राजनीति
इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं ने किया नमन, सुप्रिया श्रीनेत बोलीं-“देश के लिए उनका बलिदान अद्वितीय”
पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और देश के प्रति उनके योगदान, समर्पण और बलिदान को याद किया। इस अवसर पर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा और एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने इंदिरा गांधी के व्यक्तित्व और उनके राजनीतिक योगदान की सराहना की। वहीं, हैदराबाद में कांग्रेस नेता रोहित मुदिराज ने राहुल गांधी और गांधी परिवार के देश के प्रति योगदान का जिक्र करते हुए विरोधियों पर निशाना साधा।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि इंदिरा गांधी का बलिदान, देश के प्रति उनका समर्पण और उनकी प्रगाढ़ देशभक्ति हमेशा याद रखी जाएगी। आज पूरा कृतज्ञ राष्ट्र उन्हें नमन कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश को एकजुट रखने और उसकी अखंडता बनाए रखने के लिए इंदिरा गांधी ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका यह योगदान अद्वितीय है।
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि इंदिरा गांधी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वे अपने बलिदान और समर्पण के कारण हमेशा लोगों की यादों में जीवित रहेंगी। उन्होंने कहा कि भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री और भारत रत्न इंदिरा गांधी को उनके शहादत दिवस पर नमन करना उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है।
अलका लांबा ने कहा कि उन्हें गर्व है कि महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर वह उस संगठन का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जिसकी नींव इंदिरा गांधी ने रखी थी। उन्होंने महिलाओं को संगठन से जोड़ने के साथ राजनीति में उनकी सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया था। लांबा ने कहा कि राजीव गांधी ने पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की पहल कर उनके सपने को आगे बढ़ाया। इसके बाद सोनिया गांधी ने डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में महिला आरक्षण विधेयक को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि गांधी परिवार ने देश के लिए कई बड़े बलिदान दिए हैं। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने 1971 के युद्ध और पाकिस्तान के विभाजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने मजबूत भारत की कल्पना की थी, जहां सभी नागरिक एकजुट और सशक्त रहें।
उधर, हैदराबाद में कांग्रेस नेता रोहित मुदिराज ने राहुल गांधी पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने देश के लिए 15 साल जेल में बिताए, इंदिरा गांधी ने अपने प्राणों का बलिदान दिया और राजीव गांधी की हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सत्ता के पीछे भागने के बजाय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं। रोहित ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि गांधी परिवार को देशभक्ति का पाठ पढ़ाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
राष्ट्रीय समाचार
1 नवंबर को प्रस्तावित रैली से व्यापारी वर्ग में चिंता, सीटीआई ने इंडिया ब्लॉक के घटक दलों को लिखा पत्र

1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। दिल्ली के व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, उद्धव ठाकरे समेत सभी घटक दलों को पत्र लिखकर रैली को दीपावली के बाद कराने की मांग की है।
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि व्यापारी वर्ग रैली का विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन 1 नवंबर, धनतेरस और दीपावली से पहले की तैयारियों के लिए पीक दिन है। अगर महारैली का आयोजन होता है तो 20 ऐतिहासिक बाजारों में रोजाना होने वाला 10-12 हजार करोड़ का कारोबार ठप हो जाएगा।
सीटीआई ने इसके लिए कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली को टालने का अनुरोध किया। सीटीआई इससे पहले राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर अपनी स्थिति से अवगत करा चुकी है।
सीटीआई के अनुसार, रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर दायरे में 20 बाजार आते हैं जो 300 साल पुराने हैं और पूरे भारत को माल सप्लाई करते हैं। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, कनॉट प्लेस, पालिका बाजार, जनपथ, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, कश्मीरी गेट, नया बाजार, लाजपत राय मार्केट, चावड़ी बाजार, किनारी बाजार, दरीबा कलां, बल्लीमारान, फतेहपुरी, तिलक बाजार, करोल बाग, जामा मस्जिद, नबी करीम, गफ्फार मार्केट, अजमेरी गेट-पहाड़गंज और दरियागंज शामिल हैं।
इन बाजारों में रोजाना नरेला, बवाना, ओखला, मायापुरी, मुंडका, उद्योग नगर, मंगोलपुरी सहित 56 इंडस्ट्रियल एरिया से 5000 ट्रक-टेम्पो माल लाते हैं और यहां से 3000 ट्रक रोजाना गुड़गांव, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत सहित एनसीआर के 25 शहरों समेत देशभर के सभी राज्यों में माल ले जाते हैं।
व्यापारी वर्ग के अनुसार, ऐसी स्थिति में अगर महारैली होती है तो 31 अक्टूबर दोपहर से ही बसें और गाड़ियां दिल्ली बॉर्डर (सिंघु, टिकरी, गाजीपुर, बदरपुर) पर आना शुरू हो सकती हैं और शाम से ही बहादुर शाह जफर मार्ग, जेएलएन मार्ग पर बैरिकेडिंग लग सकती है। ट्रांसपोर्टर 31 अक्टूबर से ही गाड़ी भेजने से मना कर रहे हैं। तो असर 1 नवंबर नहीं, 31 अक्टूबर से ही शुरू हो जाएगा।
सीटीआई ने कहा कि 1 नवंबर की रैली को दीपावली बाद 10 या 11 नवंबर के बाद कर दिया जाए, ताकि धनतेरस और दीपावली पर कारोबार में कोई विघ्न न पड़े। अगर रैली करनी ही है तो रामलीला मैदान से हटाकर बुराड़ी मैदान में की जाए, जहां 15,000 गाड़ियों की पार्किंग की जगह हो।
अपराध
महाराष्ट्र: पालघर में 15 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो सगे भाई गिरफ्तार

महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा पूर्व इलाके में 15 वर्षीय किशोरी के साथ कथित तौर पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने और घटना उजागर करने पर फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।
पेल्हार पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, घटना 27 अक्टूबर की सुबह 7.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे के बीच की है। आरोप है कि गावदेवी मंदिर के पास स्थित एक कपड़ा की दुकान के अंदर अमन नतीफ शेख (24) और उसके भाई अरबाज शेख (30) ने 15 वर्षीय किशोरी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने किशोरी को धमकी दी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उसकी फोटो और वीडियो उसकी मां को भेजने के साथ ही वायरल कर दिए जाएंगे।
इस मामले में पेल्हार पुलिस थाने में 30 अक्टूबर को देर शाम को दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 65(1), 70(2), 351(2) और पॉक्सो (पोक्सो) अधिनियम 2012 की धारा 4 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पेल्हार पुलिस ने दोनों आरोपियों को देर रात्रि को गिरफ्तार कर लिया।
इसी तरह की एक घटना में मुंबई पुलिस ने सभी छह आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मुंबई के पवई इलाके में 15 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर छह लोगों ने गैंगरेप किया था। पुलिस के अनुसार, यह घटना 27 और 28 अक्टूबर के बीच हुई।
अधिकारियों ने कहा, “पीड़िता की शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर ही, मुंबई पुलिस की टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की और सभी आरोपियों को पकड़ लिया।” अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए छह लोगों में से किसी का भी पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज 19 से बढ़कर 68.4 प्रतिशत हुआ, एक अरब लोग इसके दायरे में

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक सुरक्षा के दायरे का तेजी से विस्तार किया है। सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक, देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में 19 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 68.4 प्रतिशत हो गया है, जिससे एक अरब से अधिक लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ गए हैं।
शनिवार को जारी फैक्टशीट में बताया गया कि ईपीएफओ के योगदान देने वाले सदस्यों की संख्या में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। 2014-15 में ईपीएफओ के 3.49 करोड़ सदस्य थे, जो 16 सितंबर 2026 तक बढ़कर लगभग 7.98 करोड़ हो गए। यानी इस अवधि में करीब 4.49 करोड़ सदस्य बढ़े हैं।
सितंबर 2026 तक 7.68 लाख संस्थान ईपीएफओ में योगदान दे रहे हैं। यह पात्र श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करने के लिए एक बड़ा संस्थागत आधार प्रदान करता है।
सदस्यता के साथ-साथ पेंशन सहायता भी बढ़ी है। 2014-15 में ईपीएफओ ने 51.04 लाख पेंशनभोगियों को पेंशन दी थी। सितंबर 2026 तक करीब 82 लाख पेंशनभोगी पेंशन लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह 31 लाख से अधिक पेंशनभोगियों की वृद्धि है।
सामाजिक सुरक्षा लाभों का दायरा भी काफी बढ़ा है। 2014-15 के दौरान करीब 1.30 करोड़ दावों का निपटारा किया गया था। पिछले एक साल की अवधि में अक्टूबर 2026 तक ईपीएफओ ने 6.42 करोड़ दावों का निपटारा किया है। यह ईपीएफओ सदस्यों को दी जाने वाली सेवाओं के बढ़ते पैमाने को दर्शाता है।
ईपीएफओ कवरेज के लिए अनिवार्य वेतन सीमा को आखिरी बार सितंबर 2014 में 6,500 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए प्रति माह किया गया था। सितंबर 2026 में इसे और बढ़ाकर 25,000 रुपए प्रति माह करने को मंजूरी दी गई है। इस संशोधन से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को अनिवार्य कवरेज मिलने की उम्मीद है। यह वेतन स्तर में बदलाव और औपचारिक रोजगार के विस्तार को दर्शाता है।
ईपीएफओ ने आंशिक निकासी से जुड़े 13 प्रावधानों को तीन श्रेणियों में समेकित किया है, जिनमें आवश्यक जरूरतें, आवास की जरूरतें और विशेष परिस्थितियां शामिल हैं। आवश्यक जरूरतों में बीमारी, शिक्षा और शादी से जुड़े खर्च शामिल हैं। इससे प्रोविडेंट फंड की बचत तक पहुंच आसान हो गई है। ईपीएफओ ने शिक्षा के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार तक निकासी की अनुमति दी है।
साथ ही, ईपीएफओ ने पात्र अग्रिम दावों के लिए ऑटो-सेटलमेंट सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है, जिससे बिना मैनुअल हस्तक्षेप के तेजी से निकासी संभव होगी।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और शोक संतप्त परिवारों को सामाजिक सहायता प्रदान करती है। इसे अक्टूबर 2026 में मौजूदा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) से संशोधित किया गया है। यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहेगी।
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