राष्ट्रीय
अदाणी समूह का बाजार पूंजीकरण 200 अरब डॉलर से अधिक : गौतम अदाणी
अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा है कि इस वर्ष ग्रुप का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 200 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। उन्होंने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कहा, “हम अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से अरबों डॉलर जुटाने में सक्षम थे। हमारे विकास और सफलता को दुनिया भर में मान्यता मिली है। कई विदेशी सरकारें अब अपने भौगोलिक क्षेत्रों में काम करने के लिए हमसे संपर्क कर रही हैं और उनके बुनियादी ढांचे के निर्माण में मदद करें। इसलिए, 2022 में, हमने भारत की सीमाओं से परे व्यापक विस्तार की नींव भी रखी।”
गौतम अदाणी ने कहा, अदाणी समूह की सफलता भारत की विकास गाथा के साथ इसके संरेखण पर आधारित है और यह मेरा दृढ़ विश्वास है कि भारत के समान कोई अन्य राष्ट्र नहीं है।
उन्होंने कहा, “भविष्य में हमारे विश्वास और विश्वास को प्रदर्शित करने वाला सबसे अच्छा सबूत, भारत के हरित संक्रमण को सुविधाजनक बनाने में 70 अरब डॉलर का हमारा निवेश है। हम पहले से ही सौर ऊर्जा के दुनिया के सबसे बड़े डेवलपर्स में से एक हैं। नवीकरणीय ऊर्जा में हमारी ताकत हमें इस प्रयास में काफी सशक्त बनाएगी। हरे हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बनाने के लिए हम भारत को तेल और गैस के आयात पर अत्यधिक निर्भर देश से एक ऐसे देश में बदलने की दौड़ में सबसे आगे हैं, जो एक दिन स्वच्छ ऊर्जा का शुद्ध निर्यातक बन सकता है।”
उन्होंने आगे कहा, “जबकि अब हमारे पास एक प्रमुख वैश्विक अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो है, हमने पिछले 12 महीनों में कई अन्य उद्योगों में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। एक झटके में, हम भारत में सबसे बड़े हवाईअड्डे के संचालक बन गए हैं।”
“आज हम जिन हवाईअड्डों का संचालन करते हैं, उनके आसपास हम एयरो-ट्रो-पॉलिस विकसित करने और स्थानीय समुदाय आधारित आर्थिक केंद्र बनाने के आस-पास के व्यवसायों में लगे हुए हैं। हम भारत के बुनियादी ढांचे के निर्माता के रूप में विकसित हो रहे हैं, देश में कुछ सबसे बड़े सड़क अनुबंध जीत रहे हैं और बंदरगाहों, रसद और वितरण, सिटी गैस और पाइप्ड प्राकृतिक गैस जैसे व्यापार में हमारी पहले से ही पर्याप्त बाजार हिस्सेदारी बढ़ रही है।”
गौतम अदाणी ने कहा कि ग्रुप के बढ़ते बाजार पूंजीकरण को हमारे नकदी प्रवाह में मजबूत और निरंतर वृद्धि का समर्थन मिला है।
उन्होंने कहा, “हमारे पोर्टफोलियो में परिचालन उत्कृष्टता पर हमारा ध्यान और अभिवृद्धि क्षमता वृद्धि ने 26 प्रतिशत की ईबीआईटीडीए वृद्धि प्रदान की। पोर्टफोलियो ईबीआईटीडीए 42,623 करोड़ रुपये रहा। यह विविध विकास हमारे व्यवसायों की श्रेणी में परिलक्षित होता है। हमारे उपयोगिता पोर्टफोलियो में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई, हमारे परिवहन और रसद पोर्टफोलियो में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई, हमारे एफएमसीजी पोर्टफोलियो में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई और हमारे इनक्यूबेटर व्यवसाय अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एईएल के अनूठे बिजनेस मॉडल का कोई समानांतर नहीं है और हम इसका और लाभ उठाने का इरादा रखते हैं।”
एईएल की उच्च वृद्धि ग्रुप को एक और बड़े दशक के लिए नए व्यवसायों के निरंतर विकास के लिए एक विश्वसनीय आधार प्रदान करती है।
राष्ट्रीय
मुंबई पुलिस ने अंधेरी ईस्ट से लापता महिला को सुरक्षित बरामद किया

police
मुंबई, 18 मार्च : मुंबई की अंधेरी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने एक 52 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया और उसे उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया है। महिला की वापसी से परिवारवालों ने राहत की सांस ली है।
दरअसल, मुंबई पुलिस के कमिश्नर देवेन भारती के निर्देश पर लापता महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अंधेरी पुलिस ने 15 दिन की कड़ी मेहनत के बाद 52 साल की रत्ना धर्मेंद्र यादव को खोज निकाला, जो कि पिछले कई दिनों से लापता थीं।
रत्ना अंधेरी ईस्ट के सैवादी इलाके से गायब हुई थीं। उनकी बेटी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और उसी के आधार पर लापता होने का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद अंधेरी पुलिस ने उनकी खोजबीन के लिए एक स्पेशल अभियान चलाया।
पुलिस की टीम ने हर छोटे-बड़े रास्ते, कॉलोनी और आस-पड़ोस की जगहों पर छानबीन की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के सहारे पता चला कि रत्ना अस्थायी तौर पर चेंबूर के एक होमलेस शेल्टर में रह रही थीं।
जांच के दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि रत्ना मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और बोल नहीं सकती थीं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित ढंग से ढूंढना और वहां से लाना आसान काम नहीं था। पुलिस ने बहुत धैर्य और समझदारी से काम लिया और आखिरकार उन्हें सुरक्षित उनके परिवार के पास पहुंचा दिया।
उनकी बेटी और परिवार ने मुंबई पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जो मेहनत और लगन दिखाई, उससे उन्हें रत्ना की खोज में बहुत मदद मिली। इसके लिए उनका परिवार मुंबई पुलिस का आभारी है।
पुलिस का कहना है कि उनके द्वारा लापता महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की टीमें जल्द से जल्द लापता लोगों की खोज में लग जाती हैं। इस क्रम में रत्ना को भी सुरक्षित बरामद कर उनके परिवार को सौंप दिया गया।
राष्ट्रीय
ईरान में युद्ध लंबा चला तो बढ़ सकती हैं वैश्विक चुनौतियां, फिलहाल भारत पर कोई असर नहीं: एन चंद्रशेखरन

जमशेदपुर, 3 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध और वैश्विक परिस्थितियों को लेकर टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान में युद्ध लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक व्यापार और आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ सकता है।
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा की 187वीं जयंती के अवसर पर जमशेदपुर पहुंचे थे। इस दौरान टाटा स्टील परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में उन्होंने संस्थापक को श्रद्धांजलि अर्पित की और शहरवासियों को संस्थापक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र से टाटा समूह को लाइमस्टोन सहित अन्य कच्चे माल का आयात होता है। समूह का कारोबार वैश्विक स्तर पर फैला हुआ है, ऐसे में किसी भी लंबे युद्ध का प्रभाव सप्लाई चेन, माल की डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और सस्टेनेबिलिटी पर पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस युद्ध का टाटा समूह या भारत पर कोई सीधा असर नहीं पड़ा है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि टाटा समूह के कर्मचारी विश्व भर में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज, होटल और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत हैं। ऐसे में सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा समूह की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कंपनी इस दिशा में सतर्कता के साथ आवश्यक कदम उठा रही है।
रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि नई इकाइयों की स्थापना और विस्तार योजनाओं के कारण रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले पांच-छह वर्षों में समूह के कर्मचारियों की संख्या लगभग 7 लाख तक थी, लेकिन अब बढ़कर 11 लाख तक पहुंच चुकी है। वहीं आने वाले 5-6 साल में इसे 15 लाख तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही महिला कर्मचारियों की भागीदारी 28-30 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
आईटी क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के आगमन से रोजगार को लेकर आशंकाएं स्वाभाविक हैं, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से स्टील, ऑटोमोबाइल, फाइनेंस और अन्य क्षेत्रों में नए अवसर उत्पन्न होंगे। इसका सकारात्मक लाभ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को भी मिलेगा।
इस अवसर पर टाटा स्टील के सीईओ टी वी नरेन्द्रन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय
नए आधार वर्ष के साथ भारत की जीडीपी वृद्धि दर मजबूत बने रहने की उम्मीद

GDP
नई दिल्ली, 27 फरवरी : नई जीडीपी सीरीज (बेस ईयर 2022-23) शुक्रवार को जारी होने वाली है। इससे पहले सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा गठित एक उप-समिति ने जीडीपी अनुमानों के लिए नई सीरीज में जीएसटी डेटा के अधिक उपयोग की सिफारिश की है।
उप-समिति की यह रिपोर्ट राष्ट्रीय खातों के बेस ईयर को वित्त वर्ष 2022-23 में संशोधित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे एमओएसपीआई ने शुरू किया है।
2011-12 सीरीज में जीएसटी डेटा का उपयोग तिमाही राष्ट्रीय खातों और वार्षिक राष्ट्रीय खातों के कुछ क्षेत्रों में किया गया था।
भारत अब जीडीपी का बेस ईयर 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) का बेस भी 2024 में अपडेट किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था की मौजूदा संरचना को बेहतर तरीके से दिखाना है, जिसमें डिजिटल कारोबार और सेवा क्षेत्र की बढ़ती हिस्सेदारी शामिल है।
इस बदलाव में असंगठित क्षेत्र के बेहतर आकलन और जीएसटी जैसे नए डेटा स्रोतों का इस्तेमाल शामिल है। इसके अलावा ई-वाहन (वाहन पंजीकरण) और प्राकृतिक गैस की खपत से जुड़े आंकड़ों को भी शामिल किया जाएगा। नई पद्धति से भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है।
पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसमें मुख्य योगदान घरेलू मांग का होगा।
एसबीआई रिसर्च के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8 से 8.1 प्रतिशत के बीच रह सकती है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था ने मजबूत रफ्तार बनाए रखी है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 (चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही) के उच्च-आवृत्ति आंकड़े भी आर्थिक गतिविधियों में मजबूती दिखाते हैं।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में प्रतिकूल बेस इफेक्ट के बावजूद जीडीपी वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत तक रह सकती है।
वित्त वर्ष 2025-26 के दूसरे अग्रिम जीडीपी अनुमान, पिछले तीन वित्त वर्षों के जीडीपी आंकड़े और नए बेस 2022-23 के अनुसार त्रैमासिक जीडीपी आंकड़े शुक्रवार को जारी किए जाएंगे।
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