खेल
धोनी में क्रिकेट बाकी, आईपीएल 2027 में खेलने का फैसला उनका होगा: सीएसके सीईओ विश्वनाथन
आईपीएल की सफलतम फ्रेंचाइजी में से एक चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के सीईओ काशी विश्वनाथन का मानना है कि पूर्व कप्तान एमएस धोनी में अभी क्रिकेट बाकी है। वह टीम के लिए एक आखिरी सीजन खेलने की पूरी कोशिश करेंगे। धोनी इंजरी की वजह से आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेल पाए थे।
चेन्नई में मीडिया से बात करते हुए विश्वनाथन ने कहा कि धोनी अगले सीजन में खेलेंगे या नहीं, यह फैसला फ्रेंचाइजी ने पूरी तरह उन पर छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा सवाल है जो आपको उनसे पूछना चाहिए। मुझे भी उनसे पूछना होगा। जब वह चेन्नई आते हैं तो वह हमें अपने फैसले के बारे में बताते हैं। मुझे लगता है कि उनके सीएसके के लिए खेलते रहने के चांस हैं। वह अभी भी एक खिलाड़ी हैं, आप जानते हैं।”
धोनी ने आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेला था। वह 45 साल के हो चुके हैं। ऐसे में धोनी के आगामी सीजन में खेलने पर सवाल उठते रहते हैं।
एमएस धोनी आईपीएल 2027 में सीएसके के लिए खेलेंगे या नहीं, इस पर टीम के पूर्व खिलाड़ी और दिग्गज बल्लेबाज सुरेश रैना ने कहा कि वह धोनी को एक और आईपीएल सीजन के लिए वापसी करते देखना चाहते हैं।
चेपॉक में सीएसके के पारंपरिक लैप ऑफ ऑनर में धोनी के हिस्सा लेने के बाद, रैना ने कहा कि उन्होंने आईपीएल 2027 के लिए उनसे वापसी करने की गुजारिश की थी।
रैना ने कहा, “मैंने उनसे कहा कि आपने आईपीएल 2026 को मिस कर दिया। यह नहीं गिना जाएगा। आपको अगले साल वापस आना होगा।”
बाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज का मानना है कि धोनी ने वापसी के दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं किए हैं। यह उनका निजी फैसला होगा। मुझे लगता है कि वह सकारात्मक हैं। टीम भी फिर से अच्छी तरह से घुल-मिल रही है। फैंस भी चाहते हैं कि वह आएं। उन्होंने मुझसे कहा था कि देखते हैं। इसका मतलब है कि वह कड़ी मेहनत करेंगे और वापसी करेंगे।
विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में सीएसके में धोनी का उत्तराधिकारी कौन होगा? इसका जवाब सीएसके ने पिछले सीजन में टीम में संजू सैमसन को शामिल कर दे दिया था। पिछले सीजन सीएसके का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। टीम 14 मैचों में 6 जीत और 8 हार के साथ आठवें स्थान पर रही थी।
खेल
भारत बनाम वेस्टइंडीज: आईसीसी ने पॉवेल और रदरफोर्ड को फटकारा, खाते में डिमेरिट अंक भी जुड़ा

भारत के खिलाफ शुक्रवार को रांची में खेले गए दूसरे टी20 मैच के दौरान ‘आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट’ तोड़ने पर वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों रोवमैन पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड को आधिकारिक तौर पर फटकार लगाई गई। इसके साथ ही दोनों खिलाड़ियों के खाते में एक-एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया।
आईसीसी के अनुसार, पॉवेल को खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 का उल्लंघन करते हुए पाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट के सामान या कपड़ों, मैदान के सामान या फ़िक्स्चर और फिटिंग के दुरुपयोग से संबंधित है।
पॉवेल को आउट होने के बाद अपने बल्ले से गेंद को दूर मारने के लिए सजा दी गई। यह घटना वेस्टइंडीज की पारी के छठे ओवर में हुई, जब भारत के तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पॉवेल को बोल्ड कर दिया।
वहीं, रदरफोर्ड ने आर्टिकल 2.8 का उल्लंघन किया, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर असहमति जताने से संबंधित है। रदरफोर्ड को मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर असहमति जताने के लिए फटकार लगाई गई। पारी के 13वें ओवर के दौरान एक गेंद को रदरफोर्ड वाइड मान रहे थे, लेकिन उसे वैलिड करार दिए जाने के बाद कैरेबियन खिलाड़ी अंपायर पर आक्रामक रूप से चिल्लाए।
दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने अपराध स्वीकार करते हुए एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरीज के प्रकाश भट्ट द्वारा प्रस्तावित सजी को मान लिया, जिससे औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
आईसीसी ने यह भी पुष्टि की कि दोनों खिलाड़ियों के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक-एक डिमेरिट प्वाइंट जोड़ा गया है। 24 महीने की अवधि में यह दोनों का पहला अपराध था।
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम करने के बाद भारत ने टी20 सीरीज का पहला मैच 8 विकेट से जीता, जिसके बाद रांची में खेले गए दूसरे मुकाबले को वेस्टइंडीज ने 6 विकेट से अपने नाम करते हुए सीरीज में 1-1 से बराबरी की। इसके बाद टीम इंडिया ने तीसरा मैच 14 रन से अपने नाम किया और सीरीज में 2-1 से बढ़त बना ली।
खेल
शंघाई मास्टर्स: जीत के बाद कैस्पर रूड और ऑगर-एलियासिम के बीच ‘राउंड ऑफ 16’ का मुकाबला तय

कैस्पर रूड ने सोमवार को ‘शंघाई मास्टर्स’ के तीसरे राउंड में अमेरिकी खिलाड़ी लर्नर टीएन को 6-4, 7-6 (3) से शिकस्त देकर ‘राउंड ऑफ 16’ में जगह बनाई। 20वीं वरीयता प्राप्त रूड ने 14वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को 1 घंटे 42 मिनट में हराया।
कैस्पर रूड ने अपने सर्व और फर्स्ट सर्व के दम पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले राउंड में प्रवेश किया। उन्होंने 13 ऐस लगाए, जबकि टीएन ने सात ऐस लगाए थे। रूड ने अपने फर्स्ट-सर्व प्वाइंट्स का 89 प्रतिशत जीता, जबकि अमेरिकी खिलाड़ी ने अपने फर्स्ट सर्व का 69 प्रतिशत जीता। उन्होंने टीएन की सर्विस एक बार तोड़ी; यह महत्वपूर्ण ब्रेक पहले सेट के 10वें गेम में मिला, जिससे उन्होंने सेट जीत लिया। उन्होंने अमेरिकी खिलाड़ी के खिलाफ मिले दोनों ब्रेक प्वाइंट्स को भी बचाया।
वहीं, फेलिक्स ऑगर-एलियासिम ने स्पेन के पाब्लो कैरेनो बुस्टा को 6-3, 4-6, 6-1 से हराकर ‘राउंड ऑफ 16’ में प्रवेश किया, जिनका सामना अब रूड से होगा।
हालांकि, चौथी वरीयता प्राप्त ऑगर-एलियासिम को थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ी, लेकिन उन्होंने अपने फर्स्ट सर्व और नेट प्वाइंट्स का अच्छा इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने फर्स्ट सर्व पर 80 प्रतिशत प्वाइंट्स जीते और 18 में से 14 नेट प्वाइंट्स भी हासिल किए। दूसरी तरफ, बुस्टा ने अपने फर्स्ट सर्व का केवल 63 प्रतिशत और नेट पर पांच प्वाइंट्स जीते।
कनाडाई खिलाड़ी ने 37 विनर्स लगाए और मैच में स्पेनिश खिलाड़ी की सर्विस चार बार तोड़ी, जबकि अपनी सर्विस केवल एक बार गंवाई। उन चार ब्रेक्स में से दो पहले सेट में आए, जिसे ऑगर-एलियासिम ने 6-3 से जीता; इसके बाद स्पेनिश खिलाड़ी ने वापसी की।
कैरेनो बुस्टा ने दूसरे सेट की शुरुआत में ही सर्विस तोड़ी और अपनी सर्विस बचाए रखते हुए दूसरा सेट 6-4 से जीत लिया। हालांकि, निर्णायक सेट में वह बुरी तरह हार गए, जहां कैनेडियन खिलाड़ी ने कैरेनो बुस्टा की सर्विस दो बार तोड़ी और अंत में अपनी सर्विस बचाकर जीत सुनिश्चित की।
ऑगर-एलियासिम और रूड का अगला मुकाबला प्री-क्वार्टर फाइनल में होगा। दोनों के बीच अब तक आठ बार मुकाबला खेला गया है, जिसमें कैनेडियन खिलाड़ी नॉर्वेजियन खिलाड़ी पर 5-3 से आगे हैं। ऑगर-एलियासिम ने दोनों के बीच पिछले चारों मुकाबले जीते हैं, जिनमें ओलंपिक क्वार्टर फाइनल की जीत भी शामिल है।
उनकी पिछली भिड़ंत मोंटे-कार्लो मास्टर्स 1000 इवेंट में हुई थी, जहां रूड के रिटायर होने के बाद कैनेडियन खिलाड़ी ने जीत हासिल की थी।
खेल
मैनचेस्टर सिटी अटैक करने में माहिर, हमें एकजुट होकर खेलना होगा: एंडोनी इराओला

रविवार को एनफील्ड स्टेडियम में लिवरपूल और मैनचेस्टर सिटी के बीच प्रीमियर लीग की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता में से एक फिर से देखने को मिलेगी। लिवरपूल के मैनेजर एंडोनी इराओला ने कहा कि मैनचेस्टर सिटी के हमलों का सामना करने के लिए उनकी टीम को एक इकाई के रूप में एकजुट रहना होगा, क्योंकि मैनचेस्टर सिटी जबरदस्त अटैक करने के लिए जानी जाती है।
लिवरपूल का डिफेंस पिछले तीन प्रीमियर लीग मैचों में काफी मजबूत रही है। टीम ने लगातार तीन मैचों में कोई गोल नहीं खाया है। कप्तान वर्जिल वैन डिज्क ने भी शानदार प्रदर्शन किया और मैच में 13 डिफेंसिव योगदान देकर टीम की क्लीन शीट बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
रविवार को लिवरपूल और मैनचेस्टर सिटी के बीच मुकाबला लंबे इंटरनेशनल ब्रेक के बाद खेला जाएगा। ब्रेक से पहले सिटी ने अपने घरेलू मैदान एतिहाद स्टेडियम में सुंदरलैंड को 5-3 से हराया था। वहीं, लिवरपूल ने बोर्नमाउथ को 1-0 से मात दी थी। इस जीत के साथ लिवरपूल नए सीजन में सभी प्रतियोगिताओं में लगातार सात मैचों तक अजेय रहा है।
इस मुकाबले की एक खास बात यह भी है कि मार्च 2015 के बाद पहली बार लिवरपूल और मैनचेस्टर सिटी का प्रीमियर लीग मैच ऐसा होगा, जिसमें न तो जुर्गन क्लॉप और न ही पेप गार्डियोला अपनी-अपनी टीम के डगआउट में मौजूद होंगे। इराओला ने ‘जियोस्टार’ पर कहा, “हम इस सीजन में अब तक अजेय रहे हैं, लेकिन मैन सिटी ने अपने शुरुआती पांच मैच जीते हैं, इसलिए उनके पक्ष में बड़ा अंतर है। अगर हम सिटी को हराना चाहते हैं तो हमें बहुत अच्छा खेलना होगा क्योंकि वे अटैक में बहुत मजबूत रहे हैं। हाल ही में उन्होंने बहुत सारे गोल किए हैं और उनके अटैक में जो खिलाड़ी हैं, वे बहुत खतरनाक हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हालांकि, हाल ही में हमने डिफेंस में अच्छा सुधार दिखाया है और मुझे उम्मीद है कि हम उनके खतरों का सामना कर पाएंगे और काउंटर-अटैक में उन्हें नुकसान पहुंचा पाएंगे। हम जानते हैं कि हमें दूसरे मैचों की तरह अधिक समय तक बॉल अपने पास रखने को नहीं मिलेगी, इसलिए हमें एक यूनिट के तौर पर एकजुट रहना होगा। जब हम बॉल वापस हासिल करेंगे, तो हमें तेजी से और सीधे अटैक करना होगा क्योंकि अटैक करने के लिए जगह मिलेगी। ऐसे मैच में सेट-पीस भी अहम हो सकते हैं। जब भी मौका मिले, हमें उसका फायदा उठाना होगा, क्योंकि सिटी जैसी टीम के खिलाफ ज्यादा मौके नहीं मिलते।”
मैनचेस्टर सिटी ने पिछले मुकाबले में लिवरपूल को 4-0 से हराया था, जब दोनों टीमें अप्रैल में एतिहाद स्टेडियम में एफए कप क्वार्टर फाइनल खेल रही थीं। इसके अलावा, सिटी ने पिछले सीजन में लिवरपूल के साथ हुए तीनों मुकाबले जीते थे – एतिहाद में लीग मैच में 3-0 से जीत और फिर फरवरी में एनफील्ड में आखिरी पलों में शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की थी।
मैनचेस्टर सिटी के खिलाफ घरेलू मैदान पर खेलने के फायदे के बारे में बात करते हुए इराओला ने कहा कि एनफील्ड की भीड़ सच में बड़ा फर्क ला सकती है, खासकर तब जब उनकी टीम उस टीम के खिलाफ खेल रही हो जो अभी लीग में सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा, “मैनचेस्टर सिटी का मैच निश्चित रूप से एक बड़ा मुकाबला है। हर कोई इसमें शामिल होना चाहता है, चाहे वे खिलाड़ी हों या फिर फैंस। हम उस टीम के खिलाफ खेल रहे हैं जो अभी लीग में सबसे ऊपर है। इसी कारण यह हमारे लिए एक अहम मैच है, और हम जानते हैं कि हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। मुझे यह भी पता है कि फैंस टीम की मदद करना चाहेंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “एनफील्ड स्टेडियम में भीड़ सच में बड़ा फ़र्क ला सकती है, खासकर ऐसे मुकाबले में। जब फैंस पहले ही पल से हमारा साथ देते हैं, तो खिलाड़ियों को अतिरिक्त जोश मिलता है। हमें उस ऊर्जा का इस्तेमाल करना होगा और मैदान पर उसका फायदा उठाना होगा। एक मैनेजर और एक खिलाड़ी के तौर पर आप ऐसे ही मैचों का इंतजार करते हैं। माहौल खास होगा, और हम समर्थकों को जश्न मनाने का मौका देना चाहते हैं।”
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