राष्ट्रीय समाचार
भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सपाट खुला; सेंसेक्स 76,900 के करीब
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को सपाट खुला। इस दौरान सेंसेक्स 25 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 76,920 और निफ्टी 29 अंक या 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,037 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार को सहारा एफएमसीजी, कंजप्शन और मेटल स्टॉक्स से मिल रहा था। सूचकांकों में निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी टॉप गेनर्स थे। इसके अलावा, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी ऑटो हरे निशान में थे।
इसके अलावा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक लाल निशान में थे।
लार्जकैप के साथ स्मॉलकैप भी करीब सपाट थे। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 20 अंक या 0.11 प्रतिशत की गिरावट के कारण 19,910 पर था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 545 अंक या 0.85 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 63,666 पर था।
सेंसेक्स पैक में आईटीसी, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, एमएंडएम, टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट्स गेनर्स थे। इंडिगो, बजाज फिनसर्व, एसबीआई, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, इटनरल, टीसीएस, सन फार्मा, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, बीईएल, मारुति सुजुकी, एलएंडटी, एचयूएल, एनटीपीसी और टाइटन लूजर्स थे।
ज्यादातर वैश्विक बाजारों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे, जबकि जकार्ता हरे निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा था।
जानकारों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और यूएस बॉन्ड यील्ड में भारी बढ़ोतरी जैसे वैश्विक दबाव बाजार पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। यूएस में 10-साल के बॉन्ड की यील्ड 4.77 प्रतिशत और 30-साल के बॉन्ड की यील्ड 5.24 प्रतिशत होना इक्विटी बाजार के लिए नकारात्मक है। ऐसे में सुरक्षित यूएस बॉन्ड की ओर पूंजी जा रही है। पिछले दो दिनों में एफआईआई के कैश मार्केट में 13,025 करोड़ रुपए की इक्विटी बेचने से भी इसकी पुष्टि होती है। इस दौरान निफ्टी के 23,000-25,000 की रेंज में कारोबार करने की उम्मीद है।
राजनीति
‘वोट चुराया जा रहा, हम चुपचाप नहीं सहेंगे’, एक नवंबर की दिल्ली रैली के लिए राहुल गांधी ने किया लोगों से आह्वान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों, युवाओं और किसान-मजदूरों से एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की रैली में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमारा वोट चुराया जा रहा है और ये हम किसी हाल में चुपचाप नहीं सहेंगे।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “हमारा वोट चुराया जा रहा है और ये हम किसी हाल में चुपचाप नहीं सहेंगे। मतदाता सूचियों से नाम काटे गए। नियम-कानून तोड़े गए। और सवाल पूछने वालों पर लाठियां चलीं। अब जवाब देश देगा।”
1 नवंबर के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए राहुल गांधी ने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से राष्ट्रीय राजधानी में इकट्ठा होने की अपील की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “1 नवंबर – चलो दिल्ली। वोट बचाओ – देश बचाओ जन मार्च और महारैली। छात्र, किसान, मजदूर, महिलाएं, नौजवान और व्यापारी, जिस-जिस को लोकतंत्र की फिक्र है, वो जरूर आए। वोट आपका है। लड़ाई भी आपकी है।”
साथ ही, राहुल गांधी ने भाजपा और उसके सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने तंज कसते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “भाजपा और उसके साथियों का दिल से धन्यवाद, जो इस कार्यक्रम का इतना जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा रहे हैं। बस अगले 7 दिन भी यही जोश और लगन बनाए रखिए।”
कांग्रेस सांसद ने दिल्ली रैली को लेकर यह आह्वान ऐसे समय किया है, जब व्यापारी वर्ग और 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ित इसका विरोध कर रहे हैं। दिल्ली के व्यापारियों ने त्योहारों के मद्देनजर राहुल गांधी से रैली टालने की भी अपील की थी।
व्यापारियों ने अपनी अपील में कहा कि धनतेरस और दीपावली की खरीददारी नवंबर के पहले हफ्ते में शुरू हो जाएगी। त्योहार के समय लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का कारोबार होता है। अगर रैली हुई और पुलिस ने रास्ते बंद किए तो लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान दिल्ली के व्यापार को होगा।
उधर, 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों ने इस रैली का विरोध करने का ऐलान किया है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि 1 नवंबर उनके लिए बेहद संवेदनशील तारीख है, क्योंकि 1984 में इसी दिन दिल्ली सहित कई स्थानों पर सिख समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तारीख पर राजनीतिक रैली आयोजित करना उनके पुराने जख्मों को फिर से ताजा करने जैसा है।
राष्ट्रीय समाचार
बिहार में ऋण वितरण की समीक्षा, कम प्रदर्शन करने वाले बैंकों को विकास आयुक्त की चेतावनी

बिहार में बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन और ऋण प्रवाह की समीक्षा को लेकर विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को पुराना सचिवालय स्थित मुख्य सभाकक्ष में उच्च स्तरीय समिति की तृतीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में वार्षिक साख योजना की प्रगति, साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत ऋण वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की सबसे बड़ी विशेषता राज्य में कार्यरत बैंकों के प्रदर्शन के मूल्यांकन के लिए 100 अंकों के वैज्ञानिक मापन सूचकांक की शुरुआत रही। इस नई प्रणाली के तहत विभिन्न मानकों पर बैंकों को अंक देकर उनकी रैंकिंग तय की गई है। साथ ही राज्य सरकार ने ऋण निगरानी तंत्र में चार नई कल्याणकारी योजनाओं को शामिल कर समीक्षा प्रक्रिया को और व्यापक बनाया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार की वार्षिक साख योजना का आकार बढ़ाकर 4.95 लाख करोड़ रुपए किया गया है। यह राशि इस वित्तीय वर्ष के लिए राज्य के करीब 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपए के योजना आकर से लगभग चार गुणा अधिक है। यह राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को एक मजबूती प्रदान करेगी। इस निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध सितंबर तिमाही में राज्य ने 1 लाख 89 हजार 343 करोड़ रुपए (38.25 फीसदी) की मजबूत उपलब्धि हासिल कर ली है।
विकास आयुक्त ने रेखांकित किया कि यह प्रगति पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की इसी छमाही की तुलना में 46 हजार 228 करोड़ रुपए अधिक है, जो बिहार में निवेश और आर्थिक गतिविधियों में आई भारी तेजी को प्रमाणित करती है। क्षेत्रवार प्रगति के अंतर्गत एमएसएमई क्षेत्र ने सर्वाधिक उत्साह जनक प्रदर्शन करते हुए 1 लाख 59 हजार 632 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 84 हजार 91 करोड़ (52.68 फीसदी) रुपए की बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
कृषि क्षेत्र में 1,57,015 करोड़ रुपए के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 43,967.17 करोड़ (28.00 प्रतिशत) रुपए का ऋण प्रवाह सुनिश्चित किया गया है और कुल प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में 3,55,532 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 1,30,619.00 करोड़ (36.74 प्रतिशत) रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत में बिहार ने पहली बार 60.21 प्रतिशत का ऐतिहासिक साख जमा अनुपात हासिल किया था। यह सकारात्मक गति इस वित्तीय वर्ष में भी बरकरार है। 30 सितंबर 2026 तक राज्य का समग्र सीडी रेशियो 60.17 फीसदी पर बना हुआ है। वर्तमान में राज्य में कुल जमा राशि बढ़कर 6,49,225 करोड़ रुपए और कुल बकाया साख 3,90,655 करोड़ रुपए के नए स्तर पर पहुंच गई है। पिछले वर्ष की तुलना में जमा राशि में 33,797 करोड़ रुपए और साख (ऋण प्रवाह) में 20,092 करोड़ रुपए की स्वस्थ वृद्धि दर्ज की गई है।
विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत ऋण प्रवाह की समीक्षा करते हुए विकास आयुक्त ने किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक तीव्र बनाने का निर्देश दिया। आंकड़ों के अनुसार, किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कुल 7,37,906 खातों के माध्यम से किसानों को 8,344.70 करोड़ रुपए का ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें 7,12,383 खातों का नवीनीकरण शामिल है।
इसके साथ ही पशुपालन के क्षेत्र में 605.01 करोड़ रुपए और मत्स्य पालन में 11.12 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में राज्य में कुल 13,911 आवेदन स्वीकृत कर 28,451.21 लाख रुपए की राशि को गति दी गई है। वहीं, रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत कुल 2,17,731 आवेदन स्वीकृत कर 2,09,959 लाख रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है। पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना व विश्वकर्मा योजना के माध्यम से क्रमशः 2,748 उद्योगों और 28,625 से अधिक शिल्पकारों को वित्तीय मुख्यधारा से जोड़ा गया है।
बैठक में विकास आयुक्त ने राज्य के औसत (38.25 प्रतिशत) से कम कार्य-प्रदर्शन करने वाले और रेड जोन में शामिल प्रमुख बैंकों को अपनी साख प्रक्रिया में तेजी लाने और वित्तीय वर्ष के बचे हुए महीनों में साख योजना के लक्ष्यों को मिशन मोड में पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने बड़े बैंकों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जिन प्रमुख बैंकों के पास राज्य की भारी जमा पूंजी मौजूद है, उनका साख जमा अनुपात 50 फीसदी से कम होना एक गंभीर विषय है।
इन बैंकों को बिहार की जनता के पैसे को बिहार के ही कृषि, एमएसएमई, स्टार्टअप और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ऋण के माध्यम से वापस निवेश करना होगा ताकि राज्य की आर्थिक प्रगति को और अधिक बल मिले। उन्होंने बैंकों को स्पष्ट हिदायत दी कि वे ऋण आवेदनों की पेंडेंसी को जल्द से जल्द समाप्त करें और विशेष रूप से केसीसी, पीएम विश्वकर्मा तथा रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं की योजनाओं में लोन रिजेक्शन दर को न्यूनतम स्तर पर लाएं।
बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के मुख्य संयोजक, विभिन्न सार्वजनिक व निजी क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं राज्य सरकार के संबंधित विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया।
100 अंकों के मापन सूचकांक के आधार पर बैंकों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। ग्रीन जोन (50 या अधिक अंक) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंक शामिल हैं, जिनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 74 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा। इसके अलावा जम्मू एंड कश्मीर बैंक और आरबीएल बैंक को 68-68 अंक, एचडीएफसी बैंक को 65, बैंक ऑफ बड़ौदा को 64, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक को 63, पंजाब एंड सिंध बैंक को 58, बिहार ग्रामीण बैंक को 57, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को 53-53 तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 52 अंक प्राप्त हुए।
वहीं येलो जोन (40 से 50 अंक) में मध्यम प्रदर्शन करने वाले बैंकों में आईसीआईसीआई बैंक और बैंक ऑफ इंडिया को 47-47 अंक, पंजाब नेशनल बैंक को 45, एक्सिस बैंक, यस बैंक और यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक को 42-42 तथा इंडियन बैंक को 40 अंक मिले।
दूसरी ओर रेड जोन (40 से कम अंक) में अपेक्षा से कम प्रदर्शन करने वाले बैंक शामिल रहे, जिनमें इंडियन ओवरसीज बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 37-37 अंक, यूको बैंक को 35, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 32, केनरा बैंक को 27, जबकि आईडीबीआई बैंक, बंधन बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक को 26-26 अंक प्राप्त हुए।
राष्ट्रीय समाचार
ग्रेटर नोएडा में बाइक और मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के नाबालिग समेत 4 गिरफ्तार

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट की थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक नाबालिग को भी अभिरक्षा में लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की 11 मोटरसाइकिल, विभिन्न कंपनियों के 10 मोबाइल फोन और दो अवैध चाकू बरामद किए गए हैं। बरामद मोटरसाइकिलों में नौ सही हालत में मिली हैं, जबकि दो मोटरसाइकिलों के कटे हुए पुर्जे बरामद हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी एनसीआर क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी करने के बाद उनका इस्तेमाल राहगीरों के मोबाइल फोन चोरी करने और छीनने के लिए करते थे। पुलिस के अनुसार, 23 अक्टूबर को थाना नॉलेज पार्क की टीम ने नॉलेज पार्क-2 क्षेत्र में नाले के पास स्थित एक पार्क के खंडहर में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक उर्फ अजय, अनवर उर्फ सूरज और नसीब उर्फ अहमद के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के वाहनों और मोबाइल फोन के अलावा दो अवैध चाकू भी बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी एनसीआर क्षेत्र में दोपहिया वाहनों को निशाना बनाते थे। मोटरसाइकिल चोरी करने के बाद वे उनका इस्तेमाल राह चलते लोगों के मोबाइल फोन चोरी करने और छीनने में करते थे। वारदातों के बाद कुछ मोटरसाइकिलों को काटकर उनके पुर्जे अलग कर दिए जाते थे। इसके बाद इन पुर्जों को राह चलते अनजान कबाड़ियों को बेच दिया जाता था, ताकि चोरी के वाहनों की पहचान करना मुश्किल हो सके।
बरामद वाहनों में से दो के संबंध में थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर और थाना भालस्वा, आउटर नॉर्थ दिल्ली में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस बरामदगी के आधार पर अन्य चोरी की घटनाओं से आरोपियों के संबंधों की भी जांच कर सकती है। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक उर्फ अजय की उम्र करीब 22 वर्ष है। वह मूलरूप से झारखंड के सीमदेगा जिले के ग्राम ताराबेगा का निवासी है और वर्तमान में जीएल बजाज कॉलेज के पास झुग्गी-झोपड़ी में रहता था। दूसरे आरोपी अनवर उर्फ सूरज की उम्र करीब 24 वर्ष है। वह पश्चिम बंगाल का निवासी है और वर्तमान में थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र के तुगलपुर की झुग्गी-झोपड़ी में रह रहा था। तीसरे आरोपी नसीब उर्फ अहमद की उम्र करीब 20 वर्ष है। वह तुगलपुर में बारातघर के पास रहता है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। दीपक उर्फ अजय के खिलाफ आबकारी अधिनियम, चोरी और चोरी का माल रखने से संबंधित मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2022 और 2023 के मुकदमों के साथ वर्ष 2026 में थाना नॉलेज पार्क, थाना सूरजपुर और दिल्ली के थाना भालस्वा में भी मामले दर्ज होने का उल्लेख है।
अनवर उर्फ सूरज के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के अलावा चोरी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध वर्ष 2022 में थाना बीटा-2 क्षेत्र में चोरी से जुड़े कई मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। वहीं, नसीब उर्फ अहमद के खिलाफ थाना नॉलेज पार्क में दर्ज मौजूदा मामले के अलावा एनडीपीएस अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है।
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