राष्ट्रीय समाचार
आरबीआई एमपीसी बैठक: वित्त वर्ष 2027 के लिए 7.1 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान, नीतिगत रुख सख्त
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती महंगाई के जोखिमों के बावजूद आरबीआई ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा जताया है।
मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद गवर्नर ने कहा कि घरेलू आर्थिक गतिविधियां वैश्विक चुनौतियों के बीच भी लचीली बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर्ज की, जो मजबूत घरेलू मांग और निवेश गतिविधियों का परिणाम है।
आरबीआई के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (क्यू2) में वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही (क्यू3) में 6.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही (क्यू4) में 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए भी 7.1 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान केंद्रीय बैंक के अर्थव्यवस्था पर बने विश्वास को दर्शाता है।
गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि विनिर्माण और सेवा क्षेत्र दोनों में कारोबारी गतिविधियां विस्तार की राह पर हैं। दूसरी तिमाही के दौरान मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई वृद्धि क्षेत्र में बने रहे, हालांकि उनकी गति पिछली तिमाही की तुलना में कुछ धीमी हुई है।
महंगाई के मोर्चे पर आरबीआई ने चिंता जताई है। गवर्नर ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति का दबाव अब व्यापक रूप लेता जा रहा है और चीनी तथा प्याज जैसी वस्तुओं की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। अगस्त में खाद्य और ईंधन महंगाई दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका एक कारण आधार प्रभाव (बेस इफेक्ट) भी रहा।
उन्होंने कहा कि आरबीआई महंगाई के रुझानों का आकलन करने के लिए महंगाई अपेक्षाओं, कंपनियों के मूल्य निर्धारण व्यवहार, कोर इन्फ्लेशन और विभिन्न आर्थिक संकेतकों पर लगातार नजर रख रहा है।
केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों में वृद्धि के साथ अन्य प्रमुख दरों में भी संशोधन किया है। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (एसडीएफ) दर को 5.25 प्रतिशत तथा मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) दर और बैंक रेट को 5.75 प्रतिशत कर दिया गया है।
वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए गवर्नर ने कहा कि दुनिया भर में मुद्रास्फीति दबाव बढ़ने की आशंका है, जिसके कारण प्रमुख केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति को और सख्त बना रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने कच्चे तेल के दाम भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित कर रहे हैं।
आरबीआई का मानना है कि घरेलू मांग, निवेश गतिविधियां, सेवा क्षेत्र की मजबूती और विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार भारतीय अर्थव्यवस्था को समर्थन देते रहेंगे। हालांकि महंगाई, ऊर्जा कीमतों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर लगातार निगरानी बनाए रखना आवश्यक होगा।
भारत का व्यापार घाटा जुलाई और अगस्त में बढ़कर 58.7 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछले साल इन्हीं दो महीनों में यह 55.1 अरब डॉलर था।
आरबीआई प्रमुख मल्होत्रा ने एमपीसी के बयान में कहा, “यह मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक सामान और कच्चे तेल के आयात के कारण हुआ है। आगे चलकर, वैश्विक व्यापार वृद्धि में नरमी, ऊर्जा की ऊंची कीमतें और व्यापार नीति में बनी अनिश्चितताएं इस साल भारत के चालू खाता घाटे के लिए जोखिम पैदा करती हैं।”
आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में पिछले वर्ष के 9.6 बिलियन डॉलर की तुलना में लगातार सुधार दर्ज किया गया और यह 13.8 अरब डॉलर रहा।
इसके साथ ही आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, “मुद्रास्फीति के निकट भविष्य के दृष्टिकोण से पता चलता है कि आपूर्ति पक्ष पर दबाव बना रहेगा, जिसके कई कारण हैं: दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी, अल नीनो की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में अत्यधिक अस्थिरता। इस वर्ष सीपीआई मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसमें दूसरी तिमाही में 4.9 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.7 प्रतिशत रहने की संभावना है।”
राष्ट्रीय समाचार
सीएम सैनी का सिंगापुर दौरा: हरियाणा में 5,500 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर बनी सहमति

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपना तीन दिवसीय सिंगापुर दौरा पूरा कर भारत लौट आए हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विभिन्न कंपनियों और संस्थानों ने हरियाणा में करीब 5,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर सहमति जताई।
जानकारी के अनुसार इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, जल प्रबंधन, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों को गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि सिंगापुर दौरा ‘विकसित हरियाणा-विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूत करने वाला साबित होगा। हरियाणा के प्रति वैश्विक निवेशकों की बढ़ती रुचि यह दर्शाती है कि प्रदेश निवेश, नवाचार और उद्योग के लिए एक भरोसेमंद एवं आकर्षक गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को पारदर्शी प्रशासन, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत आधारभूत ढांचा, कुशल मानव संसाधन और अनुकूल कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं बल्कि इन निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे के दौरान हेल्थ एवं वेलनेस क्षेत्र में करीब 3,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी। प्रस्तावित निवेश से हरियाणा में अत्याधुनिक अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवा केंद्रों और वेलनेस सुविधाओं के विस्तार के साथ चिकित्सा अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
सिंगापुर की उन्नत जल प्रबंधन तकनीकों को देखते हुए जल उपचार एवं प्रबंधन क्षेत्र में भी हरियाणा के प्रति निवेशकों ने विशेष रुचि दिखाई। इस क्षेत्र में करीब 1,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी है।
इन निवेशों से आधुनिक जल उपचार संयंत्रों, सीवेज ट्रीटमेंट, औद्योगिक जल प्रबंधन, जल के पुन: उपयोग और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणालियों के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार का मानना है कि सिंगापुर दौरे के दौरान हुए निवेश समझौते हरियाणा में औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
राजनीति
अखिलेश के ‘403 सीट’ वाले दावे पर सरकार का पलटवार, मंत्रियों ने कहा- सपा का एजेंडा सिर्फ भ्रम फैलाना

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रियों ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका एजेंडा लोगों को भ्रमित करना और उन्हें अंधेरे में रखना है।
मंत्रियों का यह बयान तब सामने आया, जब अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अब हमारी नजर तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है।
सपा प्रमुख के बयान पर मीडिया से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी जब भी अपनी हार के लिए किसी को दोषी ठहराना चाहती है, तो वह संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाती है। भाजपा 2027 में भारी बहुमत के साथ सत्ता में आ रही है और विपक्ष यह बात अच्छी तरह समझ चुका है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी यही बात दोहराते हुए कहा कि भाजपा विधान परिषद की 11 सीटें और राज्यसभा की आठ सीटें जीतने जा रही है। अखिलेश यादव 403 की बात कर रहे हैं, लेकिन वे पहले 100 सीटें पार करने के लिए भी संघर्ष करते थे। आपने 2022 में उनकी हालत देखी ही थी। इस बार देखते हैं कि क्या उनकी साइकिल अर्धशतक भी लगा पाती है या नहीं।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव जो भी कहते हैं, उसका उल्टा ही होता है। मैं 2014 से ऐसा ही देख रहा हूं।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि अखिलेश यादव और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक-दूसरे को निशाना बना रहे हैं। पहले उन दोनों को आपस में लड़ने दीजिए, फिर जो भी जीतेगा, भाजपा उससे निपट लेगी।
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता बड़े-बड़े दावे कर रहे थे कि वे अपने दम पर उम्मीदवार उतारेंगे, सबको चौंका देंगे और बड़ा असर डालेंगे, लेकिन जब असर दिखाने का समय आया, तो उनके पटाखे फुस्स हो गए। अब वे कह रहे हैं, ‘3 नहीं, 403’।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन यह उनका पुराना तरीका है। जनता को भ्रमित करना और उन्हें अंधेरे में रखना। समाजवादी पार्टी ‘भ्रम’ और ‘नफरत’ की राजनीति करती है। उनकी पूरी राजनीति इन्हीं दो चीजों के इर्द-गिर्द घूमती है। साथ ही उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश की बेहतरी के लिए काम किया है।
मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी ऐसी ही बात कही। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और पूरे विपक्ष का एजेंडा सिर्फ भ्रम फैलाना है। उन्हें पता है कि उनके पास संख्या बल नहीं है और जहां उनके पास संख्या है भी वहां उनके विधायकों के बीच बहुत ज्यादा आपसी मतभेद हैं।
आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए के साथ धोखा कर रहे हैं। उनके लिए इसका मतलब सिर्फ परिवार का विकास है।
राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने सपा पर आरोप लगाया कि वे लगातार अपने ही बयानों से पीछे हटते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी जमीन खोते हुए और अपनी ही कही बातों से पीछे हटते हुए नजर आ रहे हैं।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय तटरक्षक बल में 365 पदों पर नियुक्ति का सुनहरा मौका, 21 अक्टूबर तक करें आवेदन

भारत का एक प्रमुख समुद्री सशस्त्र बल, भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) में नौकरी करने के इच्छुक लोगों के लिए एक सुनहरा मौका सामने आया है। दरअसल, आईसीजी ने नाविक (जनरल ड्यूटी) सहित विभिन्न 365 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर आवेदन मांगे हैं।
भारतीय तटरक्षक बल की ओर से जारी 365 रिक्तियों में नाविक (जनरल ड्यूटी)-पुरुष के 234, नाविक (जनरल ड्यूटी)-महिला के 26, यंत्रिक (मैकेनिकल) के 28, यंत्रिक (इलेक्ट्रिकल) के 23, यंत्रिक (इलेक्ट्रॉनिक्स) के 9, नाविक (डोमेस्टिक ब्रांच) के 25 और हाइजीनिस्ट-I के 20 पद शामिल हैं।
इन सभी पोस्ट के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 6 अक्टूबर के सुबह 11 बजे से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर तक तय की गई है। एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवार भारतीय तटरक्षक बल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि की शाम 5.30 बजे तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर सकते हैं।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड/संस्थान/विश्वविद्यालय से नाविक (जनरल ड्यूटी) के लिए मैथ्स और फिजिक्स के साथ 12वीं पास, नाविक (डोमेस्टिक ब्रांच) के लिए 10वीं पास, हाइजीनिस्ट-I के लिए मैट्रिकुलेशन या आईटीआई (इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) या इसके बराबर की योग्यता, यांत्रिक के लिए 10वीं पास और इलेक्ट्रिकल/मैकेनिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स/टेलीकम्युनिकेशन (रेडियो/पावर) इंजीनियरिंग में 3 या 4 वर्ष का डिप्लोमा या 10वीं और 12वीं पास के साथ इलेक्ट्रिकल/मैकेनिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स/टेलीकम्युनिकेशन (रेडियो/पावर) इंजीनियरिंग में 2 या 3 वर्ष का डिप्लोमा होना चाहिए।
आवेदन पत्र भरते समय उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो 500 रुपए तय किया गया है। हालांकि, एससी/एसटी श्रेणी से आने वाले अभ्यर्थियों को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी गई है।
योग्य अभ्यर्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीई), बुनियादी पहचान और बायोमेट्रिक सत्यापन, शारीरिक फिटनेस टेस्ट (पीएफटी), मूल्यांकन और अनुकूलन क्षमता परीक्षण, दस्तावेजों की जांच और मेडिकल जांच के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी यंत्रिक के लिए 29,200 रुपए और अन्य सभी पोस्ट के लिए 21,700 रुपए के बीच प्रति माह होगी। इसके अलावा, अभ्यर्थियों को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे।
कैंडिडेट्स को भर्ती, योग्यता, चयन प्रक्रिया, आयु सीमा, आदि से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए भारतीय तटरक्षक बल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित रिक्तियों के लिए जारी विस्तृत नोटिफिकेशन को चेक करने की सलाह दी जाती है।
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