने की कहानी कहता है, ‘जादू’ जो दर्शन रावल के फैंस को समर्पित है, जिन्हें वो अपनी ‘ब्लू फैमिली’ कहते हैं और ‘कारवां’ उनके जिंदगी के सफर को दर्शाता है।
ईपी (एक्सटेंडेट प्ले) के बारे में बात करते हुए दर्शन ने कहा, “इस ईपी (एक्सटेंडेट प्ले) के जरिए मैं अपने लिसनर्स के साथ रोमांस के अलग-अलग पहलू शेयर करना चाहता था। वो हमेशा मेरे ईमानदार और कमजोर पक्ष से जुड़े रहे हैं, जो ‘सिर्फ तुम’ में नजर आता है, जबकि ‘जादू’ मेरी ब्लू फैमिली के लिए मेरा तोहफा है। ‘कारवां’ एक ऐसा गाना है, जिसे मैं पहाड़ों में घूमते हुए और नेचर को एन्जॉय करते हुए सुनने की कल्पना कर सकता हूं। ये ईपी (एक्सटेंडेट प्ले) मेरे टूर ‘लव लेटर्स’ से भी जुड़ा हुआ है और मैं अपने ऑडियंस के इसे लाइव एक्सपीरियंस करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।”
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