राजनीति
अमृतसर : नगर निगम चुनाव के लिए वोटिंग जारी, आज ही होगा नतीजों का ऐलान
अमृतसर, 21 दिसंबर। पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार को नगर निगम चुनाव के लिए वोटिंग हो रहे हैं। यहां सुबह सात बजे से लेकर शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदान के बाद शाम को ही नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी।
अमृतसर में कुल 477 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अमृतसर के 8.36 लाख मतदाता अपने 85 पार्षद चुनेंगे। अमृतसर नगर निगम चुनाव को लेकर कुल 8 वार्डों के 841 बूथों पर वोट डाले जाएंगे।
वहीं, 300 संवेदनशील और 245 अति संवेदनशील बूथ हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
इस बीच, मतदान को लेकर कई मतदाताओं ने मीडिया से बातचीत में अपने मुद्दे बताएं।
मतदाता गुरजीत ने कहा, “हमने प्रमुख रूप से सफाई और ट्रैफिक को लेकर मतदान किया है, क्योंकि हमारे लिए यह दोनों ही मुद्दे काफी अहम हैं। अब हमें पूरी उम्मीद है कि जिस किसी को भी इस चुनाव में जीत मिलेगी, वो जनता की जरूरतों को समझते हुए उन्हें पूरा करने की दिशा में काम करेगा।”
एक अन्य मतदाता ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमने जिस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है, वो चुनाव चुनाव जीतने के बाद बदल न जाए, बल्कि हमारी बातों को सुने और हमें अपनी बात कहने का पूरा मौका दे। हम इस बात को खारिज नहीं कर सकते हैं कि नगर निगम में काबिज पहले के लोगों ने जनता के लिए काम किया। हमें पूरी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी हमारे लिए काम किए जाएंगे।”
मतदाता सरोज ने कहा, “हम यही चाहते हैं कि हमारे मोहल्ले का सुधार हो। खासकर जो युवा मौजूदा समय में नशे की गिरफ्त में हैं, उन्हें नौकरी मिले, ताकि उन्हें नशे से छुटकारा मिल सके, क्योंकि सबसे ज्यादा बेरोजगार युवा अभी नशे की गिरफ्त में हैं। हमारे मोहल्ले की हालत बहुत ही खराब है। खासकर युवाओं की हालत बहुत खराब है। उनके पास कोई काम-धंधा नहीं है। मैं कहना चाहूंगी कि हमारे मोहल्ले में अभी तक किसी भी प्रकार का सुधार नहीं हुआ है, इसलिए मैं चाहूंगी कि हमारे मोहल्ले के विकास में पूरा ध्यान दिया जाए। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे सुधार हो।”
मतदाता लाडो ने बताया, “हम चाहते हैं कि हमारे मोहल्ले में कई ऐसे लोग हैं, जो नशे के आदि हैं। हम चाहते हैं कि उन्हें इससे छुटकारा मिले। हम सरकार से कहना चाहते हैं कि वो नशे को खत्म करने की दिशा में काम करें। हमें पहले भी आश्वस्त किया गया था कि नशे को खत्म करने की दिशा में काम किया जाएगा। लेकिन, अफसोस अब तक इस दिशा में किसी भी प्रकार का कोई कदम नहीं उठाया गया।”
मतदाता डॉ मान ने बताया, “मौजूदा समय में हमारे लिए सबसे बड़ा मुद्दा विकास और भ्रष्टाचार है। हम चाहते हैं कि विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए और इसके अलावा भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में कदम उठाया जाए। यह बहुत ही दुख की बात है कि भ्रष्टाचार कई लोगों की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। आपको यहां हर स्तर पर भ्रष्टाचार देखने को मिल जाएगा। अब समय आ चुका है कि जब इसे जड़ से खत्म करने की दिशा में कदम उठाया जाए। मुझे लगता है कि अभी और काम करने होंगे, तभी जाकर हमें इन दोनों से छुटकारा मिलेगा।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान की संसदीय समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए सुरक्षा कार्य योजना को दी मंजूरी

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी की “सुरक्षा और टिकाऊ प्रगति सुनिश्चित करने” के लिए एक रणनीतिक कार्य योजना की रूपरेखा को मंजूरी दे दी है।
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कमेटी के प्रवक्ता हसन कशकावी के हवाले से बताया कि इस प्लान पर कमेटी की बैठक में चर्चा हुई और इसे बिना किसी विरोध के मंजूरी दे दी गई।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कशकावी ने कहा कि प्लान के सामान्य ढांचे को मंजूरी देने से पहले सांसदों ने ईरान की संबंधित संस्थाओं से मिली जानकारियों की समीक्षा की।
आईआरएनए के अनुसार, यह कानून 13 जुलाई को औपचारिक रूप से संसद में पेश किया गया था।
ईरान ने 28 फरवरी को जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी और इजरायल और अमेरिका के जहाजों या उनसे जुड़े जहाजों के सुरक्षित गुजरने पर रोक लगा दी थी। यह कदम ईरानी क्षेत्र पर उनके संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया था।
जून में ईरान और अमेरिका ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए थे। दोनों पक्षों को अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिनों के भीतर बातचीत करनी थी, लेकिन हाल ही में इलाके में तनाव बढ़ने से बातचीत का भविष्य अनिश्चित हो गया है।
जुलाई में अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर कई बार हमले किए। उनका कहना था कि ये हमले जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में और “व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कम करने” के मकसद से किए गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।
ईरान और ओमान कुछ हफ्तों से जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवाजाही के लिए एक नया रास्ता तय करने के समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा था कि अभी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री ने यह बात विदेश मंत्रालय के ‘सेंटर फॉर पॉलिटिकल एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
अरागची ने कहा, “अभी अमेरिका के साथ हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है। बातचीत फिर से शुरू करने के रास्ते खोजने के लिए मध्यस्थ अभी भी कोशिश कर रहे हैं। हमारे नजरिए से जब तक अमेरिका ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ का उल्लंघन बंद नहीं करता और अपने किए गए उल्लंघनों की भरपाई नहीं करता, तब तक बातचीत फिर से शुरू नहीं हो सकती।”
महाराष्ट्र
मुंबईः ग्रुप डी की परीक्षा में मोबाइल के जरिए नकल करते 4 उम्मीदवार गिरफ्तार

मुंबई की पवई पुलिस ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा आईआईटी-बॉम्बे परिसर के केंद्रीय विद्यालय में आयोजित चपरासी भर्ती परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर कथित तौर पर नकल करने वाले 4 उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया है।
पवई पुलिस ने अभ्यर्थियों के पास मिले मोबाइल को जब्त कर लिया है। इसके साथ ही उम्मीदवारों के खिलाफ रविवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, आईआईटी पवई परिसर में सुबह 9 बजे से 10.30 बजे के बीच ग्रुप-डी मल्टी-टास्किंग स्टाफ भर्ती परीक्षा के लिए कुल 324 उम्मीदवारों को 14 कमरों में बैठाया गया था। प्रक्रिया की निगरानी के लिए 28 निरीक्षक तैनात थे, यानी हर कमरे में 2 निरीक्षक थे। हर कमरे में 24 उम्मीदवारों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। नकल रोकने के लिए हर कमरे में जैमर भी लगाए गए थे।
पवई पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि उम्मीदवारों को चेकिंग के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। कमरा नंबर 69 के एक निरीक्षक ने एक उम्मीदवार को संदिग्ध हरकतें करते देखा। उसकी तलाशी लेने पर पैंट की जेब से एक फोन मिला, जिसे जैमर को बायपास करने और परीक्षा के उत्तर साझा करने के लिए परिसर के बाहर किसी से संपर्क करने के लिए संशोधित किया गया था। आरोप है कि उम्मीदवार ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे रोक लिया गया।
इसी तरह कमरा नंबर 20, 62, 81 और 89 में भी मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए छात्र हुए पाए गए। यहां उम्मीदवारों के पास भी संशोधित डिवाइस पाए गए। परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने सभी उम्मीदवारों को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार उम्मीदवार हरियाणा के निवासी हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि अनिवार्य सुरक्षा जांच और हर कमरे में जैमर लगाए जाने के बावजूद उम्मीदवार परीक्षा केंद्र में उपकरण लाने में कैसे कामयाब रहे।
राष्ट्रीय समाचार
जीईएम ने बदली सार्वजनिक खरीद की तस्वीर, 10 साल में 422 करोड़ से 1.55 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा कारोबार: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने सार्वजनिक खरीद की व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने बताया कि एक दशक पहले जहां इस प्लेटफॉर्म का सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) केवल 422 करोड़ रुपए था, वहीं आज यह बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीईएम आज देश में पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और डिजिटल सरकारी खरीद प्रणाली का मजबूत आधार बन चुका है। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर 12.28 लाख से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसई) पंजीकृत हैं, जिनमें 2.25 लाख से ज्यादा महिला उद्यमियों द्वारा संचालित इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा 42,000 से अधिक स्टार्टअप्स भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह साबित करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जमीनी स्तर पर सशक्तीकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार की वास्तविक प्रतिबद्धता है।
उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में जीईएम ने प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया है, बेहतर मूल्य खोज सुनिश्चित की है, खरीद प्रक्रिया की अवधि को कम किया है, सरकार के लिए बड़ी बचत पैदा की है और एंड-टू-एंड डिजिटल खरीद प्रक्रिया के माध्यम से जवाबदेही को मजबूत किया है।”
मंत्री ने बताया कि जीईएम ने सरकारी खरीद बाजार को एमएसएमई, स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), कारीगरों और बुनकरों के लिए अधिक सुलभ बनाया है। साथ ही यह ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे अभियानों को भी मजबूती दे रहा है।
उन्होंने कहा कि जीईएम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है और ‘विकसित भारत’ की नींव को मजबूत कर रहा है।
वर्ष 2016 में शुरू किया गया जीईएम अब अपने 11वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म 1.37 लाख से अधिक सरकारी खरीदार संगठनों को लगभग 25 लाख विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं से जोड़ता है।
एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, जीईएम अब केवल खरीद-बिक्री का प्लेटफॉर्म नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत के डिजिटल प्रोक्योरमेंट इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। पोर्टल पर 10,660 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 350 सेवा श्रेणियां उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थाओं की जरूरतें पूरी की जाती हैं।
सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और व्यापक भागीदारी के जरिए जीईएम को और अधिक स्मार्ट एवं एकीकृत बनाया जाएगा, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और सुशासन को और मजबूती मिलेगी।
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