राजनीति
अमित शाह बोले- सपा, बसपा, कांग्रेस परिवारवादी पार्टियां, भाजपा रखती है विकास का माद्दा
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लखनऊ में यूपी के चुनावी मिशन का आगाज कर दिया। उन्होंने विपक्षियों पर जमकर निशाना साधा कहा कि बीते 5 सालों में जो लोग घर पहुंच गए थे, वे नए कपड़े पहनकर आ गए हैं कि हमारी सरकार बनेगी। सपा बसपा पारीवारिक पार्टियां हैं, सिर्फ भाजपा ही यूपी के 22 करोड़ लोगों का विकास करने का माद्दा रखती है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मेरा परिवार-भाजपा परिवार सदस्यता अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछली पार्टियों इतने गड्ढे छोड़ दिए कि किसी के बस की नहीं थी, इन्हें भरना लेकिन भाजपा ने दिखाया कि ये कैसे होता है। सपा, बसपा और कांग्रेस परिवारवादी पार्टी भाजपा के अन्दर ही विकास करने माद्दा है।
अमित शाह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि आप कहते थे कि मंदिर वहीं बनाएंगे, लेकिन तारीख नहीं बताएंगे। आपको बताना चाहता हूं कि राम मंदिर की नींव भी रख दी गई है और आप 5,000 रुपया भी देने से चूक गए। अमित शाह ने कहा कि परिवारवादी पार्टी और भाजपा में यही फर्क है। हमारा वादा था कि हम कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाएंगे। इसके लिए हमारे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके लिए बलिदान भी दिया था। अब जाकर हमने इस वादे को पूरा किया है।
इस दौरान अमित शाह ने कहा कि मेरा परिवार भाजपा परिवार के नाम से सदस्यता अभियान की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि नवंबर और दिसंबर में यह अभियान चलेगा। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि महिलाओं, युवाओं और पिछड़ों समेत सभी वर्गों को भाजपा से जोड़ा जाए।
शाह ने कहा कि भाजपा जनता की इच्छा से ही घोषणा पत्र तैयार करती है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार ने 90 फीसदी वादों को पूरा कर दिया है। यही नहीं मंच से ही अमित शाह ने योगी आदित्यनाथ से कहा कि अभी दो महीने बाकी हैं और आप इसे 100 फीसदी तक ले जाइए। भाजपा का यह सदस्यता अभियान नवंबर और दिसंबर महीने में चलेगा।
अखिलेश यादव पर सीधा वार करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह प्रदेश महात्मा बुद्ध की कर्मभूमि है। भगवान शिव की धरती काशी है। लेकिन कई सालों से लोगों को यह अहसास नहीं होता था। मुगलों के शासन से लेकर 2017 तक ऐसा महसूस नहीं होता था। 2017 में जब भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार आई तो उसने यूपी को उसकी पहचान वापस दिलाई।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहली बार सिद्ध किया है कि सरकारें परिवारों के लिए नहीं गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए होती हैं।
शाह ने कहा कि आज किसी की हिम्मत नहीं है पलायन कराने की। पहले हर जिले में दो-तीन बाहुबली थे लेकिन आज दूरबीन लेकर भी देखता हूं तो कोई बाहुबली नजर नहीं आता। आज 16 साल की बच्ची भी गहने लादकर रात 12 बजे भी स्कूटी पर निकल सकती है।
मोदी जी ने प्रदेश के हर घर में बिजली पहुंचाई। हमने 11 करोड़ घरों में गैस पहुंचाया, जिसे पहले लोग मजाक समझते थे। 10 करोड़ लोगों को घर देने का लक्ष्य रखा है जो जल्द पूरा होगा। आप लोगों ने 2019 में दोबारा और 2017 में भाजपा की सरकार बनवाई। मोदी जी अगर पूर्ण बहुमत के साथ दो बार जीते हैं तो उसका पूरा श्रेय यूपी की महान जनता को जाता है। दिल्ली का रास्ता लखनऊ से ही होकर जाता है।
आपने दोबारा दो-तिहाई बहुमत से जिताया तो मोदी जी ने मंदिर का शिलान्यास कर दिया और देखते ही देखते मंदिर बन जाएगा।
गृहमंत्री ने कहा कि 2017 में जब यूपी हमें मिला था तो इसकी अर्थव्यवस्था सातवें नंबर पर थी लेकिन अब ये दूसरे नंबर है। ईज ऑफ डूइंग में 14वां स्थान था और अब दूसरे स्थान पर यूपी है। बेरोजगारी आप 18 प्रतिशत छोड़ गए थे अब 4 प्रतिशत है। 2022 से पहले यूपी में 40 मेडिकल कॉलेज होंगे। पहले धान की खरीद पर 17 हजार करोड़ भुगतान होता था अब 38 हजार करोड़ होता है। हवाई अड्डे चार थे अब नौ बन गए हैं। एक्सप्रेसवे भी बने।
कहा सबसे ज्यादा अस्पताल यूपी में बने, 400 ऑक्सीजन प्लांट लगने वाले हैं 193 लग चुके हैं। यूपी में अपराध के क्षेत्र में भयंकर सुधार किया योगी जी ने। एक लाख से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई। इसमें कोई भ्रष्टाचार भी नहीं है।
गृहमंत्री ने कहा कि 8 नए विवि, 77 कॉलेज, 250 इंटर कॉलेज बने। नई पीढ़ी तैयार करने की व्यवस्था योगी जी ने की। अभी यूपी में बहुत कुछ करना बाकी है। हम फिर से घोषणापत्र लेकर आएंगे और उसे शत-प्रतिशत 2027 में करके दिखाएंगे। मैं कहने आया हूं कि आप एक बार फिर 2022 में भाजपा को 300 के पार करा दीजिए यूपी को नंबर एक पर लाकर दिखाएंगे।
राजनीति
दीपावली के बाद 9 नवंबर को तमिलनाडु में सरकारी छुट्टी घोषित, कोयंबेडु सब्जी मंडी भी रहेगी बंद

तमिलनाडु सरकार ने दीपावली के अगले दिन 9 नवंबर को सरकारी दफ्तरों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए छुट्टी घोषित की है, ताकि त्योहार के लिए अपने गृहनगर गए लोगों की वापसी आसान हो सके।
इस साल दीपावली 8 नवंबर (रविवार) को मनाई जा रही है। सोमवार को अतिरिक्त छुट्टी मिलने से छात्रों, माता-पिता, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों को परिवार के साथ जश्न मनाने के बाद लौटने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।
सरकारी आदेश के अनुसार, यह छुट्टी पूरे तमिलनाडु में सभी सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगी।
अतिरिक्त छुट्टी की भरपाई के लिए 28 नवंबर को कामकाजी दिन घोषित किया गया है। इस फैसले से आदेश के दायरे में आने वाले लोग रविवार को जश्न के तुरंत बाद यात्रा करने के बजाय सोमवार को अपनी वापसी की योजना बना सकेंगे।
एक साथ यात्रा करने वाले परिवारों के लिए यह सरकारी कर्मचारियों और छात्रों की छुट्टी व्यवस्था को भी एक जैसा बनाता है। भरपाई वाला कामकाजी दिन शनिवार को पड़ रहा है। इसलिए घोषणा के दायरे में आने वाले कार्यालय और संस्थान संशोधित शेड्यूल का पालन करेंगे, जिसमें 9 नवंबर को छुट्टी होगी और महीने के अंत में निर्धारित भरपाई वाली तारीख को काम फिर से शुरू होगा।
इस बीच, चेन्नई की कोयंबेडु सब्जी मंडी त्योहार से पहले व्यापारी संघों द्वारा लिए गए अलग फैसले के बाद 9 नवंबर को एक दिन के लिए बंद रहेगी।
यह बंदी एकीकृत बाजार संघ महासंघ के अध्यक्ष जीटी राजशेखरन की अध्यक्षता में हुई सलाहकार बैठक में सर्वसम्मति से मंजूर की गई। बैठक में तय किया गया कि दीपावली तक सभी सब्जियों की दुकानें खुली रहेंगी, ताकि ग्राहक और व्यापारी छुट्टी से पहले अपनी खरीदारी पूरी कर सकें। संघ ने कहा कि बाजार मंगलवार, 10 नवंबर से अपना सामान्य कामकाज फिर से शुरू करेगा।
यह बंदी सिर्फ दीपावली के अगले दिन सब्जी बाजार तक ही सीमित है। लोगों और व्यापारियों से कहा गया है कि वे सोमवार की बंदी को ध्यान में रखते हुए अपनी जरूरी खरीदारी पहले से ही कर लें।
मनोरंजन
जब धुन चोरी के आरोपों से घिरे थे अनु मलिक, कहा था- ‘ईश्वर के अलावा कोई ओरिजिनल नहीं’

यह कहानी है, हंगामाखेज संगीतकार की, जिन्होंने महज सात साल की उम्र में हुनर दिखाना शुरू कर दिया था। पता चल गया था कि आगे चलकर यह बालक एक बड़ा संगीतकार बनेगा। जिनका नाम है, अनवर मलिक और उन्हें अब सभी लोग अनु मलिक के नाम से जानते हैं।
2 नवंबर 1960 को जन्मे अनु मलिक के घर में संगीतमय माहौल रहता था, जिसका गहरा असर बचपन से ही उन पर रहा। उन पर शंकर-जयकिशन के गानों ने गहरा असर छोड़ा। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, “मैं खुशनसीब हूं कि सरदार मलिक (संगीत निर्देशक) का बेटा हूं और मेरे मामा हसरत जयपुरी (जाने-माने गीतकार) हैं। मैं बचपन से उस माहौल में पला-बढ़ा हूं।”
जब अनु मलिक ने एक मराठी कविता को कंपोज किया था, जिसे बाद में अपने पिता सरदार मलिक को सुनाया तो वह हैरान थे। इसके बाद उन्होंने बेटे का इम्तिहान लिया और बहुत सारे अलग-अलग गाने उनके सामने रख दिए। अनु मलिक को उन गानों की धुन बनाने को कहा गया था। फिर अनु मलिक ने धुन बनाना शुरू कर दिया और एक के बाद एक अलग-अलग धुन बना डाली। उन धुनों को सुनकर पिता बेहद खुश हुए और अनु मलिक को गले लगा लिया।
बहुत ही कम उम्र में अनु मलिक गानों को कंपोज करने लगे थे। मामा हसरत जयपुरी के लिखे गाने को जब उन्होंने कंपोज किया, तब उसे सुनकर सब दीवाने हो गए। 16-17 साल की उम्र में अनु मलिक को बतौर म्यूजिक कंपोजर काम करने का अवसर मिला। अपने जमाने के कमीडियन मोहन चोटी की 1978 में फिल्म ‘हंटरवाली 77’ आई, जिसमें पिता सरदार मलिक की जगह अनु मलिक को काम करने का मौका मिला।
“जुल्मों सितम पर इतराने वाले, तू भी तो इक दिन मिट जाएगा। तेरा जमाना है मैंने माना, मेरा भी एक दिन आ जाएगा।” इस गाने को मशहूर गायिका आशा भोसले ने गाया था, जिसे संगीत अनु मलिक ने दिया। यह उनका पहला गाना था। इस गाने के बोल हसरत जयपुरी ने लिखे। एफसी मेहरा की फिल्म ‘एक जान हैं हम’ से अनु मलिक को सही शुरुआत मिली और फिर एक फिल्म मिली ‘सोनी महिवाल’, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे पलटकर नहीं देखा।
फिल्म ‘बाजीगर’ में दिए गए संगीत ने अनु मलिक को नई पहचान दिलाई। फिर फिल्म ‘बॉर्डर’ में अनु मलिक के संगीतबद्ध सभी गाने हिट रहे। फिल्म ‘रिफ्यूजी’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी नवाजा गया था।
शौहरत की बुलंदियों पर पहुंचने के बाद अनु मलिक पर अंतरराष्ट्रीय और भारतीय गानों की धुनें और संगीत संयोजन (अरेंजमेंट) चुराने के आरोप भी लगते रहे। 2017 में ‘एंटरटेनमेंट की रात’ शो के दौरान ‘रोडीज’ फेम रघु राम ने उनसे सीधे तौर पर धुनें चुराने के बारे में सवाल किया। इसके जवाब में मलिक ने अपना बचाव करते हुए कहा कि ‘ईश्वर के अलावा कोई भी मौलिक (ओरिजिनल) नहीं है’ और प्रेरणा लेना, चोरी करने से बिल्कुल अलग बात है। उन्होंने इस संदर्भ में ‘बॉर्डर’, ‘एलओसी कारगिल’ और ‘मैं हूं ना’ जैसी फिल्मों के अपने काम का उदाहरण दिया था।
राजनीति
पंजाब : विधायक हरमीत और चेतन का ‘आप’ से इस्तीफा, पार्टी बोली- ऐसे लोग ही भाजपा को चाहिए

पंजाब के पटियाला जिले की दो विधानसभा सीटों से आम आदमी पार्टी के विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, पार्टी ने कहा है कि इन दोनों विधायकों को कार्रवाई के तहत निकाला गया है।
सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। हरमीत सिंह पठानमाजरा पंजाब विधानसभा में सनौर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और आम आदमी पार्टी के सदस्य हैं। वे 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में विधायक चुने गए थे।
बताया जा रहा है कि उनकी अपनी ही सरकार ने विधायक पठानमाजरा के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसके बाद उन्होंने पार्टी के खिलाफ तीखे तेवर अपना लिए थे और अब इस्तीफा दे दिया है।
वहीं समाना से विधायक चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने भी अपनी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इसकी जानकारी दी। उन्होंने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में आई आम आदमी पार्टी की उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में उनका नाम नहीं था, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया है।
चेतन सिंह जोड़ामाजरा साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर समाना से भारी मतों से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद वे भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर पंजाब ‘आप’ प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “आम आदमी पार्टी ने हमेशा पंजाब को प्राथमिकता दी है। अगर हमारे किसी नेता ने कभी भ्रष्टाचार किया या पंजाब के हितों के खिलाफ काम करने की कोशिश की, तो हमने बिना किसी हिचकिचाहट के उनके खिलाफ कार्रवाई की और ऐसे लोगों को पार्टी से बाहर निकाल दिया। अब, भाजपा इन्हीं निकाले गए लोगों को इकट्ठा कर रही है, क्योंकि उसका अपना कोई आधार नहीं है और उसे पंजाब के हितों की कोई परवाह नहीं है। जो व्यक्ति पंजाब पुलिस पर गोलियां चलाकर भाग गया हो, और जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजा हो, वह पंजाब का क्या भला करेगा? लेकिन भाजपा को ठीक ऐसे ही लोग चाहिए। इससे साफ पता चलता है कि पंजाब में भाजपा पूरी तरह से खोखली है। उसके पास अपना कुछ भी नहीं है।”
आम आदमी पार्टी के महासचिव और मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने आज पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन इन दोनों की हरकतों की वजह से पार्टी ने इन्हें पहले ही किनारे कर दिया था। अब ये दोनों उस भाजपा में शामिल होंगे जिसे पंजाब में उम्मीदवार ही नहीं मिल रहे। भाजपा असल में ऐसे लोगों की पार्टी बन गई है जिन्हें कहीं और से निकाल दिया गया हो। यहां बस दूसरी पार्टियों से निकाले गए लोग ही जाते हैं।”
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